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	<id>https://www.vidyalayawiki.in/api.php?action=feedcontributions&amp;feedformat=atom&amp;user=Deeksha+dwivedi</id>
	<title>Vidyalayawiki - User contributions [en]</title>
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	<subtitle>User contributions</subtitle>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2&amp;diff=42756</id>
		<title>शैवाल</title>
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		<updated>2023-10-28T15:00:19Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, [[पादप जगत]] और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत शैवाल पर विस्तार से चर्चा करते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्लोरोफाइसी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== फियोफाइसी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== रोडोफाइसी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
क्लोरोफाइसी के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फियोफाइसी के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
रोडोफाइसी के उदाहरण -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42702</id>
		<title>जंतु जगत</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42702"/>
		<updated>2023-10-27T16:15:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम जंतु जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==परिभाषा==&lt;br /&gt;
जंतु जगत में जीव यूकेरियोटिक और बहुकोशिकीय होते हैं। हर जीव की अपनी विशेषताएं होती हैं। वे अपना भोजन या तो पौधों या अन्य जीवों को खाकर प्राप्त करते हैं। जंतु जगत में कुछ विशिष्ट विशेषताएं होती हैं जो जंतु जगत से संबंधित विभिन्न जीवों में पाई जाती हैं। आइए एक-एक करके इन विशेषताओं पर गौर करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== शारीरिक संगठन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शारीरिकसंगठन का कोशकीय स्तर&lt;br /&gt;
* शारीरिक संगठन का ऊतक स्तर&lt;br /&gt;
* शारीरिक संगठन का अंग स्तर&lt;br /&gt;
* शारीरिक संगठन का अंग प्रणाली स्तर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== शरीर की समरूपता ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* असममित&lt;br /&gt;
* आरिय रूप से सममिति&lt;br /&gt;
* द्विपक्षीय रूप से सममित&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== रक्त परिसंचरण तंत्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* खुला परिसंचरण तंत्र&lt;br /&gt;
* बंद परिसंचरण तंत्र&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पाचन तंत्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पूर्ण पाचन तंत्र&lt;br /&gt;
* अपूर्ण पाचन तंत्र&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वर्गीकरण==&lt;br /&gt;
जंतु जगत को 11 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
[[File:Spongia lamella 2.jpg|thumb|'''''युस्पोंजिया''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पोरिफेरा                                                                                            ===&lt;br /&gt;
फाइलम पोरिफेरा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस संघ के सदस्य सामान्यतः स्पंज के रूप में जाने जाते हैं और सामान्यतः समुद्री होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर असममित समरूपता का प्रदर्शन करते है।&lt;br /&gt;
* ये जीव बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन कोशिकीय स्तर का होता है।&lt;br /&gt;
* स्पंज में जल परिवहन प्रणाली होती है। शरीर की दीवार में सूक्ष्म छिद्र (ऑस्टिया) होते हैं जिस से जल अंदर प्रवेश करता है।&lt;br /&gt;
* एक केंद्रीय गुहा, स्पंजोसील, उपस्थित होती है जहां से जल ऑस्कुलम के माध्यम से बाहर जाता है।&lt;br /&gt;
* जल परिवहन प्रणाली, भोजन एकत्रण, श्वसन में और उत्सर्जी अपशिष्ट का आदान-प्रदान और निष्कासन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* कीनोसाइट्स या कॉलर कोशिकाएं, स्पंजोसील और जल परिवहन प्रणाली की रेखा बनाती हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* कंकाल, स्पाइक्यूल्स या स्पंजिन रेशे द्वारा बने होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी होते हैं अर्थात लिंग अलग नहीं होते हैं। अंडे और शुक्राणु एक ही जीव द्वारा निर्मित होते हैं।&lt;br /&gt;
* स्पंज अलैंगिक रूप से विखंडन द्वारा प्रजनन करते हैं और लैंगिक प्रजनन युग्मक के गठन द्वारा होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। लार्वा चरण रूपात्मक रूप से वयस्क से भिन्न होता है।&lt;br /&gt;
[[File:Obelia gonozooids a.jpg|thumb|'''''ओबेलिया''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सीलेन्ट्रेटा                                                                                ===&lt;br /&gt;
फाइलम सीलेन्ट्रेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय, अधिकतर समुद्री, अवृन्त या मुक्त-तैरने वाले होते हैं I&lt;br /&gt;
* जीवों में रेडियल समरूपता पायी जाती है I&lt;br /&gt;
* ये जीव ऊतक स्तर को प्रदर्शित करते हैं और डिप्लोब्लास्टिक (जिन जंतुओं में कोशिकाएँ दो भ्रूण परतों, बाहरी एक्टोडर्म और आंतरिक एंडोडर्म में व्यवस्थित होती हैं) होते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवों में एक केंद्रीय जठरवाही गुहा (गुहा जो पाचन और संचार कार्य करती है) पायी जाती है। इस गुहा में एक ही छिद्र होता है जिसे हाइपोस्टोम कहते हैं। यह मुख की भाँति कार्य करता है।&lt;br /&gt;
* पाचन बाह्यकोशिकीय और अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र और संचार प्रणाली अनुपस्थित है।&lt;br /&gt;
* वे सरल विसरण के माध्यम से उत्सर्जन और श्वसन करते हैं।&lt;br /&gt;
* [[अलैंगिक जनन - उच्चतम स्तर|अलैंगिक जनन]], नवोदित के माध्यम से होती है।&lt;br /&gt;
* [[लैंगिक जनन - उच्चतम स्तर|लैंगिक जनन]] केवल कुछ सीलेन्ट्रेटा में ही देखा जाता है।&lt;br /&gt;
[[File:Pleurobrachia bachei.jpg|thumb|'''प्लुरोब्राकिया''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेनोफोरा                                                                                   ===&lt;br /&gt;
फाइलम टेनोफोरा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव डिप्लोब्लास्टिक होते हैं, यानी उनमें दो भ्रूणीय परतें होती हैं, एक्टोडर्म और एंडोडर्म।&lt;br /&gt;
* टेनोफोर्स रेडियल रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में शारीरिक संगठन का ऊतक स्तर होता है।&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड कंघी प्लेटें गतिमान अंग हैं। इसमें सिलिया का एक समूह होता है जो गति में मदद करता है। उनके पास कंघी प्लेटों की अधिकतर आठ पंक्तियाँ होती हैं।&lt;br /&gt;
* अधिकांश टेनोफोर्स में शिकार को पकड़ने के लिए कोलोब्लास्ट होते हैं। कोलोब्लास्ट, में निडोब्लास्ट की तरह होते हैं। वे टेंटेकल पर उपस्थित होते हैं और शिकार को पकड़ने के लिए छोड़े जाते हैं।&lt;br /&gt;
* आंतरिक गुहा, मुंह, ग्रसनी और आंतरिक नहरों द्वारा निर्मित होती है। आंतरिक गुहा में पोषक कोशिकाएं, रोगाणु कोशिकाएं और फोटोसाइट्स (प्रकाश उत्पन्न करने वाली कोशिकाएँ) होते हैं, जो भोजन का भंडारण करते हैं, अंडे या शुक्राणु का उत्पादन करते हैं और क्रमशः बायोल्यूमिनसेंस के लिए जिम्मेदार होते हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन बाह्यकोशिकीय के साथ-साथ अंतःकोशिकीय रूप से भी होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र नहीं है। उनके पास एक तंत्रिका जाल होता है, जो मुंह क्षेत्र के आसपास पाया जाता है और कंघी पंक्तियों और टेंटेकल्स में अधिक केंद्रित होता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी हैं।&lt;br /&gt;
* टेनोफोर लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन शरीर के बाहर होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। कुछ एक ही समय में शुक्राणु और अंडे का उत्पादन करते हैं और कुछ अलग-अलग समय पर।&lt;br /&gt;
[[File:Fasciola hepatica.JPG|thumb|'''''फ़ैसिओला हेपेटिक''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्लैटिहेल्मिन्थेस                                                                       ===&lt;br /&gt;
फाइलम प्लैटिहेल्मिन्थेस की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वे ट्रिप्लोब्लास्टिक, अगुहिक और द्विपक्षीय रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे स्वतंत्र जीवन जीने वाले या परजीवी हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर पर सिलिया सहित या उसके बिना एक कोमल आवरण होता है।&lt;br /&gt;
* उनका शरीर बिना किसी खंड के पृष्ठीय रूप से चपटा होता है और एक पत्ते की तरह दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव मलद्वार और संचार प्रणाली से रहित हैं लेकिन उनके पास मुख होता है।&lt;br /&gt;
* वे शरीर की सतह के माध्यम से सरल विसरण द्वारा सांस लेते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक अंग स्तर का संगठन होता है।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र अनुपस्थित होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर की आंतरिक दीवार और अंगों के बीच का स्थान संयोजी ऊतक पैरेन्काइमा से भरा होता है जो भोजन सामग्री के परिवहन में सहायता करता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी हैं, यानी, नर और मादा दोनों अंग एक ही शरीर में उपस्थित होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे युग्मकों के संलयन द्वारा लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं और विखंडन और पुनर्जनन द्वारा अलैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक है होता है।&lt;br /&gt;
* जीवन चक्र एक या अधिक लार्वा चरणों के साथ जटिल है।&lt;br /&gt;
* ज्वाला कोशिकाएं उत्सर्जन और परासरण नियमन में सहायता करती हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और सीढ़ी की तरह व्यवस्थित दो अनुदैर्ध्य तंत्रिका रज्जु सम्मिलित होते हैं।&lt;br /&gt;
[[File:Wuchereria bancrofti 1 DPDX.JPG|thumb|'''''वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टि''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== नेमाटोडा                                                                                    ===&lt;br /&gt;
फाइलम नेमाटोडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित और त्रिकोशीय है।&lt;br /&gt;
* शरीर खंडित, लंबा और अंत में पतला होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर में मेटामेरिक विभाजन नहीं पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* वे द्विलिंगी होते हैं, नर सामान्यतः मादाओं की तुलना में छोटे होते हैं।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं में स्यूडोसीलोम (झूठा कोइलोम) होता है।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं के पास शरीर संगठन का एक अंग-प्रणाली स्तर है।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र में पेशीय ग्रसनी के साथ एक संपूर्ण आहार नाल सम्मिलित होती है।&lt;br /&gt;
* श्वसन प्रणाली अनुपस्थित होती है और शरीर की सतह के माध्यम से गैसीय विसरण होता है।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं के पास कंकाल प्रणाली नहीं है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जन तंत्र में रेनेट कोशिकाएं उपस्थित होती हैं, जो उत्सर्जन और परासरण नियमन में सम्मिलित होती हैं। रेनेट कोशिकाएं अमोनिया और यूरिया उत्सर्जित करते हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र में एक तंत्रिका वलय और उससे निकलने वाली तंत्रिका रज्जुएं सम्मिलित होती हैं।&lt;br /&gt;
* प्रजनन लैंगिक है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक है।&lt;br /&gt;
* विकास लार्वा चरण के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष होता है।&lt;br /&gt;
[[File:Sucking leech.jpg|thumb|'''''हिरुडिनेरिया ग्रैनुलोसा''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एनेलिडा                                                                                ===&lt;br /&gt;
फाइलम एनेलिडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय या स्थलीय होते हैं। जल में रहने वाले जीव समुद्री जल या स्वच्छ जल में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव मुक्त-जीवी और कभी-कभी परजीवी होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव द्विपक्षीय समरूपताप्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव ट्रिपोब्लास्टिक होते हैं। इन जीवों में तीन भ्रूणीय परतों को एंडोडर्म, एक्टोडर्म और मेसोडर्म कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव मेटामेरिक विभाजन दिखाते हैं। एक जीव का शरीर समान खंडों में विभाजीत होता है। विशिष्ट रूप से खंडों में चिह्नित शरीर के कारण इनहे एनेलिडा फाइलम नाम दिया गया है जो छल्ले की तरह दिखता है।। एनेलिडा का लैटिन अर्थ छल्ले से है।&lt;br /&gt;
* शरीर की गुहा उपस्थित होने के कारण जीवो को सीलोमेट कहते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में अनुदैर्ध्य और गोलाकार मांसपेशियां होती हैं, जो गति में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* जलीय एनेलिड्स जैसे ''नेरिस'' के पास पार्श्व उपांग, पैरापोडिया, होते हैं, जो तैरने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में एक बंद संचार प्रणाली उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* नेफ्रिडिया, एक उत्सर्जी अंग है जो परासरण नियमन और उत्सर्जन में में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिकीय प्रणाली में युग्मित नाड़ीग्रन्थि (गैन्ग्लिया) होती है जो पार्श्व तंत्रिकाओं द्वारा एक दोहरे, उदर भाग में स्थित, तंत्रिका कॉर्ड से जुड़ा हुआ होता है।&lt;br /&gt;
* नेरिस, एक जलीय एनेलिड, एकलिंगी है, लेकिन केंचुए और जोंक उभयलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* जनन लैंगिक होता है।&lt;br /&gt;
[[File:Bee Collecting Pollen 2004-08-14.jpg|thumb|'''''एपिस इंडिका''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आर्थ्रोपोडा                                                                             ===&lt;br /&gt;
फाइलम आर्थ्रोपोडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जीवो का शरीर ट्रिपोब्लास्टिक, खंडित और द्विपक्षीय रूप से सममित है।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवो का शरीर, सिर, वक्ष और पेट में विभाजित होता है।&lt;br /&gt;
* उनके शरीर में संयुक्त उपांग होते हैं जो गति में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रगुहा, रक्त से भरी हुई होती है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में खुला परिसंचरण तंत्र होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों के सिर में संयुक्त नेत्र की एक जोड़ी होती है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में काईटिनस बहिःकंकाल होता है। ''बॉम्बिक्स मोरी''&lt;br /&gt;
* स्थलीय आर्थ्रोपोड माल्पीघियन नलिकाओं के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं जबकि जलीय हरे रंग की ग्रंथियों या कोक्सल ग्रंथियों के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव एकलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन या तो बाहरी या आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में विकसित पाचन तंत्र होता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव सामान्य शरीर की सतह या श्वासनली के माध्यम से श्वसन करते हैं।&lt;br /&gt;
* उनमें बाल, एंटीना, सरल और संयुक्त नेत्र और श्रवण अंग जैसे संवेदी अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
* श्वसन संबंधी अंग गिल्स (गलफड़े), बुक गिल्स, बुक लंग्स या श्वासनली प्रणालीहोते हैं।&lt;br /&gt;
[[File:Pinctada margaritifera MHNT.CON.2002.893.jpg|thumb|'''''पिनक्टाडा''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== मोलस्का                                                                               ===&lt;br /&gt;
फाइलम मोलस्का की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव ज्यादातर समुद्री और मीठे पानी में पाए जाते हैं। बहुत कम जीव स्थलीय हैं और नम मिट्टी में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर में एक गुहा होती है।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर को सिर, आंत, पैर और मेंटल में विभाजित किया गया है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास संयुक्त नेत्र  पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक कैल्केरस शेल द्वारा आच्छादित होता है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास पास विकसित पाचन तंत्र होता है, रेडुला खाने के लिए अंग है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में श्वसन सामान्य शरीर की सतह, गलफड़ों या फुफ्फुसीय थैली के माध्यम से होता है।&lt;br /&gt;
* रक्त खुले परिसंचरण तंत्र के माध्यम से फैलता है।&lt;br /&gt;
* जीव में  मेटानेफ्रिडिया की एक जोड़ी उत्सर्जन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में तंत्रिका तंत्र में युग्मित गैन्ग्लिया और तंत्रिकाओं की संख्या होती है।&lt;br /&gt;
* अधिकांश मोलस्क में लिंग अलग होते हैं लेकिन कुछ प्रजातियां उभयलिंगी होती हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाहरी या आंतरिक हो सकता है।&lt;br /&gt;
* वे अप्रत्यक्ष विकास करते हैं।&lt;br /&gt;
[[File:Asterias rubens.jpg|thumb|'''''एस्टेरियास''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== इकिनोडर्मेटा                                                                          ===&lt;br /&gt;
फाइलम इकिनोडर्मेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इन जीवो में कैल्केरस अंतःकंकाल होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* वयस्क इचिनोडर्म रेडियल रूप से सममित होते हैं लेकिन लार्वा द्विपक्षीय रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव ट्रिपोब्लास्टिक और प्रगुही प्राणी होते हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र पूरा होता है- निचले (उदर) पक्ष पर मुंह और ऊपरी (पृष्ठीय) पर गुदा होता है।&lt;br /&gt;
* जल संवहनी प्रणाली की उपस्थिति, गति, भोजन पकड़ने और उसके परिवहन और श्वसन में मदद करती है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जन प्रणाली अनुपस्थित है।&lt;br /&gt;
* लिंग अलग-अलग हैं।&lt;br /&gt;
* जनन लैंगिक होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन सामान्यतः बाहरी होता है।&lt;br /&gt;
* लार्वा के साथ विकास अप्रत्यक्ष है।&lt;br /&gt;
* ये जीव समुद्री हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव पुनर्जनन दिखाते हैं।&lt;br /&gt;
[[File:Balanoglossus gigas.jpg|thumb|'''''बैलेनोग्लॉसस''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हेमीकोर्डेटा                                                                             ===&lt;br /&gt;
फाइलम हेमीकोर्डेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हेमीकोर्डेट्स का शरीर कृमि जैसा होता है, इसलिए इन्हें सामान्यतः कृमि जन्तु कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* इनका शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव त्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव प्रगुहि होते है।&lt;br /&gt;
* शरीर बेलनाकार होता है।&lt;br /&gt;
* जीवो में शरीर के तीन मुख्य भाग हैं- तना/सूंड, कॉलर और धड़।&lt;br /&gt;
* गलफड़े उपस्थित होते हैं जो ग्रसनी को छिद्रित करते हैं। गलफड़ों के माध्यम से श्वसन क्रिया होती है।&lt;br /&gt;
* परिसंचरण तंत्र खुले प्रकार का होता है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जी अंग सूंड ग्रंथि है।&lt;br /&gt;
* यह जीव उभयलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाह्य होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष होता है।&lt;br /&gt;
[[File:Human.png|thumb|'''''होमो सेपियन सेपियन''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कॉर्डेटा                                                                                ===&lt;br /&gt;
फाइलम कॉर्डेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव त्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवो में एक नॉटोकॉर्ड उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* जीवो में एक तंत्रिका कॉर्ड उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* परिसंचरण तंत्र बंद होता है।&lt;br /&gt;
* केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पृष्ठीय, खोखला और एकल है।&lt;br /&gt;
* ग्रसनी गिल स्लिट द्वारा छिद्रित।&lt;br /&gt;
* हृदय अधर भाग में उपस्थित है।&lt;br /&gt;
* पश्च गुदीय पुच्छ उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फ़ाइलम कॉर्डेटा को निम्नलिखित उप-फ़ाइला में विभाजित किया जाता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूरोकॉर्डेटा&lt;br /&gt;
* सेफलोकॉर्डेटा&lt;br /&gt;
* कशेरुकी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==विशेषताएं==&lt;br /&gt;
जंतु जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* आर्थिक महत्व - पशु भोजन प्रदान करते हैं, जैसे मांस, अंडे और दूध। वे भेड़ और याक से ऊन जैसे उपयोगी उत्पाद भी प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* पोषण संबंधी महत्व - मांस प्रोटीन का एक स्रोत है, जो मानव विकास के लिए आवश्यक है।&lt;br /&gt;
* पारिस्थितिकी तंत्र स्थिरता - प्रकृति में खाद्य श्रृंखला और संतुलन बनाए रखने के लिए पशु विविधता आवश्यक है।&lt;br /&gt;
* जीवन भर के लिए सीख - बच्चे जानवरों के साम्राज्य से साहस, दृढ़ता और रचनात्मकता जैसे मूल्यवान जीवन सबक सीख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उदाहरण==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पोरिफेरा के उदाहरण - '''''युस्पोंजिया'''''&lt;br /&gt;
* निडारिया के उदाहरण - '''''ओबेलिया'''''&lt;br /&gt;
* टेनोफोरा के उदाहरण - '''प्लुरोब्राकिया'''&lt;br /&gt;
* प्लैटिहेल्मिन्थेस के उदाहरण - '''''फ़ैसिओला हेपेटिक'''''&lt;br /&gt;
* नेमाटोडा के उदाहरण - '''''वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टि'''''&lt;br /&gt;
* एनेलिडा के उदाहरण - '''''हिरुडिनेरिया ग्रैनुलोसा'''''&lt;br /&gt;
* आर्थ्रोपोडा के उदाहरण - '''''एपिस इंडिका'''''&lt;br /&gt;
* मोलस्का के उदाहरण - '''''पिनक्टाडा'''''&lt;br /&gt;
* इकिनोडर्मेटा के उदाहरण - '''''एस्टेरियास'''''&lt;br /&gt;
* हेमीकोर्डेटा के उदाहरण - '''''बैलेनोग्लॉसस'''''&lt;br /&gt;
* कॉर्डेटा के उदाहरण - '''''होमो सेपियन सेपियन'''''&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42701</id>
		<title>जंतु जगत</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42701"/>
		<updated>2023-10-27T15:20:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम जंतु जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==परिभाषा==&lt;br /&gt;
जंतु जगत में जीव यूकेरियोटिक, बहुकोशिकीय, किंगडम एनिमलिया से संबंधित प्रजातियाँ हैं। हर जानवर की अपनी अनूठी विशेषताएं होती हैं। वे अपनी ऊर्जा या तो पौधों या अन्य जानवरों को खाकर प्राप्त करते हैं। ऐसी लाखों प्रजातियाँ हैं जिनकी पहचान की गई है, कुछ में समान विशेषताएं हैं जबकि अन्य में काफी भिन्नता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==वर्गीकरण==&lt;br /&gt;
जंतु जगत को 11 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पोरिफेरा ===&lt;br /&gt;
फाइलम पोरिफेरा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस संघ के सदस्य सामान्यतः स्पंज के रूप में जाने जाते हैं और सामान्यतः समुद्री होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर असममित समरूपता का प्रदर्शन करते है।&lt;br /&gt;
* ये जीव बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन कोशिकीय स्तर का होता है।&lt;br /&gt;
* स्पंज में जल परिवहन प्रणाली होती है। शरीर की दीवार में सूक्ष्म छिद्र (ऑस्टिया) होते हैं जिस से जल अंदर प्रवेश करता है।&lt;br /&gt;
* एक केंद्रीय गुहा, स्पंजोसील, उपस्थित होती है जहां से जल ऑस्कुलम के माध्यम से बाहर जाता है।&lt;br /&gt;
* जल परिवहन प्रणाली, भोजन एकत्रण, श्वसन में और उत्सर्जी अपशिष्ट का आदान-प्रदान और निष्कासन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* कीनोसाइट्स या कॉलर कोशिकाएं, स्पंजोसील और जल परिवहन प्रणाली की रेखा बनाती हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* कंकाल, स्पाइक्यूल्स या स्पंजिन रेशे द्वारा बने होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी होते हैं अर्थात लिंग अलग नहीं होते हैं। अंडे और शुक्राणु एक ही जीव द्वारा निर्मित होते हैं।&lt;br /&gt;
* स्पंज अलैंगिक रूप से विखंडन द्वारा प्रजनन करते हैं और लैंगिक प्रजनन युग्मक के गठन द्वारा होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। लार्वा चरण रूपात्मक रूप से वयस्क से भिन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सीलेन्ट्रेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम सीलेन्ट्रेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय, अधिकतर समुद्री, अवृन्त या मुक्त-तैरने वाले होते हैं I&lt;br /&gt;
* जीवों में रेडियल समरूपता पायी जाती है I&lt;br /&gt;
* ये जीव ऊतक स्तर को प्रदर्शित करते हैं और डिप्लोब्लास्टिक (जिन जंतुओं में कोशिकाएँ दो भ्रूण परतों, बाहरी एक्टोडर्म और आंतरिक एंडोडर्म में व्यवस्थित होती हैं) होते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवों में एक केंद्रीय जठरवाही गुहा (गुहा जो पाचन और संचार कार्य करती है) पायी जाती है। इस गुहा में एक ही छिद्र होता है जिसे हाइपोस्टोम कहते हैं। यह मुख की भाँति कार्य करता है।&lt;br /&gt;
* पाचन बाह्यकोशिकीय और अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र और संचार प्रणाली अनुपस्थित है।&lt;br /&gt;
* वे सरल विसरण के माध्यम से उत्सर्जन और श्वसन करते हैं।&lt;br /&gt;
* [[अलैंगिक जनन - उच्चतम स्तर|अलैंगिक जनन]], नवोदित के माध्यम से होती है।&lt;br /&gt;
* [[लैंगिक जनन - उच्चतम स्तर|लैंगिक जनन]] केवल कुछ सीलेन्ट्रेटा में ही देखा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेनोफोरा ===&lt;br /&gt;
फाइलम टेनोफोरा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव डिप्लोब्लास्टिक होते हैं, यानी उनमें दो भ्रूणीय परतें होती हैं, एक्टोडर्म और एंडोडर्म।&lt;br /&gt;
* टेनोफोर्स रेडियल रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में शारीरिक संगठन का ऊतक स्तर होता है।&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड कंघी प्लेटें गतिमान अंग हैं। इसमें सिलिया का एक समूह होता है जो गति में मदद करता है। उनके पास कंघी प्लेटों की अधिकतर आठ पंक्तियाँ होती हैं।&lt;br /&gt;
* अधिकांश टेनोफोर्स में शिकार को पकड़ने के लिए कोलोब्लास्ट होते हैं। कोलोब्लास्ट, में निडोब्लास्ट की तरह होते हैं। वे टेंटेकल पर उपस्थित होते हैं और शिकार को पकड़ने के लिए छोड़े जाते हैं।&lt;br /&gt;
* आंतरिक गुहा, मुंह, ग्रसनी और आंतरिक नहरों द्वारा निर्मित होती है। आंतरिक गुहा में पोषक कोशिकाएं, रोगाणु कोशिकाएं और फोटोसाइट्स (प्रकाश उत्पन्न करने वाली कोशिकाएँ) होते हैं, जो भोजन का भंडारण करते हैं, अंडे या शुक्राणु का उत्पादन करते हैं और क्रमशः बायोल्यूमिनसेंस के लिए जिम्मेदार होते हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन बाह्यकोशिकीय के साथ-साथ अंतःकोशिकीय रूप से भी होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र नहीं है। उनके पास एक तंत्रिका जाल होता है, जो मुंह क्षेत्र के आसपास पाया जाता है और कंघी पंक्तियों और टेंटेकल्स में अधिक केंद्रित होता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी हैं।&lt;br /&gt;
* टेनोफोर लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन शरीर के बाहर होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। कुछ एक ही समय में शुक्राणु और अंडे का उत्पादन करते हैं और कुछ अलग-अलग समय पर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्लैटिहेल्मिन्थेस ===&lt;br /&gt;
फाइलम प्लैटिहेल्मिन्थेस की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वे ट्रिप्लोब्लास्टिक, अगुहिक और द्विपक्षीय रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे स्वतंत्र जीवन जीने वाले या परजीवी हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर पर सिलिया सहित या उसके बिना एक कोमल आवरण होता है।&lt;br /&gt;
* उनका शरीर बिना किसी खंड के पृष्ठीय रूप से चपटा होता है और एक पत्ते की तरह दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव मलद्वार और संचार प्रणाली से रहित हैं लेकिन उनके पास मुख होता है।&lt;br /&gt;
* वे शरीर की सतह के माध्यम से सरल विसरण द्वारा सांस लेते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक अंग स्तर का संगठन होता है।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र अनुपस्थित होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर की आंतरिक दीवार और अंगों के बीच का स्थान संयोजी ऊतक पैरेन्काइमा से भरा होता है जो भोजन सामग्री के परिवहन में सहायता करता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी हैं, यानी, नर और मादा दोनों अंग एक ही शरीर में उपस्थित होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे युग्मकों के संलयन द्वारा लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं और विखंडन और पुनर्जनन द्वारा अलैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक है होता है।&lt;br /&gt;
* जीवन चक्र एक या अधिक लार्वा चरणों के साथ जटिल है।&lt;br /&gt;
* ज्वाला कोशिकाएं उत्सर्जन और परासरण नियमन में सहायता करती हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और सीढ़ी की तरह व्यवस्थित दो अनुदैर्ध्य तंत्रिका रज्जु सम्मिलित होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== नेमाटोडा ===&lt;br /&gt;
फाइलम नेमाटोडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित और त्रिकोशीय है।&lt;br /&gt;
* शरीर खंडित, लंबा और अंत में पतला होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर में मेटामेरिक विभाजन नहीं पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* वे द्विलिंगी होते हैं, नर सामान्यतः मादाओं की तुलना में छोटे होते हैं।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं में स्यूडोसीलोम (झूठा कोइलोम) होता है।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं के पास शरीर संगठन का एक अंग-प्रणाली स्तर है।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र में पेशीय ग्रसनी के साथ एक संपूर्ण आहार नाल सम्मिलित होती है।&lt;br /&gt;
* श्वसन प्रणाली अनुपस्थित होती है और शरीर की सतह के माध्यम से गैसीय विसरण होता है।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं के पास कंकाल प्रणाली नहीं है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जन तंत्र में रेनेट कोशिकाएं उपस्थित होती हैं, जो उत्सर्जन और परासरण नियमन में सम्मिलित होती हैं। रेनेट कोशिकाएं अमोनिया और यूरिया उत्सर्जित करते हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र में एक तंत्रिका वलय और उससे निकलने वाली तंत्रिका रज्जुएं सम्मिलित होती हैं।&lt;br /&gt;
* प्रजनन लैंगिक है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक है।&lt;br /&gt;
* विकास लार्वा चरण के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एनेलिडा ===&lt;br /&gt;
फाइलम एनेलिडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय या स्थलीय होते हैं। जल में रहने वाले जीव समुद्री जल या स्वच्छ जल में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव मुक्त-जीवी और कभी-कभी परजीवी होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव द्विपक्षीय समरूपताप्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव ट्रिपोब्लास्टिक होते हैं। इन जीवों में तीन भ्रूणीय परतों को एंडोडर्म, एक्टोडर्म और मेसोडर्म कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव मेटामेरिक विभाजन दिखाते हैं। एक जीव का शरीर समान खंडों में विभाजीत होता है। विशिष्ट रूप से खंडों में चिह्नित शरीर के कारण इनहे एनेलिडा फाइलम नाम दिया गया है जो छल्ले की तरह दिखता है।। एनेलिडा का लैटिन अर्थ छल्ले से है।&lt;br /&gt;
* शरीर की गुहा उपस्थित होने के कारण जीवो को सीलोमेट कहते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में अनुदैर्ध्य और गोलाकार मांसपेशियां होती हैं, जो गति में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* जलीय एनेलिड्स जैसे ''नेरिस'' के पास पार्श्व उपांग, पैरापोडिया, होते हैं, जो तैरने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में एक बंद संचार प्रणाली उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* नेफ्रिडिया, एक उत्सर्जी अंग है जो परासरण नियमन और उत्सर्जन में में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिकीय प्रणाली में युग्मित नाड़ीग्रन्थि (गैन्ग्लिया) होती है जो पार्श्व तंत्रिकाओं द्वारा एक दोहरे, उदर भाग में स्थित, तंत्रिका कॉर्ड से जुड़ा हुआ होता है।&lt;br /&gt;
* नेरिस, एक जलीय एनेलिड, एकलिंगी है, लेकिन केंचुए और जोंक उभयलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* जनन लैंगिक होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आर्थ्रोपोडा ===&lt;br /&gt;
फाइलम आर्थ्रोपोडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जीवो का शरीर ट्रिपोब्लास्टिक, खंडित और द्विपक्षीय रूप से सममित है।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवो का शरीर, सिर, वक्ष और पेट में विभाजित होता है।&lt;br /&gt;
* उनके शरीर में संयुक्त उपांग होते हैं जो गति में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रगुहा, रक्त से भरी हुई होती है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में खुला परिसंचरण तंत्र होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों के सिर में संयुक्त नेत्र की एक जोड़ी होती है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में काईटिनस बहिःकंकाल होता है। ''बॉम्बिक्स मोरी''&lt;br /&gt;
* स्थलीय आर्थ्रोपोड माल्पीघियन नलिकाओं के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं जबकि जलीय हरे रंग की ग्रंथियों या कोक्सल ग्रंथियों के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव एकलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन या तो बाहरी या आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में विकसित पाचन तंत्र होता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव सामान्य शरीर की सतह या श्वासनली के माध्यम से श्वसन करते हैं।&lt;br /&gt;
* उनमें बाल, एंटीना, सरल और संयुक्त नेत्र और श्रवण अंग जैसे संवेदी अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
* श्वसन संबंधी अंग गिल्स (गलफड़े), बुक गिल्स, बुक लंग्स या श्वासनली प्रणालीहोते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== मोलस्का ===&lt;br /&gt;
फाइलम मोलस्का की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव ज्यादातर समुद्री और मीठे पानी में पाए जाते हैं। बहुत कम जीव स्थलीय हैं और नम मिट्टी में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर में एक गुहा होती है।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर को सिर, आंत, पैर और मेंटल में विभाजित किया गया है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास संयुक्त नेत्र  पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक कैल्केरस शेल द्वारा आच्छादित होता है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास पास विकसित पाचन तंत्र होता है, रेडुला खाने के लिए अंग है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में श्वसन सामान्य शरीर की सतह, गलफड़ों या फुफ्फुसीय थैली के माध्यम से होता है।&lt;br /&gt;
* रक्त खुले परिसंचरण तंत्र के माध्यम से फैलता है।&lt;br /&gt;
* जीव में  मेटानेफ्रिडिया की एक जोड़ी उत्सर्जन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में तंत्रिका तंत्र में युग्मित गैन्ग्लिया और तंत्रिकाओं की संख्या होती है।&lt;br /&gt;
* अधिकांश मोलस्क में लिंग अलग होते हैं लेकिन कुछ प्रजातियां उभयलिंगी होती हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाहरी या आंतरिक हो सकता है।&lt;br /&gt;
* वे अप्रत्यक्ष विकास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== इकिनोडर्मेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम इकिनोडर्मेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इन जीवो में कैल्केरस अंतःकंकाल होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* वयस्क इचिनोडर्म रेडियल रूप से सममित होते हैं लेकिन लार्वा द्विपक्षीय रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव ट्रिपोब्लास्टिक और प्रगुही प्राणी होते हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र पूरा होता है- निचले (उदर) पक्ष पर मुंह और ऊपरी (पृष्ठीय) पर गुदा होता है।&lt;br /&gt;
* जल संवहनी प्रणाली की उपस्थिति, गति, भोजन पकड़ने और उसके परिवहन और श्वसन में मदद करती है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जन प्रणाली अनुपस्थित है।&lt;br /&gt;
* लिंग अलग-अलग हैं।&lt;br /&gt;
* जनन लैंगिक होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन सामान्यतः बाहरी होता है।&lt;br /&gt;
* लार्वा के साथ विकास अप्रत्यक्ष है।&lt;br /&gt;
* ये जीव समुद्री हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव पुनर्जनन दिखाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हेमीकोर्डेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम हेमीकोर्डेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हेमीकोर्डेट्स का शरीर कृमि जैसा होता है, इसलिए इन्हें सामान्यतः कृमि जन्तु कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* इनका शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव त्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव प्रगुहि होते है।&lt;br /&gt;
* शरीर बेलनाकार होता है।&lt;br /&gt;
* जीवो में शरीर के तीन मुख्य भाग हैं- तना/सूंड, कॉलर और धड़।&lt;br /&gt;
* गलफड़े उपस्थित होते हैं जो ग्रसनी को छिद्रित करते हैं। गलफड़ों के माध्यम से श्वसन क्रिया होती है।&lt;br /&gt;
* परिसंचरण तंत्र खुले प्रकार का होता है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जी अंग सूंड ग्रंथि है।&lt;br /&gt;
* यह जीव उभयलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाह्य होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कॉर्डेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम कॉर्डेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव त्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवो में एक नॉटोकॉर्ड उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* जीवो में एक तंत्रिका कॉर्ड उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* परिसंचरण तंत्र बंद होता है।&lt;br /&gt;
* केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पृष्ठीय, खोखला और एकल है।&lt;br /&gt;
* ग्रसनी गिल स्लिट द्वारा छिद्रित।&lt;br /&gt;
* हृदय अधर भाग में उपस्थित है।&lt;br /&gt;
* पश्च गुदीय पुच्छ उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फ़ाइलम कॉर्डेटा को निम्नलिखित उप-फ़ाइला में विभाजित किया जाता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूरोकॉर्डेटा&lt;br /&gt;
* सेफलोकॉर्डेटा&lt;br /&gt;
* कशेरुकी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==विशेषताएं==&lt;br /&gt;
जंतु जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* आर्थिक महत्व - पशु भोजन प्रदान करते हैं, जैसे मांस, अंडे और दूध। वे भेड़ और याक से ऊन जैसे उपयोगी उत्पाद भी प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* पोषण संबंधी महत्व - मांस प्रोटीन का एक स्रोत है, जो मानव विकास के लिए आवश्यक है।&lt;br /&gt;
* पारिस्थितिकी तंत्र स्थिरता - प्रकृति में खाद्य श्रृंखला और संतुलन बनाए रखने के लिए पशु विविधता आवश्यक है।&lt;br /&gt;
* जीवन भर के लिए सीख - बच्चे जानवरों के साम्राज्य से साहस, दृढ़ता और रचनात्मकता जैसे मूल्यवान जीवन सबक सीख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उदाहरण==&lt;br /&gt;
पोरिफेरा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
निडारिया के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेनोफोरा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्लैटिहेल्मिन्थेस के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नेमाटोडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एनेलिडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर्थ्रोपोडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मोलस्का के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इकिनोडर्मेटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हेमीकोर्डेटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कॉर्डेटा के उदाहरण -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%81_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42699</id>
		<title>जंतु जगत</title>
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		<updated>2023-10-27T14:51:22Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम जंतु जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==परिभाषा==&lt;br /&gt;
==वर्गीकरण==&lt;br /&gt;
जंतु जगत को 10 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पोरिफेरा ===&lt;br /&gt;
फाइलम पोरिफेरा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस संघ के सदस्य सामान्यतः स्पंज के रूप में जाने जाते हैं और सामान्यतः समुद्री होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर असममित समरूपता का प्रदर्शन करते है।&lt;br /&gt;
* ये जीव बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन कोशिकीय स्तर का होता है।&lt;br /&gt;
* स्पंज में जल परिवहन प्रणाली होती है। शरीर की दीवार में सूक्ष्म छिद्र (ऑस्टिया) होते हैं जिस से जल अंदर प्रवेश करता है।&lt;br /&gt;
* एक केंद्रीय गुहा, स्पंजोसील, उपस्थित होती है जहां से जल ऑस्कुलम के माध्यम से बाहर जाता है।&lt;br /&gt;
* जल परिवहन प्रणाली, भोजन एकत्रण, श्वसन में और उत्सर्जी अपशिष्ट का आदान-प्रदान और निष्कासन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* कीनोसाइट्स या कॉलर कोशिकाएं, स्पंजोसील और जल परिवहन प्रणाली की रेखा बनाती हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* कंकाल, स्पाइक्यूल्स या स्पंजिन रेशे द्वारा बने होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी होते हैं अर्थात लिंग अलग नहीं होते हैं। अंडे और शुक्राणु एक ही जीव द्वारा निर्मित होते हैं।&lt;br /&gt;
* स्पंज अलैंगिक रूप से विखंडन द्वारा प्रजनन करते हैं और लैंगिक प्रजनन युग्मक के गठन द्वारा होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। लार्वा चरण रूपात्मक रूप से वयस्क से भिन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सीलेन्ट्रेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम सीलेन्ट्रेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय, अधिकतर समुद्री, अवृन्त या मुक्त-तैरने वाले होते हैं I&lt;br /&gt;
* जीवों में रेडियल समरूपता पायी जाती है I&lt;br /&gt;
* ये जीव ऊतक स्तर को प्रदर्शित करते हैं और डिप्लोब्लास्टिक (जिन जंतुओं में कोशिकाएँ दो भ्रूण परतों, बाहरी एक्टोडर्म और आंतरिक एंडोडर्म में व्यवस्थित होती हैं) होते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवों में एक केंद्रीय जठरवाही गुहा (गुहा जो पाचन और संचार कार्य करती है) पायी जाती है। इस गुहा में एक ही छिद्र होता है जिसे हाइपोस्टोम कहते हैं। यह मुख की भाँति कार्य करता है।&lt;br /&gt;
* पाचन बाह्यकोशिकीय और अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र और संचार प्रणाली अनुपस्थित है।&lt;br /&gt;
* वे सरल विसरण के माध्यम से उत्सर्जन और श्वसन करते हैं।&lt;br /&gt;
* [[अलैंगिक जनन - उच्चतम स्तर|अलैंगिक जनन]], नवोदित के माध्यम से होती है।&lt;br /&gt;
* [[लैंगिक जनन - उच्चतम स्तर|लैंगिक जनन]] केवल कुछ सीलेन्ट्रेटा में ही देखा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेनोफोरा ===&lt;br /&gt;
फाइलम टेनोफोरा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव डिप्लोब्लास्टिक होते हैं, यानी उनमें दो भ्रूणीय परतें होती हैं, एक्टोडर्म और एंडोडर्म।&lt;br /&gt;
* टेनोफोर्स रेडियल रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में शारीरिक संगठन का ऊतक स्तर होता है।&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड कंघी प्लेटें गतिमान अंग हैं। इसमें सिलिया का एक समूह होता है जो गति में मदद करता है। उनके पास कंघी प्लेटों की अधिकतर आठ पंक्तियाँ होती हैं।&lt;br /&gt;
* अधिकांश टेनोफोर्स में शिकार को पकड़ने के लिए कोलोब्लास्ट होते हैं। कोलोब्लास्ट, में निडोब्लास्ट की तरह होते हैं। वे टेंटेकल पर उपस्थित होते हैं और शिकार को पकड़ने के लिए छोड़े जाते हैं।&lt;br /&gt;
* आंतरिक गुहा, मुंह, ग्रसनी और आंतरिक नहरों द्वारा निर्मित होती है। आंतरिक गुहा में पोषक कोशिकाएं, रोगाणु कोशिकाएं और फोटोसाइट्स (प्रकाश उत्पन्न करने वाली कोशिकाएँ) होते हैं, जो भोजन का भंडारण करते हैं, अंडे या शुक्राणु का उत्पादन करते हैं और क्रमशः बायोल्यूमिनसेंस के लिए जिम्मेदार होते हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन बाह्यकोशिकीय के साथ-साथ अंतःकोशिकीय रूप से भी होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र नहीं है। उनके पास एक तंत्रिका जाल होता है, जो मुंह क्षेत्र के आसपास पाया जाता है और कंघी पंक्तियों और टेंटेकल्स में अधिक केंद्रित होता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी हैं।&lt;br /&gt;
* टेनोफोर लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन शरीर के बाहर होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। कुछ एक ही समय में शुक्राणु और अंडे का उत्पादन करते हैं और कुछ अलग-अलग समय पर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्लैटिहेल्मिन्थेस ===&lt;br /&gt;
फाइलम प्लैटिहेल्मिन्थेस की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वे ट्रिप्लोब्लास्टिक, अगुहिक और द्विपक्षीय रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे स्वतंत्र जीवन जीने वाले या परजीवी हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर पर सिलिया सहित या उसके बिना एक कोमल आवरण होता है।&lt;br /&gt;
* उनका शरीर बिना किसी खंड के पृष्ठीय रूप से चपटा होता है और एक पत्ते की तरह दिखाई देता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव मलद्वार और संचार प्रणाली से रहित हैं लेकिन उनके पास मुख होता है।&lt;br /&gt;
* वे शरीर की सतह के माध्यम से सरल विसरण द्वारा सांस लेते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक अंग स्तर का संगठन होता है।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र अनुपस्थित होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर की आंतरिक दीवार और अंगों के बीच का स्थान संयोजी ऊतक पैरेन्काइमा से भरा होता है जो भोजन सामग्री के परिवहन में सहायता करता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी हैं, यानी, नर और मादा दोनों अंग एक ही शरीर में उपस्थित होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे युग्मकों के संलयन द्वारा लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं और विखंडन और पुनर्जनन द्वारा अलैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक है होता है।&lt;br /&gt;
* जीवन चक्र एक या अधिक लार्वा चरणों के साथ जटिल है।&lt;br /&gt;
* ज्वाला कोशिकाएं उत्सर्जन और परासरण नियमन में सहायता करती हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और सीढ़ी की तरह व्यवस्थित दो अनुदैर्ध्य तंत्रिका रज्जु सम्मिलित होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== नेमाटोडा ===&lt;br /&gt;
फाइलम नेमाटोडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित और त्रिकोशीय है।&lt;br /&gt;
* शरीर खंडित, लंबा और अंत में पतला होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर में मेटामेरिक विभाजन नहीं पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* वे द्विलिंगी होते हैं, नर सामान्यतः मादाओं की तुलना में छोटे होते हैं।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं में स्यूडोसीलोम (झूठा कोइलोम) होता है।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं के पास शरीर संगठन का एक अंग-प्रणाली स्तर है।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र में पेशीय ग्रसनी के साथ एक संपूर्ण आहार नाल सम्मिलित होती है।&lt;br /&gt;
* श्वसन प्रणाली अनुपस्थित होती है और शरीर की सतह के माध्यम से गैसीय विसरण होता है।&lt;br /&gt;
* इस संघ के जंतुओं के पास कंकाल प्रणाली नहीं है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जन तंत्र में रेनेट कोशिकाएं उपस्थित होती हैं, जो उत्सर्जन और परासरण नियमन में सम्मिलित होती हैं। रेनेट कोशिकाएं अमोनिया और यूरिया उत्सर्जित करते हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिका तंत्र में एक तंत्रिका वलय और उससे निकलने वाली तंत्रिका रज्जुएं सम्मिलित होती हैं।&lt;br /&gt;
* प्रजनन लैंगिक है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक है।&lt;br /&gt;
* विकास लार्वा चरण के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एनेलिडा ===&lt;br /&gt;
फाइलम एनेलिडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय या स्थलीय होते हैं। जल में रहने वाले जीव समुद्री जल या स्वच्छ जल में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव मुक्त-जीवी और कभी-कभी परजीवी होते हैं।&lt;br /&gt;
* वे शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव द्विपक्षीय समरूपताप्रदर्शित करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव ट्रिपोब्लास्टिक होते हैं। इन जीवों में तीन भ्रूणीय परतों को एंडोडर्म, एक्टोडर्म और मेसोडर्म कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव मेटामेरिक विभाजन दिखाते हैं। एक जीव का शरीर समान खंडों में विभाजीत होता है। विशिष्ट रूप से खंडों में चिह्नित शरीर के कारण इनहे एनेलिडा फाइलम नाम दिया गया है जो छल्ले की तरह दिखता है।। एनेलिडा का लैटिन अर्थ छल्ले से है।&lt;br /&gt;
* शरीर की गुहा उपस्थित होने के कारण जीवो को सीलोमेट कहते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में अनुदैर्ध्य और गोलाकार मांसपेशियां होती हैं, जो गति में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* जलीय एनेलिड्स जैसे ''नेरिस'' के पास पार्श्व उपांग, पैरापोडिया, होते हैं, जो तैरने में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में एक बंद संचार प्रणाली उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* नेफ्रिडिया, एक उत्सर्जी अंग है जो परासरण नियमन और उत्सर्जन में में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* तंत्रिकीय प्रणाली में युग्मित नाड़ीग्रन्थि (गैन्ग्लिया) होती है जो पार्श्व तंत्रिकाओं द्वारा एक दोहरे, उदर भाग में स्थित, तंत्रिका कॉर्ड से जुड़ा हुआ होता है।&lt;br /&gt;
* नेरिस, एक जलीय एनेलिड, एकलिंगी है, लेकिन केंचुए और जोंक उभयलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* जनन लैंगिक होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आर्थ्रोपोडा ===&lt;br /&gt;
फाइलम आर्थ्रोपोडा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जीवो का शरीर ट्रिपोब्लास्टिक, खंडित और द्विपक्षीय रूप से सममित है।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवो का शरीर, सिर, वक्ष और पेट में विभाजित होता है।&lt;br /&gt;
* उनके शरीर में संयुक्त उपांग होते हैं जो गति में सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रगुहा, रक्त से भरी हुई होती है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में खुला परिसंचरण तंत्र होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों के सिर में संयुक्त नेत्र की एक जोड़ी होती है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में काईटिनस बहिःकंकाल होता है। ''बॉम्बिक्स मोरी''&lt;br /&gt;
* स्थलीय आर्थ्रोपोड माल्पीघियन नलिकाओं के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं जबकि जलीय हरे रंग की ग्रंथियों या कोक्सल ग्रंथियों के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव एकलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन या तो बाहरी या आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में विकसित पाचन तंत्र होता है।&lt;br /&gt;
* ये जीव सामान्य शरीर की सतह या श्वासनली के माध्यम से श्वसन करते हैं।&lt;br /&gt;
* उनमें बाल, एंटीना, सरल और संयुक्त नेत्र और श्रवण अंग जैसे संवेदी अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
* श्वसन संबंधी अंग गिल्स (गलफड़े), बुक गिल्स, बुक लंग्स या श्वासनली प्रणालीहोते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== मोलस्का ===&lt;br /&gt;
फाइलम मोलस्का की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव ज्यादातर समुद्री और मीठे पानी में पाए जाते हैं। बहुत कम जीव स्थलीय हैं और नम मिट्टी में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर में एक गुहा होती है।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर को सिर, आंत, पैर और मेंटल में विभाजित किया गया है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास संयुक्त नेत्र  पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक कैल्केरस शेल द्वारा आच्छादित होता है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास पास विकसित पाचन तंत्र होता है, रेडुला खाने के लिए अंग है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में श्वसन सामान्य शरीर की सतह, गलफड़ों या फुफ्फुसीय थैली के माध्यम से होता है।&lt;br /&gt;
* रक्त खुले परिसंचरण तंत्र के माध्यम से फैलता है।&lt;br /&gt;
* जीव में  मेटानेफ्रिडिया की एक जोड़ी उत्सर्जन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में तंत्रिका तंत्र में युग्मित गैन्ग्लिया और तंत्रिकाओं की संख्या होती है।&lt;br /&gt;
* अधिकांश मोलस्क में लिंग अलग होते हैं लेकिन कुछ प्रजातियां उभयलिंगी होती हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाहरी या आंतरिक हो सकता है।&lt;br /&gt;
* वे अप्रत्यक्ष विकास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== इकिनोडर्मेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम इकिनोडर्मेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इन जीवो में कैल्केरस अंतःकंकाल होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* वयस्क इचिनोडर्म रेडियल रूप से सममित होते हैं लेकिन लार्वा द्विपक्षीय रूप से सममित होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव ट्रिपोब्लास्टिक और प्रगुही प्राणी होते हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन तंत्र पूरा होता है- निचले (उदर) पक्ष पर मुंह और ऊपरी (पृष्ठीय) पर गुदा होता है।&lt;br /&gt;
* जल संवहनी प्रणाली की उपस्थिति, गति, भोजन पकड़ने और उसके परिवहन और श्वसन में मदद करती है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जन प्रणाली अनुपस्थित है।&lt;br /&gt;
* लिंग अलग-अलग हैं।&lt;br /&gt;
* जनन लैंगिक होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन सामान्यतः बाहरी होता है।&lt;br /&gt;
* लार्वा के साथ विकास अप्रत्यक्ष है।&lt;br /&gt;
* ये जीव समुद्री हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव पुनर्जनन दिखाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हेमीकोर्डेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम हेमीकोर्डेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हेमीकोर्डेट्स का शरीर कृमि जैसा होता है, इसलिए इन्हें सामान्यतः कृमि जन्तु कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* इनका शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव त्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव प्रगुहि होते है।&lt;br /&gt;
* शरीर बेलनाकार होता है।&lt;br /&gt;
* जीवो में शरीर के तीन मुख्य भाग हैं- तना/सूंड, कॉलर और धड़।&lt;br /&gt;
* गलफड़े उपस्थित होते हैं जो ग्रसनी को छिद्रित करते हैं। गलफड़ों के माध्यम से श्वसन क्रिया होती है।&lt;br /&gt;
* परिसंचरण तंत्र खुले प्रकार का होता है।&lt;br /&gt;
* उत्सर्जी अंग सूंड ग्रंथि है।&lt;br /&gt;
* यह जीव उभयलिंगी होते हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाह्य होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कॉर्डेटा ===&lt;br /&gt;
फाइलम कॉर्डेटा की कुछ सामान्य और महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन में अंग-प्रणाली स्तर पाया जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव त्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।&lt;br /&gt;
* जीवो में एक नॉटोकॉर्ड उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* जीवो में एक तंत्रिका कॉर्ड उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* परिसंचरण तंत्र बंद होता है।&lt;br /&gt;
* केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पृष्ठीय, खोखला और एकल है।&lt;br /&gt;
* ग्रसनी गिल स्लिट द्वारा छिद्रित।&lt;br /&gt;
* हृदय अधर भाग में उपस्थित है।&lt;br /&gt;
* पश्च गुदीय पुच्छ उपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
फ़ाइलम कॉर्डेटा को निम्नलिखित उप-फ़ाइला में विभाजित किया जाता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूरोकॉर्डेटा&lt;br /&gt;
* सेफलोकॉर्डेटा&lt;br /&gt;
* कशेरुकी&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==विशेषताएं==&lt;br /&gt;
जंतु जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* आर्थिक महत्व - पशु भोजन प्रदान करते हैं, जैसे मांस, अंडे और दूध। वे भेड़ और याक से ऊन जैसे उपयोगी उत्पाद भी प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* पोषण संबंधी महत्व - मांस प्रोटीन का एक स्रोत है, जो मानव विकास के लिए आवश्यक है।&lt;br /&gt;
* पारिस्थितिकी तंत्र स्थिरता - प्रकृति में खाद्य श्रृंखला और संतुलन बनाए रखने के लिए पशु विविधता आवश्यक है।&lt;br /&gt;
* जीवन भर के लिए सीख - बच्चे जानवरों के साम्राज्य से साहस, दृढ़ता और रचनात्मकता जैसे मूल्यवान जीवन सबक सीख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उदाहरण==&lt;br /&gt;
पोरिफेरा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
निडारिया के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेनोफोरा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्लैटिहेल्मिन्थेस के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नेमाटोडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एनेलिडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर्थ्रोपोडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मोलस्का के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इकिनोडर्मेटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हेमीकोर्डेटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कॉर्डेटा के उदाहरण -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98_%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE&amp;diff=42697</id>
		<title>संघ मोलस्का</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98_%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE&amp;diff=42697"/>
		<updated>2023-10-27T14:33:13Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:प्राणी जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:जंतु विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:Vidyalaya Completed]]&lt;br /&gt;
जब आप अपने चारों ओर देखेंगे तो आपको अलग-अलग जानवरों के अलग-अलग संरचनाएं और रूप दिखाई देंगे। हर जानवर कई रूपों में दूसरे से भिन्न होता है। एक भी पशु प्रजाति अन्य प्रजातियों के समान नहीं है। जंतु जगत में कई फाइलम हैं जिन्हें कुछ अंतरों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। इस अध्याय में हम फाइलम मोलस्का के विषय में चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
[[File:Snail.jpg|thumb|'''''पाईला''''']]&lt;br /&gt;
मोलस्का शब्द अरस्तू द्वारा कटलफिश को दिए गए शब्द से लिया गया था। मोलस्क का अर्थ होता है नरम। ये जीव स्थलीय के साथ-साथ गहरे समुद्र में भी पाए जाते हैं। यह जन्तु जगत का दूसरा सबसे बड़ा फ़ाइलम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मोलस्क स्थलीय या जलीय (समुद्री या ताजा पानी) जीव है। इनका आकार सूक्ष्म जीवों से लेकर 20 मीटर लंबे जीवों तक होता है। वे मनुष्यों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे आभूषण के साथ-साथ भोजन का भी स्रोत हैं। कुछ मोलस्क के भीतर प्राकृतिक मोती बनते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
आइये इसे '''''ऑक्टोपस वल्गारिस''''' के उदाहरण से समझते है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जगत- जन्तु (एनिमेलिया)&lt;br /&gt;
* उपजगत- यूमेटाज़ोआ&lt;br /&gt;
* संघ- मोलस्का&lt;br /&gt;
* जाति- ऑक्टोपस&lt;br /&gt;
* प्रजाति- वल्गारिस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
