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	<title>Vidyalayawiki - User contributions [en]</title>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B8&amp;diff=50538</id>
		<title>ग्लाइकोलिसिस</title>
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		<updated>2024-05-16T09:27:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:पौधों में श्वसन]]&lt;br /&gt;
[[Category:कक्षा-11]]&lt;br /&gt;
[[Category:जीव विज्ञान]]&lt;br /&gt;
ग्लाइकोलाइसिस वह प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ग्लूकोज को तोड़ा जाता है। यह पाइरूवेट, एटीपी, एनएडीएच और पानी के दो अणु पैदा करता है। यह प्रक्रिया कोशिका के कोशिका द्रव्य में होती है और इसके लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== ग्लाइकोलाइसिस ==&lt;br /&gt;
&amp;quot;ग्लाइकोलाइसिस चयापचय प्रक्रिया है जो ग्लूकोज को पाइरुविक एसिड में परिवर्तित करती है।&amp;quot;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== ग्लाइकोलाइसिस क्या है? ===&lt;br /&gt;
ग्लाइकोलाइसिस वह प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ग्लूकोज को तोड़ा जाता है। यह पाइरूवेट, एटीपी, एनएडीएच और पानी के दो अणु पैदा करता है। यह प्रक्रिया कोशिका के कोशिका द्रव्य में होती है और इसके लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है। यह एरोबिक और एनारोबिक दोनों जीवों में होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ग्लाइकोलाइसिस कोशिकीय श्वसन का प्राथमिक चरण है, जो सभी जीवों में होता है। एरोबिक श्वसन के दौरान ग्लाइकोलाइसिस के बाद क्रेब्स चक्र होता है। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में, कोशिकाएं थोड़ी मात्रा में एटीपी बनाती हैं क्योंकि ग्लाइकोलाइसिस के बाद किण्वन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस चयापचय मार्ग की खोज 19वीं सदी की शुरुआत में तीन जर्मन जैव रसायनज्ञों- गुस्ताव एम्बडेन, ओटो मेयरहोफ़ और जैकब करोल पारनास द्वारा की गई थी और इसे ईएमपी मार्ग (एम्बडेन-मेयरहोफ़-पारनास) के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== ग्लाइकोलाइसिस मार्ग ==&lt;br /&gt;
ग्लाइकोलाइसिस मार्ग निम्नलिखित चरणों में होता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 1 ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* एंजाइम हेक्सोकाइनेज की क्रिया द्वारा कोशिका कोशिका द्रव्य में ग्लूकोज में फॉस्फेट समूह जोड़ा जाता है।&lt;br /&gt;
* इसमें फॉस्फेट समूह को एटीपी से ग्लूकोज में स्थानांतरित किया जाता है जिससे ग्लूकोज, 6-फॉस्फेट बनता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 2 ===&lt;br /&gt;
ग्लूकोज-6-फॉस्फेट को एंजाइम फॉस्फोग्लुकोम्यूटेज द्वारा फ्रुक्टोज, 6-फॉस्फेट में आइसोमेराइज किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 3 ===&lt;br /&gt;
अन्य एटीपी अणु फॉस्फेट समूह को फ्रुक्टोज 6-फॉस्फेट में स्थानांतरित करता है और एंजाइम फॉस्फोफ्रक्टोकिनेज की क्रिया द्वारा इसे फ्रुक्टोज 1,6-बिस्फोस्फेट में परिवर्तित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 4 ===&lt;br /&gt;
एंजाइम एल्डोलेज़ फ्रुक्टोज़ 1,6-बिस्फोस्फेट को ग्लिसराल्डिहाइड 3-फॉस्फेट और डायहाइड्रॉक्सीएसीटोन फॉस्फेट में परिवर्तित करता है, जो एक दूसरे के आइसोमर्स हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 5 ===&lt;br /&gt;
ट्रायोज़-फॉस्फेट आइसोमेरेज़ डायहाइड्रॉक्सीएसीटोन फॉस्फेट को ग्लिसराल्डिहाइड 3-फॉस्फेट में परिवर्तित करता है जो ग्लाइकोलाइसिस के क्रमिक चरण में सब्सट्रेट है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 6 ===&lt;br /&gt;
यह चरण दो प्रतिक्रियाओं से गुजरता है:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* एंजाइम ग्लिसराल्डिहाइड 3-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज NADH + H+ बनाने के लिए ग्लिसराल्डिहाइड फॉस्फेट से 1 हाइड्रोजन अणु को निकोटिनमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड में स्थानांतरित करता है।&lt;br /&gt;
* ग्लिसराल्डिहाइड 3-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज ऑक्सीकृत ग्लिसराल्डिहाइड फॉस्फेट में 1,3-बिस्फोस्फोग्लिसरेट बनाने के लिए एक फॉस्फेट जोड़ता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 7 ===&lt;br /&gt;
फॉस्फोग्लिसरोकाइनेज की मदद से एटीपी बनाने के लिए फॉस्फेट को 1,3-बिस्फोस्फोग्लिसरेट से एडीपी में स्थानांतरित किया जाता है। इस प्रकार इस प्रतिक्रिया के अंत में फॉस्फोग्लिसरेट और एटीपी के दो अणु प्राप्त होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 8 ===&lt;br /&gt;
दोनों फॉस्फोग्लिसरेट अणुओं के फॉस्फेट को एंजाइम फॉस्फोग्लिसरोमुटेज़ द्वारा 2-फॉस्फोग्लिसरेट के दो अणुओं को प्राप्त करने के लिए तीसरे से दूसरे कार्बन में स्थानांतरित किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 9 ===&lt;br /&gt;
एंजाइम एनोलेज 2-फॉस्फोग्लिसरेट से पानी के अणु को हटाकर फॉस्फोएनोलपाइरूवेट बनाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 10 ===&lt;br /&gt;
फ़ॉस्फ़ोएनोलपाइरूवेट से फॉस्फेट को पाइरूवेट किनेज़ की क्रिया द्वारा पाइरूवेट और एटीपी बनाने के लिए एडीपी में स्थानांतरित किया जाता है। अंतिम उत्पाद के रूप में पाइरूवेट और एटीपी के दो अणु प्राप्त होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== ग्लाइकोलाइसिस के मुख्य बिंदु ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* यह वह प्रक्रिया है जिसमें एक ग्लूकोज अणु पाइरूवेट के दो अणुओं में टूट जाता है।&lt;br /&gt;
* यह प्रक्रिया पौधों और जानवरों की कोशिकाओं के कोशिका द्रव्य में होती है।&lt;br /&gt;
* इस प्रक्रिया में छह एंजाइम शामिल होते हैं।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया के अंतिम उत्पादों में 2 पाइरूवेट, 2 एटीपी और 2 एनएडीएच अणु शामिल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अभ्यास प्रश्न: ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# ग्लाइकोलाइसिस क्या है?&lt;br /&gt;
# ग्लाइकोलाइसिस का कार्य क्या है?&lt;br /&gt;
# ग्लाइकोलाइसिस कहाँ होता है?&lt;br /&gt;
# ग्लाइकोलाइसिस में कितने एटीपी अणु उत्पन्न होते हैं?&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>SHAHANA RIZVI</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B2_%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0&amp;diff=50537</id>
		<title>ट्राइकारबॉक्सिलिक अम्ल चक्र</title>
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		<updated>2024-05-16T09:27:17Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:पौधों में श्वसन]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
टीसीए चक्र (ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड चक्र) &amp;quot;टीसीए चक्र कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन से प्राप्त एसिटाइल सीओए के एटीपी में ऑक्सीकरण के माध्यम से संग्रहीत ऊर्जा को जारी करने के लिए सभी एरोबिक जीवों द्वारा उपयोग की जाने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं की श्रृंखला है।&amp;quot; टीसीए चक्र या ट्राइकार्बोक्सिलिक चक्र को क्रेब्स चक्र या साइट्रिक एसिड चक्र के रूप में भी जाना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== टीसीए चक्र (ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड चक्र) ==&lt;br /&gt;
&amp;quot;टीसीए चक्र रासायनिक प्रतिक्रियाओं की श्रृंखला है जिसका उपयोग सभी एरोबिक जीवों द्वारा कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन से प्राप्त एसिटाइल सीओए के एटीपी में ऑक्सीकरण के माध्यम से संग्रहीत ऊर्जा को जारी करने के लिए किया जाता है।&amp;quot;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
टीसीए चक्र या ट्राइकार्बोक्सिलिक चक्र को क्रेब चक्र या साइट्रिक एसिड चक्र के रूप में भी जाना जाता है। यह कोशिकीय श्वसन का दूसरा चरण है जो माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होता है। साइट्रिक एसिड चक्र में शामिल सभी एंजाइम घुलनशील होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यह एक एरोबिक मार्ग है क्योंकि उत्पादित NADH और FADH2 अपने इलेक्ट्रॉनों को अगले मार्ग पर स्थानांतरित करते हैं जो ऑक्सीजन का उपयोग करेगा। यदि इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण नहीं होता है, तो कोई ऑक्सीकरण नहीं होता है। सीधे प्रक्रिया के दौरान बहुत कम एटीपी उत्पन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
TCA चक्र एक बंद लूप है। मार्ग का अंतिम चरण मार्ग के पहले अणु को पुनर्जीवित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== टीसीए चक्र के चरण ==&lt;br /&gt;
टीसीए चक्र आठ चरणों वाला मार्ग है जो कार्बनिक अणुओं के टूटने में प्रमुख भूमिका निभाता है। ग्लूकोज, शर्करा, फैटी एसिड, अमीनो एसिड आदि जैसे मैक्रोमोलेक्यूल्स सीधे टीसीए चक्र में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। इस प्रकार, वे पहले दो-कार्बन यौगिक एसिटाइल सीओए में टूट जाते हैं। एसिटाइल सीओए टीसीए चक्र में प्रवेश करने के बाद, यह कार्बन डाइऑक्साइड और ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए अन्य रासायनिक प्रतिक्रियाओं से गुजरता है। मार्ग का प्रत्येक चरण एक घुलनशील एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
TCA चक्र के महत्वपूर्ण चरण निम्नलिखित हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 1 ===&lt;br /&gt;
एसिटाइल सीओ-ए चार-कार्बन यौगिक, ऑक्सालोएसीटेट के साथ जुड़ता है, और सीओए समूह को छोड़ता है जिसके परिणामस्वरूप छह-कार्बन अणु बनता है जिसे साइट्रेट कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 2 ===&lt;br /&gt;
