गुप्त ऊष्मा
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गुप्त ऊष्मा, किसी पदार्थ द्वारा उसकी भौतिक अवस्था में परिवर्तन के दौरान अवशोषित या उत्सर्जित की गई ऊर्जा है जिसमे उस पदार्थ के ताप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। गुप्त उष्मा को सामान्य रूप से अवस्था परिवर्तन से गुजरने वाले पदार्थ के प्रति मोल या इकाई द्रव्यमान में उष्मा की मात्रा (जूल या कैलोरी की इकाइयों में) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
संलयन ऊष्मा
किसी ठोस के पिघलने या किसी द्रव के जमने से उतपन्न या अवशोषित हुई गुप्त ऊष्मा को संलयन ऊष्मा कहते हैं।
वाष्पन की ऊष्मा
किसी द्रव या ठोस के वाष्पन या वाष्प के संघनन से संबंधित ऊष्मा, वाष्पन की ऊष्मा कहलाती है।