[[File:Loligo vulgaris.jpg|thumb|'''''लोलिगो'''''|300x300px]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव ज्यादातर समुद्री और मीठे पानी में पाए जाते हैं। बहुत कम जीव स्थलीय हैं और नम मिट्टी में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव शरीर संगठन में अंग प्रणाली स्तर का प्रदर्शन करते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर में एक गुहा होती है।&lt;br /&gt;
* जीव के शरीर को सिर, आंत, पैर और मेंटल में विभाजित किया गया है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास संयुक्त नेत्र  पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर एक कैल्केरस शेल द्वारा आच्छादित होता है।&lt;br /&gt;
* जीव के पास पास विकसित पाचन तंत्र होता है, रेडुला खाने के लिए अंग है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में श्वसन सामान्य शरीर की सतह, गलफड़ों या फुफ्फुसीय थैली के माध्यम से होता है।&lt;br /&gt;
* रक्त खुले परिसंचरण तंत्र के माध्यम से फैलता है।&lt;br /&gt;
* जीव में  मेटानेफ्रिडिया की एक जोड़ी उत्सर्जन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* मोलस्का में तंत्रिका तंत्र में युग्मित गैन्ग्लिया और तंत्रिकाओं की संख्या होती है।&lt;br /&gt;
* अधिकांश मोलस्क में लिंग अलग होते हैं लेकिन कुछ प्रजातियां उभयलिंगी होती हैं।&lt;br /&gt;
* निषेचन बाहरी या आंतरिक हो सकता है।&lt;br /&gt;
* वे अप्रत्यक्ष विकास करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
[[File:Octopus in the New England Aquarium.jpg|thumb|'''''ऑक्टोपस'''''|202x202px]]&lt;br /&gt;
* '''''पाईला''''' (घोंघा)                                                                    &lt;br /&gt;
* '''''पिंकटाडा''''' (पर्ल सीप)&lt;br /&gt;
* '''''सेपिया''''' (कटलफिश)&lt;br /&gt;
* '''''लोलिगो''''' (स्क्वीड)&lt;br /&gt;
* '''''ऑक्टोपस''''' (डेविल मछली)&lt;br /&gt;
* '''''एप्लिसिया''''' (सीहारे)&lt;br /&gt;
* '''''डेंटलियम''''' (टस्क शेल)&lt;br /&gt;
* '''''कीटोटोप्लुरा''''' (काईटन)&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98_%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BE&amp;diff=42695</id>
		<title>संघ पोरिफेरा</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98_%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BE&amp;diff=42695"/>
		<updated>2023-10-27T14:15:22Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:प्राणी जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:जंतु विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जब आप अपने चारों ओर देखेंगे तो आपको अलग-अलग जानवरों के अलग-अलग संरचनाएं और रूप दिखाई देंगे। हर जानवर कई रूपों में दूसरे से भिन्न होता है। एक भी पशु प्रजाति अन्य प्रजातियों के समान नहीं है। जंतु जगत में कई फाइलम हैं जिन्हें कुछ अंतरों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। इस अध्याय में हम फाइलम पोरिफेरा के विषय में चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
[[File:Spongia lamella 2.jpg|thumb|'''''यूस्पोंजिया ऑफिसिनैलिस''''']]&lt;br /&gt;
इस संघ के सदस्य सामान्यतः स्पंज के रूप में जाने जाते हैं। यह बहुकोशिकीय जीव हैं जिनके शरीर छिद्रों और चैनलों से भरे होते हैं जो जल को उनके माध्यम से प्रसारित करते हैं। वे भोजन और ऑक्सीजन प्राप्त करने और अपशिष्ट पदार्थों को हटाने के लिए अपने शरीर के माध्यम से निरंतर जल प्रवाह बनाए रखते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
स्पंज विश्व भर में वितरित हैं, ध्रुवीय क्षेत्रों से लेकर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक समुद्री आवासों की एक विस्तृत श्रृंखला में रहते हैं। स्पंज का उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है जैसे- हेलमेट के लिए पैडिंग, वहनीय पीने के बर्तन और जल फिल्टर। सिंथेटिक स्पंज के आविष्कार के बाद, उनका उपयोग सफाई उपकरण, पेंट के लिए साधित्र के रूप में किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
आइये इसे '''''यूस्पोंजिया ऑफिसिनैलिस''''' के उदाहरण से समझते है-                                           &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जगत- जन्तु (एनिमेलिया)&lt;br /&gt;
* उपजगत- पैराज़ोआ&lt;br /&gt;
* संघ- पोरिफेरा&lt;br /&gt;
* जाति- यूस्पोंजिया&lt;br /&gt;
* प्रजाति- ऑफिसिनैलिस&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
[[File:Sycon sp. à confirmer.jpg|thumb|'''''साइकॉन''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस संघ के सदस्य सामान्यतः स्पंज के रूप में जाने जाते हैं और सामान्यतः समुद्री होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर असममित समरूपता का प्रदर्शन करते है।&lt;br /&gt;
* ये जीव बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
* शरीर संगठन कोशिकीय स्तर का होता है।&lt;br /&gt;
* स्पंज में जल परिवहन प्रणाली होती है। शरीर की दीवार में सूक्ष्म छिद्र (ऑस्टिया) होते हैं जिस से जल अंदर प्रवेश करता है।&lt;br /&gt;
* एक केंद्रीय गुहा, स्पंजोसील, उपस्थित होती है जहां से जल ऑस्कुलम के माध्यम से बाहर जाता है।&lt;br /&gt;
* जल परिवहन प्रणाली, भोजन एकत्रण, श्वसन में और उत्सर्जी अपशिष्ट का आदान-प्रदान और निष्कासन में सहायता करती है।&lt;br /&gt;
* कीनोसाइट्स या कॉलर कोशिकाएं, स्पंजोसील और जल परिवहन प्रणाली की रेखा बनाती हैं।&lt;br /&gt;
* पाचन अंतःकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* कंकाल, स्पाइक्यूल्स या स्पंजिन रेशे द्वारा बने होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उभयलिंगी होते हैं अर्थात लिंग अलग नहीं होते हैं। अंडे और शुक्राणु एक ही जीव द्वारा निर्मित होते हैं।&lt;br /&gt;
* स्पंज अलैंगिक रूप से विखंडन द्वारा प्रजनन करते हैं और लैंगिक प्रजनन युग्मक के गठन द्वारा होता है।&lt;br /&gt;
* निषेचन आंतरिक होता है।&lt;br /&gt;
* विकास अप्रत्यक्ष है। लार्वा चरण रूपात्मक रूप से वयस्क से भिन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* '''''साइकॉन''''' (स्काइफा)&lt;br /&gt;
* '''''स्पोंजिला''''' (अलवरण जल स्पंज)&lt;br /&gt;
* '''''यूस्पोंजिया''''' (स्नान स्पंज)&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%AA_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42674</id>
		<title>पादप जगत</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%AA_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42674"/>
		<updated>2023-10-26T17:44:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम पादप जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
पादप जगत, या प्लांटे जगत, प्राकृतिक पौधों का वह समूह है जिसमें सभी जीवित और विलुप्त पौधे सम्मिलित हैं। पौधों में कोशिका झिल्ली के साथ एक कठोर सेल्युलोसिक कोशिका भित्ति उपस्थित होती है। पादप जगत में सभी पौधे बहुकोशिकीय और यूकेरियोट्स होते हैं। पौधों में क्लोरोफिल होता है, ये हरे रंग का रंगद्रव्य जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
[[File:Ulva intestinalis saumâtre wimmereux juillet 2016 Lamiot A.jpg|thumb|शैवाल|200x200px]]&lt;br /&gt;
पादप जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-                                                                        &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== शैवाल ===&lt;br /&gt;
शैवाल, पादप जगत का एक प्रभाग है जिसमें पादप जीवन के आदिम रूप शामिल हैं। वे गैर-संवहनी पौधे हैं जिनमें वास्तविक जड़ों, तनों और पत्तियों का अभाव होता है। उनकी विशेषता थैलस या अविभेदित शरीर की उपस्थिति है। वे बीजाणुओं के माध्यम से जनन करते हैं। शैवाल को निचले पौधों के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनमें उचित शारीरिक विभेदन का अभाव होता है। ये मुख्यतः पानी में उगते हैं। शैवाल प्रकाश संश्लेषक जीव हैं जो महासागरों, झीलों, नदियों, तालाबों और नम मिट्टी में रहते हैं। शैवाल एककोशिकीय या बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== ब्रायोफाइटा ===&lt;br /&gt;
[[File:Moss.jpg|thumb|200x200px|ब्रायोफाइटा]]&lt;br /&gt;
ब्रायोफाइटा गैर-संवहनी भूमि पौधों का एक समूह है जिसमें मॉस, लिवरवॉर्ट्स और हॉर्नवॉर्ट्स शामिल हैं। ये छोटे पौधे हैं जो छायादार और नम क्षेत्रों में उगते हैं। ब्रायोफाइटा में संवहनी ऊतकों की कमी होती है। ब्रायोफाइटा फूल या बीज पैदा नहीं करते हैं, बल्कि बीजाणुओं के माध्यम से प्रजनन करते हैं। उनकी कोई वास्तविक जड़, तना या पत्तियाँ नहीं होती हैं। वे अपनी सतह के माध्यम से हवा से पानी और पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं। ब्रायोफाइट्स में गैमेटांगिया और स्पोरैंगिया नामक प्रजनन अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेरिडोफाइटा ===&lt;br /&gt;
[[File:Broto de Xaxim.jpg|thumb|200x200px|टेरिडोफाइटा]]&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइट्स को पौधों का एक वर्ग माना जाता है जो विकासवादी दृष्टि से ब्रायोफाइट्स और बीज पौधों के बीच आते हैं।  टेरिडोफाइटा पादप जगत का एक प्रभाग है जिसमें ऐसे पौधे शामिल हैं जो बीज उत्पादक पौधों के विकासवादी उद्भव से पहले ग्रह पर थे। टेरिडोफाइट्स को &amp;quot;क्रिप्टोगैम्स&amp;quot; के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि वे बीज के बजाय बीजाणुओं के माध्यम से प्रजनन करते हैं। टेरिडोफाइट्स में फ़र्न, हॉर्सटेल, लाइकोफाइट्स अदि पौधे आते है।             &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइटा में फूल और बीज दोनों का अभाव है। टेरिडोफाइटा मुख्यतः बीजाणुओं की सहायता से प्रजनन करते हैं। टेरिडोफाइटा संवहनी पौधे हैं वे संवहनी ऊतक, जाइलम और फ्लोएम का प्रदर्शन करते हैं। उनके पास वैकल्पिक, मुक्त-जीवित गैमेटोफाइट और स्पोरोफाइट चरणों वाला एक जीवन चक्र होता है जो परिपक्वता पर स्वतंत्र होते हैं। निषेचन को प्रभावित करने के लिए पानी आवश्यक है क्योंकि नर प्रजनन इकाइयाँ कशाभित और गतिशील होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अनावृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
[[File:Fichtennadel.jpg|thumb|234x234px|अनावृतबीजी पादप]]&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, बीज पैदा करने वाले पौधों का एक समूह है जिसमें पुष्प आदि का निर्माण अनुपस्थित होता है। अनावृतबीजी पौधे या जिम्नोस्पर्म शब्द ग्रीक के मिश्रित शब्द से आया है: जिसमें, जिम्नोस का अर्थ 'नग्न' और स्पर्मा का अर्थ 'बीज' होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'नग्न बीज'। यह नाम उनके बीजों की खुली स्थिति/गैर-आच्छादित स्थिति जिन्हे अनिषेचित अवस्था में बीजांड कहा जाता है पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, आवृतबीजी पौधे से इस प्रकार भिन्न है- आवृतबीजी पौधे के बीज और बीजांड एक अंडाशय के भीतर घिरे होते हैं। परन्तु अनावृतबीजी पौधे में यह स्थिति नहीं देखी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे में बीजांड किसी भी अंडाशय की परत से नहीं घिरे होते हैं और निषेचन से पहले और बाद में खुले रहते हैं। यह बीज जो निषेचन के बाद विकसित होने पर ढके हुए नहीं होते हैं अर्थात नग्न होते हैं। अनावृतबीजी पौधे में मध्यम आकार या ऊँचे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। अनावृतबीजी पौधे में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष ''सिकोइया'' सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है।&lt;br /&gt;
[[File:Sweetbay Magnolia Magnolia virginiana Flower Closeup 2242px.jpg|thumb|200x200px|आवृतबीजी पादप]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आवृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों के के विपरीत जहां, बीजांड नग्न होते हैं, आवृतबीजी पौधों में यह पुष्प में ढके हुए होते है। पराग कण और बीजांड विशेष रूप से विकसित होते हैं। आवृतबीजी पौधों में बीज फलों से घिरे रहते हैं। आवृतबीजी पौधों का एक बड़ा समूह विस्तृत श्रृंखला में फैला हुआ है। इनका आकार छोटे से लेकर लगभग सूक्ष्म जैसे ''वुल्फिया'' से लेकर ''यूकेलिप्टस'' के ऊंचे पेड़ (100 मीटर से अधिक) तक होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पौधे हमें भोजन, चारा, ईंधन, दवाएँ और कई अन्य व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण उत्पाद प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
पादप जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे बहुकोशिकीय एवम यूकेरियोट्स होते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे गतिहीन होते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे स्वपोषी होते हैं अर्थात वे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधों में वानस्पतिक प्रसार, लैंगिक जनन एवम अलैंगिक जनन दर्शाए जाते है।&lt;br /&gt;
* पौधों की कोशिका में बाहरी कोशिका भित्ति और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका उपस्थित होती है। यह पादप कोशिका का विशिष्ट लक्षण है क्योंकि यह केवल उन्हीं में पाया जाता है, जंतु कोशिकाओं में नहीं।&lt;br /&gt;
* पौधों में प्लास्टिड्स में उपस्थित क्लोरोफिल नामक प्रकाश संश्लेषक वर्णक होते हैं। उनकी भूमिका प्रकाश संश्लेषण के दौरान सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;br /&gt;
पादप जगत के निम्नलिखित महत्व हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* खाना: पौधे मनुष्यों सहित लगभग सभी स्थलीय और जलीय जीवों को भोजन प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* वायु: पौधे ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार होता है।&lt;br /&gt;
* आश्रय: पौधे जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* मिट्टी की गुणवत्ता: जब पौधे मर जाते हैं और विघटित हो जाते हैं, तो वे मिट्टी को उर्वरित करते हैं, जिससे अन्य पौधों को खाद और पोषक तत्व मिलते हैं जो उन्हें बढ़ने में सहयता प्रदान करते है।&lt;br /&gt;
* वन्य जीवन की सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे मानव उपयोग के लिए कई उत्पाद भी प्रदान करते हैं, जैसे:  जलाऊ लकड़ी, इमारती लकड़ी, रेशे, औषधियाँ, रंग, कीटनाशक, तेल, रबर। &lt;br /&gt;
* पौधे प्राथमिक उत्पादक हैं, और इस ग्रह पर अन्य सभी जीवित जीव उन पर निर्भर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
शैवाल के उदाहरण - '''''यूलोथ्रिक्स, क्लोरेला, फ़्यूकस, पोर्फ़ायरा''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ब्रायोफाइटा के उदाहरण - '''''मार्चांशिया, रिकिया, स्फाग्नम, फ्यूनेरिया'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइटा के उदाहरण - '''''फ़र्न, साल्विनिया, एक्वीसीटम, सेलाजिनेला'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पादप के उदाहरण - '''''साइकस, पाइनस, जिन्कगो'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पादप के उदाहरण - '''''इंडिका मैंगीफेरा, हिबिस्कस, ट्रिटिकम एस्टीवम''''', ऑर्किड&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<title>पादप जगत</title>
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		<updated>2023-10-26T17:39:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम पादप जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
पादप जगत, या प्लांटे जगत, प्राकृतिक पौधों का वह समूह है जिसमें सभी जीवित और विलुप्त पौधे सम्मिलित हैं। पौधों में कोशिका झिल्ली के साथ एक कठोर सेल्युलोसिक कोशिका भित्ति उपस्थित होती है। पादप जगत में सभी पौधे बहुकोशिकीय और यूकेरियोट्स होते हैं। पौधों में क्लोरोफिल होता है, ये हरे रंग का रंगद्रव्य जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
[[File:Ulva intestinalis saumâtre wimmereux juillet 2016 Lamiot A.jpg|thumb|शैवाल]]&lt;br /&gt;
पादप जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-                                                                        &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== शैवाल ===&lt;br /&gt;
शैवाल, पादप जगत का एक प्रभाग है जिसमें पादप जीवन के आदिम रूप शामिल हैं। वे गैर-संवहनी पौधे हैं जिनमें वास्तविक जड़ों, तनों और पत्तियों का अभाव होता है। उनकी विशेषता थैलस या अविभेदित शरीर की उपस्थिति है। वे बीजाणुओं के माध्यम से जनन करते हैं। शैवाल को निचले पौधों के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनमें उचित शारीरिक विभेदन का अभाव होता है। ये मुख्यतः पानी में उगते हैं। शैवाल प्रकाश संश्लेषक जीव हैं जो महासागरों, झीलों, नदियों, तालाबों और नम मिट्टी में रहते हैं। शैवाल एककोशिकीय या बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== ब्रायोफाइटा ===&lt;br /&gt;
ब्रायोफाइटा गैर-संवहनी भूमि पौधों का एक समूह है जिसमें मॉस, लिवरवॉर्ट्स और हॉर्नवॉर्ट्स शामिल हैं। ये छोटे पौधे हैं जो छायादार और नम क्षेत्रों में उगते हैं। ब्रायोफाइटा में संवहनी ऊतकों की कमी होती है। ब्रायोफाइटा फूल या बीज पैदा नहीं करते हैं, बल्कि बीजाणुओं के माध्यम से प्रजनन करते हैं। उनकी कोई वास्तविक जड़, तना या पत्तियाँ नहीं होती हैं। वे अपनी सतह के माध्यम से हवा से पानी और पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं। ब्रायोफाइट्स में गैमेटांगिया और स्पोरैंगिया नामक प्रजनन अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेरिडोफाइटा ===&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइट्स को पौधों का एक वर्ग माना जाता है जो विकासवादी दृष्टि से ब्रायोफाइट्स और बीज पौधों के बीच आते हैं।  टेरिडोफाइटा पादप जगत का एक प्रभाग है जिसमें ऐसे पौधे शामिल हैं जो बीज उत्पादक पौधों के विकासवादी उद्भव से पहले ग्रह पर थे। टेरिडोफाइट्स को &amp;quot;क्रिप्टोगैम्स&amp;quot; के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि वे बीज के बजाय बीजाणुओं के माध्यम से प्रजनन करते हैं। टेरिडोफाइट्स में फ़र्न, हॉर्सटेल, लाइकोफाइट्स अदि पौधे आते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइटा में फूल और बीज दोनों का अभाव है। टेरिडोफाइटा मुख्यतः बीजाणुओं की सहायता से प्रजनन करते हैं। टेरिडोफाइटा संवहनी पौधे हैं वे संवहनी ऊतक, जाइलम और फ्लोएम का प्रदर्शन करते हैं। उनके पास वैकल्पिक, मुक्त-जीवित गैमेटोफाइट और स्पोरोफाइट चरणों वाला एक जीवन चक्र होता है जो परिपक्वता पर स्वतंत्र होते हैं। निषेचन को प्रभावित करने के लिए पानी आवश्यक है क्योंकि नर प्रजनन इकाइयाँ कशाभित और गतिशील होती हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अनावृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, बीज पैदा करने वाले पौधों का एक समूह है जिसमें पुष्प आदि का निर्माण अनुपस्थित होता है। अनावृतबीजी पौधे या जिम्नोस्पर्म शब्द ग्रीक के मिश्रित शब्द से आया है: जिसमें, जिम्नोस का अर्थ 'नग्न' और स्पर्मा का अर्थ 'बीज' होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'नग्न बीज'। यह नाम उनके बीजों की खुली स्थिति/गैर-आच्छादित स्थिति जिन्हे अनिषेचित अवस्था में बीजांड कहा जाता है पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, आवृतबीजी पौधे से इस प्रकार भिन्न है- आवृतबीजी पौधे के बीज और बीजांड एक अंडाशय के भीतर घिरे होते हैं। परन्तु अनावृतबीजी पौधे में यह स्थिति नहीं देखी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे में बीजांड किसी भी अंडाशय की परत से नहीं घिरे होते हैं और निषेचन से पहले और बाद में खुले रहते हैं। यह बीज जो निषेचन के बाद विकसित होने पर ढके हुए नहीं होते हैं अर्थात नग्न होते हैं। अनावृतबीजी पौधे में मध्यम आकार या ऊँचे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। अनावृतबीजी पौधे में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष ''सिकोइया'' सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आवृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों के के विपरीत जहां, बीजांड नग्न होते हैं, आवृतबीजी पौधों में यह पुष्प में ढके हुए होते है। पराग कण और बीजांड विशेष रूप से विकसित होते हैं। आवृतबीजी पौधों में बीज फलों से घिरे रहते हैं। आवृतबीजी पौधों का एक बड़ा समूह विस्तृत श्रृंखला में फैला हुआ है। इनका आकार छोटे से लेकर लगभग सूक्ष्म जैसे ''वुल्फिया'' से लेकर ''यूकेलिप्टस'' के ऊंचे पेड़ (100 मीटर से अधिक) तक होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पौधे हमें भोजन, चारा, ईंधन, दवाएँ और कई अन्य व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण उत्पाद प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
पादप जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे बहुकोशिकीय एवम यूकेरियोट्स होते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे गतिहीन होते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे स्वपोषी होते हैं अर्थात वे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधों में वानस्पतिक प्रसार, लैंगिक जनन एवम अलैंगिक जनन दर्शाए जाते है।&lt;br /&gt;
* पौधों की कोशिका में बाहरी कोशिका भित्ति और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका उपस्थित होती है। यह पादप कोशिका का विशिष्ट लक्षण है क्योंकि यह केवल उन्हीं में पाया जाता है, जंतु कोशिकाओं में नहीं।&lt;br /&gt;
* पौधों में प्लास्टिड्स में उपस्थित क्लोरोफिल नामक प्रकाश संश्लेषक वर्णक होते हैं। उनकी भूमिका प्रकाश संश्लेषण के दौरान सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;br /&gt;
पादप जगत के निम्नलिखित महत्व हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* खाना: पौधे मनुष्यों सहित लगभग सभी स्थलीय और जलीय जीवों को भोजन प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* वायु: पौधे ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार होता है।&lt;br /&gt;
* आश्रय: पौधे जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं।&lt;br /&gt;
* मिट्टी की गुणवत्ता: जब पौधे मर जाते हैं और विघटित हो जाते हैं, तो वे मिट्टी को उर्वरित करते हैं, जिससे अन्य पौधों को खाद और पोषक तत्व मिलते हैं जो उन्हें बढ़ने में सहयता प्रदान करते है।&lt;br /&gt;
* वन्य जीवन की सहायता करते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे मानव उपयोग के लिए कई उत्पाद भी प्रदान करते हैं, जैसे:  जलाऊ लकड़ी, इमारती लकड़ी, रेशे, औषधियाँ, रंग, कीटनाशक, तेल, रबर। &lt;br /&gt;
* पौधे प्राथमिक उत्पादक हैं, और इस ग्रह पर अन्य सभी जीवित जीव उन पर निर्भर हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
शैवाल के उदाहरण - '''''यूलोथ्रिक्स, क्लोरेला, फ़्यूकस, पोर्फ़ायरा''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ब्रायोफाइटा के उदाहरण - '''''मार्चांशिया, रिकिया, स्फाग्नम, फ्यूनेरिया'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइटा के उदाहरण - '''''फ़र्न, साल्विनिया, एक्वीसीटम, सेलाजिनेला'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पादप के उदाहरण - '''''साइकस, पाइनस, जिन्कगो'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पादप के उदाहरण - '''''इंडिका मैंगीफेरा, हिबिस्कस, ट्रिटिकम एस्टीवम''''', ऑर्किड&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>पादप जगत</title>
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		<updated>2023-10-26T16:16:39Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम पादप जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
पादप जगत, या प्लांटे जगत, प्राकृतिक पौधों का वह समूह है जिसमें सभी जीवित और विलुप्त पौधे सम्मिलित हैं। पौधों में कोशिका झिल्ली के साथ एक कठोर सेल्युलोसिक कोशिका भित्ति उपस्थित होती है। पादप जगत में सभी पौधे बहुकोशिकीय और यूकेरियोट्स होते हैं। पौधों में क्लोरोफिल होता है, ये हरे रंग का रंगद्रव्य जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
पादप जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== शैवाल (थैलोफाइटा) ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== ब्रायोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेरिडोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अनावृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आवृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
पादप जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे बहुकोशिकीय एवम यूकेरियोट्स होते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे गतिहीन होते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधे स्वपोषी होते हैं अर्थात वे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधों में वानस्पतिक प्रसार, लैंगिक जनन एवम अलैंगिक जनन दर्शाए जाते है।&lt;br /&gt;
* पौधों की कोशिका में बाहरी कोशिका भित्ति और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका उपस्थित होती है। यह पादप कोशिका का विशिष्ट लक्षण है क्योंकि यह केवल उन्हीं में पाया जाता है, जंतु कोशिकाओं में नहीं।&lt;br /&gt;
* पौधों में प्लास्टिड्स में उपस्थित क्लोरोफिल नामक प्रकाश संश्लेषक वर्णक होते हैं। उनकी भूमिका प्रकाश संश्लेषण के दौरान सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;br /&gt;
पादप जगत के निम्नलिखित महत्व हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
शैवाल (थैलोफाइटा) के उदाहरण - '''''यूलोथ्रिक्स, क्लोरेला, फ़्यूकस, पोर्फ़ायरा''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ब्रायोफाइटा के उदाहरण - '''''मार्चांशिया, रिकिया, स्फाग्नम, फ्यूनेरिया'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइटा के उदाहरण - '''''फ़र्न, साल्विनिया, एक्वीसीटम, सेलाजिनेला'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पादप के उदाहरण - '''''साइकस, पाइनस, जिन्कगो'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पादप के उदाहरण - '''''इंडिका मैंगीफेरा, हिबिस्कस, ट्रिटिकम एस्टीवम''''', ऑर्किड&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>जंतु जगत</title>
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		<updated>2023-10-26T15:41:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, [[प्रोटिस्टा जगत]], कवक जगत, पादप जगत और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम जंतु जगत के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==परिभाषा==&lt;br /&gt;
==वर्गीकरण==&lt;br /&gt;
जंतु जगत को 10 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पोरिफेरा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== निडारिया ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्लैटिहेल्मिन्थेस ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== नेमाटोडा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एनेलिडा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आर्थ्रोपोडा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== मोलस्का ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== इकिनोडर्मेटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हेमीकोर्डेटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कॉर्डेटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==विशेषताएं==&lt;br /&gt;
जंतु जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
==महत्त्व==&lt;br /&gt;
जंतु जगत के निम्नलिखित महत्व हैं-&lt;br /&gt;
==उदाहरण==&lt;br /&gt;
पोरिफेरा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
निडारिया के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्लैटिहेल्मिन्थेस के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नेमाटोडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एनेलिडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर्थ्रोपोडा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मोलस्का के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इकिनोडर्मेटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हेमीकोर्डेटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कॉर्डेटा के उदाहरण -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>पादप जगत</title>
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		<updated>2023-10-26T15:23:02Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
पादप जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== शैवाल (थैलोफाइटा) ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== ब्रायोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== टेरिडोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अनावृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== आवृतबीजी पादप ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
पादप जगत की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;br /&gt;
पादप जगत के निम्नलिखित महत्व हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
शैवाल (थैलोफाइटा) के उदाहरण - &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ब्रायोफाइटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टेरिडोफाइटा के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पादप के उदाहरण -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पादप के उदाहरण -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42651</id>
		<title>प्रोटिस्टा जगत</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42651"/>
		<updated>2023-10-26T15:08:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का  प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, [[पादप जगत]] और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम किंगडम प्रोटिस्टा के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
[[File:प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम.jpg|thumb|400x400px|प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम]]प्रोटिस्टा के अंतर्गत सभी एककोशिकीय और सुकेन्द्रकी जीव (सुकेन्द्रकी जीव उन सभी जीवों को कहा जाता है जिनकी कोशिकाओं के अन्दर कला से घिरा एक केन्द्रक हो) रखे जाते है।\&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
परन्तु इस जगत की सीमाएँ अच्छी तरह से परिभाषित नहीं की जा सकतीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटिस्टा जगत में स्वपोषी और विषमपोषी दोनों प्रकार के जीव मौजूद होते हैं। इसलिए, जो प्रोटिस्टा एक वैज्ञानिक के लिए पौधा हो सकता है वह दूसरे के लिए एक जानवर हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के सदस्य मुख्यतः जलीय होते हैं। यह जगत विभिन्न जगत के बीच एक कड़ी बनाता है जैसे पादप जगत, जंतु जगत और कवक जगत। सुकेन्द्रकी जीव होने के कारण, प्रोटीस्टन कोशिका में एक केन्द्रक और अन्य झिल्ली से बंधे अंग अच्छी तरह से परिभाषित होते है। प्रोटिस्ट, अलैंगिक और लैंगिक दोनों ही रूप से प्रजनन करते हैं और कोशिका संलयन के कारण युग्मनज का निर्माण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
प्रॉटिस्टा जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्राइसोफाइट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह में डायटम और स्वर्ण शैवाल (डेस्मिड) होते हैं।&lt;br /&gt;
* विशिष्ट प्रकाश संश्लेषक रंगद्रव्य से रंगने के कारण इन्हें सुनहरे-भूरे शैवाल के रूप में भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव अलवरण जल के साथ-साथ समुद्री जल में भी पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव सूक्ष्मदर्शी होते हैं और पानी की धारा में निष्क्रिय रूप से तैरते रहते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव ज्यादातर प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रकाश संश्लेषक डायटम में कोशिका दीवारें सिलिका से जड़ी हुई होती हैं।सिलिका कोशिका भित्ति को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें अविनाशी बनाता है।&lt;br /&gt;
* डायटम के आवास में बड़ी मात्रा में कोशिका भित्ति जमा होती रहती है। इस संचय को 'डायटोमेसियस पृथ्वी' कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* डायटोमेसियस पृथ्वी, रेतीली होने के कारण इनका उपयोग पॉलिश करने, तेल और सिरप को छानने में किया जाता है। &lt;br /&gt;
[[File:Dinoflagellates.jpg|thumb|डाइनोफ्लैगलेट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डाइनोफ्लैगलेट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिनोफ्लैगलेट्स एकल-कोशिका वाले, यूकेरियोटिक जीव होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर समुद्री और प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उनकी कोशिकाओं में मौजूद मुख्य पिगमेंट के आधार पर पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल रंग के दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों की विशेषता कशाभिका की एक जोड़ी होती है, जो छोटे चाबुक जैसी &amp;quot;पूंछ&amp;quot; होती है, जिनका उपयोग वे गति के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव जीवदीप्ति और लाल ज्वार पैदा करने के लिए जाने जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== यूग्लेनोइड्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इनमें से अधिकांश स्थिर, ताजे पानी में पाए जाने वाले जीव हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Euglena sp.jpg|thumb|250x250px|यूग्लेनोइड्स]]इनमें कोशिका भित्ति के स्थान पर पेलिकल नामक प्रोटीन होता है जो जीवों के शरीर को लचीला बनाती है।                    &lt;br /&gt;
* यद्यपि ये जीव, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषक होते हैं परन्तु सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर वे विषमपोषी की तरह व्यवहार करते हैं जिसमे अन्य छोटे जीवों का शिकार करना सम्मलित है।&lt;br /&gt;
* यूग्लीनॉइड्स के रंगद्रव्य, पादपों में उपस्थित, क्लोरोफिल a के समान होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अवपंक फफूंदी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अवपंक फफूंदी को स्लाइम मोल्ड भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये कवक और जंतु दोनों से मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Slime mould plasmodium beginning to knot - geograph.org.uk - 5030293.jpg|thumb|अवपंक फफूंदी]]स्लाइम मोल्ड्स को पहले कवक के अंतर्गत समूहीकृत किया गया था, लेकिन बाद में, उन्हें अन्य     छोटे बहुकोशिकीय और एककोशिकीय यूकेरियोटिक जीवों के साथ प्रोटिस्टा जगत में रखा गया।        &lt;br /&gt;
* ये जीव मृतपोषी होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में क्लोरोफिल नहीं होता है।&lt;br /&gt;
* अनुकूल परिस्थितियों में, ये प्लास्मोडियम नामक समुच्चय बनाते हैं जो व्यापक रूप से फैल सकते हैं और बढ़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रतिकूल परिस्थितियों में, प्लाज्मोडियम बीजाणु बनाता है।&lt;br /&gt;
* इनमें लैंगिक व अलैंगिक दोनों प्रजनन पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रोटोजोआ ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सभी प्रोटोज़ोअन विषमपोषण होते हैं और परजीवी के रूप में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटोजोआ के चार प्रमुख समूह होते हैं। इनमे अमीबॉइड प्रोटोजोआ, कशाभित प्रोटोजोअन, सिलिअटेड प्रोटोजोअन और स्पोरोज़ोअन्स आते हैं। आइये इन पर विस्तार से चर्चा करे।&lt;br /&gt;
[[File:Amoebe.jpg|thumb|'''''अमीबा''''']]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== अमीबॉइड प्रोटोजोआ ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव अलवरण जल, समुद्री जल या नम मिट्टी में रहते हैं।                                                                                &lt;br /&gt;
* वे गति एवं अपने शिकार को पकड़ने के लिए पादाभ या स्यूडोपोडिया (नकली पैर) का उपयोग करते हैं। पादाभ, कोशिका झिल्ली का एक अस्थायी बांह जैसा प्रक्षेपण होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में से कुछ उनमें से कुछ परजीवी होते हैं, जैसे '''''एंटअमीबा''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== कशाभित प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह के सदस्य या तो स्वतंत्र रूप से रहने वाले होते हैं या परजीवी होते हैं। &lt;br /&gt;
* इन जीवों में कशाभि होता है।&lt;br /&gt;
* परजीवी रूप रोग उत्पन्न करते हैं, जैसे '''''ट्रिपैनोसोमा'''''  से नींद की बीमारी होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== सिलिअटेड प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
[[File:Trypanosoma-brucei.jpg|thumb|'''''ट्रिपैनोसोमा''''']]&lt;br /&gt;
* ये जलीय, सक्रिय रूप से घूमने वाले जीव होते हैं। हजारों सिलिया की उपस्थिति के कारण ये जीव तेज़ गति कर सकते है। &lt;br /&gt;
* इन जीवों में एक गुहा होती है जो कोशिका सतह के बाहर खुलती है।&lt;br /&gt;
* सिलिया के समन्वित संचलन के कारण, भोजन गुहा में चला जाता है।&lt;br /&gt;
* वे परमाणु द्विरूपता दिखाते हैं जिसका अर्थ है कि दो प्रकार के नाभिक मौजूद हैं, एक मैक्रोन्यूक्लियस और एक माइक्रोन्यूक्लियस।&lt;br /&gt;
* वे संयुग्मन दर्शाते हैं जो लैंगिक प्रजनन का एक अनोखा रूप है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== स्पोरोज़ोअन्स ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इसमें विविध जीव शामिल हैं जिनमें अधिकतर संक्रामक रोग करने वाले जीव होते है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों के जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्था होती है।&lt;br /&gt;
* '''''प्लाज्मोडियम''''', मलेरिया परजीवी होता है जो मलेरिया का कारण बनता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव जलीय होते हैं, मिट्टी में या नमी वाले क्षेत्रों में मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये एककोशिकीय और सुकेन्द्रकी जीव होते हैं। इन जीवों की कोशिकाओं में एक केंद्रक और झिल्ली से बंधे अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में परजीविता भी देखी जाती है। '''''ट्रिपैनोसोमा''''' ,'''''प्लाज्मोडियम'''''  और '''''एंटअमीबा'''''  जैसी प्रजातियाँ मनुष्यों में बीमारी का कारण बनती हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में कशाभि, सिलिया और पादाभ के माध्यम से गति प्रदर्शित होती है।&lt;br /&gt;
* ये जीव अलैंगिक जनन करते है।&lt;br /&gt;
* ये जीव स्वपोषी या विषमपोषी होते हैं। विषमपोषी जीव जीवित रहने के लिए पौधों या जानवरों जैसे अन्य जीवों से पोषण प्राप्त करते है। स्वपोषी जीव अपना भोजन स्वयं बनाते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के निम्नलिखित महत्व हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ऑक्सीजन उत्पादन: प्रोटिस्ट, प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से पृथ्वी पर अधिकतम प्रतिशत ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं।&lt;br /&gt;
* पोषक तत्व पुनर्चक्रण: प्रोटिस्ट, पोषक तत्वों को विघटित और पुनर्चक्रित करते हैं।&lt;br /&gt;
* खाद्य श्रृंखला: प्रोटिस्ट, खाद्य शृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* चिकित्सा अनुसंधान: प्रोटिस्ट का उपयोग आमतौर पर चिकित्सा अनुसंधान में किया जाता है।&lt;br /&gt;
* उद्योग: प्रोटिस्ट का उपयोग उद्योग में उच्च रक्तचाप के इलाज और कोशिकाओं में रासायनिक संकेतों का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
* प्लास्टिक: शैवाल के रसायनों का उपयोग कई प्रकार के प्लास्टिक के उत्पादन के लिए किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* क्राइसोफाइट्स - डायटम और स्वर्ण शैवाल&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डाइनोफ्लैगलेट्स - '''''गोन्याउलाक्स'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूग्लेनोइड्स - '''''यूग्लीना'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अवपंक फफूंदी - '''''एक्रेसिया'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अमीबॉइड प्रोटोजोआ - '''''अमीबा'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* कशाभित प्रोटोजोअन - '''''ट्रिपैनोसोमा'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड प्रोटोजोअन - '''''पैरामीशियम'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* स्पोरोज़ोअन्स - '''''प्लाज्मोडियम'''''&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42619</id>
		<title>प्रोटिस्टा जगत</title>
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		<updated>2023-10-25T18:27:40Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का  प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, [[पादप जगत]] और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम किंगडम प्रोटिस्टा के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
[[File:प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम.jpg|thumb|400x400px|प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम]]प्रोटिस्टा के अंतर्गत सभी एककोशिकीय और सुकेन्द्रकी जीव (सुकेन्द्रकी जीव उन सभी जीवों को कहा जाता है जिनकी कोशिकाओं के अन्दर कला से घिरा एक केन्द्रक हो) रखे जाते है।\&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
परन्तु इस जगत की सीमाएँ अच्छी तरह से परिभाषित नहीं की जा सकतीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटिस्टा जगत में स्वपोषी और विषमपोषी दोनों प्रकार के जीव मौजूद होते हैं। इसलिए, जो प्रोटिस्टा एक वैज्ञानिक के लिए पौधा हो सकता है वह दूसरे के लिए एक जानवर हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के सदस्य मुख्यतः जलीय होते हैं। यह जगत विभिन्न जगत के बीच एक कड़ी बनाता है जैसे पादप जगत, जंतु जगत और कवक जगत। सुकेन्द्रकी जीव होने के कारण, प्रोटीस्टन कोशिका में एक केन्द्रक और अन्य झिल्ली से बंधे अंग अच्छी तरह से परिभाषित होते है। प्रोटिस्ट, अलैंगिक और लैंगिक दोनों ही रूप से प्रजनन करते हैं और कोशिका संलयन के कारण युग्मनज का निर्माण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
प्रॉटिस्टा जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्राइसोफाइट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह में डायटम और स्वर्ण शैवाल (डेस्मिड) होते हैं।&lt;br /&gt;
* विशिष्ट प्रकाश संश्लेषक रंगद्रव्य से रंगने के कारण इन्हें सुनहरे-भूरे शैवाल के रूप में भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव अलवरण जल के साथ-साथ समुद्री जल में भी पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव सूक्ष्मदर्शी होते हैं और पानी की धारा में निष्क्रिय रूप से तैरते रहते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव ज्यादातर प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रकाश संश्लेषक डायटम में कोशिका दीवारें सिलिका से जड़ी हुई होती हैं।सिलिका कोशिका भित्ति को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें अविनाशी बनाता है।&lt;br /&gt;
* डायटम के आवास में बड़ी मात्रा में कोशिका भित्ति जमा होती रहती है। इस संचय को 'डायटोमेसियस पृथ्वी' कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* डायटोमेसियस पृथ्वी, रेतीली होने के कारण इनका उपयोग पॉलिश करने, तेल और सिरप को छानने में किया जाता है। &lt;br /&gt;
[[File:Dinoflagellates.jpg|thumb|डाइनोफ्लैगलेट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डाइनोफ्लैगलेट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिनोफ्लैगलेट्स एकल-कोशिका वाले, यूकेरियोटिक जीव होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर समुद्री और प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उनकी कोशिकाओं में मौजूद मुख्य पिगमेंट के आधार पर पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल रंग के दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों की विशेषता कशाभिका की एक जोड़ी होती है, जो छोटे चाबुक जैसी &amp;quot;पूंछ&amp;quot; होती है, जिनका उपयोग वे गति के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव जीवदीप्ति और लाल ज्वार पैदा करने के लिए जाने जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== यूग्लेनोइड्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इनमें से अधिकांश स्थिर, ताजे पानी में पाए जाने वाले जीव हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Euglena sp.jpg|thumb|250x250px|यूग्लेनोइड्स]]इनमें कोशिका भित्ति के स्थान पर पेलिकल नामक प्रोटीन होता है जो जीवों के शरीर को लचीला बनाती है।                    &lt;br /&gt;
* यद्यपि ये जीव, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषक होते हैं परन्तु सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर वे विषमपोषी की तरह व्यवहार करते हैं जिसमे अन्य छोटे जीवों का शिकार करना सम्मलित है।&lt;br /&gt;
* यूग्लीनॉइड्स के रंगद्रव्य, पादपों में उपस्थित, क्लोरोफिल a के समान होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अवपंक फफूंदी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अवपंक फफूंदी को स्लाइम मोल्ड भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये कवक और जंतु दोनों से मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Slime mould plasmodium beginning to knot - geograph.org.uk - 5030293.jpg|thumb|अवपंक फफूंदी]]स्लाइम मोल्ड्स को पहले कवक के अंतर्गत समूहीकृत किया गया था, लेकिन बाद में, उन्हें अन्य     छोटे बहुकोशिकीय और एककोशिकीय यूकेरियोटिक जीवों के साथ प्रोटिस्टा जगत में रखा गया।        &lt;br /&gt;
* ये जीव मृतपोषी होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में क्लोरोफिल नहीं होता है।&lt;br /&gt;
* अनुकूल परिस्थितियों में, ये प्लास्मोडियम नामक समुच्चय बनाते हैं जो व्यापक रूप से फैल सकते हैं और बढ़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रतिकूल परिस्थितियों में, प्लाज्मोडियम बीजाणु बनाता है।&lt;br /&gt;
* इनमें लैंगिक व अलैंगिक दोनों प्रजनन पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रोटोजोआ ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सभी प्रोटोज़ोअन विषमपोषण होते हैं और परजीवी के रूप में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटोजोआ के चार प्रमुख समूह होते हैं। इनमे अमीबॉइड प्रोटोजोआ, कशाभित प्रोटोजोअन, सिलिअटेड प्रोटोजोअन और स्पोरोज़ोअन्स आते हैं। आइये इन पर विस्तार से चर्चा करे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== अमीबॉइड प्रोटोजोआ ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव अलवरण जल, समुद्री जल या नम मिट्टी में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* वे गति एवं अपने शिकार को पकड़ने के लिए पादाभ या स्यूडोपोडिया (नकली पैर) का उपयोग करते हैं। पादाभ, कोशिका झिल्ली का एक अस्थायी बांह जैसा प्रक्षेपण होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में से कुछ उनमें से कुछ परजीवी होते हैं, जैसे '''''एंटअमीबा''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== कशाभित प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह के सदस्य या तो स्वतंत्र रूप से रहने वाले होते हैं या परजीवी होते हैं। &lt;br /&gt;
* इन जीवों में कशाभि होता है।&lt;br /&gt;
* परजीवी रूप रोग उत्पन्न करते हैं, जैसे '''''ट्रिपैनोसोमा'''''  से नींद की बीमारी होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== सिलिअटेड प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जलीय, सक्रिय रूप से घूमने वाले जीव होते हैं। हजारों सिलिया की उपस्थिति के कारण ये जीव तेज़ गति कर सकते है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में एक गुहा होती है जो कोशिका सतह के बाहर खुलती है।&lt;br /&gt;
* सिलिया के समन्वित संचलन के कारण, भोजन गुहा में चला जाता है।&lt;br /&gt;
* वे परमाणु द्विरूपता दिखाते हैं जिसका अर्थ है कि दो प्रकार के नाभिक मौजूद हैं, एक मैक्रोन्यूक्लियस और एक माइक्रोन्यूक्लियस।&lt;br /&gt;
* वे संयुग्मन दर्शाते हैं जो लैंगिक प्रजनन का एक अनोखा रूप है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== स्पोरोज़ोअन्स ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इसमें विविध जीव शामिल हैं जिनमें अधिकतर संक्रामक रोग करने वाले जीव होते है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों के जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्था होती है।&lt;br /&gt;
* '''''प्लाज्मोडियम''''', मलेरिया परजीवी होता है जो मलेरिया का कारण बनता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
सभी प्रोटिस्टों की प्राथमिक विशेषता यह है कि वे यूकेरियोटिक जीव हैं। इसका मतलब है कि उनके पास एक झिल्ली से घिरा केंद्रक है। किंगडम प्रोटिस्टा की अन्य विशिष्ट विशेषताएं इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1.ये आमतौर पर जलीय होते हैं, मिट्टी में या नमी वाले क्षेत्रों में मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.अधिकांश प्रोटिस्ट प्रजातियाँ एककोशिकीय जीव हैं, हालाँकि, केल्प जैसे कुछ बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट भी हैं। समुद्री घास की कुछ प्रजातियाँ इतनी बड़ी हो जाती हैं कि उनकी ऊँचाई 100 फीट से भी अधिक हो जाती है। (विशाल केल्प)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.किसी भी अन्य यूकेरियोट की तरह, इन प्रजातियों की कोशिकाओं में एक केंद्रक और झिल्ली से बंधे अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4.वे प्रकृति में स्वपोषी या विषमपोषी हो सकते हैं। एक स्वपोषी जीव अपना भोजन स्वयं बना सकता है और जीवित रह सकता है। दूसरी ओर, एक विषमपोषी जीव को जीवित रहने के लिए पौधों या जानवरों जैसे अन्य जीवों से पोषण प्राप्त करना पड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5.इस वर्ग के सदस्यों में सहजीवन पाया जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्री घास (समुद्री शैवाल) एक बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट है जो ऊदबिलावों को अपनी मोटी समुद्री घास के बीच शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। बदले में, ऊदबिलाव समुद्री अर्चिन खाते हैं जो समुद्री घास पर निर्भर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6.परजीविता विरोधियों में भी देखी जाती है। ट्रिपैनोसोमा प्रोटोजोआ जैसी प्रजातियाँ मनुष्यों में नींद की बीमारी का कारण बन सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7.प्रोटिस्ट सिलिया और फ्लैगेल्ला के माध्यम से गति प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्टा साम्राज्य से संबंधित कुछ जीवों में स्यूडोपोडिया होता है जो उन्हें चलने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8.प्रोटिस्टा अलैंगिक तरीकों से प्रजनन करता है। प्रजनन की यौन विधि अत्यंत दुर्लभ है और केवल तनाव के समय ही होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट खाद्य श्रृंखला की नींव के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट सहजीवी हैं - दो प्रजातियों के बीच घनिष्ठ संबंध रखते हैं, जिसमें से एक को लाभ होता है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्रोटिस्ट ऑक्सीजन का उत्पादन भी करते हैं और उनका उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट कई जानवरों के भोजन का प्राथमिक स्रोत हैं।&lt;br /&gt;
* कुछ दुर्लभ मामलों में, मनुष्यों द्वारा भोजन और अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रोटिस्ट का उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
* फाइटोप्लांकटन व्हेल के लिए एकमात्र भोजन स्रोतों में से एक है&lt;br /&gt;
* समुद्री शैवाल एक शैवाल है, जिसे पौधे जैसा प्रोटिस्ट माना जाता है।&lt;br /&gt;
* ज़ोप्लांकटन को झींगा और लार्वा केकड़ों सहित विभिन्न समुद्री जीवों द्वारा खिलाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* क्राइसोफाइट्स - डायटम और स्वर्ण शैवाल&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डाइनोफ्लैगलेट्स - '''''गोन्याउलाक्स'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूग्लेनोइड्स - '''''यूग्लीना'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अवपंक फफूंदी - '''''एक्रेसिया'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अमीबॉइड प्रोटोजोआ - '''''अमीबा'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* कशाभित प्रोटोजोअन - '''''ट्रिपैनोसोमा'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड प्रोटोजोअन - '''''पैरामीशियम'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* स्पोरोज़ोअन्स - '''''प्लाज्मोडियम'''''&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42615</id>
		<title>प्रोटिस्टा जगत</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42615"/>
		<updated>2023-10-25T17:36:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का  प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, [[पादप जगत]] और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम किंगडम प्रोटिस्टा के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
[[File:प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम.jpg|thumb|400x400px|प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम]]प्रोटिस्टा के अंतर्गत सभी एककोशिकीय और सुकेन्द्रकी जीव (सुकेन्द्रकी जीव उन सभी जीवों को कहा जाता है जिनकी कोशिकाओं के अन्दर कला से घिरा एक केन्द्रक हो) रखे जाते है।\&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
परन्तु इस जगत की सीमाएँ अच्छी तरह से परिभाषित नहीं की जा सकतीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटिस्टा जगत में स्वपोषी और विषमपोषी दोनों प्रकार के जीव मौजूद होते हैं। इसलिए, जो प्रोटिस्टा एक वैज्ञानिक के लिए पौधा हो सकता है वह दूसरे के लिए एक जानवर हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के सदस्य मुख्यतः जलीय होते हैं। यह जगत विभिन्न जगत के बीच एक कड़ी बनाता है जैसे पादप जगत, जंतु जगत और कवक जगत। सुकेन्द्रकी जीव होने के कारण, प्रोटीस्टन कोशिका में एक केन्द्रक और अन्य झिल्ली से बंधे अंग अच्छी तरह से परिभाषित होते है। प्रोटिस्ट, अलैंगिक और लैंगिक दोनों ही रूप से प्रजनन करते हैं और कोशिका संलयन के कारण युग्मनज का निर्माण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
प्रॉटिस्टा जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्राइसोफाइट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह में डायटम और स्वर्ण शैवाल (डेस्मिड) होते हैं।&lt;br /&gt;
* विशिष्ट प्रकाश संश्लेषक रंगद्रव्य से रंगने के कारण इन्हें सुनहरे-भूरे शैवाल के रूप में भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव अलवरण जल के साथ-साथ समुद्री जल में भी पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव सूक्ष्मदर्शी होते हैं और पानी की धारा में निष्क्रिय रूप से तैरते रहते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव ज्यादातर प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रकाश संश्लेषक डायटम में कोशिका दीवारें सिलिका से जड़ी हुई होती हैं।सिलिका कोशिका भित्ति को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें अविनाशी बनाता है।&lt;br /&gt;
* डायटम के आवास में बड़ी मात्रा में कोशिका भित्ति जमा होती रहती है। इस संचय को 'डायटोमेसियस पृथ्वी' कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* डायटोमेसियस पृथ्वी, रेतीली होने के कारण इनका उपयोग पॉलिश करने, तेल और सिरप को छानने में किया जाता है। &lt;br /&gt;
[[File:Dinoflagellates.jpg|thumb|डाइनोफ्लैगलेट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डाइनोफ्लैगलेट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिनोफ्लैगलेट्स एकल-कोशिका वाले, यूकेरियोटिक जीव होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर समुद्री और प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उनकी कोशिकाओं में मौजूद मुख्य पिगमेंट के आधार पर पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल रंग के दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों की विशेषता कशाभिका की एक जोड़ी होती है, जो छोटे चाबुक जैसी &amp;quot;पूंछ&amp;quot; होती है, जिनका उपयोग वे गति के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव जीवदीप्ति और लाल ज्वार पैदा करने के लिए जाने जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== यूग्लेनोइड्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इनमें से अधिकांश स्थिर, ताजे पानी में पाए जाने वाले जीव हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Euglena sp.jpg|thumb|250x250px|यूग्लेनोइड्स]]इनमें कोशिका भित्ति के स्थान पर पेलिकल नामक प्रोटीन होता है जो जीवों के शरीर को लचीला बनाती है।                    &lt;br /&gt;
* यद्यपि ये जीव, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषक होते हैं परन्तु सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर वे विषमपोषी की तरह व्यवहार करते हैं जिसमे अन्य छोटे जीवों का शिकार करना सम्मलित है।&lt;br /&gt;
* यूग्लीनॉइड्स के रंगद्रव्य, पादपों में उपस्थित, क्लोरोफिल a के समान होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अवपंक फफूंदी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अवपंक फफूंदी को स्लाइम मोल्ड भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये कवक और जंतु दोनों से मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Slime mould plasmodium beginning to knot - geograph.org.uk - 5030293.jpg|thumb|अवपंक फफूंदी]]स्लाइम मोल्ड्स को पहले कवक के अंतर्गत समूहीकृत किया गया था, लेकिन बाद में, उन्हें अन्य     छोटे बहुकोशिकीय और एककोशिकीय यूकेरियोटिक जीवों के साथ प्रोटिस्टा जगत में रखा गया।        &lt;br /&gt;
* ये जीव मृतपोषी होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में क्लोरोफिल नहीं होता है।&lt;br /&gt;
* अनुकूल परिस्थितियों में, ये प्लास्मोडियम नामक समुच्चय बनाते हैं जो व्यापक रूप से फैल सकते हैं और बढ़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रतिकूल परिस्थितियों में, प्लाज्मोडियम बीजाणु बनाता है।&lt;br /&gt;
* इनमें लैंगिक व अलैंगिक दोनों प्रजनन पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रोटोजोआ ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सभी प्रोटोज़ोअन विषमपोषण होते हैं और परजीवी के रूप में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटोजोआ के चार प्रमुख समूह होते हैं। इनमे अमीबॉइड प्रोटोजोआ, कशाभित प्रोटोजोअन, सिलिअटेड प्रोटोजोअन और स्पोरोज़ोअन्स आते हैं। आइये इन पर विस्तार से चर्चा करे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== अमीबॉइड प्रोटोजोआ ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ये जीव अलवरण जल, समुद्री जल या नम मिट्टी में रहते हैं।&lt;br /&gt;
* वे गति एवं अपने शिकार को पकड़ने के लिए पादाभ या स्यूडोपोडिया (नकली पैर) का उपयोग करते हैं। पादाभ, कोशिका झिल्ली का एक अस्थायी बांह जैसा प्रक्षेपण होता है।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में से कुछ उनमें से कुछ परजीवी होते हैं, जैसे '''''एंटअमीबा''''' &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== कशाभित प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह के सदस्य या तो स्वतंत्र रूप से रहने वाले होते हैं या परजीवी होते हैं। &lt;br /&gt;
* इन जीवों में कशाभि होता है।&lt;br /&gt;
* परजीवी रूप रोग उत्पन्न करते हैं, जैसे '''''ट्रिपैनोसोमा'''''  से नींद की बीमारी होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== सिलिअटेड प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
ये जलीय, सक्रिय रूप से घूमने वाले जीव हैं क्योंकि&lt;br /&gt;
हजारों सिलिया की उपस्थिति का. इनमें एक गुहा (गुहा) होती है जो खुलती है&lt;br /&gt;
कोशिका सतह के बाहर तक. की पंक्तियों का समन्वित संचलन&lt;br /&gt;
सिलिया के कारण भोजन से भरा पानी गले में चला जाता है। उदाहरण:&lt;br /&gt;
पैरामीशियम (चित्र 2.4डी)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== स्पोरोज़ोअन्स ====&lt;br /&gt;
इसमें विविध जीव शामिल हैं जिनमें संक्रामक रोग होते हैं&lt;br /&gt;
उनके जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्था। सबसे कुख्यात प्लाज्मोडियम है&lt;br /&gt;
(मलेरिया परजीवी) जो मलेरिया का कारण बनता है, एक ऐसी बीमारी जो चौंका देने वाली होती है&lt;br /&gt;
मानव जनसंख्या पर प्रभाव.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