दूसरे चरण में, साइट्रेट आइसोसाइट्रेट में परिवर्तित हो जाता है, जो साइट्रेट का एक आइसोमर है। यह दो चरणों वाली प्रक्रिया है. साइट्रेट पहले एक पानी का अणु खोता है और फिर आइसोसाइट्रेट बनाने के लिए एक अणु प्राप्त करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 3 ===&lt;br /&gt;
तीसरे चरण में आइसोसिट्रेट का ऑक्सीकरण शामिल है। कार्बन डाइऑक्साइड का एक अणु पांच-कार्बन अणु, ɑ-कीटोग्लूटारेट को पीछे छोड़ता है। NAD+ घटकर NADH हो जाता है। पूरी प्रक्रिया एंजाइम आइसोसाइट्रेट डिहाइड्रोजनेज द्वारा उत्प्रेरित होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 4 ===&lt;br /&gt;
यहां, ɑ-कीटोग्लूटारेट का ऑक्सीकरण होता है, जिससे NAD+ NADH में परिवर्तित हो जाता है और कार्बन डाइऑक्साइड का एक अणु निकलता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सीओए को शेष चार-कार्बन अणुओं द्वारा उठाया जाता है जिससे एक अस्थिर यौगिक सक्सिनिल सीओए बनता है। ɑ-कीटोग्लूटारेट डिहाइड्रोजनेज पूरी प्रक्रिया को उत्प्रेरित करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 5 ===&lt;br /&gt;
सक्सिनिल सीओए से सीओए को फॉस्फेट समूह से बदल दिया जाता है। फिर इसे एटीपी बनाने के लिए एडीपी में स्थानांतरित किया जाता है। इस चरण में एक चार-कार्बन अणु सक्सिनेट का उत्पादन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 6 ===&lt;br /&gt;
सक्सिनेट को फ्यूमरेट में ऑक्सीकृत किया जाता है। FADH2 का उत्पादन करने के लिए दो हाइड्रोजन परमाणुओं को FAD में स्थानांतरित किया जाता है। FADH2 अपने इलेक्ट्रॉनों को सीधे इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला में स्थानांतरित करता है क्योंकि प्रतिक्रिया करने वाला एंजाइम माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली में अंतर्निहित होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 7 ===&lt;br /&gt;
फ्यूमरेट में एक पानी का अणु मिलाया जाता है जिसे बाद में मैलेट में बदल दिया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== चरण 8 ===&lt;br /&gt;
मैलेट का ऑक्सीकरण ऑक्सालोएसीटेट, एक चार-कार्बन यौगिक को पुनर्जीवित करता है, और NAD+ का एक अन्य अणु इस चरण में NADH में कम हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== टीसीए साइकिल के अंतिम उत्पाद ==&lt;br /&gt;
TCA चक्र के अंतिम उत्पाद निम्नलिखित हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* 6 एनएडीएच&lt;br /&gt;
* 2 एटीपी&lt;br /&gt;
* 2 FADH2&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== संपूर्ण चक्र का सारांश ==&lt;br /&gt;
मार्ग में एसिटाइल सीओए से दो कार्बन अणु प्रवेश करते हैं, और कार्बन डाइऑक्साइड के दो अणु निकलते हैं। NADH के तीन अणु, तीन हाइड्रोजन आयन, FADH₂ का एक अणु और ATP का एक अणु उत्पन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक ग्लूकोज अणु एसिटाइल सीओए के दो अणुओं को जन्म देता है। इस प्रकार, कुल अंतिम उत्पाद दोगुना हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अभ्यास प्रश्न: ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# टीसीए चक्र क्या है?&lt;br /&gt;
# टीसीए साइकिल का महत्व क्या है?&lt;br /&gt;
# टीसीए साइकिल एक उभयचर मार्ग क्यों है?&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>SHAHANA RIZVI</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%8F_%E0%A4%97%E0%A4%8F_%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%A3&amp;diff=50536</id>
		<title>पचाए गए उत्पादों का अवशोषण</title>
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		<updated>2024-05-16T09:23:36Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:पाचन एवं अवशोषण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:जंतु विज्ञान]]&lt;br /&gt;
अवशोषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पाचन के उत्पादों को रक्त द्वारा अवशोषित कर शरीर के बाकी हिस्सों में आपूर्ति की जाती है। अवशोषण के दौरान, पचे हुए उत्पादों को श्लेष्मा झिल्ली के माध्यम से रक्त या लसीका में ले जाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हम हर दिन विभिन्न प्रकार का भोजन खाते हैं और यह एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण कदम है कि भोजन पच जाए और अवशोषित हो जाए, हमारे शरीर को सभी पोषक तत्व और खनिज उस भोजन के माध्यम से मिलते हैं जिसका हम उपभोग करते हैं और उन भोजन से हमें ऊर्जा मिलती है। यह शरीर में प्रवेश करते ही अवशोषित हो जाता है, अब भोजन का अवशोषण और आत्मसात करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। भोजन के अवशोषण और आत्मसात में हम देखते हैं कि भोजन आहार नाल में प्रवेश करता है जो शरीर द्वारा उत्पादित एंजाइम एंजाइमों की मदद से सरल पदार्थों में टूट जाता है और इस प्रक्रिया को भोजन के आत्मसात के रूप में जाना जाता है। हमने बहुत कम उम्र से यह पढ़ा है कि लार भोजन को तोड़ने में मदद करती है और मुंह से पाचन की प्रक्रिया को आसान बनाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सबसे आम उदाहरण कार्बोहाइड्रेट होगा जो मुख गुहा में लार द्वारा सरल इकाइयों में टूट जाता है। हम जिन प्रोटीनों का उपभोग करते हैं, जिनमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, वे छोटी आंत में अग्नाशयी रस की क्रिया द्वारा सरल यौगिकों में टूट जाते हैं, वसा भी पित्त की क्रिया से टूट जाती है, जो छोटी आंत में भी मौजूद होती है और अतिरिक्त रूप से छोटी भी होती है। आंत विभिन्न तरीकों से भोजन के अवशोषण में मदद करती है, पूरी प्रक्रिया भोजन के अनुकरण के अंतर्गत आएगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पचे हुए भोजन का अवशोषण ==&lt;br /&gt;
अवशोषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पाचन के उत्पादों को रक्त द्वारा अवशोषित कर शरीर के बाकी हिस्सों में आपूर्ति की जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अवशोषण के दौरान, पचे हुए उत्पादों को श्लेष्मा झिल्ली के माध्यम से रक्त या लसीका में ले जाया जाता है। अवशोषण निम्नलिखित तंत्रों द्वारा प्राप्त किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* सरल विस्तार।&lt;br /&gt;
* सक्रिय ट्रांसपोर्ट&lt;br /&gt;
* सुगम परिवहन.&lt;br /&gt;
* नकारात्मक परिवहन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सरल विस्तार ===&lt;br /&gt;
सरल प्रसार को झिल्ली के माध्यम से उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर विलेय की गति के रूप में परिभाषित किया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पाचन के बाद, कुछ मोनोसेकेराइड सांद्रण प्रवणता के आधार पर रक्त में फैल जाते हैं। उदाहरण: ग्लूकोज, अमीनो एसिड और क्लोराइड जैसे आयन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सक्रिय परिवहन ===&lt;br /&gt;
सक्रिय परिवहन को ऊर्जा की कीमत पर कम सांद्रता से उच्च सांद्रता तक विलेय की गति की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Na आयन जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स रक्त में सक्रिय परिवहन द्वारा अवशोषित होते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== सुगम परिवहन ===&lt;br /&gt;
सुगम परिवहन को विशिष्ट वाहक प्रोटीन की सहायता से जैविक झिल्ली में विलेय के संचलन की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है। इस विधि द्वारा कुछ पचे हुए अमीनो एसिड और ग्लूकोज रक्त में अवशोषित हो जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== नकारात्मक परिवहन ===&lt;br /&gt;
निष्क्रिय परिवहन को ऊर्जा की आवश्यकता के बिना कोशिका झिल्ली में विलेय की गति की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है। पाचन के बाद सरल खाद्य पदार्थ निष्क्रिय परिवहन द्वारा रक्त में अवशोषित हो जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
वसा से पचे हुए कुछ उत्पाद रक्त में अवशोषित नहीं हो पाते हैं। उदाहरण: फैटी एसिड और ग्लिसरॉल। ये घटक मिसेल से जुड़ते हैं जो छोटी बूंदें होती हैं और मिसेल-घटक कॉम्प्लेक्स बनाती हैं। यह मिसेल-घटक कॉम्प्लेक्स फिर से काइलोमाइक्रोन में बनता है। काइलोमाइक्रोन एक छोटे प्रोटीन लेपित वसा ग्लोब्यूल्स हैं। फिर, काइलोमाइक्रोन लसीका वाहिकाओं में चले जाते हैं और पचे हुए उत्पादों को रक्त में छोड़ देते हैं। अंत में, पचे हुए और अवशोषित उत्पाद उनकी गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाने के लिए ऊतक तक पहुंचते हैं। इस प्रक्रिया को आत्मसातीकरण कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अभ्यास प्रश्न: ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# अवशोषण क्या है?&lt;br /&gt;
# मानव शरीर में पचा हुआ भोजन रक्त में कहाँ अवशोषित होता है?&lt;br /&gt;
# पाचन की परिभाषा क्या है?&lt;br /&gt;
# निष्क्रिय परिवहन क्या है?&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>SHAHANA RIZVI</name></author>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B8&amp;diff=50534</id>
		<title>ग्रास</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B8&amp;diff=50534"/>
		<updated>2024-05-16T08:51:22Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:पाचन एवं अवशोषण]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:जंतु विज्ञान]]&lt;br /&gt;
ग्रास  भोजन का एक द्रव्यमान है जिसे (जानवरों के साथ जो चबा सकते हैं) निगलने के समय चबाया गया है। सामान्य परिस्थितियों में, ग्रास  पाचन के लिए अन्नप्रणाली से पेट तक जाता है। ग्रास  का रंग व्यक्ति द्वारा चबाए गए भोजन के समान होता है और यह चाइम से भिन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== ग्रास  क्या है? ==&lt;br /&gt;
