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| {| class="wikitable" | | {| class="wikitable" |
| | colspan="4" rowspan="1" style="text-align:center" |'''कक्षा 11 रसायन विज्ञान (1) के लिए टैक्सोनॉमी'''
| | |'''S.No''' |
| |-
| | |'''English''' |
| |'''अध्याय''' | | |'''Hindi''' |
| |'''विषय''' | |
| |'''उपविषय-1''' | |
| |'''उपविषय-2'''
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| |[[रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधरणाएँ]]
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| |[[रसायन विज्ञान का विकास]]
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| |रसायन विज्ञान का महत्त्व
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| |द्रव्य की प्रकृति
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| |द्रव्य का वर्गीकरण
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| |[[द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन]]
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| |भौतिक एवं रासायनिक गुण
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| |भौतिक गुणधर्मों का मापन
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| |मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय पद्धति
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| |द्रव्यमान और भार
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| |आयतन
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| |ताप
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| |मापन में अनिश्चितता
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| |वैज्ञानिक अनिश्चितता
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| |सार्थक अंक
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| |विमीय विश्लेषण
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| |रासायनिक संयोजन के नियम
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| |द्रव्यमान संरक्षण का नियम
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| |स्थिर अनुपात का नियम
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| |गुणित अनुपात का नियम
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| |आवोगाद्रो का नियम
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| |डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का नियम
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| |औसत परमाणु द्रव्यमान
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| |आणविक द्रव्यमान
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| |सूत्र-द्रव्यमान
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| |मोल संकल्पना और मोलर द्रव्यमान
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| |प्रतिशत संघटन
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| |मूलानुपाती सूत्र और आणविक सूत्र
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| |स्टॉइकियोमीट्री और स्टॉइकियोमीट्रिक परिकल्पना
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| |सीमान्त अभिकर्मक
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| |विलयनों में अभिक्रियाएं
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| |द्रव्यमान प्रतिशत
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| |मोल अंश
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| |मोलरता
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| |मोललता
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| |परमाणु की संरचना
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| |अवपरमाण्विक कणों की खोज
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| |इलेक्ट्रॉन की खोज
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| |इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान आवेश अनुपात
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| |इलेक्ट्रॉनों पर आवेश
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| |प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन की खोज
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| |परमाणु मॉडल
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| |परमाणु का थॉमसन मॉडल
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| |रदरफोर्ड का नाभिकीय परमाणु मॉडल
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| |परमाणु संख्या तथा द्रव्यमान संख्या
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| |समस्थानिक एवं समभारिक
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| |रदरफोर्ड परमाणु मॉडल के दोष
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| |बोर के परमाणु मॉडल के विकास की पृष्ठभूमि
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| |विद्युत चुंबकीय विकिरण की तरंग प्रकृति
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| |विद्युत चुंबकीय विकिरण की कणीय प्रकृति: प्लांक का क्वांटम सिद्धांत
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| |प्रकाश विधुत प्रभाव
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| |विद्युत चुंबकीय विकिरण का द्वैत प्रभाव
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| |क्वांटित इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा के लिए प्रमाण:परमाण्विक स्पेक्ट्रा
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| |उत्सर्जन तथा अवशोषण स्पेक्ट्रा
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| |हाइड्रोजन का रेखीय स्पेक्ट्रम
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| |हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोर मॉडल
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| |हाइड्रोजन के रेखा स्पेक्ट्रम की व्याख्या
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| |बोर मॉडल की सीमाएं
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| |हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत
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| |अनिश्चितता सिद्धांत का महत्व
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| |बोर मॉडल की विफलता के कारण
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| |परमाणु का क्वांटम यांत्रिकीय मॉडल
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| |हाइड्रोजन परमाणु था श्रोडिंजर समीकरण
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| |कक्षक और क्वांटम संख्या
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| |मुख्य क्वांटम संख्या
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| |दिगंशी क्वांटम संख्या
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| |चुंबकीय क्वांटम संख्या
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| |चक्रण क्वांटम संख्या
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| |परमाणु कक्षकों की आकृतियां
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| |कक्षकों की ऊर्जाएँ
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| |परमाणु में कक्षकों का भरा जाना
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| |ऑफबाऊ नियम
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| |पाउली अपवर्जन सिद्धांत
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| |हुण्ड का अधिकतम बहुलता का नियम
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| |परमाणुओं का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
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| |पूर्णरूपेण पूरित एवं अर्धपूरित उप-कोशों का स्थायित्व
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| |तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता
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| |तत्वों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है
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| |आवर्त सारणी की उत्पत्ति
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| |आधुनिक आवर्त नियम तथा आवर्त सारणी का वर्तमान स्वरूप
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| |१०० से अधिक परमाणु क्रमांक वाले तत्वों का नामकरण
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| |तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास तथा आवर्त सारणी
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| |आवर्त में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
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| |वर्गवार इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
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| |इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और तत्वों के प्रकार
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| |s ब्लॉक के तत्व
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| |p ब्लॉक के तत्व
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| |d ब्लॉक के तत्व (संक्रमण तत्त्व)
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| |f ब्लॉक के तत्व
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| |धातु, अधातु और उपधातु
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| |तत्वों के गुणधर्मों में आवर्तिता
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| |भौतिक गुणधर्मों की प्रवृत्ति
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| |परमाणु त्रिज्या
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| |आयनी त्रिज्या
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| |आयनन एंथैल्पी
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| |इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
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| |वैद्युतीयऋणात्मकता
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| |रासायनिक गुणधर्मों में आवर्त प्रवृत्ति
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| |संयोजकता में आवर्तिता या ऑक्सीकरण अवस्था
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| |रासायनिक अभिक्रियाशीलता तथा आवर्तिता
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| |रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना
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