सभी प्रोटिस्टों की प्राथमिक विशेषता यह है कि वे यूकेरियोटिक जीव हैं। इसका मतलब है कि उनके पास एक झिल्ली से घिरा केंद्रक है। किंगडम प्रोटिस्टा की अन्य विशिष्ट विशेषताएं इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1.ये आमतौर पर जलीय होते हैं, मिट्टी में या नमी वाले क्षेत्रों में मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.अधिकांश प्रोटिस्ट प्रजातियाँ एककोशिकीय जीव हैं, हालाँकि, केल्प जैसे कुछ बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट भी हैं। समुद्री घास की कुछ प्रजातियाँ इतनी बड़ी हो जाती हैं कि उनकी ऊँचाई 100 फीट से भी अधिक हो जाती है। (विशाल केल्प)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.किसी भी अन्य यूकेरियोट की तरह, इन प्रजातियों की कोशिकाओं में एक केंद्रक और झिल्ली से बंधे अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4.वे प्रकृति में स्वपोषी या विषमपोषी हो सकते हैं। एक स्वपोषी जीव अपना भोजन स्वयं बना सकता है और जीवित रह सकता है। दूसरी ओर, एक विषमपोषी जीव को जीवित रहने के लिए पौधों या जानवरों जैसे अन्य जीवों से पोषण प्राप्त करना पड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5.इस वर्ग के सदस्यों में सहजीवन पाया जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्री घास (समुद्री शैवाल) एक बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट है जो ऊदबिलावों को अपनी मोटी समुद्री घास के बीच शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। बदले में, ऊदबिलाव समुद्री अर्चिन खाते हैं जो समुद्री घास पर निर्भर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6.परजीविता विरोधियों में भी देखी जाती है। ट्रिपैनोसोमा प्रोटोजोआ जैसी प्रजातियाँ मनुष्यों में नींद की बीमारी का कारण बन सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7.प्रोटिस्ट सिलिया और फ्लैगेल्ला के माध्यम से गति प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्टा साम्राज्य से संबंधित कुछ जीवों में स्यूडोपोडिया होता है जो उन्हें चलने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8.प्रोटिस्टा अलैंगिक तरीकों से प्रजनन करता है। प्रजनन की यौन विधि अत्यंत दुर्लभ है और केवल तनाव के समय ही होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* [[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]प्रोटिस्ट खाद्य श्रृंखला की नींव के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट सहजीवी हैं - दो प्रजातियों के बीच घनिष्ठ संबंध रखते हैं, जिसमें से एक को लाभ होता है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्रोटिस्ट ऑक्सीजन का उत्पादन भी करते हैं और उनका उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट कई जानवरों के भोजन का प्राथमिक स्रोत हैं।&lt;br /&gt;
* कुछ दुर्लभ मामलों में, मनुष्यों द्वारा भोजन और अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रोटिस्ट का उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
* फाइटोप्लांकटन व्हेल के लिए एकमात्र भोजन स्रोतों में से एक है&lt;br /&gt;
* समुद्री शैवाल एक शैवाल है, जिसे पौधे जैसा प्रोटिस्ट माना जाता है।&lt;br /&gt;
* ज़ोप्लांकटन को झींगा और लार्वा केकड़ों सहित विभिन्न समुद्री जीवों द्वारा खिलाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* क्राइसोफाइट्स - &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डाइनोफ्लैगलेट्स -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूग्लेनोइड्स - '''''यूग्लीना'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* कीचड़ के सांचे -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अमीबॉइड प्रोटोजोआ -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ध्वजांकित प्रोटोजोअन -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड प्रोटोजोअन -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* स्पोरोज़ोअन्स -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A4&amp;diff=42603</id>
		<title>प्रोटिस्टा जगत</title>
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		<updated>2023-10-25T14:38:53Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का  प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, [[पादप जगत]] और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम किंगडम प्रोटिस्टा के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
[[File:प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम.jpg|thumb|400x400px|प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम]]प्रोटिस्टा के अंतर्गत सभी एककोशिकीय और सुकेन्द्रकी जीव (सुकेन्द्रकी जीव उन सभी जीवों को कहा जाता है जिनकी कोशिकाओं के अन्दर कला से घिरा एक केन्द्रक हो) रखे जाते है।\&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
परन्तु इस जगत की सीमाएँ अच्छी तरह से परिभाषित नहीं की जा सकतीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटिस्टा जगत में स्वपोषी और विषमपोषी दोनों प्रकार के जीव मौजूद होते हैं। इसलिए, जो प्रोटिस्टा एक वैज्ञानिक के लिए पौधा हो सकता है वह दूसरे के लिए एक जानवर हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के सदस्य मुख्यतः जलीय होते हैं। यह जगत विभिन्न जगत के बीच एक कड़ी बनाता है जैसे पादप जगत, जंतु जगत और कवक जगत। सुकेन्द्रकी जीव होने के कारण, प्रोटीस्टन कोशिका में एक केन्द्रक और अन्य झिल्ली से बंधे अंग अच्छी तरह से परिभाषित होते है। प्रोटिस्ट, अलैंगिक और लैंगिक दोनों ही रूप से प्रजनन करते हैं और कोशिका संलयन के कारण युग्मनज का निर्माण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
प्रॉटिस्टा जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्राइसोफाइट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह में डायटम और स्वर्ण शैवाल (डेस्मिड) होते हैं।&lt;br /&gt;
* विशिष्ट प्रकाश संश्लेषक रंगद्रव्य से रंगने के कारण इन्हें सुनहरे-भूरे शैवाल के रूप में भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव अलवरण जल के साथ-साथ समुद्री जल में भी पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव सूक्ष्मदर्शी होते हैं और पानी की धारा में निष्क्रिय रूप से तैरते रहते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव ज्यादातर प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रकाश संश्लेषक डायटम में कोशिका दीवारें सिलिका से जड़ी हुई होती हैं।सिलिका कोशिका भित्ति को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें अविनाशी बनाता है।&lt;br /&gt;
* डायटम के आवास में बड़ी मात्रा में कोशिका भित्ति जमा होती रहती है। इस संचय को 'डायटोमेसियस पृथ्वी' कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* डायटोमेसियस पृथ्वी, रेतीली होने के कारण इनका उपयोग पॉलिश करने, तेल और सिरप को छानने में किया जाता है। &lt;br /&gt;
[[File:Dinoflagellates.jpg|thumb|डाइनोफ्लैगलेट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डाइनोफ्लैगलेट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिनोफ्लैगलेट्स एकल-कोशिका वाले, यूकेरियोटिक जीव होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर समुद्री और प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उनकी कोशिकाओं में मौजूद मुख्य पिगमेंट के आधार पर पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल रंग के दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों की विशेषता कशाभिका की एक जोड़ी होती है, जो छोटे चाबुक जैसी &amp;quot;पूंछ&amp;quot; होती है, जिनका उपयोग वे गति के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव जीवदीप्ति और लाल ज्वार पैदा करने के लिए जाने जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== यूग्लेनोइड्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इनमें से अधिकांश स्थिर, ताजे पानी में पाए जाने वाले जीव हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Euglena sp.jpg|thumb|250x250px|यूग्लेनोइड्स]]इनमें कोशिका भित्ति के स्थान पर पेलिकल नामक प्रोटीन होता है जो जीवों के शरीर को लचीला बनाती है।                    &lt;br /&gt;
* यद्यपि ये जीव, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषक होते हैं परन्तु सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर वे विषमपोषी की तरह व्यवहार करते हैं जिसमे अन्य छोटे जीवों का शिकार करना सम्मलित है।&lt;br /&gt;
* यूग्लीनॉइड्स के रंगद्रव्य, पादपों में उपस्थित, क्लोरोफिल a के समान होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अवपंक फफूंदी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अवपंक फफूंदी को स्लाइम मोल्ड भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
* ये कवक और जंतु दोनों से मेल खाते हैं।&lt;br /&gt;
* [[File:Slime mould plasmodium beginning to knot - geograph.org.uk - 5030293.jpg|thumb|अवपंक फफूंदी]]स्लाइम मोल्ड्स को पहले कवक के अंतर्गत समूहीकृत किया गया था, लेकिन बाद में, उन्हें अन्य     छोटे बहुकोशिकीय और एककोशिकीय यूकेरियोटिक जीवों के साथ प्रोटिस्टा जगत में रखा गया।        &lt;br /&gt;
* ये जीव मृतपोषी होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों में क्लोरोफिल नहीं होता है।&lt;br /&gt;
* अनुकूल परिस्थितियों में, ये प्लास्मोडियम नामक समुच्चय बनाते हैं जो व्यापक रूप से फैल सकते हैं और बढ़ सकते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रतिकूल परिस्थितियों में, प्लाज्मोडियम बीजाणु बनाता है।&lt;br /&gt;
* इनमें लैंगिक व अलैंगिक दोनों प्रजनन पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रोटोजोआ ===&lt;br /&gt;
सभी प्रोटोज़ोअन विषमपोषण होते हैं और परजीवी के रूप में रहते हैं। प्रोटोजोआ के चार प्रमुख समूह हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== अमीबॉइड प्रोटोजोआ ====&lt;br /&gt;
ये जीव ताज़े रहते हैं&lt;br /&gt;
पानी, समुद्र का पानी या नम मिट्टी। वे चलते हैं और कब्जा कर लेते हैं  अमीबा की तरह स्यूडोपोडिया (नकली पैर) निकालकर अपना शिकार बनाते हैं। समुद्री रूपों की सतह पर सिलिका के गोले होते हैं। उनमें से कुछ जैसे एंटअमीबा&lt;br /&gt;
परजीवी हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== ध्वजांकित प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
इस समूह के सदस्य या तो स्वतंत्र रूप से रहने वाले होते हैं&lt;br /&gt;
या परजीवी. उनके पास फ्लैगेल्ला है। परजीवी रूप ऐसे रोग उत्पन्न करते हैं&lt;br /&gt;
नींद की बीमारी के रूप में. उदाहरण: ट्रिपैनोसोमा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== सिलिअटेड प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
ये जलीय, सक्रिय रूप से घूमने वाले जीव हैं क्योंकि&lt;br /&gt;
हजारों सिलिया की उपस्थिति का. इनमें एक गुहा (गुहा) होती है जो खुलती है&lt;br /&gt;
कोशिका सतह के बाहर तक. की पंक्तियों का समन्वित संचलन&lt;br /&gt;
सिलिया के कारण भोजन से भरा पानी गले में चला जाता है। उदाहरण:&lt;br /&gt;
पैरामीशियम (चित्र 2.4डी)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== स्पोरोज़ोअन्स ====&lt;br /&gt;
इसमें विविध जीव शामिल हैं जिनमें संक्रामक रोग होते हैं&lt;br /&gt;
उनके जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्था। सबसे कुख्यात प्लाज्मोडियम है&lt;br /&gt;
(मलेरिया परजीवी) जो मलेरिया का कारण बनता है, एक ऐसी बीमारी जो चौंका देने वाली होती है&lt;br /&gt;
मानव जनसंख्या पर प्रभाव.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
सभी प्रोटिस्टों की प्राथमिक विशेषता यह है कि वे यूकेरियोटिक जीव हैं। इसका मतलब है कि उनके पास एक झिल्ली से घिरा केंद्रक है। किंगडम प्रोटिस्टा की अन्य विशिष्ट विशेषताएं इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1.ये आमतौर पर जलीय होते हैं, मिट्टी में या नमी वाले क्षेत्रों में मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.अधिकांश प्रोटिस्ट प्रजातियाँ एककोशिकीय जीव हैं, हालाँकि, केल्प जैसे कुछ बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट भी हैं। समुद्री घास की कुछ प्रजातियाँ इतनी बड़ी हो जाती हैं कि उनकी ऊँचाई 100 फीट से भी अधिक हो जाती है। (विशाल केल्प)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.किसी भी अन्य यूकेरियोट की तरह, इन प्रजातियों की कोशिकाओं में एक केंद्रक और झिल्ली से बंधे अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4.वे प्रकृति में स्वपोषी या विषमपोषी हो सकते हैं। एक स्वपोषी जीव अपना भोजन स्वयं बना सकता है और जीवित रह सकता है। दूसरी ओर, एक विषमपोषी जीव को जीवित रहने के लिए पौधों या जानवरों जैसे अन्य जीवों से पोषण प्राप्त करना पड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5.इस वर्ग के सदस्यों में सहजीवन पाया जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्री घास (समुद्री शैवाल) एक बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट है जो ऊदबिलावों को अपनी मोटी समुद्री घास के बीच शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। बदले में, ऊदबिलाव समुद्री अर्चिन खाते हैं जो समुद्री घास पर निर्भर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6.परजीविता विरोधियों में भी देखी जाती है। ट्रिपैनोसोमा प्रोटोजोआ जैसी प्रजातियाँ मनुष्यों में नींद की बीमारी का कारण बन सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7.प्रोटिस्ट सिलिया और फ्लैगेल्ला के माध्यम से गति प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्टा साम्राज्य से संबंधित कुछ जीवों में स्यूडोपोडिया होता है जो उन्हें चलने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8.प्रोटिस्टा अलैंगिक तरीकों से प्रजनन करता है। प्रजनन की यौन विधि अत्यंत दुर्लभ है और केवल तनाव के समय ही होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* [[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]प्रोटिस्ट खाद्य श्रृंखला की नींव के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट सहजीवी हैं - दो प्रजातियों के बीच घनिष्ठ संबंध रखते हैं, जिसमें से एक को लाभ होता है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्रोटिस्ट ऑक्सीजन का उत्पादन भी करते हैं और उनका उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट कई जानवरों के भोजन का प्राथमिक स्रोत हैं।&lt;br /&gt;
* कुछ दुर्लभ मामलों में, मनुष्यों द्वारा भोजन और अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रोटिस्ट का उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
* फाइटोप्लांकटन व्हेल के लिए एकमात्र भोजन स्रोतों में से एक है&lt;br /&gt;
* समुद्री शैवाल एक शैवाल है, जिसे पौधे जैसा प्रोटिस्ट माना जाता है।&lt;br /&gt;
* ज़ोप्लांकटन को झींगा और लार्वा केकड़ों सहित विभिन्न समुद्री जीवों द्वारा खिलाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* क्राइसोफाइट्स - &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डाइनोफ्लैगलेट्स -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यूग्लेनोइड्स - '''''यूग्लीना'''''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* कीचड़ के सांचे -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अमीबॉइड प्रोटोजोआ -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* ध्वजांकित प्रोटोजोअन -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सिलिअटेड प्रोटोजोअन -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* स्पोरोज़ोअन्स -&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<title>प्रोटिस्टा जगत</title>
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		<updated>2023-10-25T14:07:46Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
सभ्यता की शुरुआत के बाद से ही, जीवित प्राणियों के वर्गीकरण करने के कई प्रयास हुए हैं। अरस्तू, वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण का  प्रयास करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने सरल रूपात्मक पात्रों का प्रयोग करके जीवों को पौधों और जंतुओं में विभाजित किया। पौधों को पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों में वर्गीकृत किया। जंतुओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया, वे जिनका रक्त लाल था और जिनका रक्त लाल नहीं था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
लिनिअस के समय में वर्गीकरण की दो साम्राज्य प्रणाली थी- प्लांटे (पादप जगत) और एनिमेलिया (जंतु जगत) जिसमें क्रमशः पौधे और जानवर थे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आर.एच. व्हिटेकर ने पांच जगत वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा। उनके द्वारा परिभाषित जगत को मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, [[पादप जगत]] और [[जंतु जगत]] नाम दिया गया। उनके द्वारा प्रयुक्त वर्गीकरण के मुख्य मानदंडों में कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण का तरीका, प्रजनन और  फ़ाइलोजेनेटिक संबंध सम्मिलित हैं। आइए हम किंगडम प्रोटिस्टा के बारे में विस्तार से देखें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के अंतर्गत सभी एककोशिकीय और सुकेन्द्रकी जीव (सुकेन्द्रकी जीव उन सभी जीवों को कहा जाता है जिनकी कोशिकाओं के अन्दर कला से घिरा एक केन्द्रक हो) रखे जाते है। परन्तु इस जगत की सीमाएँ अच्छी तरह से परिभाषित नहीं की जा सकतीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटिस्टा जगत में स्वपोषी और विषमपोषी दोनों प्रकार के जीव मौजूद होते हैं। इसलिए, जो प्रोटिस्टा एक वैज्ञानिक के लिए पौधा हो सकता है वह दूसरे के लिए एक जानवर हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के सदस्य मुख्यतः जलीय होते हैं। यह जगत विभिन्न जगत के बीच एक कड़ी बनाता है जैसे पादप जगत, जंतु जगत और कवक जगत। सुकेन्द्रकी जीव होने के कारण, प्रोटीस्टन कोशिका में एक केन्द्रक और अन्य झिल्ली से बंधे अंग अच्छी तरह से परिभाषित होते है। प्रोटिस्ट, अलैंगिक और लैंगिक दोनों ही रूप से प्रजनन करते हैं और कोशिका संलयन के कारण युग्मनज का निर्माण करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
[[File:प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम.jpg|thumb|400x400px|प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम]]प्रॉटिस्टा जगत को 5 समूहों में वर्गीकृत किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्राइसोफाइट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस समूह में डायटम और स्वर्ण शैवाल (डेस्मिड) होते हैं।&lt;br /&gt;
* विशिष्ट प्रकाश संश्लेषक रंगद्रव्य से रंगने के कारण इन्हें सुनहरे-भूरे शैवाल के रूप में भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
* यह जीव अलवरण जल के साथ-साथ समुद्री जल में भी पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जीव सूक्ष्मदर्शी होते हैं और पानी की धारा में निष्क्रिय रूप से तैरते रहते हैं।&lt;br /&gt;
* यह जीव ज्यादातर प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रकाश संश्लेषक डायटम में कोशिका दीवारें सिलिका से जड़ी हुई होती हैं।सिलिका कोशिका भित्ति को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें अविनाशी बनाता है।&lt;br /&gt;
* डायटम के आवास में बड़ी मात्रा में कोशिका भित्ति जमा होती रहती है। इस संचय को 'डायटोमेसियस पृथ्वी' कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* डायटोमेसियस पृथ्वी, रेतीली होने के कारण इनका उपयोग पॉलिश करने, तेल और सिरप को छानने में किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डाइनोफ्लैगलेट्स ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिनोफ्लैगलेट्स एकल-कोशिका वाले, यूकेरियोटिक जीव हैं&lt;br /&gt;
* ये जीव अधिकतर समुद्री और प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये जीव उनकी कोशिकाओं में मौजूद मुख्य पिगमेंट के आधार पर पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल रंग के दिखाई देते हैं।&lt;br /&gt;
* इन जीवों की विशेषता कशाभिका की एक जोड़ी है, जो छोटे चाबुक जैसी &amp;quot;पूंछ&amp;quot; हैं जिनका उपयोग वे हरकत के लिए करते हैं।&lt;br /&gt;
* लाल डाइनोफ्लैगलेट्स (उदाहरण: गोन्युलैक्स) इतनी तेजी से गुणा करें कि वे बन जाएं समुद्र लाल दिखाई देता है (लाल ज्वार)। इतने बड़े पैमाने पर विषाक्त पदार्थ निकलते हैं संख्याएँ अन्य समुद्री जानवरों को भी मार सकती हैं जैसे कि मछलियाँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[File:Mikrofoto.de-Dinobryon divergens.jpg|thumb|225x225px|क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== यूग्लेनोइड्स ===&lt;br /&gt;
इनमें से अधिकांश ताजे पानी में पाए जाने वाले जीव हैं&lt;br /&gt;
स्थिर पानी। इनमें कोशिका भित्ति के स्थान पर प्रोटीन होता है&lt;br /&gt;
पेलिकल नामक समृद्ध परत उनके शरीर को लचीला बनाती है।&lt;br /&gt;
उनके पास दो कशाभिकाएं होती हैं, एक छोटी और एक लंबी। यद्यपि&lt;br /&gt;
वे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषक होते हैं&lt;br /&gt;
सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर वे विषमपोषी की तरह व्यवहार करते हैं&lt;br /&gt;
अन्य छोटे जीवों का शिकार करना। दिलचस्प बात यह है कि&lt;br /&gt;
यूग्लीनॉइड्स के रंगद्रव्य उनमें मौजूद वर्णकों के समान होते हैं&lt;br /&gt;
ऊँचे पौधे. उदाहरण: यूग्लीना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कीचड़ के सांचे ===&lt;br /&gt;
कीचड़ के सांचे सैप्रोफाइटिक प्रोटिस्ट हैं। शरीर चलता है&lt;br /&gt;
सड़ती हुई टहनियाँ और पत्तियाँ कार्बनिक पदार्थ को निगल रही हैं&lt;br /&gt;
सामग्री। उपयुक्त परिस्थितियों में, वे एक बनाते हैं&lt;br /&gt;
एकत्रीकरण को प्लाज्मोडियम कहा जाता है जो बढ़ सकता है और&lt;br /&gt;
कई फुट तक फैला हुआ. प्रतिकूल परिस्थितियों में,&lt;br /&gt;
प्लाज्मोडियम विभेदित होता है और फलने वाले पिंड बनाता है&lt;br /&gt;
उनके सिरों पर बीजाणु होते हैं। बीजाणुओं में वास्तविक दीवारें होती हैं।&lt;br /&gt;
वे अत्यधिक प्रतिरोधी होते हैं और कई वर्षों तक जीवित रहते हैं,&lt;br /&gt;
विपरीत परिस्थितियों में भी. बीजाणु तितर-बितर हो जाते हैं&lt;br /&gt;
वायु धाराओं द्वारा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रोटोजोआ ===&lt;br /&gt;
सभी प्रोटोज़ोअन हेटरोट्रॉफ़ हैं और शिकारियों के रूप में रहते हैं&lt;br /&gt;
परजीवी ऐसा माना जाता है कि वे आदिम रिश्तेदार हैं&lt;br /&gt;
जानवरों। प्रोटोजोआ के चार प्रमुख समूह हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== अमीबॉइड प्रोटोजोआ ====&lt;br /&gt;
ये जीव ताज़े रहते हैं&lt;br /&gt;
पानी, समुद्र का पानी या नम मिट्टी। वे चलते हैं और कब्जा कर लेते हैं  अमीबा की तरह स्यूडोपोडिया (नकली पैर) निकालकर अपना शिकार बनाते हैं। समुद्री रूपों की सतह पर सिलिका के गोले होते हैं। उनमें से कुछ जैसे एंटअमीबा&lt;br /&gt;
परजीवी हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== ध्वजांकित प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
इस समूह के सदस्य या तो स्वतंत्र रूप से रहने वाले होते हैं&lt;br /&gt;
या परजीवी. उनके पास फ्लैगेल्ला है। परजीवी रूप ऐसे रोग उत्पन्न करते हैं&lt;br /&gt;
नींद की बीमारी के रूप में. उदाहरण: ट्रिपैनोसोमा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== सिलिअटेड प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
ये जलीय, सक्रिय रूप से घूमने वाले जीव हैं क्योंकि&lt;br /&gt;
हजारों सिलिया की उपस्थिति का. इनमें एक गुहा (गुहा) होती है जो खुलती है&lt;br /&gt;
कोशिका सतह के बाहर तक. की पंक्तियों का समन्वित संचलन&lt;br /&gt;
सिलिया के कारण भोजन से भरा पानी गले में चला जाता है। उदाहरण:&lt;br /&gt;
पैरामीशियम (चित्र 2.4डी)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== स्पोरोज़ोअन्स ====&lt;br /&gt;
इसमें विविध जीव शामिल हैं जिनमें संक्रामक रोग होते हैं&lt;br /&gt;
उनके जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्था। सबसे कुख्यात प्लाज्मोडियम है&lt;br /&gt;
(मलेरिया परजीवी) जो मलेरिया का कारण बनता है, एक ऐसी बीमारी जो चौंका देने वाली होती है&lt;br /&gt;
मानव जनसंख्या पर प्रभाव.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
सभी प्रोटिस्टों की प्राथमिक विशेषता यह है कि वे यूकेरियोटिक जीव हैं। इसका मतलब है कि उनके पास एक झिल्ली से घिरा केंद्रक है। किंगडम प्रोटिस्टा की अन्य विशिष्ट विशेषताएं इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1.ये आमतौर पर जलीय होते हैं, मिट्टी में या नमी वाले क्षेत्रों में मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.अधिकांश प्रोटिस्ट प्रजातियाँ एककोशिकीय जीव हैं, हालाँकि, केल्प जैसे कुछ बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट भी हैं। समुद्री घास की कुछ प्रजातियाँ इतनी बड़ी हो जाती हैं कि उनकी ऊँचाई 100 फीट से भी अधिक हो जाती है। (विशाल केल्प)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.किसी भी अन्य यूकेरियोट की तरह, इन प्रजातियों की कोशिकाओं में एक केंद्रक और झिल्ली से बंधे अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4.वे प्रकृति में स्वपोषी या विषमपोषी हो सकते हैं। एक स्वपोषी जीव अपना भोजन स्वयं बना सकता है और जीवित रह सकता है। दूसरी ओर, एक विषमपोषी जीव को जीवित रहने के लिए पौधों या जानवरों जैसे अन्य जीवों से पोषण प्राप्त करना पड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5.इस वर्ग के सदस्यों में सहजीवन पाया जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्री घास (समुद्री शैवाल) एक बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट है जो ऊदबिलावों को अपनी मोटी समुद्री घास के बीच शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। बदले में, ऊदबिलाव समुद्री अर्चिन खाते हैं जो समुद्री घास पर निर्भर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6.परजीविता विरोधियों में भी देखी जाती है। ट्रिपैनोसोमा प्रोटोजोआ जैसी प्रजातियाँ मनुष्यों में नींद की बीमारी का कारण बन सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7.प्रोटिस्ट सिलिया और फ्लैगेल्ला के माध्यम से गति प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्टा साम्राज्य से संबंधित कुछ जीवों में स्यूडोपोडिया होता है जो उन्हें चलने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8.प्रोटिस्टा अलैंगिक तरीकों से प्रजनन करता है। प्रजनन की यौन विधि अत्यंत दुर्लभ है और केवल तनाव के समय ही होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट खाद्य श्रृंखला की नींव के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट सहजीवी हैं - दो प्रजातियों के बीच घनिष्ठ संबंध रखते हैं, जिसमें से एक को लाभ होता है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्रोटिस्ट ऑक्सीजन का उत्पादन भी करते हैं और उनका उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट कई जानवरों के भोजन का प्राथमिक स्रोत हैं।&lt;br /&gt;
* कुछ दुर्लभ मामलों में, मनुष्यों द्वारा भोजन और अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रोटिस्ट का उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
* फाइटोप्लांकटन व्हेल के लिए एकमात्र भोजन स्रोतों में से एक है&lt;br /&gt;
* समुद्री शैवाल एक शैवाल है, जिसे पौधे जैसा प्रोटिस्ट माना जाता है।&lt;br /&gt;
* ज़ोप्लांकटन को झींगा और लार्वा केकड़ों सहित विभिन्न समुद्री जीवों द्वारा खिलाया जाता है।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<title>प्रोटिस्टा जगत</title>
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		<updated>2023-10-25T11:22:25Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत का वर्गीकरण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
सभी एककोशिकीय यूकेरियोट्स को प्रोटिस्टा के अंतर्गत रखा गया है, लेकिन सीमाएँ&lt;br /&gt;
इस साम्राज्य के लोग अच्छी तरह से परिभाषित नहीं हैं। 'एक प्रकाश संश्लेषक' क्या हो सकता है?&lt;br /&gt;
एक जीवविज्ञानी के लिए 'प्रोटिस्टन' दूसरे के लिए 'एक पौधा' हो सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रोटिस्टा के सदस्य मुख्यतः जलीय होते हैं।&lt;br /&gt;
यह साम्राज्य पौधों, जानवरों से संबंधित अन्य साम्राज्यों के साथ संबंध बनाता है&lt;br /&gt;
और कवक. यूकेरियोट्स होने के नाते, प्रोटीस्टन कोशिका शरीर में एक अच्छी तरह से परिभाषित होता है&lt;br /&gt;
केन्द्रक और अन्य झिल्ली से बंधे अंग। कुछ में फ्लैगेल्ला या होता है&lt;br /&gt;
सिलिया. प्रोटिस्ट एक प्रक्रिया द्वारा अलैंगिक और लैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं&lt;br /&gt;
कोशिका संलयन और युग्मनज का निर्माण।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== क्राइसोफाइट्स ===&lt;br /&gt;
[[File:प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम.jpg|thumb|400x400px|प्रोटिस्टा का पदानुक्रमित क्रम]]&lt;br /&gt;
इस समूह में डायटम और स्वर्ण शैवाल (डेस्मिड) शामिल हैं। वे पाए जाते हैं&lt;br /&gt;
ताजे पानी के साथ-साथ समुद्री वातावरण में भी। वे सूक्ष्मदर्शी हैं&lt;br /&gt;
और पानी की धाराओं (प्लैंकटन) में निष्क्रिय रूप से तैरते रहते हैं। उनमें से ज्यादातर हैं&lt;br /&gt;
प्रकाश संश्लेषक डायटम में कोशिका दीवारें दो पतली अतिव्यापी कोश बनाती हैं,&lt;br /&gt;
जो साबुन के डिब्बे की तरह एक साथ फिट हो जाते हैं। दीवारें सिलिका से जड़ी हुई हैं&lt;br /&gt;
और इस प्रकार दीवारें अविनाशी हैं। इस प्रकार, डायटम पीछे छूट गए हैं&lt;br /&gt;
उनके आवास में बड़ी मात्रा में कोशिका भित्ति जमा होती है; यह संचय ख़त्म हो गया&lt;br /&gt;
अरबों वर्षों को 'डायटोमेसियस पृथ्वी' कहा जाता है। यह किरकिरा होना&lt;br /&gt;
मिट्टी का उपयोग पॉलिश करने, तेल और सिरप को छानने में किया जाता है। डायटम हैं&lt;br /&gt;
महासागरों में प्रमुख 'निर्माता'।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डाइनोफ्लैगलेट्स ===&lt;br /&gt;
ये जीव अधिकतर समुद्री और प्रकाश संश्लेषक होते हैं।&lt;br /&gt;
वे पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल रंग के आधार पर दिखाई देते हैं&lt;br /&gt;
उनकी कोशिकाओं में मौजूद मुख्य पिगमेंट पर। कोशिका भित्ति&lt;br /&gt;
बाहरी सतह पर कठोर सेलूलोज़ प्लेटें होती हैं। के सबसे&lt;br /&gt;
उनके पास दो कशाभिकाएँ हैं; एक अनुदैर्ध्य रूप से स्थित है और&lt;br /&gt;
अन्य दीवार प्लेटों के बीच एक खांचे में अनुप्रस्थ रूप से।&lt;br /&gt;
बहुत बार, लाल डाइनोफ्लैगलेट्स (उदाहरण: गोन्युलैक्स)&lt;br /&gt;
इतनी तेजी से गुणा करें कि वे बन जाएं&lt;br /&gt;
समुद्र लाल दिखाई देता है (लाल ज्वार)। इतने बड़े पैमाने पर विषाक्त पदार्थ निकलते हैं&lt;br /&gt;
संख्याएँ अन्य समुद्री जानवरों को भी मार सकती हैं जैसे कि&lt;br /&gt;
मछलियाँ&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== यूग्लेनोइड्स ===&lt;br /&gt;
इनमें से अधिकांश ताजे पानी में पाए जाने वाले जीव हैं&lt;br /&gt;
स्थिर पानी। इनमें कोशिका भित्ति के स्थान पर प्रोटीन होता है&lt;br /&gt;
पेलिकल नामक समृद्ध परत उनके शरीर को लचीला बनाती है।&lt;br /&gt;
उनके पास दो कशाभिकाएं होती हैं, एक छोटी और एक लंबी। यद्यपि&lt;br /&gt;
वे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषक होते हैं&lt;br /&gt;
सूर्य के प्रकाश से वंचित होने पर वे विषमपोषी की तरह व्यवहार करते हैं&lt;br /&gt;
अन्य छोटे जीवों का शिकार करना। दिलचस्प बात यह है कि&lt;br /&gt;
यूग्लीनॉइड्स के रंगद्रव्य उनमें मौजूद वर्णकों के समान होते हैं&lt;br /&gt;
ऊँचे पौधे. उदाहरण: यूग्लीना&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कीचड़ के सांचे ===&lt;br /&gt;
कीचड़ के सांचे सैप्रोफाइटिक प्रोटिस्ट हैं। शरीर चलता है&lt;br /&gt;
सड़ती हुई टहनियाँ और पत्तियाँ कार्बनिक पदार्थ को निगल रही हैं&lt;br /&gt;
सामग्री। उपयुक्त परिस्थितियों में, वे एक बनाते हैं&lt;br /&gt;
एकत्रीकरण को प्लाज्मोडियम कहा जाता है जो बढ़ सकता है और&lt;br /&gt;
कई फुट तक फैला हुआ. प्रतिकूल परिस्थितियों में,&lt;br /&gt;
प्लाज्मोडियम विभेदित होता है और फलने वाले पिंड बनाता है&lt;br /&gt;
उनके सिरों पर बीजाणु होते हैं। बीजाणुओं में वास्तविक दीवारें होती हैं।&lt;br /&gt;
वे अत्यधिक प्रतिरोधी होते हैं और कई वर्षों तक जीवित रहते हैं,&lt;br /&gt;
विपरीत परिस्थितियों में भी. बीजाणु तितर-बितर हो जाते हैं&lt;br /&gt;
वायु धाराओं द्वारा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रोटोजोआ ===&lt;br /&gt;
सभी प्रोटोज़ोअन हेटरोट्रॉफ़ हैं और शिकारियों के रूप में रहते हैं&lt;br /&gt;
परजीवी ऐसा माना जाता है कि वे आदिम रिश्तेदार हैं&lt;br /&gt;
जानवरों। प्रोटोजोआ के चार प्रमुख समूह हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== अमीबॉइड प्रोटोजोआ ====&lt;br /&gt;
ये जीव ताज़े रहते हैं&lt;br /&gt;
पानी, समुद्र का पानी या नम मिट्टी। वे चलते हैं और कब्जा कर लेते हैं  अमीबा की तरह स्यूडोपोडिया (नकली पैर) निकालकर अपना शिकार बनाते हैं। समुद्री रूपों की सतह पर सिलिका के गोले होते हैं। उनमें से कुछ जैसे एंटअमीबा&lt;br /&gt;
परजीवी हैं.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== ध्वजांकित प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
इस समूह के सदस्य या तो स्वतंत्र रूप से रहने वाले होते हैं&lt;br /&gt;
या परजीवी. उनके पास फ्लैगेल्ला है। परजीवी रूप ऐसे रोग उत्पन्न करते हैं&lt;br /&gt;
नींद की बीमारी के रूप में. उदाहरण: ट्रिपैनोसोमा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== सिलिअटेड प्रोटोजोअन ====&lt;br /&gt;
ये जलीय, सक्रिय रूप से घूमने वाले जीव हैं क्योंकि&lt;br /&gt;
हजारों सिलिया की उपस्थिति का. इनमें एक गुहा (गुहा) होती है जो खुलती है&lt;br /&gt;
कोशिका सतह के बाहर तक. की पंक्तियों का समन्वित संचलन&lt;br /&gt;
सिलिया के कारण भोजन से भरा पानी गले में चला जाता है। उदाहरण:&lt;br /&gt;
पैरामीशियम (चित्र 2.4डी)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== स्पोरोज़ोअन्स ====&lt;br /&gt;
इसमें विविध जीव शामिल हैं जिनमें संक्रामक रोग होते हैं&lt;br /&gt;
उनके जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्था। सबसे कुख्यात प्लाज्मोडियम है&lt;br /&gt;
(मलेरिया परजीवी) जो मलेरिया का कारण बनता है, एक ऐसी बीमारी जो चौंका देने वाली होती है&lt;br /&gt;
मानव जनसंख्या पर प्रभाव.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएं ==&lt;br /&gt;
सभी प्रोटिस्टों की प्राथमिक विशेषता यह है कि वे यूकेरियोटिक जीव हैं। इसका मतलब है कि उनके पास एक झिल्ली से घिरा केंद्रक है। किंगडम प्रोटिस्टा की अन्य विशिष्ट विशेषताएं इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1.ये आमतौर पर जलीय होते हैं, मिट्टी में या नमी वाले क्षेत्रों में मौजूद होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2.अधिकांश प्रोटिस्ट प्रजातियाँ एककोशिकीय जीव हैं, हालाँकि, केल्प जैसे कुछ बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट भी हैं। समुद्री घास की कुछ प्रजातियाँ इतनी बड़ी हो जाती हैं कि उनकी ऊँचाई 100 फीट से भी अधिक हो जाती है। (विशाल केल्प)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3.किसी भी अन्य यूकेरियोट की तरह, इन प्रजातियों की कोशिकाओं में एक केंद्रक और झिल्ली से बंधे अंग होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4.वे प्रकृति में स्वपोषी या विषमपोषी हो सकते हैं। एक स्वपोषी जीव अपना भोजन स्वयं बना सकता है और जीवित रह सकता है। दूसरी ओर, एक विषमपोषी जीव को जीवित रहने के लिए पौधों या जानवरों जैसे अन्य जीवों से पोषण प्राप्त करना पड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5.इस वर्ग के सदस्यों में सहजीवन पाया जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्री घास (समुद्री शैवाल) एक बहुकोशिकीय प्रोटिस्ट है जो ऊदबिलावों को अपनी मोटी समुद्री घास के बीच शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करती है। बदले में, ऊदबिलाव समुद्री अर्चिन खाते हैं जो समुद्री घास पर निर्भर होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6.परजीविता विरोधियों में भी देखी जाती है। ट्रिपैनोसोमा प्रोटोजोआ जैसी प्रजातियाँ मनुष्यों में नींद की बीमारी का कारण बन सकती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7.प्रोटिस्ट सिलिया और फ्लैगेल्ला के माध्यम से गति प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्टा साम्राज्य से संबंधित कुछ जीवों में स्यूडोपोडिया होता है जो उन्हें चलने में मदद करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8.प्रोटिस्टा अलैंगिक तरीकों से प्रजनन करता है। प्रजनन की यौन विधि अत्यंत दुर्लभ है और केवल तनाव के समय ही होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट खाद्य श्रृंखला की नींव के रूप में कार्य करते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट सहजीवी हैं - दो प्रजातियों के बीच घनिष्ठ संबंध रखते हैं, जिसमें से एक को लाभ होता है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्रोटिस्ट ऑक्सीजन का उत्पादन भी करते हैं और उनका उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्रोटिस्ट कई जानवरों के भोजन का प्राथमिक स्रोत हैं।&lt;br /&gt;
* कुछ दुर्लभ मामलों में, मनुष्यों द्वारा भोजन और अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए प्रोटिस्ट का उपयोग किया जाता है।&lt;br /&gt;
* फाइटोप्लांकटन व्हेल के लिए एकमात्र भोजन स्रोतों में से एक है&lt;br /&gt;
* समुद्री शैवाल एक शैवाल है, जिसे पौधे जैसा प्रोटिस्ट माना जाता है।&lt;br /&gt;
* ज़ोप्लांकटन को झींगा और लार्वा केकड़ों सहित विभिन्न समुद्री जीवों द्वारा खिलाया जाता है।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
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		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>संग्रहालय</title>
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		<updated>2023-10-24T18:29:56Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
संग्रहालय आमतौर पर स्कूलों और कॉलेजों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए जाते हैं। संग्रहालयों में अध्ययन और संदर्भ के लिए संरक्षित पौधों और जानवरों के नमूनों का संग्रह है। जानवरों और पौधों को कई तरीकों से संरक्षित किया जा सकता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
संग्रहालय,  एक गैर-लाभकारी, समाज की सेवा में बनाए गए स्थायी संस्थान है जो जानवरों और पौधों पर शोध, संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और प्रदर्शन करता है। संग्रहालय सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं और सामग्रियों को एकत्रित एवं संरक्षित करते हैं। संग्रहालयों में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए भी इन वस्तुओं को रखा जाता है और कुछ संग्रहालयों में निजी संग्रह होते हैं जिनका उपयोग शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय संग्रहालय, दिल्ली&lt;br /&gt;
* भारतीय संग्रहालय, कोलकाता&lt;br /&gt;
* सरकारी संग्रहालय, चेन्नई&lt;br /&gt;
* छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय, मुंबई&lt;br /&gt;
* केलिको संग्रहालय, अहमदाबाद&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष संग्रहालय, वाशिंगटन&lt;br /&gt;
* विज्ञान संग्रहालय, लंदन&lt;br /&gt;
* शंघाई विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय, चीन&lt;br /&gt;
* प्राकृतिक विज्ञान अकादमी, फिलाडेल्फिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
संग्रहालयों को निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कृषि ===&lt;br /&gt;
कृषि संग्रहालय, कृषि के इतिहास को संरक्षित करने के लिए बनाया गया एक संग्रहालय होता है। इसका उद्देश्य जनता को कृषि के इतिहास और समाज पर प्रभाव के विषय पर शिक्षित करता है। कुछ कृषि संग्रहालय पूर्व मिलों, इमारतों या गोदामों में स्थित होते हैं। दूसरी ओर, अन्य कृषि संग्रहालय विशेष रूप से  बनाई गई संरचनाओं में होते हैं। कृषि संग्रहालय खुली हवा में भी स्थित हो सकते हैं या वे बंद जगह भी हो सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== वास्तुकला ===&lt;br /&gt;
एक वास्तुकला संग्रहालय ऐसा संग्रहालय है जो आगंतुकों को सामान्य रूप से वास्तुकला के बारे में शिक्षित करता है। किसी विशिष्ट वास्तुकला शैली पर ध्यान केंद्रित करने के लिए और समाज को शिक्षित करने के लिए ये संग्रहालय समर्पित होते हैं। वास्तुकला संग्रहालय, लोगों को वास्तुकला या कला के पारंपरिक इतिहास के बारे में भी शिक्षित करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कला ===&lt;br /&gt;
एक कला संग्रहालय कला के प्रदर्शन और संग्रह के लिए एक स्थान है। यह सार्वजनिक या निजी स्वामित्व में होता है। एक कला संग्रहालय सभी के लिए सुलभ या कुछ प्रतिबन्ध के साथ हो सकते हैं। यद्यपि मुख्य रूप से कला संग्रहालय, दृश्य कला से संबंधित है, कला संग्रहालयों का उपयोग अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के आदान-प्रदान और कलात्मक गतिविधियों, जैसे व्याख्यान, आभूषण, प्रदर्शन कला, संगीत या कविता पाठ के लिए एक स्थल के रूप में किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विज्ञान ===&lt;br /&gt;
विज्ञान संग्रहालय एक ऐसा संग्रहालय है जो विज्ञान पर केंद्रित होता है। वे वैज्ञानिक रुचि की वस्तुओं को एकत्र करते हैं और प्रदर्शित करते हैं। विज्ञान संग्रहालयों में विज्ञान से संबंधित स्थिर वस्तुएँ प्रदर्शित की जाती हैं, जैसे- प्राकृतिक इतिहास, जीवाश्म विज्ञान, भूविज्ञान, उद्योग, औद्योगिक मशीनरी। विज्ञान संग्रहालयों का मुख्य उद्देश्य विज्ञान को लोकप्रिय बनाना, विशेषकर बच्चों में सामान्य जागरूकता फैलाना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की प्रगति प्रस्तुति करना होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उद्देश्य ==&lt;br /&gt;
संग्रहालय अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से सभी उम्र, पृष्ठभूमि और शिक्षा स्तर के लोगों को शिक्षित करते हैं। उनका लक्ष्य है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* बच्चों को सामान्य रूप से जागरूक करते है।&lt;br /&gt;
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वर्तमान प्रगति को दर्शाते है।&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक सिद्धांतों का अनुप्रयोग सिखाते है।&lt;br /&gt;
* लोगों में विज्ञान की लोकप्रियता बढ़ाते है।&lt;br /&gt;
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में मानव को जागृत करते है।&lt;br /&gt;
* विज्ञान साक्षरता को बढ़ावा देते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संग्रहालय प्रदान करते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वास्तविक वस्तुओं और घटनाओं को लोगों तक पहुंचाते है।&lt;br /&gt;
* ऐसे अनुभव जो शिक्षकों को लाभान्वित करते हैं और स्कूली विज्ञान पाठों के पूरक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संग्रहालय सिखाते हैं: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति।&lt;br /&gt;
* उद्योग में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग।&lt;br /&gt;
* मानव कल्याण में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग।&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक सिद्धांतों का अनुप्रयोग।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF&amp;diff=42524</id>
		<title>संग्रहालय</title>
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		<updated>2023-10-24T16:50:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
संग्रहालय आमतौर पर स्कूलों और कॉलेजों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए जाते हैं। संग्रहालयों में अध्ययन और संदर्भ के लिए संरक्षित पौधों और जानवरों के नमूनों का संग्रह है। जानवरों और पौधों को कई तरीकों से संरक्षित किया जा सकता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
संग्रहालय,  एक गैर-लाभकारी, समाज की सेवा में बनाए गए स्थायी संस्थान है जो जानवरों और पौधों पर शोध, संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और प्रदर्शन करता है। संग्रहालय सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं और सामग्रियों को एकत्रित एवं संरक्षित करते हैं। संग्रहालयों में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए भी इन वस्तुओं को रखा जाता है और कुछ संग्रहालयों में निजी संग्रह होते हैं जिनका उपयोग शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय संग्रहालय, दिल्ली&lt;br /&gt;
* भारतीय संग्रहालय, कोलकाता&lt;br /&gt;
* सरकारी संग्रहालय, चेन्नई&lt;br /&gt;
* छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय, मुंबई&lt;br /&gt;
* केलिको संग्रहालय, अहमदाबाद&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष संग्रहालय, वाशिंगटन&lt;br /&gt;
* विज्ञान संग्रहालय, लंदन&lt;br /&gt;
* शंघाई विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय, चीन&lt;br /&gt;
* प्राकृतिक विज्ञान अकादमी, फिलाडेल्फिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
संग्रहालयों को पाँच प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्राकृतिक इतिहास और प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== इतिहास संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कला संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उद्देश्य ==&lt;br /&gt;
संग्रहालय अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से सभी उम्र, पृष्ठभूमि और शिक्षा स्तर के लोगों को शिक्षित करते हैं। उनका लक्ष्य है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* बच्चों को सामान्य रूप से जागरूक करते है।&lt;br /&gt;
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वर्तमान प्रगति को दर्शाते है।&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक सिद्धांतों का अनुप्रयोग सिखाते है।&lt;br /&gt;
* लोगों में विज्ञान की लोकप्रियता बढ़ाते है।&lt;br /&gt;
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में मानव को जागृत करते है।&lt;br /&gt;
* विज्ञान साक्षरता को बढ़ावा देते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संग्रहालय प्रदान करते हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वास्तविक वस्तुओं और घटनाओं को लोगों तक पहुंचाते है।&lt;br /&gt;
* साझा, आकर्षक और यादगार सीखने के अनुभव&lt;br /&gt;
* ऐसे अनुभव जो शिक्षकों को लाभान्वित करते हैं और स्कूली विज्ञान पाठों के पूरक हैं&lt;br /&gt;
* संग्रहालय कर्मचारियों और स्वयंसेवी समुदायों द्वारा प्रस्तुत शिक्षा सामग्री&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संग्रहालय सिखाते हैं: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति&lt;br /&gt;
* उद्योग और मानव कल्याण में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग&lt;br /&gt;
* मनुष्य में विकास की प्रक्रिया&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक सिद्धांतों का अनुप्रयोग&lt;br /&gt;
* संदर्भ पुस्तकें कैसे पढ़ें&lt;br /&gt;
* सन्दर्भ अनुसंधान की प्रभावी प्रक्रियाएँ एवं उसका प्रस्तुतीकरण&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF&amp;diff=42512</id>
		<title>संग्रहालय</title>
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		<updated>2023-10-24T10:04:05Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
संग्रहालय आमतौर पर स्कूलों और कॉलेजों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए जाते हैं। संग्रहालयों में अध्ययन और संदर्भ के लिए संरक्षित पौधों और जानवरों के नमूनों का संग्रह है। जानवरों और पौधों को कई तरीकों से संरक्षित किया जा सकता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
संग्रहालय,  एक गैर-लाभकारी, समाज की सेवा में बनाए गए स्थायी संस्थान है जो जानवरों और पौधों पर शोध, संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और प्रदर्शन करता है। संग्रहालय सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं और सामग्रियों को एकत्रित एवं संरक्षित करते हैं। संग्रहालयों में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए भी इन वस्तुओं को रखा जाता है और कुछ संग्रहालयों में निजी संग्रह होते हैं जिनका उपयोग शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय संग्रहालय, दिल्ली&lt;br /&gt;
* भारतीय संग्रहालय, कोलकाता&lt;br /&gt;
* सरकारी संग्रहालय, चेन्नई&lt;br /&gt;
* छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय, मुंबई&lt;br /&gt;
* केलिको संग्रहालय, अहमदाबाद&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष संग्रहालय, वाशिंगटन&lt;br /&gt;
* विज्ञान संग्रहालय, लंदन&lt;br /&gt;
* शंघाई विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय, चीन&lt;br /&gt;
* प्राकृतिक विज्ञान अकादमी, फिलाडेल्फिया&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
संग्रहालयों को पाँच प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्राकृतिक इतिहास और प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== इतिहास संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कला संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उद्देश्य ==&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>संग्रहालय</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
संग्रहालय आमतौर पर स्कूलों और कॉलेजों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए जाते हैं। संग्रहालयों में अध्ययन और संदर्भ के लिए संरक्षित पौधों और जानवरों के नमूनों का संग्रह है। जानवरों और पौधों को कई तरीकों से संरक्षित किया जा सकता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
संग्रहालय,  एक गैर-लाभकारी, समाज की सेवा में बनाए गए स्थायी संस्थान है जो जानवरों और पौधों पर शोध, संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और प्रदर्शन करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* राष्ट्रीय संग्रहालय, दिल्ली&lt;br /&gt;
* भारतीय संग्रहालय, कोलकाता&lt;br /&gt;
* सरकारी संग्रहालय, चेन्नई&lt;br /&gt;
* छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय, मुंबई&lt;br /&gt;
* केलिको संग्रहालय, अहमदाबाद&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के महत्वपूर्ण संग्रहालय ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उद्देश्य ==&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<updated>2023-10-22T07:20:29Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
परिभाषा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
भारत के महत्वपूर्ण संग्रहालय&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
विश्व के महत्वपूर्ण संग्रहालय&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
प्रकार&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उद्देश्य&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>प्राणि उद्यान</title>
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		<updated>2023-10-22T06:47:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
इस संसार में विभिन्न प्रकार के जानवर हैं। प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक इनमें से जानवरों की कई प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं। जानवरों की प्रजातियों को और अधिक विलुप्त होने से बचाने के लिए उनके संरक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्राणि उद्यानों की स्थापना की गई। प्राणि उद्यान, एक ऐसा उद्यान है जिसमें विभिन्न प्रकार की जानवरों की प्रजातियाँ होती हैं, जिन्हे बाड़े में रखा जाता है और उनके वैज्ञानिक नाम अंकित होते हैं। एक प्राणि उद्यान आम तौर पर जानवरों के अनुसंधान, संरक्षण और प्रदर्शन के लिए समर्पित होता है। चूँकि अलग-अलग तरह के जानवर अलग-अलग तरह के आवास में रहते हैं, इसलिए प्राणि उद्यान की परिस्थितियाँ भी उन्हीं के अनुसार बनाई जाती हैं। उदाहरण के लिए, चरम वातावरण में रहने वाले जानवरों के लिए विशेष जलवायु परिस्थितियाँ बनाई जाती हैं। पक्षियों, स्तनधारियों, कीड़ों, सरीसृपों, मछलियों और अन्य जलीय जीवन रूपों के लिए विशेष बाड़ों का भी विकास किया जाता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
प्राणी उद्यान, एक ऐसी सुविधा है जिसमें जानवरों को संरक्षण उद्देश्यों के लिए पाला जाता है। एवं सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए बाड़ों में रखा जाता है। प्राणी उद्यान का संक्षिप्त रूप चिड़ियाघर है। प्राणी उद्यान का इतिहास प्राचीन मिस्र से शुरू हुआ, जहां शासक अभियानों से लाए गए विदेशी जानवरों को रखते थे। पहला वास्तविक प्राणी उद्यान 1500 ईसा पूर्व में स्थापित किया गया था। ये रानी हत्शेपसुत द्वारा स्थापित किया गया, जिन्होंने पूरे अफ्रीका से जानवरों को एकत्र किया। प्राणी उद्यान मूल रूप से निजी संग्रह या चिड़ियाघर थे, जो अमीरों द्वारा अपनी शक्ति दिखाने के लिए बनाए गए थे। 18वीं शताब्दी में चिड़ियाघर जनता के बीच लोकप्रिय हो गए क्योंकि प्राकृतिक इतिहास और विज्ञान में लोगों की रुचि बढ़ी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के प्रसिद्ध प्राणी उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* नादंकानन जूलॉजिकल पार्क, उड़ीसा।&lt;br /&gt;
* पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क, पश्चिम बंगाल।&lt;br /&gt;
* सक्करबाग प्राणी उद्यान, गुजरात।&lt;br /&gt;
* श्री चामराजेंद्र प्राणी उद्यान, कर्नाटक।&lt;br /&gt;
* इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान, आंध्र प्रदेश।&lt;br /&gt;
* असम राज्य चिड़ियाघर और प्राणी उद्यान, असम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के प्रसिद्ध प्राणी उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* नॉर्थ ईस्ट ग्रीनलैंड नेशनल पार्क&lt;br /&gt;
* सेरेनगेटी राष्ट्रीय उद्यान, तंजानिया&lt;br /&gt;
* केयबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान, मणिपुर&lt;br /&gt;
* मसाई मारा राष्ट्रीय उद्यान, केन्या&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
प्राणी उद्यान के निम्नलिखित प्रकार हैं- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सफ़ारी पार्क ===&lt;br /&gt;
कुछ प्राणी उद्यान, जानवरों को बाड़ों में रखने के स्थान पर, उन्हें उनके प्राकृति स्थान में रखते हैं। सफ़ारी पार्कों में, आगंतुकों को ड्राइव करके जानवरों के समीप ले जाया जाता है जिस से उन्हें अच्छे से जाना जाये।  सफ़ारी पार्क व्यावसायिक पर्यटक आकर्षण हैं जो प्राणी उद्यान के समान हैं। इन्हें वन्यजीव पार्क के रूप में भी जाना जाता है। सफ़ारी पार्क प्राणी उद्यान से बड़े होते हैं। सफ़ारी पार्कों में, आगंतुक स्वतंत्र रूप से घूमते जानवरों को देखने के लिए अपने स्वयं के वाहन चला सकते हैं या सुविधा द्वारा प्रदान किए गए वाहनों में सवारी कर सकते हैं। वे आगंतुकों को जानवरों के पास आने की भी अनुमति देते हैं। प्राणी उद्यान एक्स-सीटू संरक्षण के उदाहरण हैं, जो जानवरों की उनके प्राकृतिक आवास के बाहर सुरक्षा देते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सफ़ारी पार्क के कुछ उदाहरण हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* बाली सफ़ारी पार्क&lt;br /&gt;
* बेंगलुरु बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एक्वेरियम ===&lt;br /&gt;
पहला सार्वजनिक एक्वेरियम वर्ष 1853 में लंदन चिड़ियाघर में खोला गया था। एक्वेरियम एक प्रकार का प्राणी उद्यान है जिसमें जनता के देखने के लिए जलीय जानवर रखे जाते हैं। एक्वेरियम कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र हैं जिनमें विभिन्न आकार के टैंक होते हैं। एक्वेरियम में उपस्थित पौधे, जानवरों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करते हैं। एक्वेरियम लोगों को शिक्षित करते हैं, प्रजातियों के संरक्षण में योगदान देते हैं और जानवरों से संबंधित अनुसंधान करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एक्वैरियम के कुछ उदाहरण हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सिडनी एक्वेरियम: 650 से अधिक मूल ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों का घर है।&lt;br /&gt;
* अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क: इसमें एक मछलीघर, शेर और हिरण सफारी पार्क और एक वॉक-थ्रू एवियरी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पेटिंग चिड़ियाघर ===&lt;br /&gt;
एक पालतू चिड़ियाघर, जिसे पालतू जानवरों के फार्म या बच्चों के चिड़ियाघर के रूप में भी जाना जाता है, में घरेलू जानवरों और जंगली प्रजातियों का एक संयोजन शामिल होता है जो छूने और खिलाने के लिए पर्याप्त विनम्र होते हैं। जानवरों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए, भोजन की आपूर्ति चिड़ियाघर द्वारा, वेंडिंग मशीनों के माध्यम से की जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान जाना कई लोगों के लिए एक एक मनोरंजक क्रिया की तरह होता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान शोध की दृष्टि से ये महत्वपूर्ण हैं।&lt;br /&gt;
* ऐसी प्रजातियाँ जो विलुप्त होने के करीब हैं प्राणी उद्यान उन प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।&lt;br /&gt;
* हम एक ही जगह पर कई प्रकार के जानवरों को देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान पर्यावरण की समस्याओं के बारे में हमे जागरूक करते हैं।&lt;br /&gt;
* हम प्राणी उद्यान में विभिन्न विदेशी जानवरों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान वैश्विक सहयोग को अत्यधिक प्रोत्साहित करते हैं। उदाहरण के लिए, भारत सरकार द्वारा नामीबिया से चीते, मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए थे।&lt;br /&gt;
* जानवरों को अवैध शिकार से बचाया जाता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान को स्कूल भ्रमण के लिए एक अच्छा गन्तव्य माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्राणी उद्यान के नुकसान ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* कुछ प्राणी उद्यान मुख्य रूप से लाभ उद्देश्यों और मनोरंजन के लिए हैं।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान में जानवर अपने स्वाभाविक रूप से प्रजनन नहीं कर पाते हैं।&lt;br /&gt;
* ऐसा देखा जाता है कि जानवर अक्सर प्राणी उद्यान में अवसाद से गुजरते हैं।&lt;br /&gt;
* मनोरंजन हेतु कुछ प्राणी उद्यान में अत्यधिक भीड़ हो जाने के कारण पशुओं का निद्रा चक्र गड़बड़ा जाता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान में जानवरों की जीवन प्रत्याशा कम हो जाती है।&lt;br /&gt;
* कुछ जंगली जानवरों को प्राणी उद्यान में लाने के लिए उन्हें जबरन पकड़ा जाता है।&lt;br /&gt;
* जानवरों को अपने प्राकृतिक आवास से हटा कर, अप्राकृतिक वातावरण में रखा जाता है।&lt;br /&gt;
* अधिकतर प्राणी उद्यान में स्थितियाँ मुख्यतः ख़राब हैं।&lt;br /&gt;
* जानवरों को रहने के लिए सीमित जगह दी जाती है।&lt;br /&gt;
* स्टाफ के कुछ सदस्यों के पास अपर्याप्त ज्ञान होने के कारण जानवरों की देखभाल नहीं हो पाती है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्राणी उद्यान पूरी तरह से दान और सरकारी सहायता पर निर्भर होते हैं।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>प्राणि उद्यान</title>
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		<updated>2023-10-22T06:14:26Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
इस संसार में विभिन्न प्रकार के जानवर हैं। प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक इनमें से जानवरों की कई प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं। जानवरों की प्रजातियों को और अधिक विलुप्त होने से बचाने के लिए उनके संरक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्राणि उद्यानों की स्थापना की गई। प्राणि उद्यान, एक ऐसा उद्यान है जिसमें विभिन्न प्रकार की जानवरों की प्रजातियाँ होती हैं, जिन्हे बाड़े में रखा जाता है और उनके वैज्ञानिक नाम अंकित होते हैं। एक प्राणि उद्यान आम तौर पर जानवरों के अनुसंधान, संरक्षण और प्रदर्शन के लिए समर्पित होता है। चूँकि अलग-अलग तरह के जानवर अलग-अलग तरह के आवास में रहते हैं, इसलिए प्राणि उद्यान की परिस्थितियाँ भी उन्हीं के अनुसार बनाई जाती हैं। उदाहरण के लिए, चरम वातावरण में रहने वाले जानवरों के लिए विशेष जलवायु परिस्थितियाँ बनाई जाती हैं। पक्षियों, स्तनधारियों, कीड़ों, सरीसृपों, मछलियों और अन्य जलीय जीवन रूपों के लिए विशेष बाड़ों का भी विकास किया जाता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
प्राणी उद्यान, एक ऐसी सुविधा है जिसमें जानवरों को संरक्षण उद्देश्यों के लिए पाला जाता है। एवं सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए बाड़ों में रखा जाता है। प्राणी उद्यान का संक्षिप्त रूप चिड़ियाघर है। प्राणी उद्यान का इतिहास प्राचीन मिस्र से शुरू हुआ, जहां शासक अभियानों से लाए गए विदेशी जानवरों को रखते थे। पहला वास्तविक प्राणी उद्यान 1500 ईसा पूर्व में स्थापित किया गया था। ये रानी हत्शेपसुत द्वारा स्थापित किया गया, जिन्होंने पूरे अफ्रीका से जानवरों को एकत्र किया। प्राणी उद्यान मूल रूप से निजी संग्रह या चिड़ियाघर थे, जो अमीरों द्वारा अपनी शक्ति दिखाने के लिए बनाए गए थे। 18वीं शताब्दी में चिड़ियाघर जनता के बीच लोकप्रिय हो गए क्योंकि प्राकृतिक इतिहास और विज्ञान में लोगों की रुचि बढ़ी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के प्रसिद्ध प्राणी उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* नादंकानन जूलॉजिकल पार्क, उड़ीसा।&lt;br /&gt;
* पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क, पश्चिम बंगाल।&lt;br /&gt;
* सक्करबाग प्राणी उद्यान, गुजरात।&lt;br /&gt;
* श्री चामराजेंद्र प्राणी उद्यान, कर्नाटक।&lt;br /&gt;
* इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान, आंध्र प्रदेश।&lt;br /&gt;
* असम राज्य चिड़ियाघर और प्राणी उद्यान, असम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के प्रसिद्ध प्राणी उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* नॉर्थ ईस्ट ग्रीनलैंड नेशनल पार्क&lt;br /&gt;
* सेरेनगेटी राष्ट्रीय उद्यान, तंजानिया&lt;br /&gt;
* केयबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान, मणिपुर&lt;br /&gt;
* मसाई मारा राष्ट्रीय उद्यान, केन्या&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
प्राणी उद्यान के निम्नलिखित प्रकार हैं- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सफ़ारी पार्क ===&lt;br /&gt;
कुछ प्राणी उद्यान अपने जानवरों को पिंजरों में रखने के बजाय, उन्हें खंदकों और बाड़ों में कैद करके बड़े, बाहरी बाड़ों में रखते हैं। सफ़ारी पार्कों को चिड़ियाघर पार्क और शेर फार्म के रूप में भी जाना जाता है, जो आगंतुकों को उनके माध्यम से ड्राइव करने और जानवरों के करीब आने में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एक्वेरियम ===&lt;br /&gt;
पहला सार्वजनिक एक्वेरियम वर्ष 1853 में लंदन चिड़ियाघर में खोला गया था। इसके बाद महाद्वीपीय यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में सार्वजनिक एक्वेरियम खोला गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सड़क किनारे चिड़ियाघर ===&lt;br /&gt;