ग्रास  भोजन और लार के मिश्रण का एक गेंद जैसा छोटा गोल द्रव्यमान है जो चबाने की प्रक्रिया के दौरान मुंह में बनता है। इसका रंग खाने वाले भोजन के समान होता है, और लार इसे क्षारीय पीएच देता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सामान्य परिस्थितियों में, ग्रास  को निगल लिया जाता है, और पाचन के लिए अन्नप्रणाली से पेट तक जाता है। एक बार जब ग्रास  पेट में पहुंच जाता है, तो यह गैस्ट्रिक रस के साथ मिल जाता है और काइम बन जाता है, जो आगे पाचन और अवशोषण के लिए आंतों के माध्यम से यात्रा करता है, और अंततः मल के रूप में निकलना।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मानव शरीर क्रिया विज्ञान का पाचन तंत्र मुंह से लेकर मलाशय के अंत तक होता है। हम जो खाते हैं वह रास्ते में ही पच जाता है और आवश्यक पोषक तत्व रास्ते में ही अवशोषित हो जाते हैं। अंगों और ऊतकों का कार्य तदनुसार डिज़ाइन और विकसित किया जाता है। दरअसल, इसमें पहले अम्लीय वातावरण में भोजन को पचाने और फिर पाचन के बाकी काम करने के लिए इसे क्षारीय काइम में बदलने की क्षमता होती है। यह दर्शाता है कि हमारा शरीर कितनी कुशलता से पाचन एंजाइमों का उत्पादन करता है जो अम्लीय और बुनियादी वातावरण में अलग-अलग काम करते हैं। इस अनूठी कार्यप्रणाली को संभव बनाने के लिए, पाचन तंत्र खाए गए ठोस और तरल भोजन की शानदार गति करता है। इसे पेरिस्टलसिस या ग्रास  गठन कहा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
चिकित्सीय भाषा में ग्रास  का अर्थ क्रमाकुंचन गति को दर्शाता है। जैसा कि व्याकरणिक अर्थ से पता चलता है, ग्रास  एक भोजन का गोला है जिसे चबाया और निगला जाता है। यह निगला हुआ भोजन एक गेंद जैसी गांठ बनाता है जो पाचन तंत्र में तदनुसार यात्रा करता है। यह गेंद पाचन तंत्र में एक सरल अनैच्छिक लयबद्ध मांसपेशीय संकुचन द्वारा संचालित होती है। ग्रासनली को पार करने के बाद यह पेट तक पहुंचता है। यह कार्य तब गैस्ट्रिक क्षेत्र में नहीं देखा जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जब अर्ध-पचा हुआ भोजन पेट में प्रवेश करता है, तो छोटी आंत में फिर से ग्रास  बनता है। एलिमेंटरी ग्रास  बिना कोई अवशेष छोड़े छोटी आंत में यात्रा करने के लिए बनता है। यह छोटी आंत की दीवारों में मौजूद चिकनी मांसपेशियों के लयबद्ध संकुचन और विश्राम के कारण भी होता है। पाचन क्रिया का अंतिम भाग यहीं संपन्न होता है। ग्रास  के रूप में भोजन के कणों की गति धीमी लेकिन निरंतर होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== क्रमाकुंचन गति कैसे होती है? ==&lt;br /&gt;
ग्रास  का मतलब चिकित्सा शब्द से पता चलता है कि निगले गए चबाए हुए भोजन के कण एक गेंद के रूप में आहार नाल से होकर गुजरते हैं। यह गेंद चिकनी मांसपेशियों के समन्वित विश्राम और संकुचन की मदद से अपनी नाजुक स्थिरता बनाए रखती है। आहार नाल में ये मांसपेशियाँ प्रकृति में अनैच्छिक होती हैं। वे हमारी इच्छा से नियंत्रित नहीं होते। यह एक प्रतिवर्त है जिसे हमारा मस्तिष्क इन चिकनी मांसपेशियों से जुड़े संवेदी न्यूरॉन्स की मदद से नियंत्रित करता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
भोजन को चबाया जाता है, मुख गुहा में छोटे-छोटे कणों में बदल दिया जाता है और फिर निगल लिया जाता है। इसके बाद यह ग्रासनली की भोजन नलिका तक पहुंचता है। यह एक आहार ग्रास  या भोजन का गोला बनाता है जो धीरे-धीरे पेट में चला जाता है। ट्यूब की दीवारों में मौजूद आहार संबंधी चिकनी मांसपेशियों के उत्कृष्ट समन्वित संकुचन और विश्राम द्वारा ग्रास  को नीचे पारित किया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संकुचन होने पर, ग्रास  को नहर में लगातार स्थान पर धकेल दिया जाता है। फिर ग्रास  के आसपास की मांसपेशियां उसे जगह देने के लिए आराम करती हैं। वे भोजन को आगे बढ़ाने का अनुबंध करते हैं। इस प्रकार आहार ग्रास  को स्फिंक्टर मांसपेशी द्वारा संरक्षित हृदय सिरे के माध्यम से पेट तक ले जाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गैस्ट्रिक रस की उपस्थिति में पेट के अम्लीय माध्यम में पाचन के पहले चरण के बाद, भोजन एक काइम बनाता है और फिर पाइलोरिक अंत के माध्यम से छोटी आंत में वापस चला जाता है। क्रमाकुंचन गति की वही प्रक्रिया जारी रहती है और सक्रिय तत्व छोटी आंत की आंतरिक सतह में विल्ली द्वारा अवशोषित होते रहते हैं। ग्रास  फिर से छोटी आंत के एंजाइमों और अग्नाशयी एंजाइमों द्वारा पाचन का अनुभव करता है। पाचन का अंतिम चरण छोटी आंत के रास्ते में पूरा होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पाचन के उपोत्पाद को सख्त और अधिक ठोस बनाने के लिए पोषक तत्व और पानी यहीं से अवशोषित होते हैं। फिर यह बड़ी आंत तक पहुंचता है और मलाशय के द्वार से बाहर निकल जाता है। बड़ी आंत में भी, चिकनी मांसपेशियाँ अपाच्य भोजन कणों को फैलाने और फिर उन्हें उत्सर्जन के माध्यम से बाहर निकालने का समान कार्य करती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== निष्कर्ष ==&lt;br /&gt;
आप ग्रास  का अर्थ और इसकी शारीरिक क्रिया को समझ गए हैं। यह समझने के लिए कि भोजन के कण आहार नाल में कैसे चलते हैं और इसे कैसे नियंत्रित किया जाता है, अनैच्छिक चिकनी मांसपेशियों की क्रिया की जैविक प्रक्रिया को समझें। यह गति इतनी प्रबल है कि उपभोक्ता के उल्टा होने पर भी फिसलन वाले खाद्य कण बाहर नहीं निकलेंगे। दरअसल, गुरुत्वाकर्षण-रहित वातावरण में रहने वाले अंतरिक्ष यात्री भी बिना किसी परेशानी के खाना खा सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इससे साबित होता है कि आहार नाल की मांसपेशियों का संकुचन और विश्राम भोजन ग्रास  की क्रमाकुंचन गति के लिए जिम्मेदार हैं। यह गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर नहीं है. इस प्रकार चबाया हुआ भोजन पाचन तंत्र की आहार नाल में एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक जाता है और विभिन्न अंगों द्वारा चरणबद्ध पाचन का अनुभव करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अभ्यास प्रश्न: ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# ग्रास  क्या है?&lt;br /&gt;
# ग्रास  का मुख्य कार्य क्या है?&lt;br /&gt;
# पेरिस्टलसिस से आप क्या समझते हैं?&lt;br /&gt;
# क्रमाकुंचन गति कैसे होती है?&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>SHAHANA RIZVI</name></author>
	</entry>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80_%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%A8&amp;diff=50532</id>
		<title>अनॉक्सी श्वसन</title>
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		<updated>2024-05-16T08:41:18Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:पौधों में श्वसन]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
अवायवीय श्वसन एक प्रकार का कोशिकीय श्वसन है जहाँ श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। इस प्रक्रिया को किण्वन भी कहा जाता है। वे टीसीए चक्र या ईटीएस में प्रवेश नहीं करेंगे। यहां आंशिक ग्लाइकोलाइसिस के परिणामस्वरूप पाइरुविक एसिड बनता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कोशिकीय श्वसन एक प्रक्रिया है जो कोशिकाओं के अंदर होती है जहां ग्लूकोज अणुओं के टूटने से ऊर्जा निकलती है। इस प्रक्रिया को ऑक्सीजन के उपयोग के आधार पर आसानी से दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है, अर्थात् ऑक्सी  और एनारोबिक श्वसन।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== ऑक्सी श्वसन ==&lt;br /&gt;
ऑक्सी श्वसन ऊर्जा (एटीपी) जारी करने के लिए ऑक्सीजन की उपस्थिति में ग्लूकोज का जलना या ऑक्सीकरण है। ऑक्सी श्वसन की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में होती है: ग्लाइकोलाइसिस, क्रेब्स चक्र और इलेक्ट्रॉन परिवहन प्रणाली। श्वसन के स्थल साइटोप्लाज्म और माइटोकॉन्ड्रिया हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अवायवीय श्वसन ==&lt;br /&gt;
अवायवीय श्वसन एक प्रकार का कोशिकीय श्वसन है जहाँ श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। इस प्रक्रिया को किण्वन भी कहा जाता है। वे टीसीए चक्र या ईटीएस में प्रवेश नहीं करेंगे। यहां आंशिक ग्लाइकोलाइसिस के परिणामस्वरूप पाइरुविक एसिड बनता है। पाइरुविक एसिड में और कमी आती है और एटीपी के साथ कार्बन डाइऑक्साइड और इथेनॉल देता है। इसे अल्कोहलिक किण्वन के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
अवायवीय स्थितियों के दौरान, जानवरों की मांसपेशियों की कोशिकाओं के अंदर, किण्वन होता है और लैक्टिक एसिड और एटीपी का उत्पादन होता है। यह लैक्टिक एसिड किण्वन है. किण्वन के दौरान उत्पादित एटीपी अणुओं का कुल योग ऑक्सी श्वसन की तुलना में बहुत कम है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अवायवीय श्वसन क्या है? ==&lt;br /&gt;
