अवपरमाण्विक कणों की खोज

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File:Earth Parmanu.mp4 गैसों में विधुत विसर्जन आदि प्रयोगो के परिणाम स्वरुप ये जानकारी प्राप्त हुई है कि समान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, और विपरीत आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं। ये धन आवेशित, ऋण आवेशित और उदासीन होते हैं।

अवपरमाण्विक कणों के प्रकार

  • इलेक्ट्रॉन
  • प्रोटॉन
  • न्यूट्रॉन

इलेक्ट्रॉन

इलेक्ट्रान ऋणात्मक वैद्युत आवेश युक्त मूलभूत अवपरमाण्विक कण है, इन्हे e से प्रदर्शित करते हैं। इलेक्ट्रान में कण और तरंग दोनों प्रकार के गुण विधमान होते हैं इस लिए कुछ वैज्ञानिक इसे कण मानते हैं और कुछ तरंग। इलेक्ट्रॉन को प्रायः एक मूलभूत कण माना जाता है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1*10-31 होता है।

प्रोटॉन

प्रोटॉन धनावेशित कण है ये बहुत ही सूक्ष्म आकार के होते हैं, इसे 1H1 से प्रदर्शित करते हैं। सबसे छोटा और हल्का धन आयन हाइड्रोजन से प्राप्त हुआ था इसे प्रोटॉन कहते हैं, इस धनावेशित कण का पृथक्करण और इसके लक्षण की पुष्टि सन 1919 में हुई थी। प्रोटॉन की खोज रदरफोर्ड ने की थी धनावेशित कण की खोज के लिए पहला प्रयोग गोल्डस्टीन द्वारा 1886 में किया गया था, रदरफोर्ड ने 1991 में कण को ​​प्रोटॉन नाम दिया था। इसका आवेश परिमाण में समान लेकिन इलेक्ट्रॉन के चिन्ह के विपरीत पाया गया।

न्यूट्रॉन