सड़क किनारे चिड़ियाघर पूरे उत्तरी अमेरिका में पाए जा सकते हैं, मुख्यतः दूरदराज के स्थानों में। वे आम तौर पर छोटे, लाभ के लिए चिड़ियाघर होते हैं जिनका उद्देश्य अक्सर आगंतुकों को गैस स्टेशन जैसी किसी अन्य सुविधा की ओर आकर्षित करना होता है। कुछ जानवरों को करतब दिखाने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित किया जा सकता है, और आगंतुक बड़े चिड़ियाघरों की तुलना में उनके करीब पहुंच सकते हैं। चूँकि वे कभी-कभी कम विनियमित होते हैं, सड़क किनारे के चिड़ियाघरों पर मुख्य रूप से उपेक्षा और क्रूरता के आरोप लगते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== पेटिंग चिड़ियाघर ===&lt;br /&gt;
एक पालतू चिड़ियाघर, जिसे पालतू जानवरों के फार्म या बच्चों के चिड़ियाघर के रूप में भी जाना जाता है, में घरेलू जानवरों और जंगली प्रजातियों का एक संयोजन शामिल होता है जो छूने और खिलाने के लिए पर्याप्त विनम्र होते हैं। जानवरों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए, भोजन की आपूर्ति चिड़ियाघर द्वारा या तो वेंडिंग मशीनों या पास के कियोस्क के माध्यम से की जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान जाना कई लोगों के लिए एक एक मनोरंजक क्रिया की तरह होता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान शोध की दृष्टि से ये महत्वपूर्ण हैं।&lt;br /&gt;
* ऐसी प्रजातियाँ जो विलुप्त होने के करीब हैं प्राणी उद्यान उन प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।&lt;br /&gt;
* हम एक ही जगह पर कई प्रकार के जानवरों को देखा जा सकता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान पर्यावरण की समस्याओं के बारे में हमे जागरूक करते हैं।&lt;br /&gt;
* हम प्राणी उद्यान में विभिन्न विदेशी जानवरों को देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान वैश्विक सहयोग को अत्यधिक प्रोत्साहित करते हैं। उदाहरण के लिए, भारत सरकार द्वारा नामीबिया से चीते, मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए थे।&lt;br /&gt;
* जानवरों को अवैध शिकार से बचाया जाता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान को स्कूल भ्रमण के लिए एक अच्छा गन्तव्य माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्राणी उद्यान के नुकसान ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* कुछ प्राणी उद्यान मुख्य रूप से लाभ उद्देश्यों और मनोरंजन के लिए हैं।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान में जानवर अपने स्वाभाविक रूप से प्रजनन नहीं कर पाते हैं।&lt;br /&gt;
* ऐसा देखा जाता है कि जानवर अक्सर प्राणी उद्यान में अवसाद से गुजरते हैं।&lt;br /&gt;
* मनोरंजन हेतु कुछ प्राणी उद्यान में अत्यधिक भीड़ हो जाने के कारण पशुओं का निद्रा चक्र गड़बड़ा जाता है।&lt;br /&gt;
* प्राणी उद्यान में जानवरों की जीवन प्रत्याशा कम हो जाती है।&lt;br /&gt;
* कुछ जंगली जानवरों को प्राणी उद्यान में लाने के लिए उन्हें जबरन पकड़ा जाता है।&lt;br /&gt;
* जानवरों को अपने प्राकृतिक आवास से हटा कर, अप्राकृतिक वातावरण में रखा जाता है।&lt;br /&gt;
* अधिकतर प्राणी उद्यान में स्थितियाँ मुख्यतः ख़राब हैं।&lt;br /&gt;
* जानवरों को रहने के लिए सीमित जगह दी जाती है।&lt;br /&gt;
* स्टाफ के कुछ सदस्यों के पास अपर्याप्त ज्ञान होने के कारण जानवरों की देखभाल नहीं हो पाती है।&lt;br /&gt;
* कुछ प्राणी उद्यान पूरी तरह से दान और सरकारी सहायता पर निर्भर होते हैं।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<title>प्राणि उद्यान</title>
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		<updated>2023-10-21T07:21:02Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
प्राणी उद्यान, एक ऐसी सुविधा है जिसमें जानवरों को संरक्षण उद्देश्यों के लिए पाला जाता है। एवं सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए बाड़ों में रखा जाता है। प्राणी उद्यान का संक्षिप्त रूप चिड़ियाघर है। प्राणी उद्यान का इतिहास प्राचीन मिस्र से शुरू हुआ, जहां शासक अभियानों से लाए गए विदेशी जानवरों को रखते थे। पहला वास्तविक प्राणी उद्यान 1500 ईसा पूर्व में स्थापित किया गया था। ये रानी हत्शेपसुत द्वारा स्थापित किया गया, जिन्होंने पूरे अफ्रीका से जानवरों को एकत्र किया। प्राणी उद्यान मूल रूप से निजी संग्रह या चिड़ियाघर थे, जो अमीरों द्वारा अपनी शक्ति दिखाने के लिए बनाए गए थे। 18वीं शताब्दी में चिड़ियाघर जनता के बीच लोकप्रिय हो गए क्योंकि प्राकृतिक इतिहास और विज्ञान में लोगों की रुचि बढ़ी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के प्रसिद्ध प्राणी उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के प्रसिद्ध प्राणी उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== भूमिका ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्त्व ==&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>वनस्पति-उद्यान</title>
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		<updated>2023-10-20T14:04:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
इस संसार में विभिन्न प्रकार के पौधे हैं। प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक इनमें से पौधों की कई प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं। पौधों की प्रजातियों को और अधिक विलुप्त होने से बचाने के लिए उनके संरक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए वनस्पति उद्यानों की स्थापना की गई। वनस्पति उद्यान, एक ऐसा उद्यान है जिसमें विभिन्न प्रकार की पौधों की प्रजातियाँ होती हैं, जिन पर उनके वैज्ञानिक नाम अंकित होते हैं। एक वनस्पति उद्यान आम तौर पर पौधों के अनुसंधान, खेती, संरक्षण और प्रदर्शन के लिए समर्पित होता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
[[File:Kolkata Botanical Gardens (14824378456).jpg|thumb|आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान]]&lt;br /&gt;
वानस्पतिक उद्यान ऐसे संस्थान हैं जो संदर्भ के लिए जीवित पौधों का संग्रह रखते हैं। इनका उपयोग पौधों के संरक्षण के लिए किया जाता है। वानस्पतिक उद्यान केवल सजावटी उद्यान या पार्क नहीं होते हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान, संरक्षण, प्रदर्शन और शिक्षा के उद्देश्य से वनस्पति उद्यान में जीवित पौधों का एक प्रलेखित संग्रह होता a है। आमतौर पर पौधों को उनके वानस्पतिक नामों के साथ लेबल किया जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के पौधों का संग्रह होता है जैसे कैक्टस, जड़ी-बूटी, झाड़ियां, आवृतबीजी पौधे, अनावृतबीजी पौधे, जलीय एवं स्थलीय पौधे और पौधों की कई और प्रजातियाँ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== भारत के प्रसिद्ध वनस्पति उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सेमोली पूंगा, चेन्नई&lt;br /&gt;
* माधवरम बॉटनिकल गार्डन, चेन्नई&lt;br /&gt;
* अलीगढ किला, अलीगढ&lt;br /&gt;
* आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान, हावड़ा (भारत और दक्षिण एशिया में स्थापित पहला वनस्पति उद्यान) &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== विश्व के प्रसिद्ध वनस्पति उद्यान ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* रॉयल बोटेनिक गार्डन, इंग्लैंड&lt;br /&gt;
* न्यूयॉर्क बॉटनिकल गार्डन&lt;br /&gt;
* ब्रुकलीन बोटेनिक गार्डन&lt;br /&gt;
* रेगिस्तानी बोटेनिक गार्डन&lt;br /&gt;
* सिंगापुर बोटेनिक गार्डन&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== महत्व ==&lt;br /&gt;
[[File:Royal Botanical Gardens, Kew - geograph.org.uk - 4561123.jpg|thumb|रॉयल बोटेनिक गार्डन, इंग्लैंड]]&lt;br /&gt;
वनस्पति उद्यान के महत्व निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* अधिकांश रूप से वनस्पति उद्यान जनता के लिए खुले रहते हैं, और निर्देशित पर्यटन, शैक्षिक प्रदर्शन, कला प्रदर्शनियाँ, पुस्तक कक्ष, खुली हवा में नाटकीय और संगीत प्रदर्शन और अन्य मनोरंजन भी कर सकते हैं।&lt;br /&gt;
* वानस्पतिक उद्यान विभिन्न प्रकार के पौधों का संग्रह बनाए रखते हैं, जैसे, सजावटी और सुसंस्कृत पौधे, जंगली पौधे, औषधीय पौधे, आर्थिक महत्व वाले पौधे, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के पौधे।&lt;br /&gt;
* पौधों की विशेष प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== कार्य ==&lt;br /&gt;
वनस्पति उद्यान के कार्य निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* महत्वपूर्ण स्थानीय पौधों की प्रजातियों को उगाया जाता है और उनका रिकॉर्ड रखा जाता है।&lt;br /&gt;
* दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों को बढ़ाना और उनका रखरखाव करना।&lt;br /&gt;
* वनस्पति अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं के लिए बीजों की आपूर्ति करना।&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।&lt;br /&gt;
* सभी पौधों को सटीक रूप से लेबल किया जाता है।&lt;br /&gt;
* पौधों के रिकॉर्ड और प्रदर्शन रखे जाते हैं।&lt;br /&gt;
* पादप वर्गीकरण के अध्ययन में सहायता करता है।&lt;br /&gt;
* छात्र शिक्षा में मदद करता है।&lt;br /&gt;
* एक हर्बेरियम बनाया जाता है।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=Taxonomy_for_Biology_Articles-11th_Class&amp;diff=42356</id>
		<title>Taxonomy for Biology Articles-11th Class</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=Taxonomy_for_Biology_Articles-11th_Class&amp;diff=42356"/>
		<updated>2023-10-20T12:50:51Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot;&lt;br /&gt;
|'''S.No.'''&lt;br /&gt;
|'''इकाई''' &lt;br /&gt;
|'''अध्याय'''&lt;br /&gt;
|'''विषय'''&lt;br /&gt;
|'''Unit - 1'''&lt;br /&gt;
|'''Chapter'''&lt;br /&gt;
|'''Topic'''&lt;br /&gt;
|'''Article Creator Name'''&lt;br /&gt;
|'''[https://docs.google.com/spreadsheets/d/1W0E_JcTAuGojSdK8vcLmC9v91rRN0oWZOtUxlijjZBc/edit#gid=629091502 Review by IIT Kanpur]'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - एक'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''1'''&lt;br /&gt;
|'''जीव जगत में विविधता'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Diversity in the living world'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''जीव जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''The living world'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जीव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|living&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|[[जनन]]&lt;br /&gt;
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|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|[[नाम पद्धति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Nomenclature&lt;br /&gt;
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|[[द्विपदनाम पद्धति]]&lt;br /&gt;
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|Binomial Nomenclature&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|[[प्रोटिस्टा जगत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protista Kingdom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Chrysophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dinoflagellates&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूग्लेनॉइड्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Euglenoids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवपंक कवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|scale fungus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोजोआ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protozoa&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fungi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाइकोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phycomycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एस्कोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ascomycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बेसिडियोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Basidiomycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डयूटिरोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Deuteromycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पादप जगत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plantae Kingdom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जंतु जगत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Animal kingdom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विषाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Virus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाइराइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Viroid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रिऑन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prione&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइकेन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lichen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शैवालांश]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Algae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइकोवायंट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mycovyant&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''3'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''वनस्पति जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Plant Kingdom'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शैवाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Algae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जूस्पोर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Zoospores&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समयुग्मकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|homozygous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[असमयुग्मकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|heterozygous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नरयुग्मक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Male gametes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाल शैवाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Red algae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैरागीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|carrageen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोरोफाइसी (हरा शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyceae (green algae)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फियोफाइसी (भूरा शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|phaeophyceae (Brown Algae)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रोडोफाइसी (लाल शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rhodophyceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ब्रायोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bryophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युग्मकोभिद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gametophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुंधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Antheridium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्त्रीधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Archegonium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पोरोफाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sporophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लिवरवर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Livervart&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मॉस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Moss&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टेरिडोफाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pteridophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जिमनोस्पर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gymnosperm&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजियोस्पेर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Angiosperms&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परागण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pollination&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीढ़ी एकान्तरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alternation of generations&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाणु उद्भिद (स्पोरोफिटिक)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sporophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''प्राणी जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Animal Kingdom'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्टोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ectoderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंडोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endoderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मीजोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesoderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[देहगुहा (प्रगुहा)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coelom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सैगमेंटेशन (खंडीभवन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Segmentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विखंडावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|metameric segmentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पृष्ठरज्जु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Notochord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ पोरिफेरा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum Porifera&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑस्टिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Austia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पंज गुहा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spongocoel&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑस्कुलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osculam&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोएनोसाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Choanocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाल तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|canals&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ओस्टिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ostia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पांजिला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spongilla&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूस्पॉन्जिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Euspongia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाइलम सीलेन्ट्रेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Coelenterata (Cnidaria)&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दंश कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nematocysts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइडोब्लास्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cnidoblasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ टीनोफोर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Ctenophora&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज (चपटे कृमि)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Platyhelminthes&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ एस्केल्मिन्थीज (गोलकृमि)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Aschelminthes&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ एनेलिडा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Annelida&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैरापोडिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parapodia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृक्कक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रीडियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ आर्थोपोडा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Arthropoda&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संधियुक्त पाद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Jointed appendages&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपिगी नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ मोलस्का]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum mollusca&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेडुला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radula&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ इकोनोडर्मेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum Echinodermata&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल संवहन तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Water vascular system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ हेमीकोर्डेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Hemichordata&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोम छिद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gill slits&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपास्थिल मेरुदंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Notochord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग-साइक्लोस्टोमेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Cyclostomata&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग-कांड्रीक्थीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Chondrichthyes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑपरकुलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Operculum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग- एम्फीबिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Amphibia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्णपटल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tympanum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवस्कर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cloaca&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग- सरीसृप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Reptilia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रशल्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Scales&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग एवीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Aves&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समतापी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Homoiothermous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग स्तनधारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Mammalia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तनग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mammary glands&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - दो'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit- 2'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structural Organisation in Plants and Animals'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''5'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पुष्पी पादपों की आकारिकी'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Morphology of Flowering Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आकारिकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Morphology&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तृतीयक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tertiary root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूसला मूलतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tap root system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[झकड़ा मूलतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fibrous root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपस्थानिक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adventitious roots&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूल गोप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root cap&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टमी क्रियाओं का क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Region of meristematic activity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दीर्घीकरण क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Region of elongation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिपक्व क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Region of maturation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलरोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root hairs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोप रुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prop roots&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवस्तम्भ रूट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stilt roots&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसन मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pneumatophores&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tendrils&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णाधार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|leaf base&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णवृंततल्प]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Petiole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णवृंत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Petiole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तरिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lamina&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यशिरा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Midrib&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शिराविन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|venation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल पत्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|simple leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त पत्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|compound leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णविन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|foliage&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पत्ती के रूपांतरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|metamorphosis of leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्पक्रम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|inflorescence&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[असीमाक्षी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Racemose&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ससीमाक्षी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cymose&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्प]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|flowers&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्पासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thalamus or receptacle.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहपत्री]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bracteate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहपत्रहीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ebracteate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधोजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypogynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Perigynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधिजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epigynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधोवर्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|downward&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऊर्ध्ववर्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vertical&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्किस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Calyx&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्किस संयुक्त बाह्य दली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gamosepalous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पृथक बाह्यदली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polysepalous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरोला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Corolla&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरस्पर्शी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Valvate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[व्यावर्तित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Twisted&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरछादी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Imbricate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वैक्ज़ीलरी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vaccillary&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुमंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|stamen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्टेमिनाएड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Staminode&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दललग्न (एपिपेटलस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epipetalus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिदल लग्न (एपिफिलस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epiphyllus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जायांग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gynoecium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्तिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|style&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्तिकाग्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|stigma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Placenta&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वियुक्तांडपी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apocarpous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युक्तांडपी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Syncarpous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Placentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनिषेक फलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parthenocarpic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फलभित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pericarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्यफल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epicarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यफल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesocarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तःफलभित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजावरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Testa&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टेगमेन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|tegmen.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डद्वार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Micropyle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radicle.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[भ्रूणपोष]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endosperm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एल्यूरोन परत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aleurone layer&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्कुटेलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|scutellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plumule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radicle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रांकुरचोल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coleoptile&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर चोल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coleorhiza&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाबेसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fabaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सोलैनेसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Solanaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लिलिएसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Liliaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''6'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पुष्पी पादपों का शरीर'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Anatomy of Flowering Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टेमेटिक ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meristematic Tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meristems&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शीर्षस्थ मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apical meristems&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कक्षीय कली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axillary bud&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतर्वेशी मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intercalary Meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक मेरिस्टेम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक या पार्श्व मेरिस्टेम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary or lateral meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थायी या परिपक्व कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Permanent or mature cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Simple tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोलेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Collenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्क्लेरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sclerenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्किलिरिड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sclereids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जटिल ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Complex Tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रेकीड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tracheids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाहिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vessel&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम तंतु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem fibres&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोजाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|protoxylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेटाजाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaxylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यादिदारुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endarch&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्य आदिदारुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|exarch&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लाएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चालनी नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sieve tube elements&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहचर कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Companion cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लोएम पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लोएम तंतु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem fibres&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोफ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protophloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेटाफ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaphloem.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्यूटिकल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cuticle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomata&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहायक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Subsidiary cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्री तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomatal apparatus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलरोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root hairs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइकोम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Trichomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[भरण ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ground tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णमध्योतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesophyll&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खुला संवहन बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Open vascular bundles.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बंद संवहन बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Closed vascular bundles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेडियल संवहनी बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radial vascular bundles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलीय त्वचा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epiblema&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैस्पेरियन पट्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cortex&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिरम्भ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Casparian strips.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंजकटिव ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pericycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पिथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Conjuctive tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खम्भा पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pith&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पंजी पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|palisade parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आवर्ध त्वक्कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पार्श्वीय मेरिस्टम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lateral meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संवहन कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vascular cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कार्क कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cork Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः पूलीय कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intyracalary Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तरापूलीय कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intercalary cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक जाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Xylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक फ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Phloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक मज्जाकिरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary medullary&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बसंतदारु (अग्र दारू)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spring wood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शरद दारू (पश्च दारू)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Early wood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वार्षिक वलय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Annual ring&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रसदारु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sapwood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ह्रददारु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heartwood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉर्क कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cork cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक वल्कुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary cortex or Phelloderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिचर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Periderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[छालवल्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bark&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वातरंध्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lenticels&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''7'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''प्राणियों में संरचनात्मक संगठन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structural Organsation in Animals'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|simple epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|compound epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शल्की उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Squamous epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[घनाकार उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cuboidal epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तम्भाकार उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Columnar epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पक्ष्माभी उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ciliated epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रंथिल उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glandular epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहिःस्त्रावी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Exocrine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत: स्रावी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocrine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Compound epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दृढ संधियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tight junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आसंजी संधियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adhering junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतराली संधियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gap junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लचीले संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Areolar tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सघन संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dense connective tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वसा ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adipose tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विशिष्ट संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|specialised connective tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अस्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bones&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंकाल पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Skeletal muscle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चिकनी पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|smooth muscle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac muscle tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neural Tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंग और अंगतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Organ and organ System&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंचुआ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Earthworm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लाइटेलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Clitellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शूक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Setae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आंत्रवलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Typhlosole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रिडिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉकरोच]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cockroache&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपीगी नलिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिकाम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uricotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेत्राशंक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ommatidia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - तीन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 3'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''संरचना और कार्य'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structure and functions'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''8'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''कोशिका : जीवन की इकाई'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''cell: The unit of life'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटोन वॉन ल्यूवेनहोक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anton Von Leeuwenhoek&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका सिद्धांत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell theory&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्लेडेन और श्वान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Schleiden and Schwann&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prokaryotic cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डीएनए]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|DNA&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राम धनात्मक जीवाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gram positive bacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राम ऋणात्मक जीवाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gram negative bacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवपंक परत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Slime layer&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सम्पुटिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Capsule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मीसोजोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesosome&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुटिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Form of vesicles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पटलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lamellae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तन्तु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Filament&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशाभिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flagellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pili&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[झालर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fimbriae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[राइबोसोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ribosomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहुराइबोसोम या बहु सूत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polyribosomes or polysome&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतर्विष्ट पिंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inclusion bodies&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंद्रीय रसधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Central vacuole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तारक काय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Centrioles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूकेरियोटिक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Eukaryotic cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका झिल्ली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell Membrane&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तरल किर्मीर नमूना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fluid mosaic model&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निष्क्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Passive transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Active transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परासरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osmosis.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका भित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell wall&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक भित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary wall&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतः झिल्लिका तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endomembrane system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः प्रदव्ययी जलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endoplasmic Reticulum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गॉल्जीकाय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Golgi apparatus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइसोसोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lysosomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संकुचनशील रसधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Contractile vacuole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खाध रसधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Food vacuoles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइटोकॉन्ड्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mitochondria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आधात्री]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Matrix&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रिस्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cristae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णहरित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyll&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैरोटेनॉइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Carotenoid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मंड लवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Amyloplasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तेल लवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Elaioplasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन लवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aleuroplasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थाइलेकोइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thylakoids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइटोपंजर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytoskeleton&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पक्ष्माभ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cilia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशाभिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flagella&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अक्षसूत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axoneme&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रोमेटिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chromatin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंद्रिक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleoli&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिकेन्द्रकी अवकाश]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Perinuclear space&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केन्द्रक द्रव्य]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleoplasm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइक्रोबॉडीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Microbodies&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''9'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''जैव अणु'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Biomolecules'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ज्विटर आयन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|zwitterion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अमीनो अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Amino acids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शर्करा (कार्बोहाइड्रेट)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sugars (Carbohydrates)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लाइसीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glycine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एलानिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alanine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सेरिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Serine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पामिटिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Palmitic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लिसरॉल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glycerol&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइग्लिसराइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Triglyceride&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फास्फोलिपिड (लेसिथिन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phospholipid (Lecithin)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोलेस्ट्रॉल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cholesterol&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडेनिन (प्यूरिन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenine (Purine)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडीनोसिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenosine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडेनिलिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenylic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरेसिल (पाइरीमिडीन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uracil (Pyrimidine)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिडीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uridine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूक्लियोसाइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleosides&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूक्लियोटाइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleotide&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक उपापचयज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary metabolites&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक उपापचयज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary metabolites&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृहत जैव अणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biomacromolecules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Proteins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पॉलीसैकराइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polysaccharides&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूक्लिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन की संरचना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Structure of protein&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अल्फा - हेलिक्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alpha – Helix&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीटा– प्लीटेड शीट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Beta– plated sheet&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेप्टाइड बंध]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Peptide bond&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लाइकोसिडिक बंध]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glycosidic bond&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उत्प्रेरित अभिक्रियाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Catalysed Reaction&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपापचय पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anabolic pathways&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपचय पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Catabolic pathways.