एनारोबिक का अर्थ है &amp;quot;हवा के बिना&amp;quot;। इसलिए, इस प्रकार का कोशिकीय श्वसन ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग नहीं करता है। कभी-कभी कुछ जीवों के सांस लेने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं होती है, लेकिन फिर भी उन्हें जीवित रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन की कमी के कारण, वे आवश्यक ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में श्वसन करते हैं, जिसे अवायवीय श्वसन कहा जाता है। अवायवीय श्वसन आमतौर पर निचले पौधों और सूक्ष्मजीवों में होता है। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में, भोजन से प्राप्त ग्लूकोज ऊर्जा के उत्पादन के साथ अल्कोहल और कार्बन डाइऑक्साइड में टूट जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ग्लूकोज → अल्कोहल + कार्बन डाइऑक्साइड + ऊर्जा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अवायवीय श्वसन का उपयोग हमारे जैसे बहु-कोशिकीय जीवों द्वारा भी ऑक्सीजन-रहित स्थितियों के लिए एक अस्थायी प्रतिक्रिया के रूप में किया जाता है। भारी या गहन व्यायाम जैसे दौड़ना, दौड़ना, साइकिल चलाना या वजन उठाना के दौरान हमारा शरीर उच्च ऊर्जा की मांग करता है। चूंकि ऑक्सीजन की आपूर्ति सीमित है, हमारे शरीर के अंदर की मांसपेशी कोशिकाएं ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए अवायवीय श्वसन का सहारा लेती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जब आप बहुत अधिक व्यायाम करते हैं तो आपको कैसा महसूस होता है? क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप बहुत तेज़ दौड़ते हैं तो आपकी मांसपेशियों में ऐंठन क्यों हो जाती है? अवायवीय श्वसन इसके लिए दोषी है। ऐंठन तब होती है जब मांसपेशी कोशिकाएं अवायवीय रूप से सांस लेती हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण ग्लूकोज का आंशिक विघटन, लैक्टिक एसिड का उत्पादन करता है और लैक्टिक एसिड के संचय से मांसपेशियों में ऐंठन होती है। यही कारण है कि भारी खेल के बाद गर्म स्नान से ऐंठन से राहत मिलती है क्योंकि यह शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, जिसके परिणामस्वरूप कोशिकाओं में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ग्लूकोज → लैक्टिक एसिड + ऊर्जा&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ऑक्सी श्वसन की तुलना में अवायवीय श्वसन अपेक्षाकृत कम मात्रा में ऊर्जा पैदा करता है, क्योंकि ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में ग्लूकोज पूरी तरह से नहीं टूटता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== ऑक्सी  और अवायवीय श्वसन के बीच अंतर ==&lt;br /&gt;
ऑक्सी  और एनारोबिक श्वसन के बीच प्राथमिक अंतर प्रक्रियाओं के दौरान ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति है। दोनों के बीच अधिक विस्तृत अंतर इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== ऑक्सी श्वसन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* जब इस प्रकार की श्वसन होती है तो ऑक्सीजन मौजूद होती है।&lt;br /&gt;
* श्वसन के इस रूप में गैसों का आदान-प्रदान होता है।&lt;br /&gt;
* यह साइटोप्लाज्म और माइटोकॉन्ड्रिया में पाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* ग्लूकोज कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में टूट जाता है।&lt;br /&gt;
* स्तनधारियों जैसे सभी उच्च जीवों में इस प्रकार की श्वसन क्रिया होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=== अवायुश्वसन ===&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* इस प्रकार की श्वसन क्रिया होने पर ऑक्सीजन अनुपस्थित होती है।&lt;br /&gt;
* इस प्रकार के श्वसन में गैसों का आदान-प्रदान नहीं होता है।&lt;br /&gt;
* यह केवल साइटोप्लाज्म में ही पाया जा सकता है।&lt;br /&gt;
* ग्लूकोज एथिल अल्कोहल, कार्बन डाइऑक्साइड और ऊर्जा में टूट जाता है।&lt;br /&gt;
* बैक्टीरिया और यीस्ट जैसे निचले जीव इस प्रकार का उपयोग करते हैं। अन्य जीवों में यह भारी गतिविधियों के दौरान होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हालाँकि, यह गलत धारणा है कि मनुष्य और अन्य बहुकोशिकीय जीव केवल ऑक्सी श्वसन का उपयोग करते हैं। यह इस तथ्य से असत्यापित है कि हमारी मांसपेशियां, ज़ोरदार व्यायाम के दौरान, अवायवीय श्वसन से गुजरती हैं, जहां कार्बन डाइऑक्साइड के बजाय अपशिष्ट उपोत्पाद के रूप में लैक्टिक एसिड का उत्पादन होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== निष्कर्ष ==&lt;br /&gt;
ऑक्सी  और एनारोबिक श्वसन के बीच मूलभूत अंतर सेलुलर श्वसन की प्रक्रिया में ऑक्सीजन का उपयोग है। ऑक्सी श्वसन, जैसा कि नाम से पता चलता है, ऑक्सीजन का उपयोग करके कोशिकाओं द्वारा आवश्यक ऊर्जा उत्पन्न करने की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया का उप-उत्पाद एटीपी - कोशिकाओं की ऊर्जा मुद्रा - के साथ कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन करता है। अवायवीय श्वसन ऑक्सी श्वसन के समान है, सिवाय इसके कि यह प्रक्रिया ऑक्सीजन की उपस्थिति के बिना होती है। नतीजतन, इस प्रक्रिया के उप-उत्पाद लैक्टिक एसिड और एटीपी हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आम धारणा के विपरीत, मानव सहित बहुकोशिकीय जीव, ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए अवायवीय श्वसन का उपयोग करते हैं, हालांकि यह केवल तब होता है जब अत्यधिक जोरदार गतिविधियों के कारण मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अभ्यास प्रश्न: ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# श्वसन क्या है?&lt;br /&gt;
# श्वसन के विभिन्न प्रकारों की सूची बनाएं?&lt;br /&gt;
# कोशिका में ऑक्सी  और अवायवीय श्वसन  कहाँ होता है?&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>SHAHANA RIZVI</name></author>
	</entry>
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		<id>https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A1_%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0&amp;diff=50531</id>
		<title>साइट्रिक एसिड चक्र</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://www.vidyalayawiki.in/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A1_%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0&amp;diff=50531"/>
		<updated>2024-05-16T08:38:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Category:पौधों में श्वसन]][[Category:कक्षा-11]][[Category:जीव विज्ञान]][[Category:वनस्पति विज्ञान]]&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड चक्र कार्बोहाइड्रेट, अमीनो एसिड और फैटी एसिड के लिए कार्बन कंकाल ऑक्सीडेटिव अपचय में अंतिम चरण के लिए माइटोकॉन्ड्रियल हब के रूप में कार्य करता है। प्रत्येक ऑक्सीडेटिव चरण, बदले में, निकोटिनमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड (एनएडीएच) या फ्लेविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड (एफएडीएच2) जैसे कोएंजाइम को कम करता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== साइट्रिक एसिड चक्र क्या है? ==&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड रासायनिक सूत्र C6H8O7 का एक कार्बनिक यौगिक है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इसलिए इसमें कार्बन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन तत्व शामिल हैं। यह सफ़ेद रंग का ठोस होने के साथ-साथ एक कमज़ोर कार्बनिक अम्ल भी है। प्राकृतिक रूप से, यह नींबू, मौसमी आदि खट्टे फलों में पाया जाता है। साइट्रिक एसिड चक्र सभी एरोबिक जीवों के चयापचय में होता है। साइट्रिक एसिड जैव रसायन में साइट्रिक एसिड चक्र में एक मध्यवर्ती है। साइट्रिक एसिड के अणु में कार्बन के छह परमाणु, सात ऑक्सीजन परमाणु और आठ हाइड्रोजन परमाणु होते हैं। इसमें एक तलीय संरचना और तीन कार्बोक्जिलिक एसिड समूह (COOH) और एक हाइड्रॉक्सिल समूह (OH) है। इसका विस्तारित सूत्र CH2COOH−COHCOOH−CH2COOH है&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== साइट्रिक एसिड चक्र की व्याख्या ==&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड चक्र (सीएसी) को टीसीए चक्र (ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड चक्र) या क्रेब्स चक्र भी कहा जाता है। इस चक्र में, शामिल प्रतिक्रिया एसिटाइल-सीओए के ऑक्सीकरण की विधि के माध्यम से संग्रहीत ऊर्जा को मुक्त करने में सहायक होती है जो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा से प्राप्त होती है। हालाँकि, प्रतिक्रियाओं की इस श्रृंखला को इसके पहले दो मध्यवर्ती पर तीन कार्बोक्सिल समूहों के लिए ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड (टीसीए) चक्र कहा जाता है, या इसके खोजकर्ता हंस क्रेब्स के बाद क्रेब्स चक्र कहा जाता है। इसलिए रासायनिक प्रतिक्रियाओं की यह श्रृंखला वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से प्राप्त एसीटेट के कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) में ऑक्सीकरण के माध्यम से ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए सभी एरोबिक जीवों के लिए महत्वपूर्ण है।).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड चक्र माइटोकॉन्ड्रिया में होता है और तीन एनएडीएच और एक एफएडीएच (फ्लेविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) को इलेक्ट्रॉन दान करके एरोबिक स्थितियों में बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्रदान करता है, जो प्रोटॉन ग्रेडिएंट बनाने के लिए इलेक्ट्रॉन परिवहन की श्रृंखला में इलेक्ट्रॉन दान करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड चक्र मार्ग को एक प्रमुख और मुख्य चयापचय मार्ग माना जाता है जो कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के चयापचय को जोड़ता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== साइट्रिक एसिड चक्र प्रतिक्रियाएं ==&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड चक्र रासायनिक प्रतिक्रियाओं की आठ-चरणीय श्रृंखला है। इन प्रतिक्रियाओं में जलयोजन प्रतिक्रिया, रेडॉक्स प्रतिक्रिया, निर्जलीकरण प्रतिक्रिया और डीकार्बाक्सिलेशन प्रतिक्रियाएं शामिल हैं। एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट या गुआनोसिन ट्राइफॉस्फेट साइट्रिक चक्र के प्रत्येक चरण में बनता है और NADH के तीन अणु और एक FADH2 अणु भी बनता है जो आगे के चरणों में मदद करता है। साइट्रिक एसिड चक्र प्रतिक्रियाओं के प्रत्येक चरण की संरचनाओं के साथ साइट्रिक एसिड चक्र की आठ प्रतिक्रियाएं नीचे दी गई हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 1: साइट्रेट सिंथेज़- साइट्रिक एसिड चक्र की पहली प्रतिक्रिया में, एंजाइम साइट्रेट सिंथेज़ प्रतिक्रिया को उत्प्रेरित करता है। प्रतिक्रिया के पहले चरण में साइट्रिक एसिड के निर्माण के लिए, ऑक्सालोएसीटेट को एसिटाइल-सीओए के साथ मिलाया जाता है। एक बार जब दो अणु जुड़ जाते हैं तो पानी का अणु एसिटाइल पर हमला करता है और कॉम्प्लेक्स से कोएंजाइम ए की रिहाई की ओर जाता है।