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडेनोसाइन ट्राइफॉस्फेट (एटीपी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenosine triphosphate (ATP)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रासायनिक अभिक्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chemical Reaction&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रियण ऊर्जा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Activation energy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजाइम क्रिया की प्रकृति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nature of Enzyme Action&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजाइम क्रियाविधि को प्रभावित करने वाले कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Factors Affecting Enzyme Activity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संदमन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inhibition&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सीडोरडक्टेस / डिहाइड्रोजनेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Oxidoreductases/dehydrogenases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रांसफरेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Transferases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हाइड्रोलेजेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hydrolases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइसेस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lyases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आइसोमरेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Isomerases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइगेजेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ligases:&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सह-कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Co-factors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''10'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Cell Cycle and Cell Division'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतरावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Interphase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एम प्रावस्था (समसूत्री विभाजन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|M Phase (Mitosis phase)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कार्योकाइनेसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Karyokinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइटोकाइनेसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytokinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पश्च सूत्री अंतरकाल प्रावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|G1 phase (Gap 1)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संश्लेषण प्रावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|S phase (Synthesis)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पूर्व - सूत्री विभाजन अंतरालकाल प्रावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|G2 phase (Gap 2)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शांत अवस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Quiescent stage (G0 )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सूत्री विभाजन अवस्था (M प्रावस्था)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|M Phase (Mitosis phase)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पूर्वावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prophase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaphase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पश्चावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anaphase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत्यावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Telophase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिकाद्रव्य विभाजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytokinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अर्धसूत्रीविभाजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meiosis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तनुपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|leptotene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युग्मपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Zygotene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थूलपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pachytene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्विपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diplotene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[काएज्मेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chiasmata&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डायकाइनेसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diakinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - चार'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप कार्यकीय (शरीर क्रियात्मकता)'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Plant Physiology'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''11'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पौधों में परिवहन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Transport in Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थानान्तरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Translocation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विसरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diffusion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सुसाध्य विसरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Facilitated diffusion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पोरिन्]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Porins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्वापोरिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aquaporins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिम्पोर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Symport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटिपोर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Antiport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूनिपोर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uniport.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Active transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निष्क्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Passive transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल विभव (Ψw)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Water potential (Ψw )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विलेय विभव (Ψs )]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Solute potential (Ψs )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दाब विभव (Ψp)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pressure potential (Ψp )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दाब प्रवणता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pressure gradient&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सांद्रता प्रवणता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Concentration gradient&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जीवद्रव्यकुंचन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plasmolysis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समपरासरी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Isotonic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अल्पपरासारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypotonic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अतिपरासारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypertonic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्फीत दबाव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Turgor pressure&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत-शोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Imbibition&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सामूहिक या थोक प्रवाह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mass or bulk flow&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एपोप्लास्ट पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apoplast pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिम्प्लास्ट पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Symplast pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैस्पेरियन पट्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Casparian strips&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइकोराइजा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mycorrhiza&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूल दाब]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root Pressure&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बिन्दुस्राव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Guttation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सामंजस्य-तनाव-वाष्पोत्सर्जन खिंचाव मॉडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cohesion-tension-transpiration pull mode&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्र छिद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomatal aperture,&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्षक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Guard cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सासंजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cohesion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आसंजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adhesion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तन्य -सामर्थ्य]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tensile strength&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रेकिड् और वाहिका तत्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tracheids and vessel elements&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रिय अवशोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Active absorption&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दबाव प्रवाह या द्रव्यमान प्रवाह परिकल्पना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The Pressure Flow or Mass Flow Hypothesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''12'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''खनिज पोषण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Mineral nutrition'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल संवर्धन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hydroponics.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृहत पोषक तत्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Macronutrients&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सूक्ष्म पोषक तत्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Micronutrients&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रांतिक सांद्रता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Critical concentration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सूक्ष्म पोषक तत्वों की विषाक्तता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Toxicity of Micronutrients&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अभिवाह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flux&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तर्वाह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Influx&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहि: स्राव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Efflux&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइट्रोजन चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nitrogen Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइट्रोजन स्थिरीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nitrogenfixation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइट्रीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nitrification&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रसायनपोषी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chemoautotrophs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biological nitrogen fixation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहजीवी जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Symbiotic biological nitrogen fixation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[राइजोबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rhizobium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अमोनिया की स्थिति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fate of ammonia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपचयित एमीनीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reductive amination&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रांसएमिनेशन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Transamination&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''13'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Photosynthesis In Higher Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकाश अभिक्रिया (प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|light reactions (photochemical reactions)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अप्रकाशीय अभिक्रिया (कार्बन अभिक्रिया)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dark reactions (carbon reactions)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोरोफिल ए]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyll a&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोरोफिल बी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyll b&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ज़ैंथोफिल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|xanthophylls&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैरोटीनॉयड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|carotenoids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइट हार्वेस्टिंग काम्प्लेक्स (एल एच एसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|light harvesting complexes (LHC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फोटोसिस्टम I (पीएस I)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photosystem I (PS I)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फोटोसिस्टम II (PS II)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photosystem II (PS II)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटीना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|antennae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अभिक्रिया केंद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reaction centre&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पी700]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|P700&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पी 680]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|P680&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[इलेक्ट्रॉन परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Electrons transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Z स्कीम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Z scheme&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल विघटन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Splitting of Water&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चक्रीय और अचक्रीय फोटो-फास्फोरिलीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cyclic and Non-cyclic Photo-phosphorylation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केमियोस्मोटिक परिकल्पना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chemiosmotic Hypothesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैवसंश्लेषण चरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biosynthetic phase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्विन चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Calvin cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[C3 पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|C3 pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[C4 पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|C4 pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बंडल शीथ कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bundle sheath cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रांज़ 'शारीरिक रचना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Kranz’ anatomy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हैच और स्लैक पाथवे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hatch and Slack Pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकाश श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photorespiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Factors Affecting Photosynthesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लॉ ऑफ लिमिटिंग फैक्टर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Law of Limiting Factors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''14'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पौधों में श्वसन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Respiration in plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिकीय श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cellular respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसनी क्रियाधार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Respiratory substrates&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लाइकोलिसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|glycolysis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रेब्स चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Krebs’ cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[किण्वन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fermentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सी श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aerobic respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइकारबॉक्सिलिक अम्ल चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tricarboxylic Acid Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Electron Transport System (ETS)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सीडेटिव फास्फोराइलेशन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Oxidative Phosphorylation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एम्फ़िबोलिक मार्ग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Amphibolic Pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसन गुणांक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Respiratory quotient&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइट्रिक एसिड चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Citric acid Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइटोकॉन्ड्रिया में एटीपी का संश्लेषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ATP synthesis in mitochondria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनॉक्सी श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anaerobic respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ए.टी.पी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ATP&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''15'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप वृद्धि एवं परिवर्धन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Plant growth and development'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि के चरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phases of Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि दर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Growth Rates&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि के लिए दशाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Conditions for Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विभेदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Differentiation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निर्विभेदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dedifferentiation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुनर्विभेदित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Redifferentiated&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिवर्धन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Development&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्लास्टिसिटी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plasticity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पादप वृद्धि नियामक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plant growth regulators (PGRs)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सिन्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Auxins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शिखाग्र प्रधान्यता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apical dominance&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जिबरेलिन्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gibberellins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइटोकाइनिन्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytokinins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एथिलीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ethylene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एब्सिसिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Abscisic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दीप्तिकालिता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photoperiodism&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दीर्घ प्रदीप्तकाली पौधे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|long day plants&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अल्प प्रदीप्तकाली पौधे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|short day plants&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तटस्थ प्रदीप्तकाली पौधे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Day-neutral plants&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वसंतीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vernalisation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीज प्रसुप्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Seed dormancy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - चार'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''16'''&lt;br /&gt;
|'''मानव शरीर विज्ञान'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Human Physiology'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पाचन एवं अवशोषण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Digestion and Absorption'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाचन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Digestion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाचन तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Digestive system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आहार नाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alimentary Canal&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गर्तदन्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thecodont&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्विबारदंती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diphyodont&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जठरागम भाग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फंडिक क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fundic region&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जठरनिर्गम भाग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pyloric portion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाचन ग्रंथियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Digestive glands&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bolus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[काइम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chyme&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लोबेट कोशिकाये]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Goblet cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्सेस एंटेरिकस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Succus entericus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पचाए गए उत्पादों का अवशोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Absorption of digested products&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मुख]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mouth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आमाशय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomach&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[छोटी आंत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Small Intestine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बड़ी आँत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Large Intestine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीलिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Jaundice&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वमन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vomiting&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रवाहिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diarrhoea&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोष्ठबद्धता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Constipation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपच]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Indigestion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण (पीईएम)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protein-energy malnutrition (PEM)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''17'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''श्वास और गैसों का विनिमय'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Breathing and exchange of gases'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Breathing&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gills&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फेफड़े]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lungs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रसनी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pharynx&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वासनली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Trachea&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ध्वनि पेटिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sound box&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वासनलियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bronchi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वायु कूपिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alveoli&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inspiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निःश्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Expiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ज्वारीय आयतन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tidal Volume (TV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत श्वसन सुरक्षित आयतन (आईआरबी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inspiratory Reserve Volume (IRV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निःश्वास सुरक्षित आयतन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Expiratory Reserve Volume (ERV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवशिष्ट आयतन (RV)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Residual Volume (RV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः श्वसन क्षमता (आईसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inspiratory Capacity (IC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नि:श्वसन क्षमता (ईसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Expiratory Capacity (EC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रियात्मक अवशिष्ट क्षमता (FRC)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Functional Residual Capacity (FRC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैव क्षमता (वीसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vital Capacity (VC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फेफड़े की कुल क्षमता (टीएलसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Total Lung Capacity (TLC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गैसों का आदान-प्रदान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Exchange of gases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गैसों का परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Transportation of gases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सीहीमोग्लोबिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Oxyhaemoglobin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कार्बामिनो-हीमोग्लोबिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Carbamino-haemoglobin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Asthma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वातस्फीति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Emphysema&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[व्यावसायिक श्वसन विकार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Occupational Respiratory Disorders&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''18'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''शरीर द्रव तथा परिसंचरण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Body fluids and circulation'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लसीका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lymph&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्लाज्मा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plasma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[इरिथ्रोसाइट्स (रक्ताणु)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Erythrocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ल्यूकोसाइट (श्वेत रुधिर कणिकाएं)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Leucocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थ्रॉम्बोसाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thrombocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त समूह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood Groups&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ABO समुह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ABO grouping&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Rh समूह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rh grouping&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Rh सहित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rh positive&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Rh हीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rh negative&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त स्कंदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coagulation of Blood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिसंचरण पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|CIRCULATORY PATHWAYS&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अलिंद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Atrium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निलय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ventricles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heart&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदयावरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pericardium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शिरा अलिंद पर्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sino-atrial node&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अलिंद निलय पर्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|atrio-ventricular node&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदय चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विद्युत हृद लेख]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Electrocardiograph (ECG)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आलिंद का उद्दीपन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|excitation (or depolarisation) of the atria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निलय का अध्रुवण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|depolarisation of the ventricles,&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टी तरंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|T-wave&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त वाहिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood Vessels&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतःस्तर कंचुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|tunica intima&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्य कंचुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|tunica externa.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उच्च रक्त दाब]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|High Blood Pressure (Hypertension)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coronary Artery Disease (CAD)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एनजाइना (ह्रद शूल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Angina&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद्पात]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heart Failure&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनुशिथिलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diastole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकुंचन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Systole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[P- तरंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|P-wave&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिनो-आलिंद नोड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sino-atrial node&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मायोजेनिक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|myogenic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदयी निर्गम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cardiac output&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्लेटलेट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Platelets&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेसमेकर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pacemaker&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ह्रद निकास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac output&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्ट्रोक या विस्पंदन आयतन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stroke or stroke volume&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''19'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''उत्सर्जी उत्पाद और उनका निष्कासन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Excretory products and their Elimination'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अमोनिया उत्सर्जी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ammonotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिया उत्सर्जी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ureotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिकोटेलिक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uricotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपीगी नलिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बर्टिनी स्तंभ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Columns of Bertini&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रॉन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephrons&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बोमेन सम्पुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bowman’s capsule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समीपस्थ संवलित नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|proximal convoluted tubule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हेन्ले लूप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Henle’s loop&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दूरस्थ संवलित नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|distal convoluted tubule (DCT)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केशिकागुच्छीय निस्पंदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glomerular filtration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परा निस्पंदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ultra filtration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केशिकागुच्छीय निस्पंदन दर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glomerular filtration rate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुनः अवशोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reabsorption&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संग्रह नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Collecting Duct&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतिधारा क्रियाविधि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Counter current mechanism&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वासा रेक्टा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vasa recta&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेनिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेनिन-एंजियोटेनसिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renin-Angiotensin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आलिंद नैट्रियूरेटिक कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Atrial Natriuretic Factor&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरीमिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uremia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हीमोडायलिसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hemodialysis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कृत्रिम वृक्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Artificial kidney&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृक्क की क्रियाहीनता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renal failures&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेनल कैलकुली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renal calculi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glomerulonephritis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''20'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''गमन एवं संचलन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Locomotion &amp;amp; Movement'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गमन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|locomotion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशाभिका गति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flagellar movement&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंकाल पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Skeletal muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऐच्छिक पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|striated muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतरंग पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Visceral muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चिकनी पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|smooth muscles (nonstriated muscle)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेशी बण्डल या पूलिकाओं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Muscle bundles or fascicles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संपटट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fascia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेशी तन्तुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|myofibrils&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्टिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Actin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मायोसीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Myosin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अक्षीय कंकाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axial skeleton&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्ण अस्थिकाएँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ear Ossicles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशेरुक दंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vertebral column&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उरोस्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sternum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पसलियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ribs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपांगीय कंकाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Appendicular skeleton&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|limb&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंश और श्रोणि मेखला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pectoral and Pelvic girdle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेशीय जोड़]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fibrous joints&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपास्थि युक्त जोड़]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cartilaginous joints&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिनोवियल जोड़]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Synovial joints&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइस्थेनिया ग्रेविस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Myasthenia gravis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेशीय दुष्पोसण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Muscular dystrophy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपतानिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tetany&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संधि शोथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Arthritis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अस्थि सुषिरता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osteoporosis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gout&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''21'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''तंत्रिका नियंत्रण और समन्वय'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Neural control and Coordination'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूरॉन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neurons&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Central neural system (CNS)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Peripheral neural system (PNS)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Brain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरुदंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spinal cord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neural system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निसेल ग्रेन्युल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nissl’s granules.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूरोट्रांसमीटर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neurotransmitters&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका आवेग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nerve impulse.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिनैप्टिक दरार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Synaptic cleft&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राही]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Receptors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अग्रमस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Forebrain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यमस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Midbrain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पश्चमस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hindbrain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतिवर्ती क्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|reflex action&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संवेदी अंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sense Organs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेत्र के भाग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parts of an eye&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[देखने की प्रक्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mechanism of Vision&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्ण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The Ear&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''22'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Chemical coordination and integration'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतःस्रावी ग्रंथियाँ और हार्मोन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocrine Glands &amp;amp; Hormones&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हाइपोथैलेमस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypothalamus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीयूष ग्रन्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The pituitary gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीनियल ग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The pineal gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थाइरॉयड ग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thyroid gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैराथाइरॉइड हार्मोन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parathyroid hormone&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थाइमस ग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thymus gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधिवृक्क ग्रंथियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adrenal glands&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडिसन रोग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Addison’s disease&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अग्न्याशय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pancreas&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Testis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शुक्रजनक नलिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|seminiferous tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टेस्टोस्टेरोन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Testosterone&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोजेस्ट्रोन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Progesterone&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एस्ट्रोजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Estrogen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉर्पस ल्यूटियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Corpus luteum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एट्रियल नैट्रियूरेटिक फैक्टर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Atrial natriuretic factor&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हार्मोन ग्राही]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hormone receptors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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[[Category:Information]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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	<entry>
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		<title>हरबेरियम</title>
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		<updated>2023-10-18T18:00:03Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हर्बेरिया, पौधों के नमूनों के अध्ययन का एक भंडार है। हर्बेरिया नए एकत्रित पौधों की पहचान के लिए एक मानक संदर्भ भी प्रदान करता है। हर्बेरियम संरक्षित पौधों के नमूनों का एक संग्रह है जिन्हें अध्ययन के लिए संग्रहीत, सूचीबद्ध और व्यवस्थित रूप से व्यवस्थित किया जाता है। हर्बेरियम का उपयोग जीवन के कई क्षेत्रों के पेशेवरों या अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है। किसी पौधे की पहचान करने की आवश्यकता होने पर काम आते है। हरबेरियम एक महत्वपूर्ण संदर्भ होते हैं और हजारों पौधों के नामों की पहचान करने में भी काम आते हैं। आइये इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
हर्बेरियम संरक्षित पौधों के नमूनों का एक संग्रह है जिसका उपयोग वैज्ञानिक और विकासवादी अध्ययन के लिए किया जाता है। नमूने आमतौर पर कागज पर लगाए गए सूखे और दबाए गए पौधे होते हैं। उन्हें वर्गीकरण की स्वीकृत प्रणालियों में से एक में व्यवस्थित रूप से व्यवस्थित किया जाता है। हर्बेरिया का उपयोग पौधों की पहचान करने और स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए किया जाता है। वे पृथ्वी की वनस्पतियों के स्थायी रिकॉर्ड के रूप में भी काम करते हैं। छात्रों, शोधकर्ताओं और आम जनता तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें व्यवस्थित रूप से डेटाबेस और व्यवस्थित किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== मानक हर्बेरियम शीट ==&lt;br /&gt;
हर्बेरियम शीट का मानक आकार 41 सेमी x 29 सेमी या 11.5 इंच x 16.5 इंच होता है। मानक आकार पौधों के नमूनों के आसान भंडारण और संगठन के साथ-साथ विस्तृत जानकारी जोड़ने की अनुमति देता है। हर्बेरियम शीट के आकार का मानकीकरण दुनिया भर में विभिन्न हर्बेरियम संग्रहों के बीच पौधों के नमूनों की स्थिरता, अनुकूलता और आसान आदान-प्रदान सुनिश्चित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== तकनीक ==&lt;br /&gt;
यहां एक अच्छे हर्बेरियम को बनाने की तकनीक निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* नमूनों की सही पहचान और लेबलिंग की जाती है।&lt;br /&gt;
* नमूनों को सूखी जगह पर संग्रहित किया जाता है।&lt;br /&gt;
* नमूनों को विशेष गोंद और स्याही का उपयोग करके एसिड-मुक्त कागज पर लगाया जाता है।&lt;br /&gt;
* नमूने मानक हर्बेरियम शीट पर लगाये जाते है।&lt;br /&gt;
* नमूनों में संलग्न पत्तियों वाला एक तना, और यदि संभव हो तो फूल और/या फल लगाये जाते हैं।&lt;br /&gt;
* पौधों के बारे में अधिकतम सूचना दी जाती है।&lt;br /&gt;
* हर्बेरिया को कई शताब्दियों में सिद्ध की गई तकनीकों का उपयोग करके अलमारियों में संग्रहित किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== नियम ==&lt;br /&gt;
हर्बेरियम बनाने के लिए यहां नियम निम्नलिखित हैं- &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे के सभी भागों का एक नमूना एकत्र करें।&lt;br /&gt;
* अतिव्यापी भागों को कम करते हुए, पौधों को उनकी प्राकृतिक संरचना में व्यवस्थित करें।&lt;br /&gt;
* नमूनों को पुनर्व्यवस्थित करने या आवश्यकतानुसार कागज बदलने के लिए 24 घंटे के बाद पौधों का निरीक्षण करें।&lt;br /&gt;
* केवल देशी और प्राकृतिक पौधे ही एकत्र करें।&lt;br /&gt;
* रोगग्रस्त पौधों को इकट्ठा करने से बचें&lt;br /&gt;
* संग्रह को धात्विक वास्कुलम या पॉलिथीन बैग में रखें।&lt;br /&gt;
* नमूनों को मानक अखबार फ़ोल्डरों में दबाएं, नमूनों की ओवरलैपिंग न हो। सूक्ष्मजीवों के प्रसार को रोकने के लिए जहरीले रोगाणुओं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== हर्बेरियम में उल्लिखित बिंदु ==&lt;br /&gt;
हर्बेरिया पौधों के बारे में निम्नलिखित जानकारी प्रदान करता है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधों के स्थान&lt;br /&gt;
* प्राकृतिक वास&lt;br /&gt;
* संग्रह की तारीख और स्थान&lt;br /&gt;
* स्थानीय और वानस्पतिक नाम&lt;br /&gt;
* परिवार&lt;br /&gt;
* संग्रहकर्ता का नाम।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उपयोग ==&lt;br /&gt;
हर्बेरिया के उपयोग निम्नलिखित है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक और विकासवादी अध्ययन&lt;br /&gt;
* डीएनए नमूने उपलब्ध करना&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक टिप्पणियों को मान्य करना&lt;br /&gt;
* विभिन्न प्रजातियों का वर्गीकरण और अध्ययन&lt;br /&gt;
* वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा&lt;br /&gt;
* पौधों की पहचान, अनुसंधान, संरक्षण, शिक्षा, प्रदर्शन, प्रशिक्षण और जीन पूल अध्ययन।&lt;br /&gt;
* इनका उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर पौधों की जंगली किस्मों और उनके रिश्तेदारों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* पौधों की विविधता, विकास, जीवविज्ञान, शरीर रचना विज्ञान, वंशविज्ञान, रासायनिक गुण, वितरण, घटनाएँ, स्थानीय वनस्पति और जीव, जंगली किस्में, कोशिका विज्ञान, डीएनए की संरचना और संख्यात्मक वर्गीकरण।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&amp;diff=42231</id>
		<title>हरबेरियम</title>
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		<updated>2023-10-17T19:38:36Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हर्बेरियम संरक्षित पौधों के नमूनों का एक संग्रह है जिसका उपयोग वैज्ञानिक और विकासवादी अध्ययन के लिए किया जाता है। नमूने आमतौर पर कागज पर लगाए गए सूखे और दबाए गए पौधे होते हैं। उन्हें वर्गीकरण की स्वीकृत प्रणालियों में से एक में व्यवस्थित रूप से व्यवस्थित किया गया है।&lt;br /&gt;
हर्बेरिया का उपयोग इसके लिए किया जाता है:&lt;br /&gt;
वैज्ञानिक और विकासवादी अध्ययन&lt;br /&gt;
डीएनए नमूने उपलब्ध कराना&lt;br /&gt;
वैज्ञानिक टिप्पणियों को मान्य करना&lt;br /&gt;
विभिन्न प्रजातियों का वर्गीकरण अध्ययन&lt;br /&gt;
वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा&lt;br /&gt;
हर्बेरिया को कई शताब्दियों में सिद्ध की गई तकनीकों का उपयोग करके अलमारियों में संग्रहित किया जाता है। नमूने 100% एसिड-मुक्त कठोर कागज पर लगाए गए हैं। हर्बेरियम शीट का मानक आकार 41 सेमी x 29 सेमी या 11.5 इंच x 16.5 इंच है।&lt;br /&gt;
हर्बेरिया का रखरखाव वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। छात्रों, शोधकर्ताओं और आम जनता तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें व्यवस्थित रूप से डेटाबेस और व्यवस्थित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहां एक अच्छे हर्बेरियम की कुछ विशेषताएं दी गई हैं:&lt;br /&gt;
नमूनों की सही पहचान और लेबलिंग की गई है।&lt;br /&gt;
नमूनों को सूखी जगह पर संग्रहित किया जाता है।&lt;br /&gt;
नमूनों को विशेष गोंद और स्याही का उपयोग करके एसिड-मुक्त कागज पर लगाया जाता है।&lt;br /&gt;
नमूने मानक हर्बेरियम शीट की सूचना सामग्री को अधिकतम करते हैं।&lt;br /&gt;
नमूनों में संलग्न पत्तियों वाला एक तना, और यदि संभव हो तो फूल और/या फल शामिल हैं।&lt;br /&gt;
नमूनों में जड़ी-बूटी वाले पौधों की जड़ें या प्रकंद शामिल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हर्बेरियम शीट का मानक आकार 41 सेमी x 29 सेमी या 11.5 इंच x 16.5 इंच है। इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर प्लांट टैक्सोनॉमी (आईएपीटी) इस आकार की सिफारिश करता है। मानक आकार पौधों के नमूनों के आसान भंडारण और संगठन के साथ-साथ विस्तृत जानकारी जोड़ने की अनुमति देता है।&lt;br /&gt;
हर्बेरियम शीट के आकार का मानकीकरण दुनिया भर में विभिन्न हर्बेरियम संग्रहों के बीच पौधों के नमूनों की स्थिरता, अनुकूलता और आसान आदान-प्रदान सुनिश्चित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हर्बेरिया का उपयोग पौधों की पहचान करने और स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए किया जाता है। वे पृथ्वी की वनस्पतियों के स्थायी रिकॉर्ड के रूप में भी काम करते हैं। हर्बेरिया इसके बारे में जानकारी प्रदान करता है:&lt;br /&gt;
पौधों के स्थान&lt;br /&gt;
प्राकृतिक वास&lt;br /&gt;
प्रचुरता&lt;br /&gt;
फूल आने और फल लगने की अवधि&lt;br /&gt;
हर्बेरिया पुस्तकालयों की तरह हैं, लेकिन जानकारी जैविक रूप में संग्रहीत की जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हर्बेरियम बनाने के लिए यहां कुछ नियम दिए गए हैं:&lt;br /&gt;
पौधे के सभी भागों का एक नमूना एकत्र करें।&lt;br /&gt;
अतिव्यापी भागों को कम करते हुए, पौधों को उनकी प्राकृतिक संरचना में व्यवस्थित करें।&lt;br /&gt;
नमूनों को पुनर्व्यवस्थित करने या आवश्यकतानुसार कागज बदलने के लिए 24 घंटे के बाद पौधों का निरीक्षण करें।&lt;br /&gt;
केवल देशी और प्राकृतिक पौधे ही एकत्र करें।&lt;br /&gt;
रोगग्रस्त पौधों को इकट्ठा करने से बचें.&lt;br /&gt;
संग्रह को धात्विक वास्कुलम या पॉलिथीन बैग में रखें। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नमूनों को मानक अखबार फ़ोल्डरों में दबाएं, नमूनों की ओवरलैपिंग न हो। सूक्ष्मजीवों के प्रसार को रोकने के लिए जहरीले रोगाणुओं।&lt;br /&gt;
20 में 1 नियम का पालन करें, जो बताता है कि एक वनस्पतिशास्त्री कभी भी बीस पौधों में से एक से अधिक एकत्र नहीं करेगा।&lt;br /&gt;
एक विशिष्ट, आदर्श नमूने में निम्नलिखित शामिल होने चाहिए:&lt;br /&gt;
जुड़ी हुई पत्तियों वाला एक तना&lt;br /&gt;
फूल और/या फल&lt;br /&gt;
शाकाहारी पौधों की जड़ें या प्रकंद&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हर्बेरिया का उपयोग इसके लिए किया जाता है:&lt;br /&gt;
पौधों की पहचान, अनुसंधान, संरक्षण, शिक्षा, प्रदर्शन, प्रशिक्षण, जीन पूल अध्ययन।&lt;br /&gt;
हर्बेरिया पौधों के नमूनों के अध्ययन का एक भंडार है। वे इसके बारे में जानकारी प्रदान करते हैं:&lt;br /&gt;
पौधों की विविधता, विकास, जीवविज्ञान, शरीर रचना विज्ञान, वंशविज्ञान, रासायनिक गुण, वितरण, घटनाएँ, स्थानीय वनस्पति और जीव, जंगली किस्में, आर्थिक रूप से कमजोर पौधे, कोशिका विज्ञान, डीएनए की संरचना, संख्यात्मक वर्गीकरण, कीमो-वर्गीकरण।&lt;br /&gt;
हर्बेरिया नए एकत्रित पौधों की पहचान के लिए एक मानक संदर्भ भी प्रदान करता है। इनका उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर पौधों की जंगली किस्मों और उनके रिश्तेदारों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A8&amp;diff=42230</id>
		<title>जनन</title>
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		<updated>2023-10-17T18:14:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जनन द्वारा कोई जीव अपने ही जैसे दूसरे जीव को जन्म देता है। जनन द्वारा कोई भी जीव अपनी जाति की वृद्धि करता है और उसमें निरंतरता रखता है। जन्म देने की क्रिया को ही जनन कहते हैं। जनन, चयापचय के साथ जीवितों की विशेषता है। जीवधारियों में, पौधे और पशु दोनों ही आते हैं। दोनों में ही जैविक घटनाएँ घटित होती है। और दोनों में ही जनन होता है। आइये जीवो में होने वाले जनन के विषय में ज्ञानार्जन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
जनन एक जैविक प्रक्रिया है जो अपने माता-पिता से नए जीवों को जन्म देती है। यह सभी ज्ञात जीवन की एक मूलभूत विशेषता है। प्रजनन पीढ़ी दर पीढ़ी प्रजातियों की निरंतरता को सक्षम बनाता है। संतानें बढ़ती हैं, परिपक्व होती हैं और बदले में नई संतानें पैदा करती हैं। इस प्रकार, जन्म, विकास और मृत्यु का एक चक्र बनता है। प्रजातियाँ, पीढ़ी दर पीढ़ी पुनरुत्पादन की निरंतरता को बनाये रखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जनन के दो उद्देश्य होते हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जाति विशेष का संरक्षण&lt;br /&gt;
* जाति की निरंतरता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जीवों की भागीदारी के आधार अर्थात, एक या दो जीवों की भागीदारी पर जनन की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है। जब संतान एकल जीव द्वारा उत्पन्न होती है या युग्मक गठन के बिना होती है, तो अलैंगिक जनन कहलाती है। जब विपरीत लिंग वाले दो जीव शामिल होते हैं और युग्मक का निर्माण होता है तो इसे लैंगिक जनन कहा जाता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जनन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== लैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
लैंगिक जनन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न लिंगों के दो जीवों की आनुवंशिकी का संयोजन होता है। इस प्रक्रिया में युग्मक का निर्माण होता है। युग्मक, गुणसूत्रों के एकल सेट वाली जनन कोशिकाएं होती है, जैसे शुक्राणु या अंडाणु कोशिकाएं। इसके बाद निषेचन की प्रक्रिया होती है। निषेचन, एककोशिकीय युग्मनज का निर्माण करने के लिए नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है। युग्मनज एक भ्रूण में विकसित होता है, जो आगे चलकर एक नए जीव में विकसित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
लैंगिक जनन में दो विभिन्न लिंग के जीव सम्मिलित होते है जो संतान को जन्म देते हैं। जीवों में लैंगिक जनन में, शुक्राणु पैदा करने वाला नर जनक अंडे पैदा करने वाली मादा जनक होता है। शुक्राणु अंडे के साथ मिलकर युग्मनज बनाता है और युग्मनज बार-बार विभाजित होकर बड़ी संख्या में कोशिकाएँ बनाता है। युग्मनज एक नई समान प्रजाति में विकसित होता है। संतान को कुछ जीन नर से और कुछ मादा से प्राप्त होते हैं। जानवरों में यौन जनन के तीन चरण होते हैं: पूर्व-निषेचन, निषेचन और निषेचनोत्तर।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== स्वयुग्मन (ऑटोगैमी) =====&lt;br /&gt;
ऑटोगैमी एक आवृतबीजी पौधों का जनन तंत्र है। ऑटोगैमी में एक ही जीव के दो युग्मकों का संलयन होता है। इसे स्व-निषेचन के रूप में भी जाना जाता है। इसे आमतौर पर स्व-परागण के रूप में देखा जाता है। स्व-परागण में, एक ही फूल से पराग को उसी फूल के कलंक या उसी पौधे के किसी अन्य फूल में स्थानांतरित किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== परयुग्मन (एलोगैमी) =====&lt;br /&gt;
एलोगैमी एक आवृतबीजी पौधों का जनन तंत्र है। एकलिंगी फूलों में निषेचन की इस विधि को देखा जाता है। यह एक प्रकार का पर-निषेचन है जो तब होता है जब एक जीव की अंड कोशिका दूसरे जीव की शुक्राणु कोशिका द्वारा निषेचित होती है, आमतौर पर उसी प्रजाति की। परागकणों का एक फूल से दूसरे फूल में स्थानांतरण हवा, पानी, कीड़े या पक्षियों के माध्यम से होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अलैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
अलैंगिक जनन में संतान एकल जीव द्वारा उत्पन्न होती है। अलैंगिक जनन में, उत्पन्न संतानें अपने जनक के आनुवंशिक रूप से समान होती हैं इसलिए उन्हें क्लोन कहा जाता है। अलैंगिक जनन एक प्रकार का जनन है जिसमें युग्मकों का संलयन या गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन सम्मिलित नहीं होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
नये जीव का निर्माण एक ही जीव से होता है। इस प्रकार का जनन सामान्यतः एककोशिकीय जीवों में देखा जाता है। यहां युग्मकों का कोई संलयन शामिल नहीं होता है और एक एकल जनक दो या दो से अधिक संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाता है। उत्पन्न संतति कोशिका आनुवंशिक और शारीरिक रूप से जनक के समान होती है और क्लोन के रूप में जानी जाती है। जीवों में अलैंगिक जनन विखंडन, द्विविखंडन, बहुविखंडन, बीजाणुकरण और संविभाजन द्वारा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
अलैंगिक जनन में विशेष प्रकार की कोशिकाएँ, बिना किसी दूसरी कोशिका से मिले ही, नए पौधों को उत्पन्न करती हैं। यह विखंडन विधि या बीजाणुनिर्माण विधि से होता है। शैवाल और कवक विखंडन विधि से जनन दर्शाते हैं। बीजाणुनिर्माण विधि से जनन बीजाणुओं द्वारा होता है। बीजाणु एककोशीय और बहुत सूक्ष्म होते हैं। शैवाल और कवक बीजाणुनिर्माण विधि से जनन दर्शाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कायिक जनन ===&lt;br /&gt;
पौधों में अलैंगिक जनन उनके वानस्पतिक भागों जैसे पत्तियों, जड़ों और तने के माध्यम से होता है, इसे वानस्पतिक प्रवर्धन कहते हैं। उदाहरण के लिए, आलू के कंद, दूब घास के रनर, प्याज के बल्ब, अदरख और हल्दी के प्रकंद आदि, सभी वानस्पतिक प्रसार के माध्यम से जनन करते हैं। जहाँ जानवरों और अन्य साधारण जीवों में अलैंगिक शब्द का प्रयोग किया जाता है, स्पष्ट रूप से, पौधों में, कायिक प्रवर्धन शब्द का प्रयोग किया जाता है I पौधों में कायिक प्रसार की इकाइयाँ होती है जैसे-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* भूस्तारी या रनर&lt;br /&gt;
* प्रकंद या राइजोम&lt;br /&gt;
* कंद या ट्यूबर&lt;br /&gt;
* पत्रकंद या बल्बिल&lt;br /&gt;
* भूस्तरिका या आफसेट&lt;br /&gt;
* बल्ब ये सभी नए पौधों को जन्म देने में सक्षम हैं। इन संरचनाओं को कायिक प्रजनक कहा जाता है। क्योंकि इन संरचनाओं के निर्माण में दो जीव सम्मिलित नहीं हैं, इसलिए यह प्रक्रिया अलैंगिक है।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A8&amp;diff=42229</id>
		<title>जनन</title>
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		<updated>2023-10-17T17:30:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जनन द्वारा कोई जीव अपने ही जैसे दूसरे जीव को जन्म देता है। जनन द्वारा कोई भी जीव अपनी जाति की वृद्धि करता है और उसमें निरंतरता रखता है। जन्म देने की क्रिया को ही जनन कहते हैं। जनन, चयापचय के साथ जीवितों की विशेषता है। जीवधारियों में, पौधे और पशु दोनों ही आते हैं। दोनों में ही जैविक घटनाएँ घटित होती है। और दोनों में ही जनन होता है। आइये जीवो में होने वाले जनन के विषय में ज्ञानार्जन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
जनन एक जैविक प्रक्रिया है जो अपने माता-पिता से नए जीवों को जन्म देती है। यह सभी ज्ञात जीवन की एक मूलभूत विशेषता है। प्रजनन पीढ़ी दर पीढ़ी प्रजातियों की निरंतरता को सक्षम बनाता है। संतानें बढ़ती हैं, परिपक्व होती हैं और बदले में नई संतानें पैदा करती हैं। इस प्रकार, जन्म, विकास और मृत्यु का एक चक्र बनता है। प्रजातियाँ, पीढ़ी दर पीढ़ी पुनरुत्पादन की निरंतरता को बनाये रखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जनन के दो उद्देश्य होते हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जाति विशेष का संरक्षण&lt;br /&gt;
* जाति की निरंतरता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जीवों की भागीदारी के आधार अर्थात, एक या दो जीवों की भागीदारी पर जनन की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है। जब संतान एकल जीव द्वारा उत्पन्न होती है या युग्मक गठन के बिना होती है, तो अलैंगिक जनन कहलाती है। जब विपरीत लिंग वाले दो जीव शामिल होते हैं और युग्मक का निर्माण होता है तो इसे लैंगिक जनन कहा जाता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जनन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== लैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
लैंगिक जनन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न लिंगों के दो जीवों की आनुवंशिकी का संयोजन होता है। इस प्रक्रिया में युग्मक का निर्माण होता है। युग्मक, गुणसूत्रों के एकल सेट वाली जनन कोशिकाएं होती है, जैसे शुक्राणु या अंडाणु कोशिकाएं। इसके बाद निषेचन की प्रक्रिया होती है। निषेचन, एककोशिकीय युग्मनज का निर्माण करने के लिए नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है। युग्मनज एक भ्रूण में विकसित होता है, जो आगे चलकर एक नए जीव में विकसित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== स्वयुग्मन (ऑटोगैमी) =====&lt;br /&gt;
ऑटोगैमी एक आवृतबीजी पौधों का जनन तंत्र है। ऑटोगैमी में एक ही जीव के दो युग्मकों का संलयन होता है। इसे स्व-निषेचन के रूप में भी जाना जाता है। इसे आमतौर पर स्व-परागण के रूप में देखा जाता है। स्व-परागण में, एक ही फूल से पराग को उसी फूल के कलंक या उसी पौधे के किसी अन्य फूल में स्थानांतरित किया जाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== परयुग्मन (एलोगैमी) =====&lt;br /&gt;
एलोगैमी एक आवृतबीजी पौधों का जनन तंत्र है। एकलिंगी फूलों में निषेचन की इस विधि को देखा जाता है। यह एक प्रकार का पर-निषेचन है जो तब होता है जब एक जीव की अंड कोशिका दूसरे जीव की शुक्राणु कोशिका द्वारा निषेचित होती है, आमतौर पर उसी प्रजाति की। परागकणों का एक फूल से दूसरे फूल में स्थानांतरण हवा, पानी, कीड़े या पक्षियों के माध्यम से होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अलैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
अलैंगिक जनन में संतान एकल जीव द्वारा उत्पन्न होती है। अलैंगिक जनन में, उत्पन्न संतानें अपने जनक के आनुवंशिक रूप से समान होती हैं इसलिए उन्हें क्लोन कहा जाता है। अलैंगिक जनन एक प्रकार का जनन है जिसमें युग्मकों का संलयन या गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन सम्मिलित नहीं होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कायिक जनन ===&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A8&amp;diff=42228</id>
		<title>जनन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A8&amp;diff=42228"/>
		<updated>2023-10-17T12:35:27Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जनन द्वारा कोई जीव अपने ही जैसे दूसरे जीव को जन्म देता है। जनन द्वारा कोई भी जीव अपनी जाति की वृद्धि करता है और उसमें निरंतरता रखता है। जन्म देने की क्रिया को ही जनन कहते हैं। जनन, चयापचय के साथ जीवितों की विशेषता है। जीवधारियों में, पौधे और पशु दोनों ही आते हैं। दोनों में ही जैविक घटनाएँ घटित होती है। और दोनों में ही जनन होता है। आइये जीवो में होने वाले जनन के विषय में ज्ञानार्जन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
जनन एक जैविक प्रक्रिया है जो अपने माता-पिता से नए जीवों को जन्म देती है। यह सभी ज्ञात जीवन की एक मूलभूत विशेषता है। प्रजनन पीढ़ी दर पीढ़ी प्रजातियों की निरंतरता को सक्षम बनाता है। संतानें बढ़ती हैं, परिपक्व होती हैं और बदले में नई संतानें पैदा करती हैं। इस प्रकार, जन्म, विकास और मृत्यु का एक चक्र बनता है। प्रजातियाँ, पीढ़ी दर पीढ़ी पुनरुत्पादन की निरंतरता को बनाये रखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जनन के दो उद्देश्य होते हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जाति विशेष का संरक्षण&lt;br /&gt;
* जाति की निरंतरता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जीवों की भागीदारी के आधार अर्थात, एक या दो जीवों की भागीदारी पर जनन की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है। जब संतान एकल जीव द्वारा उत्पन्न होती है या युग्मक गठन के बिना होती है, तो अलैंगिक जनन कहलाती है। जब विपरीत लिंग वाले दो जीव शामिल होते हैं और युग्मक का निर्माण होता है तो इसे लैंगिक जनन कहा जाता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जनन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== लैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
लैंगिक जनन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न लिंगों के दो जीवों की आनुवंशिकी का संयोजन होता है। इस प्रक्रिया में युग्मक का निर्माण होता है। युग्मक, गुणसूत्रों के एकल सेट वाली जनन कोशिकाएं होती है, जैसे शुक्राणु या अंडाणु कोशिकाएं। इसके बाद निषेचन की प्रक्रिया होती है। निषेचन, एककोशिकीय युग्मनज का निर्माण करने के लिए नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है। युग्मनज एक भ्रूण में विकसित होता है, जो आगे चलकर एक नए जीव में विकसित होता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== स्वयुग्मन (ऑटोगैमी) =====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== परयुग्मन (एलोगैमी) =====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अलैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
अलैंगिक जनन में  अलैंगिक जनन में, उत्पन्न संतानें अपने माता-पिता की हूबहू नकल होती हैं इसलिए उन्हें क्लोन कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कायिक जनन ===&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A8&amp;diff=42226</id>
		<title>जनन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A8&amp;diff=42226"/>
		<updated>2023-10-17T11:27:23Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जनन द्वारा कोई जीव अपने ही जैसे दूसरे जीव को जन्म देता है। जनन द्वारा कोई भी जीव अपनी जाति की वृद्धि करता है और उसमें निरंतरता रखता है। जन्म देने की क्रिया को ही जनन कहते हैं। जनन, चयापचय के साथ जीवितों की विशेषता है। जीवधारियों में, पौधे और पशु दोनों ही आते हैं। दोनों में ही जैविक घटनाएँ घटित होती है। और दोनों में ही जनन होता है। आइये जीवो में होने वाले जनन के विषय में ज्ञानार्जन करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
जनन एक जैविक प्रक्रिया है जो अपने माता-पिता से नए जीवों को जन्म देती है। यह सभी ज्ञात जीवन की एक मूलभूत विशेषता है। प्रजनन पीढ़ी दर पीढ़ी प्रजातियों की निरंतरता को सक्षम बनाता है। संतानें बढ़ती हैं, परिपक्व होती हैं और बदले में नई संतानें पैदा करती हैं। इस प्रकार, जन्म, विकास और मृत्यु का एक चक्र बनता है। प्रजातियाँ, पीढ़ी दर पीढ़ी पुनरुत्पादन की निरंतरता को बनाये रखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जनन के दो उद्देश्य होते हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जाति विशेष का संरक्षण&lt;br /&gt;
* जाति की निरंतरता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जीवों की भागीदारी के आधार अर्थात, एक या दो जीवों की भागीदारी पर जनन की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है। जब संतान एकल जीव द्वारा उत्पन्न होती है या युग्मक गठन के बिना होती है, तो अलैंगिक जनन कहलाती है। जब विपरीत लिंग वाले दो जीव शामिल होते हैं और युग्मक का निर्माण होता है तो इसे लैंगिक जनन कहा जाता है। आइए इस पर विस्तार से चर्चा करें।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जनन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== लैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== स्वयुग्मन (ऑटोगैमी) =====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== परयुग्मन (एलोगैमी) =====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अलैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कायिक जनन ===&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>जनन</title>
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		<updated>2023-10-17T10:59:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जनन द्वारा कोई जीव अपने ही सदृश किसी दूसरे जीव को जन्म देकर अपनी जाति की वृद्धि करता है। जन्म देने की इस क्रिया को जनन कहते हैं। जनन जीवितों की विशेषता है। जीव की उत्पत्ति किसी पूर्ववर्ती जीवित जीव से ही होती है। जनन के दो उद्देश्य होते हैं एक व्यक्तिविशेष का संरक्षण और दूसरा जाति की शृंखला बनाए रखना। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जनन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== लैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में लैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== स्वयुग्मन (ऑटोगैमी) =====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
===== परयुग्मन (एलोगैमी) =====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अलैंगिक जनन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== जीवों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पौधों में अलैंगिक जनन ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कायिक जनन ===&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>पीढ़ी एकान्तरण</title>
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		<updated>2023-10-16T17:49:23Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जीवन चक्र, उन बदलावों का क्रम है जिसमें कोई जीव अपना जीवन पूरा करने के बाद अंततः अपनी आरम्भिक रूप व स्थिति में लौट जाता है। जीव का जन्म होता है और आयु के साथ विकसित होता है और अपनी आगे आने वाली पीड़ी की निरंतरता के हेतु जनन करता है। अपना जीवन चक्र पूरा करने के पश्च्यात जीव, मृत्यु को प्राप्त होता है। जन्म और मृत्यु का चक्र गतिशील रहता है। पौधों में भी ऐसा ही देखा जाता है। लेकिन पौधों के जीवन चक्र में एक बहुत ही दिलचस्प घटना घटती है जिसे पीढ़ी प्रत्यावर्तन के रूप में जाना जाता है। हम इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
[[File:Alternation of generations simpler.svg|thumb|350x350px|पीढ़ी प्रत्यावर्तन]]&lt;br /&gt;
पौधों में, अगुणित और द्विगुणित दोनों कोशिकाएँ समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित हो सकती हैं I यही क्षमता पौधों के शरीर में विभिन्नता लाती है जैसे - पौधों में अगुणित और द्विगुणित अंगो का होना। अगुणित पौधा, समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मकों का निर्माण करता है। यह युग्मकोद्भिद का प्रतिनिधित्व करता है। निषेचन के बाद युग्मनज भी समसूत्रण द्वारा विभाजित होकर द्विगुणित बनता है और बीजाणुद्भिद् का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पादप शरीर द्वारा, अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा, अगुणित बीजाणु उत्पन्न होते हैं । ये अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होते हैं और एक बार फिर अगुणित पौधे का निर्माण करते है। इस प्रकार, किसी भी लैंगिक जनन करने वाले पौधे के जीवन चक्र में, युग्मक उत्पादन करने वाले अगुणित युग्मकोद्भिद और बीजाणु का उत्पादन करने वाले द्विगुणित बीजाणुद्भिद् के बीच पीढ़ियों का एक प्रत्यावर्तन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन की विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे द्विगुणित बीजाणुद्भिद् और अगुणित युग्मकोद्भिद के बीच और अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच प्रत्यावर्तन करते हैं।&lt;br /&gt;
* पीढ़ियों का परिवर्तन पौधे के प्रकार पर निर्भर करता है। ब्रायोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी अगुणित होती है और युग्मकोद्भिद पीढ़ी मुख्य होती है। वही टेरिडोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी द्विगुणित होती है और बीजाणुद्भिद् पीढ़ी  मुख्य होती है।&lt;br /&gt;
* दो पीढ़ियों में से एक प्रमुख पीढ़ी होती है और अन्य गैर प्रमुख होती है।&lt;br /&gt;
* प्रमुख पीढ़ी के पौधे बड़े होते हैं और लंबे समय तक जीवित रहते हैं। गैर-प्रमुख पीढ़ियों में पौधे सूक्ष्म होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के चरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== बीजाणुद्भिद् पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* दो अगुणित युग्मक मिलकर एक द्विगुणित युग्मनज बनाते हैं। जिसके परिणामस्वरूप बीजाणुद्भिद् बनता है।&lt;br /&gt;
* बीजाणुद्भिद् बहुकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* परिपक्वता पर, बीजाणुद्भिद् में जनन अंग विकसित हो जाते हैं जिन्हें  बीजाणुधानी कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* बीजाणुधानी, अगुणित बीजाणु बनाता है।&lt;br /&gt;
* बीजाणु हवा और पानी द्वारा परागित होते हैं और अनुकूल परिस्थितियाँ  होने पर वह युग्मकोद्भिद में विकसित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
[[File:हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र.png|thumb|220x220px|हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== युग्मकोद्भिद पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन में यह अगली पीढ़ी है।&lt;br /&gt;
* बीजाणु अगुणित होता है। युग्मकोद्भिद  बनाने के लिए यह बीजाणु कई बार समसूत्री विभाजन करता है।&lt;br /&gt;
* युग्मकोद्भिद पीढ़ी, युग्मक बनाती है।&lt;br /&gt;
* ये युग्मक जनन अंग द्वारा निर्मित होते हैं।&lt;br /&gt;
* मादा जनन अंग को स्त्रीधानी अथवा आर्कगोनियम  कहा जाता है और नर जनन अंग को पुंधानी अथवा एन्थीरीडियम कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* युग्मक पौधों के बीच स्थानांतरित हो जाते हैं। अनुकूल परिस्थितियाँ  होने पर वह बीजाणुद्भिद् में विकसित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जब एक नर युग्मक, मादा युग्मक को निषेचित करता है, तो एक युग्मज बनाता है जो अंततः बीजाणुद्भिद् बन जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
[[File:डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र.jpg|thumb|220x220px|डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र                                                       ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र में प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक मुक्त-जीवि युग्मकोद्भिद चरण होता है। &lt;br /&gt;
* एककोशिकीय युग्मनज, बीजाणुद्भिद् पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
* युग्मनज में अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा का अगुणित बीजाणुओं का निर्माण होता है।&lt;br /&gt;
* अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन करते हैं और युग्मकोद्भिद  बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* कई शैवाल जैसे '''''वोल्वॉक्स''''', '''''स्पाइरोगाइरा''''' और '''''क्लैमाइडोमोनस''''' की कुछ प्रजातियाँ इस जीवन चक्र का प्रतिनिधित्व करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र में प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक मुक्त-जीवि बीजाणुद्भिद् चरण होता है। &lt;br /&gt;
* युग्मकोद्भिद चरण को एकल से बहुकोशिकीय, अगुणित युग्मकोद्भिद द्वारा दर्शाया जाता है।&lt;br /&gt;
*शैवाल, '''''फ़्यूकस'''''  सहित अनावृतबीजी और आवृतबीजी  इस जीवन चक्र का प्रतिनिधित्व करती है।          &lt;br /&gt;
[[File:हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र.png|thumb|हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र में अगुणित युग्मकोद्भिद और द्विगुणित बीजाणुद्भिद् के बीच पीढ़ियों का प्रत्यावर्तन होता है।&lt;br /&gt;
* दोनों चरण बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
* इस चक्र में निषेचन एक बहुकोशिकीय द्विगुणित बीजाणुद्भिद् को जन्म देता है, जो अर्धसूत्रीविभाजन के माध्यम से अगुणित बीजाणु पैदा करता है।&lt;br /&gt;
* ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स, हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र का प्रदर्शन करते हैं।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<updated>2023-10-16T17:47:58Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;https://cms.meritnation.net/img/study_content/lp/1/11/14/210/692/1460/1292/13-05-09_LP_Muthu_Bio_1.11.6.3.1.6_SS_GR_html_6f6725ba.png&lt;/div&gt;</summary>
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		<updated>2023-10-16T17:46:42Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;https://s3mn.mnimgs.com/img/shared/discuss_editlive/3266586/2013_01_10_11_48_48/image1807873413699380958.jpg&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>File:हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र.png</title>
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		<updated>2023-10-16T17:43:46Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;https://sureden.com/images/notes/11/PMT/Biology/Plant%20Kingdom/Life%20Cycles/image1.png&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>पीढ़ी एकान्तरण</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3&amp;diff=42202"/>
		<updated>2023-10-16T17:39:49Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जीवन चक्र, उन बदलावों का क्रम है जिसमें कोई जीव अपना जीवन पूरा करने के बाद अंततः अपनी आरम्भिक रूप व स्थिति में लौट जाता है। जीव का जन्म होता है और आयु के साथ विकसित होता है और अपनी आगे आने वाली पीड़ी की निरंतरता के हेतु जनन करता है। अपना जीवन चक्र पूरा करने के पश्च्यात जीव, मृत्यु को प्राप्त होता है। जन्म और मृत्यु का चक्र गतिशील रहता है। पौधों में भी ऐसा ही देखा जाता है। लेकिन पौधों के जीवन चक्र में एक बहुत ही दिलचस्प घटना घटती है जिसे पीढ़ी प्रत्यावर्तन के रूप में जाना जाता है। हम इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
पौधों में, अगुणित और द्विगुणित दोनों कोशिकाएँ समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित हो सकती हैं I यही क्षमता पौधों के शरीर में विभिन्नता लाती है जैसे - पौधों में अगुणित और द्विगुणित अंगो का होना। अगुणित पौधा, समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मकों का निर्माण करता है। यह युग्मकोद्भिद का प्रतिनिधित्व करता है। निषेचन के बाद युग्मनज भी समसूत्रण द्वारा विभाजित होकर द्विगुणित बनता है और बीजाणुद्भिद् का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पादप शरीर द्वारा, अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा, अगुणित बीजाणु उत्पन्न होते हैं । ये अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होते हैं और एक बार फिर अगुणित पौधे का निर्माण करते है। इस प्रकार, किसी भी लैंगिक जनन करने वाले पौधे के जीवन चक्र में, युग्मक उत्पादन करने वाले अगुणित युग्मकोद्भिद और बीजाणु का उत्पादन करने वाले द्विगुणित बीजाणुद्भिद् के बीच पीढ़ियों का एक प्रत्यावर्तन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन की विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे द्विगुणित बीजाणुद्भिद् और अगुणित युग्मकोद्भिद के बीच और अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच प्रत्यावर्तन करते हैं।&lt;br /&gt;
* पीढ़ियों का परिवर्तन पौधे के प्रकार पर निर्भर करता है। ब्रायोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी अगुणित होती है और युग्मकोद्भिद पीढ़ी मुख्य होती है। वही टेरिडोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी द्विगुणित होती है और बीजाणुद्भिद् पीढ़ी  मुख्य होती है।&lt;br /&gt;
* दो पीढ़ियों में से एक प्रमुख पीढ़ी होती है और अन्य गैर प्रमुख होती है।&lt;br /&gt;
* प्रमुख पीढ़ी के पौधे बड़े होते हैं और लंबे समय तक जीवित रहते हैं। गैर-प्रमुख पीढ़ियों में पौधे सूक्ष्म होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के चरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== बीजाणुद्भिद् पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* दो अगुणित युग्मक मिलकर एक द्विगुणित युग्मनज बनाते हैं। जिसके परिणामस्वरूप बीजाणुद्भिद् बनता है।&lt;br /&gt;
* बीजाणुद्भिद् बहुकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
* परिपक्वता पर, बीजाणुद्भिद् में जनन अंग विकसित हो जाते हैं जिन्हें  बीजाणुधानी कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* बीजाणुधानी, अगुणित बीजाणु बनाता है।&lt;br /&gt;
* बीजाणु हवा और पानी द्वारा परागित होते हैं और अनुकूल परिस्थितियाँ  होने पर वह युग्मकोद्भिद में विकसित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== युग्मकोद्भिद पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन में यह अगली पीढ़ी है।&lt;br /&gt;
* बीजाणु अगुणित होता है। युग्मकोद्भिद  बनाने के लिए यह बीजाणु कई बार समसूत्री विभाजन करता है।&lt;br /&gt;
* युग्मकोद्भिद पीढ़ी, युग्मक बनाती है।&lt;br /&gt;
* ये युग्मक जनन अंग द्वारा निर्मित होते हैं।&lt;br /&gt;
* मादा जनन अंग को स्त्रीधानी अथवा आर्कगोनियम  कहा जाता है और नर जनन अंग को पुंधानी अथवा एन्थीरीडियम कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* युग्मक पौधों के बीच स्थानांतरित हो जाते हैं। अनुकूल परिस्थितियाँ  होने पर वह बीजाणुद्भिद् में विकसित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जब एक नर युग्मक, मादा युग्मक को निषेचित करता है, तो एक युग्मज बनाता है जो अंततः बीजाणुद्भिद् बन जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र में प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक मुक्त-जीवि युग्मकोद्भिद चरण होता है। &lt;br /&gt;
* एककोशिकीय युग्मनज, बीजाणुद्भिद् पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
* युग्मनज में अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा का अगुणित बीजाणुओं का निर्माण होता है।&lt;br /&gt;
* अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन करते हैं और युग्मकोद्भिद  बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* कई शैवाल जैसे '''''वोल्वॉक्स''''', '''''स्पाइरोगाइरा''''' और '''''क्लैमाइडोमोनस''''' की कुछ प्रजातियाँ इस जीवन चक्र का प्रतिनिधित्व करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र में प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक मुक्त-जीवि बीजाणुद्भिद् चरण होता है। &lt;br /&gt;
* युग्मकोद्भिद चरण को एकल से बहुकोशिकीय, अगुणित युग्मकोद्भिद द्वारा दर्शाया जाता है।&lt;br /&gt;
* शैवाल, '''''फ़्यूकस'''''  सहित अनावृतबीजी और आवृतबीजी  इस जीवन चक्र का प्रतिनिधित्व करती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र में अगुणित युग्मकोद्भिद और द्विगुणित बीजाणुद्भिद् के बीच पीढ़ियों का प्रत्यावर्तन होता है।&lt;br /&gt;
* दोनों चरण बहुकोशिकीय होते हैं।&lt;br /&gt;
* इस चक्र में निषेचन एक बहुकोशिकीय द्विगुणित बीजाणुद्भिद् को जन्म देता है, जो अर्धसूत्रीविभाजन के माध्यम से अगुणित बीजाणु पैदा करता है।&lt;br /&gt;
* ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स, हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र का प्रदर्शन करते हैं।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3&amp;diff=42201</id>
		<title>पीढ़ी एकान्तरण</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3&amp;diff=42201"/>
		<updated>2023-10-16T12:06:47Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जीवन चक्र, उन बदलावों का क्रम है जिसमें कोई जीव अपना जीवन पूरा करने के बाद अंततः अपनी आरम्भिक रूप व स्थिति में लौट जाता है। जीव का जन्म होता है और आयु के साथ विकसित होता है और अपनी आगे आने वाली पीड़ी की निरंतरता के हेतु जनन करता है। अपना जीवन चक्र पूरा करने के पश्च्यात जीव, मृत्यु को प्राप्त होता है। जन्म और मृत्यु का चक्र गतिशील रहता है। पौधों में भी ऐसा ही देखा जाता है। लेकिन पौधों के जीवन चक्र में एक बहुत ही दिलचस्प घटना घटती है जिसे पीढ़ी प्रत्यावर्तन के रूप में जाना जाता है। हम इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
पौधों में, अगुणित और द्विगुणित दोनों कोशिकाएँ समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित हो सकती हैं I यही क्षमता पौधों के शरीर में विभिन्नता लाती है जैसे - पौधों में अगुणित और द्विगुणित अंगो का होना। अगुणित पौधा, समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मकों का निर्माण करता है। यह युग्मकोद्भिद का प्रतिनिधित्व करता है। निषेचन के बाद युग्मनज भी समसूत्रण द्वारा विभाजित होकर द्विगुणित बनता है और बीजाणुद्भिद् का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पादप शरीर द्वारा, अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा, अगुणित बीजाणु उत्पन्न होते हैं । ये अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होते हैं और एक बार फिर अगुणित पौधे का निर्माण करते है। इस प्रकार, किसी भी लैंगिक जनन करने वाले पौधे के जीवन चक्र में, युग्मक उत्पादन करने वाले अगुणित युग्मकोद्भिद और बीजाणु का उत्पादन करने वाले द्विगुणित बीजाणुद्भिद् के बीच पीढ़ियों का एक प्रत्यावर्तन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन की विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* पौधे द्विगुणित बीजाणुद्भिद् और अगुणित युग्मकोद्भिद के बीच और अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच प्रत्यावर्तन करते हैं।&lt;br /&gt;
* पीढ़ियों का परिवर्तन पौधे के प्रकार पर निर्भर करता है। ब्रायोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी अगुणित होती है और युग्मकोद्भिद पीढ़ी मुख्य होती है। वही टेरिडोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी द्विगुणित होती है और बीजाणुद्भिद् पीढ़ी  मुख्य होती है।&lt;br /&gt;
* दो पीढ़ियों में से एक प्रमुख पीढ़ी होती है और अन्य गैर प्रमुख होती है।&lt;br /&gt;
* प्रमुख पीढ़ी के पौधे बड़े होते हैं और लंबे समय तक जीवित रहते हैं। गैर-प्रमुख पीढ़ियों में पौधे सूक्ष्म होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के चरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== बीजाणुद्भिद् पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
दो अगुणित युग्मक मिलकर एक द्विगुणित युग्मनज बनाते हैं। इसका परिणाम स्पोरोफाइट होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइट माइटोसिस के कई दौरों से बनता है और एक बहुकोशिकीय जीव है। परिपक्वता तक पहुंचने पर, स्पोरोफाइट में प्रजनन अंग विकसित हो जाते हैं जिन्हें स्पोरैंगिया कहा जाता है। पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन में यह एक प्रमुख बिंदु है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इन स्पोरैंगिया का उपयोग अगुणित बीजाणु बनाने के लिए किया जाता है। ये बीजाणु हवा और पानी द्वारा मुक्त होते हैं और दूर ले जाते हैं और जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं तो वे गैमेटोफाइट में विकसित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== युग्मकोद्भिद पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन में यह अगली पीढ़ी है। बीजाणु नवगठित होता है और इसमें मूल जीव के रूप में आधा डीएनए होता है। गैमेटोफाइट बनाने के लिए यह बीजाणु कई बार माइटोसिस से गुजरता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गैमेटोफाइट पीढ़ी युग्मक बनाती है। ये युग्मक गैमेटांगिया द्वारा निर्मित होते हैं। फिर ये युग्मक पौधों के बीच स्थानांतरित हो जाते हैं या पर्यावरण में फैल जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जब एक युग्मक विपरीत लिंग के युग्मक का सामना करता है, तो यह उसके साथ मिलकर एक युग्मज बनाता है जो अंततः स्पोरोफाइट बन जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यह पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन का सबसे सरल संस्करण है। यह फ़र्न में व्यापक रूप से पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइटिक पीढ़ी का प्रतिनिधित्व केवल द्वारा किया जाता है&lt;br /&gt;
एककोशिकीय युग्मनज. कोई स्वतंत्र जीवन नहीं है&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइट्स युग्मनज में अर्धसूत्रीविभाजन का परिणाम होता है&lt;br /&gt;
अगुणित बीजाणुओं का निर्माण. अगुणित बीजाणु&lt;br /&gt;
समसूत्री रूप से विभाजित होते हैं और गैमेटोफाइट बनाते हैं।&lt;br /&gt;
ऐसे पौधों में प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक चरण होता है&lt;br /&gt;
मुक्त-जीवित गैमेटोफाइट। इस प्रकार का जीवन चक्र&lt;br /&gt;
हैप्लॉन्टिक कहा जाता है। कई शैवाल जैसे वोल्वॉक्स,&lt;br /&gt;
स्पाइरोगाइरा और क्लैमाइडोमोनस की कुछ प्रजातियाँ&lt;br /&gt;
इस पैटर्न का प्रतिनिधित्व करें (चित्र 3.7 ए)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
2. दूसरे चरम पर, वह प्रकार है जिसमें द्विगुणित होता है&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइट प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक है,&lt;br /&gt;
पौधे का स्वतंत्र चरण. गैमेटोफाइटिक&lt;br /&gt;
चरण को एकल से कुछ-कोशिका द्वारा दर्शाया जाता है&lt;br /&gt;
अगुणित गैमेटोफाइट। इस प्रकार का जीवन चक्र है&lt;br /&gt;
राजनयिक कहा जाता है। एक शैवाल, फ़्यूकस एसपी, प्रतिनिधित्व करता है&lt;br /&gt;
यह पैटर्न (चित्र 3.7बी)। इसके अलावा, सभी बीज धारण&lt;br /&gt;
पौधे यानी जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म, अनुसरण करते हैं&lt;br /&gt;
कुछ भिन्नताओं के साथ यह पैटर्न, जिसमें,&lt;br /&gt;
गैमेटोफाइटिक चरण कुछ से बहुकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
3. ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स, दिलचस्प रूप से, प्रदर्शन करते हैं&lt;br /&gt;
एक मध्यवर्ती स्थिति (हैप्लो-डिप्लोन्टिक); दोनों&lt;br /&gt;
चरण बहुकोशिकीय होते हैं। हालाँकि, वे अपने आप में भिन्न हैं&lt;br /&gt;
प्रमुख चरण.&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80_%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3&amp;diff=42200</id>
		<title>पीढ़ी एकान्तरण</title>
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		<updated>2023-10-16T11:09:25Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
जीवन चक्र, उन बदलावों का क्रम है जिसमें कोई जीव अपना जीवन पूरा करने के बाद अंततः अपनी आरम्भिक रूप व स्थिति में लौट जाता है। जीव का जन्म होता है और आयु के साथ विकसित होता है और अपनी आगे आने वाली पीड़ी की निरंतरता के हेतु जनन करता है। अपना जीवन चक्र पूरा करने के पश्च्यात जीव, मृत्यु को प्राप्त होता है। जन्म और मृत्यु का चक्र गतिशील रहता है। पौधों में भी ऐसा ही देखा जाता है। लेकिन पौधों के जीवन चक्र में एक बहुत ही दिलचस्प घटना घटती है जिसे पीढ़ी प्रत्यावर्तन के रूप में जाना जाता है। हम इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
पौधों में, अगुणित और द्विगुणित दोनों कोशिकाएँ समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित हो सकती हैं I यही क्षमता पौधों के शरीर में विभिन्नता लाती है जैसे - पौधों में अगुणित और द्विगुणित अंगो का होना। अगुणित पौधा, समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मकों का निर्माण करता है। यह युग्मकोद्भिद का प्रतिनिधित्व करता है। निषेचन के बाद युग्मनज भी समसूत्रण द्वारा विभाजित होकर द्विगुणित बनता है और बीजाणुद्भिद् का प्रतिनिधित्व करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पादप शरीर द्वारा, अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा, अगुणित बीजाणु उत्पन्न होते हैं । ये अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होते हैं और एक बार फिर अगुणित पौधे का निर्माण करते है। इस प्रकार, किसी भी लैंगिक जनन करने वाले पौधे के जीवन चक्र में, युग्मक उत्पादन करने वाले अगुणित युग्मकोद्भिद और बीजाणु का उत्पादन करने वाले द्विगुणित बीजाणुद्भिद् के बीच पीढ़ियों का एक प्रत्यावर्तन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन की विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
पीढ़ियों का परिवर्तन पौधे के प्रकार पर निर्भर करता है। ब्रायोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी अगुणित होती है और गैमेटोफाइट में मुख्य पौधा शामिल होता है। ट्रेकियोफाइट्स में, प्रमुख पीढ़ी द्विगुणित होती है और स्पोरोफाइट में मुख्य पौधा शामिल होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दो पीढ़ियों में से एक में पौधों का जीवन चक्र दूसरी पीढ़ियों पर हावी होता है। प्रमुख पीढ़ी के पौधे बड़े होते हैं और लंबे समय तक जीवित रहते हैं। गैर-प्रमुख पीढ़ियों में पौधे छोटे होते हैं और मुश्किल से दिखाई देते हैं। इसके विपरीत, प्रमुख पीढ़ियों को फर्न, पेड़ या अन्य पौधों के रूप में देखा जाता है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संवहनी पौधों में प्रमुख पीढ़ी स्पोरोफाइट है, जबकि गैर-संवहनी पौधों में गैमेटोफाइट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पौधे द्विगुणित स्पोरोफाइट और अगुणित गैमेटोफाइट के बीच और अलैंगिक और लैंगिक प्रजनन के बीच वैकल्पिक होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के चरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== बीजाणुद्भिद् पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
दो अगुणित युग्मक मिलकर एक द्विगुणित युग्मनज बनाते हैं। इसका परिणाम स्पोरोफाइट होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइट माइटोसिस के कई दौरों से बनता है और एक बहुकोशिकीय जीव है। परिपक्वता तक पहुंचने पर, स्पोरोफाइट में प्रजनन अंग विकसित हो जाते हैं जिन्हें स्पोरैंगिया कहा जाता है। पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन में यह एक प्रमुख बिंदु है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इन स्पोरैंगिया का उपयोग अगुणित बीजाणु बनाने के लिए किया जाता है। ये बीजाणु हवा और पानी द्वारा मुक्त होते हैं और दूर ले जाते हैं और जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं तो वे गैमेटोफाइट में विकसित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== युग्मकोद्भिद पीढ़ी ===&lt;br /&gt;
पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन में यह अगली पीढ़ी है। बीजाणु नवगठित होता है और इसमें मूल जीव के रूप में आधा डीएनए होता है। गैमेटोफाइट बनाने के लिए यह बीजाणु कई बार माइटोसिस से गुजरता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गैमेटोफाइट पीढ़ी युग्मक बनाती है। ये युग्मक गैमेटांगिया द्वारा निर्मित होते हैं। फिर ये युग्मक पौधों के बीच स्थानांतरित हो जाते हैं या पर्यावरण में फैल जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जब एक युग्मक विपरीत लिंग के युग्मक का सामना करता है, तो यह उसके साथ मिलकर एक युग्मज बनाता है जो अंततः स्पोरोफाइट बन जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यह पीढ़ियों के प्रत्यावर्तन का सबसे सरल संस्करण है। यह फ़र्न में व्यापक रूप से पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पीढ़ी प्रत्यावर्तन के प्रकार ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लॉन्टिक (अगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइटिक पीढ़ी का प्रतिनिधित्व केवल द्वारा किया जाता है&lt;br /&gt;
एककोशिकीय युग्मनज. कोई स्वतंत्र जीवन नहीं है&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइट्स युग्मनज में अर्धसूत्रीविभाजन का परिणाम होता है&lt;br /&gt;
अगुणित बीजाणुओं का निर्माण. अगुणित बीजाणु&lt;br /&gt;
समसूत्री रूप से विभाजित होते हैं और गैमेटोफाइट बनाते हैं।&lt;br /&gt;
ऐसे पौधों में प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक चरण होता है&lt;br /&gt;
मुक्त-जीवित गैमेटोफाइट। इस प्रकार का जीवन चक्र&lt;br /&gt;
हैप्लॉन्टिक कहा जाता है। कई शैवाल जैसे वोल्वॉक्स,&lt;br /&gt;
स्पाइरोगाइरा और क्लैमाइडोमोनस की कुछ प्रजातियाँ&lt;br /&gt;
इस पैटर्न का प्रतिनिधित्व करें (चित्र 3.7 ए)।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== डिप्लॉन्टिक (द्विगुणित) जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
2. दूसरे चरम पर, वह प्रकार है जिसमें द्विगुणित होता है&lt;br /&gt;
स्पोरोफाइट प्रमुख, प्रकाश संश्लेषक है,&lt;br /&gt;
पौधे का स्वतंत्र चरण. गैमेटोफाइटिक&lt;br /&gt;
चरण को एकल से कुछ-कोशिका द्वारा दर्शाया जाता है&lt;br /&gt;
अगुणित गैमेटोफाइट। इस प्रकार का जीवन चक्र है&lt;br /&gt;
राजनयिक कहा जाता है। एक शैवाल, फ़्यूकस एसपी, प्रतिनिधित्व करता है&lt;br /&gt;
यह पैटर्न (चित्र 3.7बी)। इसके अलावा, सभी बीज धारण&lt;br /&gt;
पौधे यानी जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म, अनुसरण करते हैं&lt;br /&gt;
कुछ भिन्नताओं के साथ यह पैटर्न, जिसमें,&lt;br /&gt;
गैमेटोफाइटिक चरण कुछ से बहुकोशिकीय होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== हैप्लो-डिप्लॉन्टिक जीवन चक्र ===&lt;br /&gt;
3. ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स, दिलचस्प रूप से, प्रदर्शन करते हैं&lt;br /&gt;
एक मध्यवर्ती स्थिति (हैप्लो-डिप्लोन्टिक); दोनों&lt;br /&gt;
चरण बहुकोशिकीय होते हैं। हालाँकि, वे अपने आप में भिन्न हैं&lt;br /&gt;
प्रमुख चरण.&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF_%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B2&amp;diff=42193</id>
		<title>वृद्धि मॉडल</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF_%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B2&amp;diff=42193"/>
		<updated>2023-10-16T08:44:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:जीव और समष्टियाँ]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:कक्षा-12]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
क्या समय के साथ जनसंख्या कोई वृद्धि दर्शाती है? प्रकृति में, हम शायद ही कभी किसी प्रजाति को अलग और एकल पाते हैं I सभी भौगोलिक क्षेत्र में समूहों में रहते हैं, समान संसाधनों के लिए या प्रतिस्पर्धा करते हैं या उन्हें साझा करते हैं I किसी भी प्रजाति के लिए जनसंख्या का आकार एक स्थिर कारक नहीं है। यह भोजन की उपलब्धता, शिकार का दबाव, प्रतिकूल मौसम और समय में परिवर्तन सहित विभिन्न कारकों के आधार पर बदलती रहती है।  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एक जनसंख्या में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो एक व्यक्तिगत जीव में नहीं होते हैं। उनमें से एक गुण है वृद्धि मॉडल जो सिर्फ जनसंख्या में पाया जाता हैI यह वृद्धि मॉडल जनसंख्या में बुनियादी विकास प्रवृत्ति का वर्णन करते हैं। आइए उन्हें समझें-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिभाषा ==&lt;br /&gt;
वृद्धि मॉडल समय के साथ जनसंख्या की वृद्धि के विशिष्ट और पूर्वानुमानित पैटर्न को दर्शाता है। जनसंख्या की वृद्धि, भोजन की उपलब्धता, प्राकृतिक वास की स्थिति तथा अन्य जैविक एवं अजैविक कारकों की उपस्थिति के अनुसार होती है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रकार ==&lt;br /&gt;
मॉडल दो मुख्य प्रकार के होते हैं:&lt;br /&gt;
[[File:चरघातांकी वृद्धि मॉडल.png|thumb|चरघातांकी वृद्धि मॉडल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरघातांकी वृद्धि:                                                                                                             ===&lt;br /&gt;
एक आदर्श स्थिति में जहां भोजन और संसाधनों की असीमित आपूर्ति होती है, जनसंख्या वृद्धि एक चरघातांकी वृद्धि क्रम करती है। आदर्श रूप से, जब प्रत्येक प्रजाति के आवास में संसाधन असीमित हों तो प्रजाति अपनी संख्या में वृद्धि करने की अपनी जन्मजात क्षमता को पूरी तरह से साकार करने की क्षमता रखती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;N&amp;lt;/math&amp;gt; आकार की जनसंख्या में, अगर '''जन्म दर''' को &amp;lt;math&amp;gt;b&amp;lt;/math&amp;gt; के रूप में दर्शाया जाए और '''मृत्यु दर''' को &amp;lt;math&amp;gt;d&amp;lt;/math&amp;gt; के रूप में दर्शाया जाए, तब N के परिवर्तन की दर (वृद्धि होना या कम होना) '''इकाई समयावधि,'''&amp;lt;math&amp;gt;t (\frac{dN}{dt})&amp;lt;/math&amp;gt; के दौरान  कुछ इस प्रकार दी जा सकती है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;\frac{dN}{dt} = (b-d) \times N&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अगर,&amp;lt;math&amp;gt;(b-d) = r&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
तब, &amp;lt;math&amp;gt;\frac{dN}{dt} = rN&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस समीकरण में &amp;lt;math&amp;gt;r&amp;lt;/math&amp;gt; को ''''प्राकृतिक वृद्धि की आंतरिक दर'''&amp;lt;nowiki/&amp;gt;' कहा जाता है और जनसंख्या वृद्धि पर कोई जैविक या अजैविक कारक के प्रभावों का आकलन करने के लिए चुना गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उपरोक्त समीकरण चरघातांकी या ज्यामितीय वृद्धि का वर्णन करता है I जब हम समय के संबंध में &amp;lt;math&amp;gt;N&amp;lt;/math&amp;gt; आलेखित करते हैं तो परिणाम में जे-आकार का वक्र बनता है। यदि आप बेसिक कैलकुलस से परिचित हैं, आप चरघातांकी वृद्धि समीकरण का अभिन्न रूप (integral form) प्राप्त कर सकते हैं I आइये देखे कैसे-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;N_t = N_0 ert&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जहां, &amp;lt;math&amp;gt;N_t=&amp;lt;/math&amp;gt; समय के बाद जनसंख्या घनत्व&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;N_0 =&amp;lt;/math&amp;gt;समय शून्य पर जनसंख्या घनत्व &amp;lt;math&amp;gt;(t=0)&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;r=&amp;lt;/math&amp;gt; प्राकृतिक वृद्धि की आंतरिक दर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;e=&amp;lt;/math&amp;gt; प्राकृतिक लघुगणक का आधार &amp;lt;math&amp;gt;(2.71828)&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== उदाहरण: ====&lt;br /&gt;
चरघातांकी वृद्धि मॉडल के वास्तविक उदाहरणों में बैक्टीरिया की चरघातांकी वृद्धि और बारिश के मौसम में पतंगों की चरघातांकी वृद्धि प्रतिनिधित्व करती है I&lt;br /&gt;
[[File:संभार तंत्र वृद्धि मॉडल.png|thumb|संभार तंत्र वृद्धि मॉडल]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== संभार तंत्र वृद्धि:                                                                                                                                                                                      ===&lt;br /&gt;
संभार तंत्र वृद्धि मॉडल 'योग्यतम की उत्तरजीविता' की अवधारणा को परिभाषित करता है। इस प्रकार, यह इस तथ्य पर विचार करता है कि प्रकृति में संसाधन समाप्त हो सकते हैं। 'वहन क्षमता' शब्द संसाधनों की उस सीमा को परिभाषित करता है जिसके आगे वे किसी भी संख्या में जीवों का समर्थन नहीं कर सकते हैं। इस वहन क्षमता को K के रूप में दर्शाया गया है। इसे के बारे में और ज्ञानार्जन करते है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सीमित संसाधनों के लिए व्यक्तियों/प्रजातियों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है। अंततः, 'सबसे योग्य' ही जीवित रहता है और प्रजनन करता है। प्रकृति में, किसी दिए गए क्षेत्र के पास अधिकतम संभव संख्या के समर्थन के लिए पर्याप्त संसाधन होते हैं, जिसके आगे कोई वृद्धि संभव नहीं होती। हम इस सीमा को प्रकृति की वहन क्षमता (K) कहते हैं उस क्षेत्र में रह रही प्रजाति के लिए I&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सीमित संसाधनों की उपलब्धता से तीव्र वृद्धि नहीं दिखाई जा सकती। परिणामस्वरूप, संभार तंत्र वृद्धि ग्राफ़ में एक अंतराल चरण होगा, उसके बाद एक घातीय चरण, फिर एक गिरावट चरण और अंततः एक अनंतस्पर्शी चरण होगा। इसे वर्हुल्स्ट-पर्ल लॉजिस्टिक ग्रोथ के रूप में जाना जाता है और इसे समीकरण का उपयोग करके कुछ इस प्रकार दर्शाया जाता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;\frac{dN}{dt} = rN\frac{(K-N)} {K}&amp;lt;/math&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जहां,&amp;lt;math&amp;gt;N = t&amp;lt;/math&amp;gt; समय में जनसंख्या घनत्व&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;r=&amp;lt;/math&amp;gt; प्राकृतिक वृद्धि की आंतरिक दर&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;math&amp;gt;K=&amp;lt;/math&amp;gt; प्रकृति की वहन क्षमता&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
समय &amp;lt;math&amp;gt;t&amp;lt;/math&amp;gt; के संबंध में &amp;lt;math&amp;gt;N&amp;lt;/math&amp;gt; के प्लॉट के परिणामस्वरूप सिग्मॉइड वक्र बनता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अधिकांश प्रजातियों के लिए विकास के संसाधन सीमित हैं, इसके कारण संभार तंत्र वृद्धि मॉडल अधिक यथार्थवादी माना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== उदाहरण: ====&lt;br /&gt;
मानव जनसंख्या एक संभार तंत्र वृद्धि का प्रतिनिधित्व करती है।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE&amp;diff=42172</id>
		<title>एंजियोस्पेर्म</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE&amp;diff=42172"/>
		<updated>2023-10-15T21:55:19Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हम सभी जानते हैं कि जीवित तंत्र को व्यापक रूप से वर्गीकृत किया गया है। व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित जीव प्रणाली में, उन्होंने पांच जगत वर्गीकरण का सुझाव दिया था। ये पांच जगत निम्नलिखित हैं- मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, वनस्पति जगत और जंतु जगत। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत एंजियोस्पेर्म जिसे लोकप्रिय रूप से आवृतबीजी पौधे भी कहा जाता है जाता है पर विस्तार से विचार करते है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों के के विपरीत जहां, बीजांड नग्न होते हैं, आवृतबीजी पौधों में यह पुष्प में ढके हुए होते है। पराग कण और बीजांड विशेष रूप से विकसित होते हैं। आवृतबीजी पौधों में बीज फलों से घिरे रहते हैं। आवृतबीजी पौधों का एक बड़ा समूह विस्तृत श्रृंखला में फैला हुआ है। इनका आकार छोटे से लेकर लगभग सूक्ष्म जैसे '''''वुल्फिया''''' से लेकर '''''यूकेलिप्टस''''' के ऊंचे पेड़ (100 मीटर से अधिक) तक होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पौधे हमें भोजन, चारा, ईंधन, दवाएँ और कई अन्य व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण उत्पाद प्रदान करते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
इन्हें दो वर्गों में विभाजित किया गया है-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== द्विबीजपत्री ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* द्विबीजपत्री की विशेषता होती है उनके बीजों में दो बीजपत्र होते हैं।&lt;br /&gt;
* इनमें अपस्थानिक जड़ों के स्थान पर मूसला जड़ें होती हैं।&lt;br /&gt;
* पत्तियाँ जालीदार शिरा-विन्यास दर्शाती हैं।&lt;br /&gt;
* फूल टेट्रामेरस या पेंटामेरस होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== एकबीजपत्री ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* एकबीजपत्री में बीजों में केवल एक बीजपत्र होते हैं।&lt;br /&gt;
* पत्तियाँ सरल होती हैं और शिराएँ समानांतर होती हैं।&lt;br /&gt;
* इस समूह में बाह्य जड़ें शामिल हैं।&lt;br /&gt;
* प्रत्येक पुष्प मंडल में तीन सदस्य होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== उदाहरण ====&lt;br /&gt;
द्विबीजपत्री - मटर, कॉफ़ी, सेब, आम, अंगूर, सूरजमुखी, टमाटर आदि&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एकबीजपत्री - गेहूं, मक्का, जौ, बाजरा, केला, गन्ना, लिली आदि&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
आवृतबीजी पौधों की महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्राकृतिक वास ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* आवृतबीजी रूप में अत्यधिक परिवर्तनशील होते हैं। इनमें जड़ी-बूटियाँ, झाड़ियाँ, पेड़, लताएँ और रसीले पौधे शामिल हैं।&lt;br /&gt;
* वे जंगलों, घास के मैदानों और रेगिस्तानों से लेकर जलीय और समुद्री वातावरणों तक बड़ी संख्या में आवासों में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== वानस्पतिक अंग ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वानस्पतिक अंग को तने, जड़ और पत्तियों में विभेदित किया जाता है।&lt;br /&gt;
* संवहनी तंत्र में जाइलम में वास्तविक वाहिकाएँ और फ्लोएम में साथी कोशिकाएँ होती हैं।&lt;br /&gt;
* वानस्पतिक अंग द्विगुणित होते हैं।&lt;br /&gt;
* जड़ प्रणाली बहुत जटिल है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रजनन अंग ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== पुष्प ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* फूल में नर जनन अंग पुंकेसर होता है। प्रत्येक पुंकेसर, परागकोष के साथ एक एक पतले तंतु से मिलकर बनता है। अर्धसूत्रीविभाजन के बाद परागकोश, पराग कण पैदा करते हैं।&lt;br /&gt;
* फूल में मादा जनन अंग स्त्रीकेसर या अंडप होता है। स्त्रीकेसर में एक अंडाशय होता है जो एक से लेकर कई बीजांडों को घेरे रहता है। बीजांड में अंदर भ्रूणकोश मौजूद होते हैं। भ्रूण-थैली का निर्माण अर्धसूत्रीविभाजन से पहले होता है। इसलिए, प्रत्येक भ्रूण-कोष की कोशिकाएँ अगुणित होती हैं। प्रत्येक भ्रूण-कोष में एक तीन-कोशिका वाला, अंड उपकरण होता है। अंड उपकरण में, एक अंडाणु कोशिका और दो सहक्रियाशील कोशिकाएँ, तीन प्रतिपादक कोशिकाएँ और दो ध्रुवीय नाभिक होता है। ध्रुवीय नाभिक अंततः विलीन होकर द्विगुणित द्वितीयक केन्द्रक बनता है।&lt;br /&gt;
* पुंकेसर और अंडप एक संरचना में व्यवस्थित होते हैं जिसे पुष्प कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== दोहरा निषेचन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* परागकोशों से बिखरने के बाद पराग कण स्त्रीकेसर के कलंक तक  हवा, कीट या विभिन्न अन्य कारकों द्वारा परागण के लिए ले जाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* पराग कण वर्तिकाग्र और परिणामी भाग पर अंकुरित होते हैं और पराग नलिकाएं वर्तिकाग्र और वर्तिकाग्र के ऊतकों के माध्यम से बढ़ती हैं और बीजांड तक पहुंचती हैं।&lt;br /&gt;
* पराग नलिकाएं भ्रूण-कोश में प्रवेश करती हैं जहां दो नर युग्मक होते हैं। नर युग्मकों में से एक अंडे की कोशिका के साथ मिलकर युग्मनज बनाता है। इस प्रक्रिया को सिनगैमी के नाम से जाना जाता है।&lt;br /&gt;
* दूसरा नर युग्मक द्विगुणित द्वितीयक केन्द्रक के साथ संलयन करता है और ट्रिपलोइड प्राथमिक एंडोस्पर्म न्यूक्लियस (PEN) का उत्पादन करता है। जिस वजह से दो संलयन वाली इस घटना को दोहरा निषेचन कहा जाता है, जो कि आवृतबीजी के लिए एक अनोखी घटना।&lt;br /&gt;
* युग्मनज एक भ्रूण में विकसित होता है। भ्रूण, एक या दो बीजपत्र के साथ बीज में विकसित होता है।&lt;br /&gt;
* PEN भ्रूणपोष में विकसित होता है जो विकासशील भ्रूण को पोषण प्रदान करता है।&lt;br /&gt;
* सहक्रियाशील कोशिका और प्रतिपादक कोशिका निषेचन के बाद पतित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
* इन घटनाओं के दौरान अंडाणु, बीज में विकसित होते हैं और अंडाशय फल में विकसित होते हैं।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE&amp;diff=42171</id>
		<title>जिमनोस्पर्म</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE&amp;diff=42171"/>
		<updated>2023-10-15T20:14:35Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हम सभी जानते हैं कि जीवित तंत्र को व्यापक रूप से वर्गीकृत किया गया है। व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित जीव प्रणाली में, उन्होंने पांच जगत वर्गीकरण का सुझाव दिया था। ये पांच जगत निम्नलिखित हैं- मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, वनस्पति जगत और जंतु जगत। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत जिमनोस्पर्म जिसे लोकप्रिय रूप से अनावृतबीजी पौधे भी कहा जाता है जाता है पर विस्तार से विचार करते है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, बीज पैदा करने वाले पौधों का एक समूह है जिसमें पुष्प आदि का निर्माण अनुपस्थित होता है। अनावृतबीजी पौधे या जिम्नोस्पर्म शब्द ग्रीक के मिश्रित शब्द से आया है: जिसमें, जिम्नोस का अर्थ 'नग्न' और स्पर्मा का अर्थ 'बीज' होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'नग्न बीज'। यह नाम उनके बीजों की खुली स्थिति/गैर-आच्छादित स्थिति जिन्हे अनिषेचित अवस्था में बीजांड कहा जाता है पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, आवृतबीजी पौधे से इस प्रकार भिन्न है- आवृतबीजी पौधे के बीज और बीजांड एक अंडाशय के भीतर घिरे होते हैं। परन्तु अनावृतबीजी पौधे में यह स्थिति नहीं देखी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे में बीजांड किसी भी अंडाशय की परत से नहीं घिरे होते हैं और निषेचन से पहले और बाद में खुले रहते हैं। यह बीज जो निषेचन के बाद विकसित होने पर ढके हुए नहीं होते हैं अर्थात नग्न होते हैं। अनावृतबीजी पौधे में मध्यम आकार या ऊँचे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। अनावृतबीजी पौधे में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष '''''सिकोइया'''''  सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों को नीचे दिए चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== साइकाडोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* साइकैड्स आमतौर पर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* साइकैड्स बीज देने वाले पौधे हैं जिनके अधिकांश सदस्य अब विलुप्त हो चुके हैं। &lt;br /&gt;
* साइकैड्स एकलिंगी होते हैं (अर्थात, पौधे या तो सभी नर या मादा होते हैं)।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में आमतौर पर बड़े यौजिक पत्ते, मोटे तने और छोटे पत्ते होते हैं जो केंद्रीय तने से जुड़े होते हैं।&lt;br /&gt;
* इनकी ऊंचाई कुछ सेंटीमीटर से लेकर कई मीटर तक होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== जिन्कगोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जिंकगोफाइटा की केवल एक ही जीवित प्रजाति है। इस वर्ग के अन्य सभी सदस्य अब विलुप्त हो चुके हैं।&lt;br /&gt;
* जिन्कगो पेड़ों की पहचान उनके बड़े आकार और पंखे जैसी पत्तियों से होती है। जिन्कगो की पत्तियों का सेवन अल्जाइमर जैसे स्मृति संबंधी विकारों के इलाज में किया जाता है।&lt;br /&gt;