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 2: एकोनिटेज़- एंजाइम एकोनिटेज़ का उपयोग अगली प्रतिक्रिया में उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है। इस प्रतिक्रिया में पानी के अणु को साइट्रिक एसिड से निकालकर वापस एक अलग स्थान पर रख दिया जाता है। इस परिवर्तन से उत्पाद की उपज आइसोसिट्रेट होती है।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 3: आइसोसिट्रेट डिहाइड्रोजनेज- साइट्रिक एसिड चक्र की तीसरी प्रतिक्रिया में, दो घटनाएं घटती हैं। पहली प्रतिक्रिया में, NAD से NADH की उत्पत्ति होती है। ऑक्सीजन-हाइड्रोजन समूह का ऑक्सीकरण एंजाइम आइसोसिट्रेट डिहाइड्रोजनेज द्वारा आइसोसाइट्रेट की चौथी स्थिति में उत्प्रेरित होता है ताकि एक मध्यवर्ती प्राप्त हो सके जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होता है) अल्फा-कीटोग्लूटारेट प्राप्त करने के लिए इसमें से अणु निकाला गया।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 4: अल्फा-कीटोग्लूटारेट डिहाइड्रोजनेज- अल्फा-कीटोग्लूटारेट चक्र की चौथी प्रतिक्रिया में एक कार्बन डाइऑक्साइड अणु खो देता है और उसके स्थान पर कोएंजाइम ए जोड़ा जाता है। NAD की सहायता से डिकार्बाक्सिलेशन होता है, जो NADH में परिवर्तित हो जाता है। प्रतिक्रिया एंजाइम अल्फा-किटोग्लूटारेट डिहाइड्रोजनेज द्वारा उत्प्रेरित होती है। अंत में बनने वाली प्रतिक्रिया के अणु को succinyl-CoA कहा जाता है।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 5: सक्सिनिल-सीओए सिंथेटेज़- गुआनोसिन ट्राइफॉस्फेट (जीटीपी) का एक अणु प्रतिक्रियाओं के पांचवें चरण में संश्लेषित किया जाता है जहां यह एंजाइम स्यूसिनिल-सीओए सिंथेटेज़ द्वारा उत्प्रेरित होता है। जीडीपी अणु में एक मुक्त फॉस्फेट समूह के जुड़ने से, जीटीपी संश्लेषण होता है। फॉस्फेट का एक मुक्त समूह सबसे पहले सक्सिनिल-सीओए अणु पर हमला करता है और सीओए छोड़ता है। फॉस्फेट अणु से जुड़ने के बाद इसे जीटीपी बनाने के लिए जीडीपी में स्थानांतरित किया जाता है। परिणामी उत्पाद अणु सक्सिनेट है।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 6: सक्सिनेट डीहाइड्रोजनेज- एंजाइम सक्सिनेट डीहाइड्रोजनेज उस प्रतिक्रिया को उत्प्रेरित करता है जहां यह साइट्रिक एसिड चक्र की छठी प्रतिक्रिया में सक्सिनेट से दो हाइड्रोजन को हटा देता है। FAD का एक अणु जो NAD के समान एक सहएंजाइम है, FADH2 में अपचयित हो जाता है प्रतिक्रिया में क्योंकि यह सक्सेनेट से हाइड्रोजन लेता है। इस प्रतिक्रिया का उत्पाद फ्यूमरेट है।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 7: फ्यूमरेज़- इस चक्र की दूसरी अंतिम प्रतिक्रिया को H2O के अतिरिक्त एंजाइम फ़्यूमरेज़ द्वारा बढ़ाया जाता है अणु एल-मैलेट का उत्पादन करने के लिए एच2ओ अणु को -ओएच समूह के रूप में फ्यूमरेट में बदलें।&lt;br /&gt;
* प्रतिक्रिया 8: मैलेट डिहाइड्रोजनेज- साइट्रिक एसिड चक्र की अंतिम प्रतिक्रिया में एनएडीएच का उत्पादन करने के लिए एनएडी के एक अणु के साथ एल-मैलेट को ऑक्सीकरण करके ऑक्सालोएसिटेट उत्पन्न होता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== निष्कर्ष ==&lt;br /&gt;
साइट्रिक एसिड चक्र एसिटाइल-सीओए को CO2 में ऑक्सीकरण करने का एक महत्वपूर्ण कैटोबोलिक मार्ग है और एटीपी उत्पन्न करना। चक्र की जटिल, साथ ही सरल साइट्रिक एसिड चक्र प्रतिक्रियाएं, आठ एंजाइमों द्वारा की जाती हैं जो एसीटेट को पूरी तरह से ऑक्सीकरण करती हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== अभ्यास प्रश्न: ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
# साइट्रिक एसिड चक्र क्या है?&lt;br /&gt;
# साइट्रिक एसिड चक्र द्वारा बनने वाले उत्पादों का उल्लेख करें?&lt;br /&gt;
# साइट्रिक एसिड क्या है?&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>SHAHANA RIZVI</name></author>
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		<title>Taxonomy for Biology Articles-11th Class</title>
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		<updated>2024-05-12T10:48:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;SHAHANA RIZVI: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
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|'''[https://docs.google.com/spreadsheets/d/1W0E_JcTAuGojSdK8vcLmC9v91rRN0oWZOtUxlijjZBc/edit#gid=629091502 Review by IIT Kanpur]'''&lt;br /&gt;
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|'''इकाई - एक'''&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|'''1'''&lt;br /&gt;
|'''जीव जगत में विविधता'''&lt;br /&gt;
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|Chlorophyceae (green algae)&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फियोफाइसी (भूरा शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|phaeophyceae (Brown Algae)&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रोडोफाइसी (लाल शैवाल)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Rhodophyceae&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ब्रायोफाइट्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bryophytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युग्मकोभिद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gametophyte&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुंधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Antheridium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्त्रीधानी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Archegonium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पोरोफाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sporophyte&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लिवरवर्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Livervart&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मॉस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Moss&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[टेरिडोफाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pteridophytes&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जिमनोस्पर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gymnosperm&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंजियोस्पेर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Angiosperms&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परागण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pollination&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पीढ़ी एकान्तरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Alternation of generations&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाणु उद्भिद (स्पोरोफिटिक)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sporophyte&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''4'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''प्राणी जगत'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Animal Kingdom'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एक्टोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ectoderm&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंडोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endoderm&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मीजोडर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesoderm&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[देहगुहा (प्रगुहा)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coelom&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सैगमेंटेशन (खंडीभवन)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Segmentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विखंडावस्था]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|metameric segmentation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पृष्ठरज्जु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Notochord&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ पोरिफेरा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum Porifera&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑस्टिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Austia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पंज गुहा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spongocoel&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑस्कुलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Osculam&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोएनोसाइट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Choanocytes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाल तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|canals&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ओस्टिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ostia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पांजिला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spongilla&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूस्पॉन्जिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Euspongia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाइलम सीलेन्ट्रेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Coelenterata (Cnidaria)&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दंश कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nematocysts&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नाइडोब्लास्ट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cnidoblasts&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ टीनोफोर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Ctenophora&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज (चपटे कृमि)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Platyhelminthes&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ एस्केल्मिन्थीज (गोलकृमि)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Aschelminthes&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ एनेलिडा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Annelida&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैरापोडिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parapodia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वृक्कक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रीडियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ आर्थोपोडा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Arthropoda&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संधियुक्त पाद]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Jointed appendages&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपिगी नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ मोलस्का]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum mollusca&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेडुला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radula&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ इकोनोडर्मेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum Echinodermata&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जल संवहन तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Water vascular system&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संघ हेमीकोर्डेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phylum – Hemichordata&lt;br /&gt;
|Deeksha Dwivedi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लोम छिद्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gill slits&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[उपास्थिल मेरुदंड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Notochord&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग-साइक्लोस्टोमेटा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Cyclostomata&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग-कांड्रीक्थीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Chondrichthyes&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऑपरकुलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Operculum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग- एम्फीबिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Amphibia&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कर्णपटल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tympanum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अवस्कर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cloaca&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग- सरीसृप]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Reptilia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रशल्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Scales&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग एवीज]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Aves&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[समतापी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Homoiothermous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्ग स्तनधारी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Class – Mammalia&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तनग्रंथि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mammary glands&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - दो'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit- 2'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Region of maturation&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|[[अवस्तम्भ रूट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|pneumatophores&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रतान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Tendrils&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णाधार]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|leaf base&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णवृंततल्प]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Petiole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णवृंत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Petiole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[स्तरिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|lamina&lt;br /&gt;
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|[[मध्यशिरा]]&lt;br /&gt;
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|Midrib&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[शिराविन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|venation&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल पत्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|simple leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त पत्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|compound leaf&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णविन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|foliage&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पत्ती के रूपांतरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|metamorphosis of leaf&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्पक्रम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|inflorescence&lt;br /&gt;
|shahana&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[असीमाक्षी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Racemose&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ससीमाक्षी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cymose&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्प]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|flowers&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुष्पासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Thalamus or receptacle.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहपत्री]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bracteate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहपत्रहीन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ebracteate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधोजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Hypogynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Perigynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधिजायांगता]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Epigynous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अधोवर्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|downward&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऊर्ध्ववर्ती]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vertical&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्किस]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Calyx&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केल्किस संयुक्त बाह्य दली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gamosepalous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पृथक बाह्यदली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Polysepalous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरोला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Corolla&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरस्पर्शी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Valvate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[व्यावर्तित]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Twisted&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोरछादी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Imbricate&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वैक्ज़ीलरी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vaccillary&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पुमंग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|stamen&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[स्टेमिनाएड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Staminode&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दललग्न (एपिपेटलस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epipetalus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिदल लग्न (एपिफिलस)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epiphyllus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जायांग]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gynoecium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्तिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|style&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वर्तिकाग्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|stigma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डासन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Placenta&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वियुक्तांडपी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apocarpous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[युक्तांडपी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Syncarpous&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बीजाण्डन्यास]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Placentation&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अनिषेक फलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parthenocarpic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फलभित्ति]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pericarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्यफल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Epicarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|[[मध्यफल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|Mesocarp&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
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|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radicle.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[भ्रूणपोष]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endosperm&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एल्यूरोन परत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Aleurone layer&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्कुटेलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|scutellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Plumule&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radicle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रांकुरचोल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coleoptile&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलांकुर चोल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Coleorhiza&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फाबेसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Fabaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सोलैनेसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Solanaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लिलिएसी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Liliaceae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''6'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''पुष्पी पादपों का शरीर'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Anatomy of Flowering Plants'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tissues&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टेमेटिक ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meristematic Tissues&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Meristems&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शीर्षस्थ मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Apical meristems&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कक्षीय कली]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Axillary bud&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतर्वेशी मेरिस्टेम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intercalary Meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्राथमिक मेरिस्टेम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Primary meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक या पार्श्व मेरिस्टेम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary or lateral meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्थायी या परिपक्व कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Permanent or mature cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Simple tissues&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Parenchyma&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोलेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Collenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्क्लेरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sclerenchyma&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्किलिरिड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sclereids&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जटिल ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Complex Tissues&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्रेकीड]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tracheids&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाहिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Vessel&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम तंतु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem fibres&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[जाइलम पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Xylem parenchyma&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोजाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|protoxylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेटाजाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaxylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मध्यादिदारुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endarch&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वाह्य आदिदारुक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|exarch&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लाएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चालनी नलिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Sieve tube elements&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहचर कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Companion cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लोएम पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[फ्लोएम तंतु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Phloem fibres&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोटोफ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Protophloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मेटाफ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Metaphloem.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्यूटिकल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cuticle&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomata&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सहायक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Subsidiary cells&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रंध्री तंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Stomatal apparatus&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलरोम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Root hairs&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ट्राइकोम्स]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Trichomes&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[भरण ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ground tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पर्णमध्योतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Mesophyll&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cambium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खुला संवहन बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Open vascular bundles.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बंद संवहन बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Closed vascular bundles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रेडियल संवहनी बंडल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Radial vascular bundles&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मूलीय त्वचा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Epiblema&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कैस्पेरियन पट्टी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cortex&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिरम्भ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Casparian strips.&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंजकटिव ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Pericycle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पिथ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Conjuctive tissue&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[खम्भा पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|pith&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्पंजी पैरेन्काइमा]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|palisade parenchyma&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आवर्ध त्वक्कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक वृद्धि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary growth&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पार्श्वीय मेरिस्टम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|lateral meristem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संवहन कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|vascular cambium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कार्क कैंबियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cork Cambium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तः पूलीय कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intyracalary Cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अन्तरापूलीय कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Intercalary cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक जाइलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Xylem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक फ्लोएम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary Phloem&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक मज्जाकिरण]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary medullary&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बसंतदारु (अग्र दारू)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Spring wood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शरद दारू (पश्च दारू)]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Early wood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वार्षिक वलय]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Annual ring&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रसदारु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|sapwood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ह्रददारु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Heartwood&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉर्क कैम्बियम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|cork cambium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[द्वितीयक वल्कुट]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Secondary cortex or Phelloderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[परिचर्म]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Periderm&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[छालवल्क]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bark&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वातरंध्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Lenticels&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''7'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''प्राणियों में संरचनात्मक संगठन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structural Organsation in Animals'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सरल उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|simple epithelium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|compound epithelium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शल्की उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Squamous epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[घनाकार उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cuboidal epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[स्तम्भाकार उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Columnar epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[पक्ष्माभी उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Ciliated epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्रंथिल उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Glandular epithelium&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[बहिःस्त्रावी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Exocrine&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंत: स्रावी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Endocrine&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[संयुक्त उपकला]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Compound epithelium&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[दृढ संधियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Tight junctions&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आसंजी संधियाँ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adhering junctions&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंतराली संधियां]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Gap junctions&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[लचीले संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Areolar tissue&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[सघन संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Dense connective tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[वसा ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Adipose tissue&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[विशिष्ट संयोजी ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|specialised connective tissues&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अस्थि]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Bones&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[रक्त]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Blood&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कंकाल पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Skeletal muscle&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[चिकनी पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|smooth muscle&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[हृद पेशी]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cardiac muscle tissue&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[तंत्रिका ऊतक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Neural Tissue&lt;br /&gt;
|Ekatah&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[अंग और अंगतंत्र]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Organ and organ System&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[केंचुआ]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Earthworm&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[क्लाइटेलम]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Clitellum&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[शूक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Setae&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[आंत्रवलन]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Typhlosole&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेफ्रिडिया]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Nephridia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कॉकरोच]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cockroache&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[मैलपीगी नलिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Malpighian tubules&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[यूरिकाम्ल]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Uricotelic&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[नेत्राशंक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|ommatidia&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''इकाई - तीन'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Unit - 3'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''संरचना और कार्य'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''Structure and functions'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|'''8'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''कोशिका : जीवन की इकाई'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|'''cell: The unit of life'''&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[एंटोन वॉन ल्यूवेनहोक]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Anton Von Leeuwenhoek&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[कोशिका सिद्धांत]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Cell theory&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[श्लेडेन और श्वान]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Schleiden and Schwann&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|Prokaryotic cells&lt;br /&gt;
|shahana rizvi&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[डीएनए]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|DNA&lt;br /&gt;
|Ekatah&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|[[ग्राम धनात्मक जीवाणु]]&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;