* जिन्कगो के पेड़ प्रदूषण के प्रति भी बहुत प्रतिरोधी हैं, और वे बीमारियों और कीड़ों के संक्रमण के प्रति प्रतिरोधक छमता दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== गनेटोफ़ाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस प्रजाति के केवल तीन प्रजाति जीवित हैं।&lt;br /&gt;
* नीटोफाइट्स में आमतौर पर उष्णकटिबंधीय पौधे, पेड़ और झाड़ियाँ शामिल होती हैं।&lt;br /&gt;
* इनकी विशेषता फूलदार पत्तियां होती हैं जिन पर मुलायम परत होती है।&lt;br /&gt;
* नीटोफाइट्स इस वर्ग के अन्य सदस्यों से भिन्न होते हैं क्योंकि उनके जाइलम में वाहिका तत्व होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कोनिफेरोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इसमें अनावृतबीजी पौधे परिवार की सबसे अधिक ज्ञात प्रजातियाँ हैं।&lt;br /&gt;
* यह  सदाबहार पौधे होते हैं अर्थात वे सर्दियों में अपने पत्ते नहीं गिराते।&lt;br /&gt;
* यह वृक्ष आमतौर पर समशीतोष्ण क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहां तापमान ठंढा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== उदाहरण ====&lt;br /&gt;
* साइकाडोफाइटा '''''- साइकस'''''&lt;br /&gt;
* जिन्कगोफाइटा - '''''गिंकगो बिलोबा'''''&lt;br /&gt;
* गनेटोफ़ाइटा - '''''एफेड्रा'''''  और '''''नेटम'''''&lt;br /&gt;
* कोनिफेरोफाइटा - '''''सिकोइया, सेडरस, थूजा  (मोरपंखी)''''' और '''''पाइनस''''' (देवदार)&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों की महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्राकृतिक वास ===&lt;br /&gt;
* ये ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* ये बारहमासी पेड़  होते हैं।&lt;br /&gt;
* कोनिफेरोफाइट्स, समशीतोष्ण और उपनगरीय क्षेत्रों में प्रमुख हैं।&lt;br /&gt;
* साइकैड्स और गनेटोफाइट्स मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय या उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== वानस्पतिक अंग ===&lt;br /&gt;
* जड़ें आम तौर पर मूसला जड़ें होती हैं।&lt;br /&gt;
* तने अशाखित ('''''साइकस''''') या शाखित ('''''पाइनस, सेड्रस''''') होते हैं।&lt;br /&gt;
* पत्तियाँ, सरल या मिश्रित होती हैं। जिम्नोस्पर्म की पत्तियाँ चरम स्थितियों, जैसे, तापमान, आर्द्रता और हवा को झेलने के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित होती हैं।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में सतह क्षेत्र कम करने के लिए सुई जैसी पत्तियाँ विकसित होती हैं।&lt;br /&gt;
* पत्तियों का मोटा क्यूटिकल और धँसा हुआ रंध्र, जल हानि को कम करने में मदद करें।&lt;br /&gt;
* वर्तिकाग्र अनुपस्थित होने के कारण, वे सीधे हवा द्वारा परागित होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में संवहनी ऊतक होते हैं जो पोषक तत्वों और पानी के परिवहन में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
* जाइलम में वाहिकाएँ नहीं होती हैं और फ्लोएम में कोई साथी कोशिकाएँ और छलनी नलिकाएँ नहीं होती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== प्रजनन अंग ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वे पुष्प का उत्पादन नहीं करते।&lt;br /&gt;
* बीज फल से ढके नहीं होते। बल्कि वे गैर-आच्छादित स्थिति होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में जनन संरचनाओं के साथ शंकु बनते हैं।&lt;br /&gt;
* जिम्नोस्पर्म विषमबीजाणु होते हैं; वे अगुणित माइक्रोस्पोर्स और मेगास्पोर्स बनाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== नर शंकु ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इनमें लघुबीजाणु पर्ण (माइक्रोस्पोरोफिल) होते हैं जिनमें लघुबीजाणुधानी (माइक्रोस्पोरंगिया) होता है अर्थात लघुबीजाणुधानी जिस पत्र में लगी रहती है, उसे लघुबीजाणु पर्ण कहते हैं।&lt;br /&gt;
* लघुबीजाणुधानी अगुणित लघुबीजाणु का निर्माण करता है। कुछ सूक्ष्मबीजाणु विकसित होकर नर युग्मक बनते हैं जिन्हें पराग कण कहते हैं और शेष नष्ट हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== मादा शंकु ====&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* गुरुबीजाणु पर्ण (मेगास्पोरोफिल्स) एकत्रित होकर मादा शंकु बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* उनके पास गुरुबीजाणुधानी (मेगास्पोरैंगियम) युक्त बीजांड होते हैं। यह अगुणित गुरुबीजाणु और एक गुरुबीजाणु मातृ कोशिका का निर्माण करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== रोचक तथ्य ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जिम्नोस्पर्मों में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष '''''सिकोइया''''' सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है। इसे आमतौर पर रेडवुड (एक प्रकार का लम्बा सदाबहार पेड़) के रूप में जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि रेडवुड 115.5 मीटर (379 फीट) लंबा और व्यास 9 मीटर (30 फीट) तक बढ़ सकता है।&lt;br /&gt;
* '''''पाइनस'''''  की जड़ों में कवकीय संबंध होता है जिसे, माइकोराइजा कहा जात है।&lt;br /&gt;
* '''''साइकस'''''  की जड़ों में विशिष्ट, कोरलॉइड जड़ें कहलाने वाली जड़ें होती हैं जो साइनोबैक्टीरिया से जुड़ी होती है। वे नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं।&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
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		<title>जिमनोस्पर्म</title>
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		<updated>2023-10-15T19:45:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हम सभी जानते हैं कि जीवित तंत्र को व्यापक रूप से वर्गीकृत किया गया है। व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित जीव प्रणाली में, उन्होंने पांच जगत वर्गीकरण का सुझाव दिया था। ये पांच जगत निम्नलिखित हैं- मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, वनस्पति जगत और जंतु जगत। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत जिमनोस्पर्म जिसे लोकप्रिय रूप से अनावृतबीजी पौधे भी कहा जाता है जाता है पर विस्तार से विचार करते है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, बीज पैदा करने वाले पौधों का एक समूह है जिसमें पुष्प आदि का निर्माण अनुपस्थित होता है। अनावृतबीजी पौधे या जिम्नोस्पर्म शब्द ग्रीक के मिश्रित शब्द से आया है: जिसमें, जिम्नोस का अर्थ 'नग्न' और स्पर्मा का अर्थ 'बीज' होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'नग्न बीज'। यह नाम उनके बीजों की खुली स्थिति/गैर-आच्छादित स्थिति जिन्हे अनिषेचित अवस्था में बीजांड कहा जाता है पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, आवृतबीजी पौधे से इस प्रकार भिन्न है- आवृतबीजी पौधे के बीज और बीजांड एक अंडाशय के भीतर घिरे होते हैं। परन्तु अनावृतबीजी पौधे में यह स्थिति नहीं देखी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे में बीजांड किसी भी अंडाशय की परत से नहीं घिरे होते हैं और निषेचन से पहले और बाद में खुले रहते हैं। यह बीज जो निषेचन के बाद विकसित होने पर ढके हुए नहीं होते हैं अर्थात नग्न होते हैं। अनावृतबीजी पौधे में मध्यम आकार या ऊँचे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। अनावृतबीजी पौधे में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष '''''सिकोइया'''''  सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों को नीचे दिए चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== साइकाडोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* साइकैड्स आमतौर पर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* साइकैड्स बीज देने वाले पौधे हैं जिनके अधिकांश सदस्य अब विलुप्त हो चुके हैं। &lt;br /&gt;
* साइकैड्स एकलिंगी होते हैं (अर्थात, पौधे या तो सभी नर या मादा होते हैं)।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में आमतौर पर बड़े यौजिक पत्ते, मोटे तने और छोटे पत्ते होते हैं जो केंद्रीय तने से जुड़े होते हैं।&lt;br /&gt;
* इनकी ऊंचाई कुछ सेंटीमीटर से लेकर कई मीटर तक होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== जिन्कगोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जिंकगोफाइटा की केवल एक ही जीवित प्रजाति है। इस वर्ग के अन्य सभी सदस्य अब विलुप्त हो चुके हैं।&lt;br /&gt;
* जिन्कगो पेड़ों की पहचान उनके बड़े आकार और पंखे जैसी पत्तियों से होती है। जिन्कगो की पत्तियों का सेवन अल्जाइमर जैसे स्मृति संबंधी विकारों के इलाज में किया जाता है।&lt;br /&gt;
* जिन्कगो के पेड़ प्रदूषण के प्रति भी बहुत प्रतिरोधी हैं, और वे बीमारियों और कीड़ों के संक्रमण के प्रति प्रतिरोधक छमता दिखाते हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== गनेटोफ़ाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस प्रजाति के केवल तीन प्रजाति जीवित हैं।&lt;br /&gt;
* नीटोफाइट्स में आमतौर पर उष्णकटिबंधीय पौधे, पेड़ और झाड़ियाँ शामिल होती हैं।&lt;br /&gt;
* इनकी विशेषता फूलदार पत्तियां होती हैं जिन पर मुलायम परत होती है।&lt;br /&gt;
* नीटोफाइट्स इस वर्ग के अन्य सदस्यों से भिन्न होते हैं क्योंकि उनके जाइलम में वाहिका तत्व होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== कोनिफेरोफाइटा ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इसमें अनावृतबीजी पौधे परिवार की सबसे अधिक ज्ञात प्रजातियाँ हैं।&lt;br /&gt;
* यह  सदाबहार पौधे होते हैं अर्थात वे सर्दियों में अपने पत्ते नहीं गिराते।&lt;br /&gt;
* यह वृक्ष आमतौर पर समशीतोष्ण क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहां तापमान ठंढा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==== उदाहरण ====&lt;br /&gt;
* साइकाडोफाइटा '''''- साइकस'''''&lt;br /&gt;
* जिन्कगोफाइटा - '''''गिंकगो बिलोबा'''''&lt;br /&gt;
* गनेटोफ़ाइटा - '''''एफेड्रा'''''  और '''''नेटम'''''&lt;br /&gt;
* कोनिफेरोफाइटा - '''''सिकोइया, सेडरस, थूजा  (मोरपंखी)''''' और '''''पाइनस''''' (देवदार)&lt;br /&gt;
== जीवन चक्र ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधों की महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* वे पुष्प का उत्पादन नहीं करते।&lt;br /&gt;
* बीज फल से ढके नहीं होते। बल्कि वे गैर-आच्छादित स्थिति होते हैं।&lt;br /&gt;
* ये ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
* जड़ें आम तौर पर मूसला जड़ें होती हैं।&lt;br /&gt;
* पत्तियाँ, सरल या मिश्रित होती हैं। जिम्नोस्पर्म की पत्तियाँ चरम स्थितियों, जैसे, तापमान, आर्द्रता और हवा को झेलने के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित होती हैं।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में सतह क्षेत्र कम करने के लिए सुई जैसी पत्तियाँ विकसित होती हैं।&lt;br /&gt;
* पत्तियों का मोटा क्यूटिकल और धँसा हुआ रंध्र, जल हानि को कम करने में मदद करें।&lt;br /&gt;
* वे बारहमासी पेड़  होते हैं।&lt;br /&gt;
* वर्तिकाग्र अनुपस्थित होने के कारण, वे सीधे हवा द्वारा परागित होते हैं।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में जनन संरचनाओं के साथ शंकु बनते हैं।&lt;br /&gt;
* जिम्नोस्पर्म विषमबीजाणु होते हैं; वे अगुणित माइक्रोस्पोर्स और मेगास्पोर्स बनाते हैं।&lt;br /&gt;
* इन पौधों में संवहनी ऊतक होते हैं जो पोषक तत्वों और पानी के परिवहन में मदद करते हैं।&lt;br /&gt;
* जाइलम में वाहिकाएँ नहीं होती हैं और फ्लोएम में कोई साथी कोशिकाएँ और छलनी नलिकाएँ नहीं होती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जनन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विविधता ==&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>जिमनोस्पर्म</title>
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		<updated>2023-10-15T18:44:13Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हम सभी जानते हैं कि जीवित तंत्र को व्यापक रूप से वर्गीकृत किया गया है। व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित जीव प्रणाली में, उन्होंने पांच जगत वर्गीकरण का सुझाव दिया था। ये पांच जगत निम्नलिखित हैं- मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, वनस्पति जगत और जंतु जगत। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत जिमनोस्पर्म जिसे लोकप्रिय रूप से अनावृतबीजी पौधे भी कहा जाता है जाता है पर विस्तार से विचार करते है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, बीज पैदा करने वाले पौधों का एक समूह है जिसमें पुष्प आदि का निर्माण अनुपस्थित होता है। अनावृतबीजी पौधे या जिम्नोस्पर्म शब्द ग्रीक के मिश्रित शब्द से आया है: जिसमें, जिम्नोस का अर्थ 'नग्न' और स्पर्मा का अर्थ 'बीज' होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'नग्न बीज'। यह नाम उनके बीजों की खुली स्थिति/गैर-आच्छादित स्थिति जिन्हे अनिषेचित अवस्था में बीजांड कहा जाता है पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, आवृतबीजी पौधे से इस प्रकार भिन्न है- आवृतबीजी पौधे के बीज और बीजांड एक अंडाशय के भीतर घिरे होते हैं। परन्तु अनावृतबीजी पौधे में यह स्थिति नहीं देखी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नावृतबीजी पौधे में बीजांड किसी भी अंडाशय की परत से नहीं घिरे होते हैं और निषेचन से पहले और बाद में खुले रहते हैं। यह बीज जो निषेचन के बाद विकसित होने पर ढके हुए नहीं होते हैं अर्थात नग्न होते हैं। अनावृतबीजी पौधे में मध्यम आकार या ऊँचे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। अनावृतबीजी पौधे में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष '''''सिकोइया'''''  सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
जिम्नोस्पर्मों को नीचे दिए अनुसार चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है -&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
साइकाडोफाइटा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिन्कगोफाइटा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गनेटोफ़ाइटा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कोनिफेरोफाइटा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जिम्नोस्पर्म के परिवार में कॉनिफ़र, साइकैड, गनेटोफाइट्स और जिन्कगोफाइटा डिवीजन और जिन्कगो बिलोबा की प्रजातियां शामिल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जीवन चक्र ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विविधता ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रजनन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उपयोग ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* '''''साइकस'''''&lt;br /&gt;
* '''''पाइनस'''''  (देवदार)&lt;br /&gt;
* '''''अरौशेरिया'''''&lt;br /&gt;
* '''''थ्यूजा'''''  (मोरपंखी)&lt;br /&gt;
* '''''सेडरस''''' &lt;br /&gt;
* '''''पिसिया'''''&lt;br /&gt;
* '''''एबीस'''''&lt;br /&gt;
* '''''जुनिपर'''''&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>जिमनोस्पर्म</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हम सभी जानते हैं कि जीवित तंत्र को व्यापक रूप से वर्गीकृत किया गया है। व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित जीव प्रणाली में, उन्होंने पांच जगत वर्गीकरण का सुझाव दिया था। ये पांच जगत निम्नलिखित हैं- मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, वनस्पति जगत और जंतु जगत। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत जिमनोस्पर्म जिसे लोकप्रिय रूप से अनावृतबीजी पौधे भी कहा जाता है जाता है पर विस्तार से विचार करते है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, बीज पैदा करने वाले पौधों का एक समूह है जिसमें पुष्प आदि का निर्माण अनुपस्थित होता है। अनावृतबीजी पौधे या जिम्नोस्पर्म शब्द ग्रीक के मिश्रित शब्द से आया है: जिसमें, जिम्नोस का अर्थ 'नग्न' और स्पर्मा का अर्थ 'बीज' होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'नग्न बीज'। यह नाम उनके बीजों की खुली स्थिति/गैर-आच्छादित स्थिति जिन्हे अनिषेचित अवस्था में बीजांड कहा जाता है पर आधारित है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अनावृतबीजी पौधे, आवृतबीजी पौधे से इस प्रकार भिन्न है- आवृतबीजी पौधे के बीज और बीजांड एक अंडाशय के भीतर घिरे होते हैं। परन्तु अनावृतबीजी पौधे में यह स्थिति नहीं देखी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नावृतबीजी पौधे में बीजांड किसी भी अंडाशय की परत से नहीं घिरे होते हैं और निषेचन से पहले और बाद में खुले रहते हैं। यह बीज जो निषेचन के बाद विकसित होने पर ढके हुए नहीं होते हैं अर्थात नग्न होते हैं। अनावृतबीजी पौधे में मध्यम आकार या ऊँचे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। अनावृतबीजी पौधे में से एक, विशाल रेडवुड वृक्ष '''''सिकोइया'''''  सबसे ऊंचे वृक्ष प्रजातियों में से एक है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जीवन चक्र ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विशेषताएँ ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विविधता ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रजनन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उपयोग ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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		<title>जिमनोस्पर्म</title>
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		<updated>2023-10-15T17:53:54Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:वनस्पति जगत]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
हम सभी जानते हैं कि जीवित तंत्र को व्यापक रूप से वर्गीकृत किया गया है। व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित जीव प्रणाली में, उन्होंने पांच जगत वर्गीकरण का सुझाव दिया था। ये पांच जगत निम्नलिखित हैं- मोनेरा जगत, प्रोटिस्टा जगत, कवक जगत, वनस्पति जगत और जंतु जगत। आइये वनस्पति जगत में वर्गीकृत जिमनोस्पर्म जिसे लोकप्रिय रूप से अनावृतबीजी पौधे भी कहा जाता है जाता है पर विस्तार से विचार करते है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== परिचय ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== वर्गीकरण ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== जीवन चक्र ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== विविधता ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== प्रजनन ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उपयोग ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== उदाहरण ==&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=Taxonomy_for_Biology_Articles-11th_Class&amp;diff=42164</id>
		<title>Taxonomy for Biology Articles-11th Class</title>
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		<updated>2023-10-15T12:36:04Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Deeksha dwivedi: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{| class=&amp;quot;wikitable&amp;quot;&lt;br /&gt;
|'''S.No.'''&lt;br /&gt;
|'''इकाई''' &lt;br /&gt;
|'''अध्याय'''&lt;br /&gt;
|'''विषय'''&lt;br /&gt;
|'''Unit - 1'''&lt;br /&gt;
|'''Chapter'''&lt;br /&gt;
|'''Topic'''&lt;br /&gt;
|'''Article Creator Name'''&lt;br /&gt;
|'''[https://docs.google.com/spreadsheets/d/1W0E_JcTAuGojSdK8vcLmC9v91rRN0oWZOtUxlijjZBc/edit#gid=629091502 Review by IIT Kanpur]'''&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - एक'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|'''1'''&lt;br /&gt;
|'''जीव जगत में विविधता'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Diversity in the living world'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''जीव जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''The living world'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जीव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|living&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Growth&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
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|[[जनन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reproduction&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपापचयन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metabolism&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैविक विविधता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biodiversity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाम पद्धति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nomenclature&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्विपदनाम पद्धति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Binomial Nomenclature&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टैक्सा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Taxa&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्गिकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Taxonomy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाति (स्पीशीज)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Species&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वंश]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Genus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|order&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हरबेरियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Herbarium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वनस्पति-उद्यान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Botanical Garden&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संग्रहालय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Museum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राणि उद्यान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Zoological park&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''2'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''जीव जगत का वर्गीकरण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Biological Classification'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्विजगत पद्धति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dual system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आध बैक्टीरिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Archaebacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूबैक्टीरिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Eubacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सायनोबैक्टीरिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cyanobacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परपोषी बैक्टीरिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parasitic Bacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटिस्टा जगत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protista Kingdom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्राइसोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chrysophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डायनोफ्लैजिलेट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dinoflagellates&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूग्लेनॉइड्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Euglenoids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवपंक कवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|scale fungus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोजोआ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protozoa&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fungi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ss&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाइकोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phycomycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एस्कोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ascomycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बेसिडियोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Basidiomycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डयूटिरोमाइसिटीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Deuteromycetes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पादप जगत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plantae Kingdom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जंतु जगत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Animal kingdom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विषाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Virus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाइराइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Viroid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रिऑन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prione&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइकेन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lichen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शैवालांश]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Algae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइकोवायंट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mycovyant&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''3'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''वनस्पति जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Plant Kingdom'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शैवाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Algae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जूस्पोर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Zoospores&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समयुग्मकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|homozygous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[असमयुग्मकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|heterozygous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नरयुग्मक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Male gametes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाल शैवाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Red algae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैरागीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|carrageen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोरोफाइसी (हरा शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyceae (green algae)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फियोफाइसी (भूरा शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|phaeophyceae (Brown Algae)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रोडोफाइसी (लाल शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rhodophyceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ब्रायोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bryophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युग्मकोभिद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gametophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुंधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Antheridium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्त्रीधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Archegonium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पोरोफाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sporophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लिवरवर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Livervart&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मॉस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Moss&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टेरिडोफाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pteridophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जिमनोस्पर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gymnosperm&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजियोस्पेर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Angiosperms&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परागण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pollination&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीढ़ी एकान्तरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alternation of generations&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाणु उद्भिद (स्पोरोफिटिक)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sporophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''प्राणी जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Animal Kingdom'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्टोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ectoderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंडोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endoderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मीजोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesoderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[देहगुहा (प्रगुहा)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coelom&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सैगमेंटेशन (खंडीभवन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Segmentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विखंडावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|metameric segmentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पृष्ठरज्जु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Notochord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ पोरिफेरा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum Porifera&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑस्टिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Austia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पंज गुहा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spongocoel&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑस्कुलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osculam&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोएनोसाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Choanocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाल तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|canals&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ओस्टिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ostia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पांजिला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spongilla&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूस्पॉन्जिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Euspongia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाइलम सीलेन्ट्रेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Coelenterata (Cnidaria)&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दंश कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nematocysts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइडोब्लास्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cnidoblasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ टीनोफोर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Ctenophora&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज (चपटे कृमि)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Platyhelminthes&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ एस्केल्मिन्थीज (गोलकृमि)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Aschelminthes&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ एनेलिडा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Annelida&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैरापोडिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parapodia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृक्कक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रीडियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ आर्थोपोडा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Arthropoda&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संधियुक्त पाद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Jointed appendages&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपिगी नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ मोलस्का]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum mollusca&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेडुला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radula&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ इकोनोडर्मेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum Echinodermata&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल संवहन तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Water vascular system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ हेमीकोर्डेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Hemichordata&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोम छिद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gill slits&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपास्थिल मेरुदंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Notochord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग-साइक्लोस्टोमेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Cyclostomata&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग-कांड्रीक्थीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Chondrichthyes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑपरकुलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Operculum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग- एम्फीबिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Amphibia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्णपटल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tympanum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवस्कर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cloaca&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग- सरीसृप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Reptilia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रशल्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Scales&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग एवीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Aves&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समतापी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Homoiothermous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग स्तनधारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Mammalia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तनग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mammary glands&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - दो'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit- 2'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structural Organisation in Plants and Animals'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''5'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पुष्पी पादपों की आकारिकी'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Morphology of Flowering Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आकारिकी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Morphology&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तृतीयक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tertiary root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूसला मूलतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tap root system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[झकड़ा मूलतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fibrous root&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपस्थानिक मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adventitious roots&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूल गोप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root cap&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टमी क्रियाओं का क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Region of meristematic activity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दीर्घीकरण क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Region of elongation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिपक्व क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Region of maturation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलरोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root hairs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोप रुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prop roots&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवस्तम्भ रूट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stilt roots&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसन मूल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pneumatophores&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tendrils&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णाधार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|leaf base&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णवृंततल्प]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Petiole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णवृंत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Petiole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तरिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lamina&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यशिरा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Midrib&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शिराविन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|venation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल पत्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|simple leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त पत्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|compound leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णविन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|foliage&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पत्ती के रूपांतरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|metamorphosis of leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्पक्रम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|inflorescence&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[असीमाक्षी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Racemose&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ससीमाक्षी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cymose&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्प]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|flowers&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्पासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thalamus or receptacle.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहपत्री]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bracteate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहपत्रहीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ebracteate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधोजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypogynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Perigynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधिजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epigynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधोवर्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|downward&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऊर्ध्ववर्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vertical&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्किस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Calyx&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्किस संयुक्त बाह्य दली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gamosepalous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पृथक बाह्यदली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polysepalous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरोला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Corolla&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरस्पर्शी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Valvate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[व्यावर्तित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Twisted&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरछादी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Imbricate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वैक्ज़ीलरी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vaccillary&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुमंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|stamen&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्टेमिनाएड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Staminode&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दललग्न (एपिपेटलस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epipetalus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिदल लग्न (एपिफिलस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epiphyllus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जायांग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gynoecium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्तिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|style&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्तिकाग्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|stigma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Placenta&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वियुक्तांडपी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apocarpous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युक्तांडपी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Syncarpous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Placentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनिषेक फलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parthenocarpic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फलभित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pericarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्यफल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epicarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यफल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesocarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तःफलभित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजावरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Testa&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टेगमेन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|tegmen.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डद्वार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Micropyle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radicle.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[भ्रूणपोष]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endosperm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एल्यूरोन परत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aleurone layer&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्कुटेलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|scutellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plumule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radicle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रांकुरचोल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coleoptile&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर चोल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coleorhiza&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाबेसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fabaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सोलैनेसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Solanaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लिलिएसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Liliaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''6'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पुष्पी पादपों का शरीर'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Anatomy of Flowering Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टेमेटिक ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meristematic Tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meristems&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शीर्षस्थ मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apical meristems&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कक्षीय कली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axillary bud&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतर्वेशी मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intercalary Meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक मेरिस्टेम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक या पार्श्व मेरिस्टेम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary or lateral meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थायी या परिपक्व कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Permanent or mature cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Simple tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोलेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Collenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्क्लेरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sclerenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्किलिरिड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sclereids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जटिल ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Complex Tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रेकीड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tracheids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाहिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vessel&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम तंतु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem fibres&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोजाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|protoxylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेटाजाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaxylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यादिदारुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endarch&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्य आदिदारुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|exarch&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लाएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चालनी नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sieve tube elements&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहचर कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Companion cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लोएम पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लोएम तंतु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem fibres&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोफ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protophloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेटाफ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaphloem.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्यूटिकल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cuticle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomata&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहायक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Subsidiary cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्री तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomatal apparatus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलरोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root hairs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइकोम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Trichomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[भरण ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ground tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णमध्योतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesophyll&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खुला संवहन बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Open vascular bundles.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बंद संवहन बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Closed vascular bundles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेडियल संवहनी बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radial vascular bundles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलीय त्वचा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epiblema&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैस्पेरियन पट्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cortex&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिरम्भ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Casparian strips.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंजकटिव ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pericycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पिथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Conjuctive tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खम्भा पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pith&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पंजी पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|palisade parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आवर्ध त्वक्कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पार्श्वीय मेरिस्टम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lateral meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संवहन कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vascular cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कार्क कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cork Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः पूलीय कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intyracalary Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तरापूलीय कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intercalary cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक जाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Xylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक फ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Phloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक मज्जाकिरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary medullary&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बसंतदारु (अग्र दारू)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spring wood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शरद दारू (पश्च दारू)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Early wood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वार्षिक वलय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Annual ring&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रसदारु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sapwood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ह्रददारु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heartwood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉर्क कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cork cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक वल्कुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary cortex or Phelloderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिचर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Periderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[छालवल्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bark&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वातरंध्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lenticels&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''7'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''प्राणियों में संरचनात्मक संगठन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structural Organsation in Animals'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|simple epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|compound epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शल्की उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Squamous epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[घनाकार उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cuboidal epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तम्भाकार उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Columnar epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पक्ष्माभी उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ciliated epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रंथिल उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glandular epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहिःस्त्रावी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Exocrine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत: स्रावी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocrine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Compound epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दृढ संधियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tight junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आसंजी संधियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adhering junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतराली संधियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gap junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लचीले संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Areolar tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सघन संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dense connective tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वसा ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adipose tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विशिष्ट संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|specialised connective tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अस्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bones&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंकाल पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Skeletal muscle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चिकनी पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|smooth muscle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac muscle tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neural Tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंग और अंगतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Organ and organ System&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंचुआ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Earthworm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लाइटेलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Clitellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शूक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Setae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आंत्रवलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Typhlosole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रिडिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉकरोच]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cockroache&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपीगी नलिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिकाम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uricotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेत्राशंक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ommatidia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - तीन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 3'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''संरचना और कार्य'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structure and functions'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''8'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''कोशिका : जीवन की इकाई'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''cell: The unit of life'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटोन वॉन ल्यूवेनहोक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anton Von Leeuwenhoek&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका सिद्धांत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell theory&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्लेडेन और श्वान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Schleiden and Schwann&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prokaryotic cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डीएनए]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|DNA&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राम धनात्मक जीवाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gram positive bacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राम ऋणात्मक जीवाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gram negative bacteria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवपंक परत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Slime layer&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सम्पुटिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Capsule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मीसोजोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesosome&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुटिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Form of vesicles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पटलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lamellae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तन्तु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Filament&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशाभिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flagellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pili&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[झालर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fimbriae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[राइबोसोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ribosomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहुराइबोसोम या बहु सूत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polyribosomes or polysome&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतर्विष्ट पिंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inclusion bodies&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंद्रीय रसधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Central vacuole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तारक काय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Centrioles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूकेरियोटिक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Eukaryotic cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका झिल्ली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell Membrane&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तरल किर्मीर नमूना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fluid mosaic model&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निष्क्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Passive transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Active transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परासरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osmosis.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका भित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell wall&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक भित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary wall&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतः झिल्लिका तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endomembrane system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः प्रदव्ययी जलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endoplasmic Reticulum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गॉल्जीकाय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Golgi apparatus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइसोसोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lysosomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संकुचनशील रसधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Contractile vacuole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खाध रसधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Food vacuoles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइटोकॉन्ड्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mitochondria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आधात्री]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Matrix&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रिस्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cristae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णहरित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyll&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैरोटेनॉइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Carotenoid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मंड लवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Amyloplasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तेल लवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Elaioplasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन लवक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aleuroplasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थाइलेकोइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thylakoids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइटोपंजर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytoskeleton&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पक्ष्माभ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cilia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशाभिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flagella&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अक्षसूत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axoneme&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रोमेटिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chromatin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंद्रिक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleoli&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिकेन्द्रकी अवकाश]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Perinuclear space&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केन्द्रक द्रव्य]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleoplasm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइक्रोबॉडीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Microbodies&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''9'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''जैव अणु'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Biomolecules'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ज्विटर आयन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|zwitterion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अमीनो अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Amino acids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शर्करा (कार्बोहाइड्रेट)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sugars (Carbohydrates)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लाइसीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glycine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एलानिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alanine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सेरिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Serine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पामिटिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Palmitic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लिसरॉल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glycerol&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइग्लिसराइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Triglyceride&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फास्फोलिपिड (लेसिथिन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phospholipid (Lecithin)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोलेस्ट्रॉल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cholesterol&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडेनिन (प्यूरिन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenine (Purine)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडीनोसिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenosine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडेनिलिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenylic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरेसिल (पाइरीमिडीन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uracil (Pyrimidine)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिडीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uridine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूक्लियोसाइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleosides&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूक्लियोटाइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleotide&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक उपापचयज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary metabolites&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक उपापचयज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary metabolites&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृहत जैव अणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biomacromolecules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Proteins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पॉलीसैकराइड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polysaccharides&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूक्लिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nucleic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन की संरचना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Structure of protein&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अल्फा - हेलिक्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alpha – Helix&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीटा– प्लीटेड शीट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Beta– plated sheet&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेप्टाइड बंध]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Peptide bond&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लाइकोसिडिक बंध]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glycosidic bond&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उत्प्रेरित अभिक्रियाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Catalysed Reaction&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपापचय पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anabolic pathways&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपचय पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Catabolic pathways.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एडेनोसाइन ट्राइफॉस्फेट (एटीपी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adenosine triphosphate (ATP)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रासायनिक अभिक्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chemical Reaction&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रियण ऊर्जा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Activation energy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजाइम क्रिया की प्रकृति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nature of Enzyme Action&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजाइम क्रियाविधि को प्रभावित करने वाले कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Factors Affecting Enzyme Activity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संदमन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inhibition&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सीडोरडक्टेस / डिहाइड्रोजनेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Oxidoreductases/dehydrogenases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रांसफरेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Transferases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हाइड्रोलेजेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hydrolases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइसेस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lyases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आइसोमरेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Isomerases&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइगेजेज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ligases:&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सह-कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Co-factors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''10'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Cell Cycle and Cell Division'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतरावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Interphase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एम प्रावस्था (समसूत्री विभाजन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|M Phase (Mitosis phase)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कार्योकाइनेसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Karyokinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइटोकाइनेसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytokinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पश्च सूत्री अंतरकाल प्रावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|G1 phase (Gap 1)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संश्लेषण प्रावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|S phase (Synthesis)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पूर्व - सूत्री विभाजन अंतरालकाल प्रावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|G2 phase (Gap 2)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शांत अवस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Quiescent stage (G0 )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सूत्री विभाजन अवस्था (M प्रावस्था)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|M Phase (Mitosis phase)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पूर्वावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prophase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaphase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पश्चावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anaphase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत्यावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Telophase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिकाद्रव्य विभाजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytokinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अर्धसूत्रीविभाजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meiosis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तनुपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|leptotene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युग्मपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Zygotene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थूलपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pachytene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्विपट्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diplotene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[काएज्मेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chiasmata&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डायकाइनेसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diakinesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - चार'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप कार्यकीय (शरीर क्रियात्मकता)'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Plant Physiology'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''11'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पौधों में परिवहन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Transport in Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थानान्तरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Translocation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विसरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diffusion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सुसाध्य विसरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Facilitated diffusion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पोरिन्]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Porins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्वापोरिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aquaporins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिम्पोर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Symport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटिपोर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Antiport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूनिपोर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uniport.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Active transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निष्क्रिय परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Passive transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल विभव (Ψw)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Water potential (Ψw )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विलेय विभव (Ψs )]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Solute potential (Ψs )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दाब विभव (Ψp)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pressure potential (Ψp )&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दाब प्रवणता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pressure gradient&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सांद्रता प्रवणता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Concentration gradient&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जीवद्रव्यकुंचन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plasmolysis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समपरासरी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Isotonic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अल्पपरासारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypotonic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अतिपरासारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypertonic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्फीत दबाव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Turgor pressure&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत-शोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Imbibition&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सामूहिक या थोक प्रवाह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mass or bulk flow&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एपोप्लास्ट पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apoplast pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिम्प्लास्ट पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Symplast pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैस्पेरियन पट्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Casparian strips&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइकोराइजा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mycorrhiza&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूल दाब]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root Pressure&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बिन्दुस्राव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Guttation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सामंजस्य-तनाव-वाष्पोत्सर्जन खिंचाव मॉडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cohesion-tension-transpiration pull mode&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्र छिद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomatal aperture,&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्षक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Guard cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सासंजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cohesion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आसंजन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adhesion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तन्य -सामर्थ्य]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tensile strength&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रेकिड् और वाहिका तत्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tracheids and vessel elements&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्रिय अवशोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Active absorption&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दबाव प्रवाह या द्रव्यमान प्रवाह परिकल्पना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The Pressure Flow or Mass Flow Hypothesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''12'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''खनिज पोषण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Mineral nutrition'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल संवर्धन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hydroponics.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृहत पोषक तत्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Macronutrients&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सूक्ष्म पोषक तत्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Micronutrients&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रांतिक सांद्रता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Critical concentration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सूक्ष्म पोषक तत्वों की विषाक्तता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Toxicity of Micronutrients&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अभिवाह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flux&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तर्वाह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Influx&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहि: स्राव]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Efflux&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइट्रोजन चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nitrogen Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइट्रोजन स्थिरीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nitrogenfixation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइट्रीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nitrification&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रसायनपोषी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chemoautotrophs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biological nitrogen fixation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहजीवी जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Symbiotic biological nitrogen fixation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[राइजोबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rhizobium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अमोनिया की स्थिति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fate of ammonia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपचयित एमीनीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reductive amination&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रांसएमिनेशन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Transamination&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''13'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Photosynthesis In Higher Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकाश अभिक्रिया (प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|light reactions (photochemical reactions)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अप्रकाशीय अभिक्रिया (कार्बन अभिक्रिया)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dark reactions (carbon reactions)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोरोफिल ए]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyll a&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोरोफिल बी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chlorophyll b&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ज़ैंथोफिल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|xanthophylls&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैरोटीनॉयड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|carotenoids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लाइट हार्वेस्टिंग काम्प्लेक्स (एल एच एसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|light harvesting complexes (LHC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फोटोसिस्टम I (पीएस I)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photosystem I (PS I)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फोटोसिस्टम II (PS II)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photosystem II (PS II)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटीना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|antennae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अभिक्रिया केंद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reaction centre&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पी700]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|P700&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पी 680]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|P680&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[इलेक्ट्रॉन परिवहन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Electrons transport&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Z स्कीम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Z scheme&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल विघटन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Splitting of Water&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चक्रीय और अचक्रीय फोटो-फास्फोरिलीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cyclic and Non-cyclic Photo-phosphorylation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केमियोस्मोटिक परिकल्पना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chemiosmotic Hypothesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैवसंश्लेषण चरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Biosynthetic phase&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्विन चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Calvin cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[C3 पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|C3 pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[C4 पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|C4 pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बंडल शीथ कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bundle sheath cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रांज़ 'शारीरिक रचना]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Kranz’ anatomy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हैच और स्लैक पाथवे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hatch and Slack Pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकाश श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photorespiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Factors Affecting Photosynthesis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लॉ ऑफ लिमिटिंग फैक्टर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Law of Limiting Factors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''14'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पौधों में श्वसन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Respiration in plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिकीय श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cellular respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसनी क्रियाधार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Respiratory substrates&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लाइकोलिसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|glycolysis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रेब्स चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Krebs’ cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[किण्वन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fermentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सी श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aerobic respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइकारबॉक्सिलिक अम्ल चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tricarboxylic Acid Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Electron Transport System (ETS)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सीडेटिव फास्फोराइलेशन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Oxidative Phosphorylation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एम्फ़िबोलिक मार्ग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Amphibolic Pathway&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसन गुणांक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Respiratory quotient&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइट्रिक एसिड चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Citric acid Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइटोकॉन्ड्रिया में एटीपी का संश्लेषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ATP synthesis in mitochondria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनॉक्सी श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anaerobic respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ए.टी.पी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ATP&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''15'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप वृद्धि एवं परिवर्धन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Plant growth and development'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि के चरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phases of Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि दर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Growth Rates&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृद्धि के लिए दशाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Conditions for Growth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विभेदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Differentiation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निर्विभेदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dedifferentiation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुनर्विभेदित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Redifferentiated&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिवर्धन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Development&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्लास्टिसिटी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plasticity&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पादप वृद्धि नियामक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plant growth regulators (PGRs)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑक्सिन्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Auxins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शिखाग्र प्रधान्यता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apical dominance&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जिबरेलिन्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gibberellins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[साइटोकाइनिन्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cytokinins&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एथिलीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ethylene&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एब्सिसिक अम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Abscisic acid&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दीप्तिकालिता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Photoperiodism&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दीर्घ प्रदीप्तकाली पौधे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|long day plants&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अल्प प्रदीप्तकाली पौधे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|short day plants&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तटस्थ प्रदीप्तकाली पौधे]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Day-neutral plants&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वसंतीकरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vernalisation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीज प्रसुप्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Seed dormancy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - चार'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''16'''&lt;br /&gt;
|'''मानव शरीर विज्ञान'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Human Physiology'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पाचन एवं अवशोषण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Digestion and Absorption'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाचन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Digestion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाचन तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Digestive system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आहार नाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alimentary Canal&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गर्तदन्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thecodont&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्विबारदंती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diphyodont&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जठरागम भाग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फंडिक क्षेत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fundic region&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जठरनिर्गम भाग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pyloric portion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाचन ग्रंथियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Digestive glands&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bolus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[काइम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Chyme&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लोबेट कोशिकाये]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Goblet cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सक्सेस एंटेरिकस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Succus entericus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पचाए गए उत्पादों का अवशोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Absorption of digested products&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मुख]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mouth&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आमाशय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomach&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[छोटी आंत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Small Intestine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बड़ी आँत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Large Intestine&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीलिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Jaundice&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वमन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vomiting&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रवाहिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diarrhoea&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोष्ठबद्धता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Constipation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपच]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Indigestion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण (पीईएम)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protein-energy malnutrition (PEM)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''17'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''श्वास और गैसों का विनिमय'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Breathing and exchange of gases'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Respiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Breathing&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gills&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फेफड़े]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lungs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रसनी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pharynx&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वासनली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Trachea&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ध्वनि पेटिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sound box&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्वासनलियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bronchi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वायु कूपिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alveoli&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः श्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inspiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निःश्वसन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Expiration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ज्वारीय आयतन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tidal Volume (TV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत श्वसन सुरक्षित आयतन (आईआरबी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inspiratory Reserve Volume (IRV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निःश्वास सुरक्षित आयतन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Expiratory Reserve Volume (ERV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवशिष्ट आयतन (RV)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Residual Volume (RV)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः श्वसन क्षमता (आईसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Inspiratory Capacity (IC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नि:श्वसन क्षमता (ईसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Expiratory Capacity (EC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्रियात्मक अवशिष्ट क्षमता (FRC)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Functional Residual Capacity (FRC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जैव क्षमता (वीसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vital Capacity (VC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फेफड़े की कुल क्षमता (टीएलसी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Total Lung Capacity (TLC)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[गैसों का आदान-प्रदान]]&lt;br /&gt;
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|Exchange of gases&lt;br /&gt;
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|[[ऑक्सीहीमोग्लोबिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|[[दमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Asthma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[वातस्फीति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Emphysema&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[व्यावसायिक श्वसन विकार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Occupational Respiratory Disorders&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''18'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''शरीर द्रव तथा परिसंचरण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Body fluids and circulation'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लसीका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lymph&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्लाज्मा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plasma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[इरिथ्रोसाइट्स (रक्ताणु)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Erythrocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ल्यूकोसाइट (श्वेत रुधिर कणिकाएं)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Leucocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थ्रॉम्बोसाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thrombocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त समूह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood Groups&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ABO समुह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ABO grouping&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Rh समूह]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rh grouping&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Rh सहित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rh positive&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[Rh हीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rh negative&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त स्कंदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coagulation of Blood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिसंचरण पथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|CIRCULATORY PATHWAYS&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अलिंद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Atrium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निलय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ventricles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heart&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदयावरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pericardium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शिरा अलिंद पर्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sino-atrial node&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अलिंद निलय पर्व]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|atrio-ventricular node&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदय चक्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac Cycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विद्युत हृद लेख]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Electrocardiograph (ECG)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आलिंद का उद्दीपन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|excitation (or depolarisation) of the atria&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निलय का अध्रुवण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|depolarisation of the ventricles,&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टी तरंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|T-wave&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त वाहिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood Vessels&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतःस्तर कंचुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|tunica intima&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्य कंचुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|tunica externa.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उच्च रक्त दाब]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|High Blood Pressure (Hypertension)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coronary Artery Disease (CAD)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एनजाइना (ह्रद शूल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Angina&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद्पात]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heart Failure&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनुशिथिलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Diastole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रकुंचन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Systole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[P- तरंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|P-wave&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिनो-आलिंद नोड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sino-atrial node&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मायोजेनिक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|myogenic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृदयी निर्गम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cardiac output&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्लेटलेट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Platelets&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेसमेकर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pacemaker&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ह्रद निकास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac output&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्ट्रोक या विस्पंदन आयतन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stroke or stroke volume&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''19'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''उत्सर्जी उत्पाद और उनका निष्कासन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Excretory products and their Elimination'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अमोनिया उत्सर्जी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ammonotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिया उत्सर्जी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ureotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिकोटेलिक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uricotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपीगी नलिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बर्टिनी स्तंभ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Columns of Bertini&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रॉन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephrons&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बोमेन सम्पुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bowman’s capsule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समीपस्थ संवलित नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|proximal convoluted tubule&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हेन्ले लूप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Henle’s loop&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दूरस्थ संवलित नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|distal convoluted tubule (DCT)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केशिकागुच्छीय निस्पंदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glomerular filtration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परा निस्पंदन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ultra filtration&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केशिकागुच्छीय निस्पंदन दर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glomerular filtration rate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुनः अवशोषण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Reabsorption&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संग्रह नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Collecting Duct&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतिधारा क्रियाविधि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Counter current mechanism&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वासा रेक्टा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vasa recta&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेनिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेनिन-एंजियोटेनसिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renin-Angiotensin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आलिंद नैट्रियूरेटिक कारक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Atrial Natriuretic Factor&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरीमिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uremia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हीमोडायलिसिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hemodialysis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कृत्रिम वृक्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Artificial kidney&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृक्क की क्रियाहीनता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renal failures&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेनल कैलकुली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Renal calculi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glomerulonephritis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''20'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''गमन एवं संचलन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Locomotion &amp;amp; Movement'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[गमन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|locomotion&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशाभिका गति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Flagellar movement&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंकाल पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Skeletal muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऐच्छिक पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|striated muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतरंग पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Visceral muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चिकनी पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|smooth muscles (nonstriated muscle)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद पेशियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac muscles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेशी बण्डल या पूलिकाओं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Muscle bundles or fascicles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संपटट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fascia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेशी तन्तुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|myofibrils&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्टिन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Actin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मायोसीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Myosin&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अक्षीय कंकाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axial skeleton&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्ण अस्थिकाएँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ear Ossicles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कशेरुक दंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vertebral column&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उरोस्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sternum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पसलियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ribs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपांगीय कंकाल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Appendicular skeleton&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पाद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|limb&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंश और श्रोणि मेखला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pectoral and Pelvic girdle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेशीय जोड़]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fibrous joints&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपास्थि युक्त जोड़]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cartilaginous joints&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिनोवियल जोड़]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Synovial joints&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[माइस्थेनिया ग्रेविस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Myasthenia gravis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पेशीय दुष्पोसण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Muscular dystrophy&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अपतानिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tetany&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संधि शोथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Arthritis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अस्थि सुषिरता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osteoporosis&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gout&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''21'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''तंत्रिका नियंत्रण और समन्वय'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Neural control and Coordination'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूरॉन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neurons&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Central neural system (CNS)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Peripheral neural system (PNS)&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Brain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरुदंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spinal cord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neural system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[निसेल ग्रेन्युल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nissl’s granules.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[न्यूरोट्रांसमीटर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neurotransmitters&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका आवेग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nerve impulse.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सिनैप्टिक दरार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Synaptic cleft&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राही]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Receptors&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अग्रमस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Forebrain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यमस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Midbrain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पश्चमस्तिष्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hindbrain&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतिवर्ती क्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|reflex action&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संवेदी अंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sense Organs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेत्र के भाग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parts of an eye&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[देखने की प्रक्रिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mechanism of Vision&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्ण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The Ear&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''22'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Chemical coordination and integration'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतःस्रावी ग्रंथियाँ और हार्मोन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocrine Glands &amp;amp; Hormones&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हाइपोथैलेमस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypothalamus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीयूष ग्रन्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The pituitary gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीनियल ग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|The pineal gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थाइरॉयड ग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thyroid gland&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैराथाइरॉइड हार्मोन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parathyroid hormone&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[थाइमस ग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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		<author><name>Deeksha dwivedi</name></author>
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