डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का नियम
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डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त के अनुसार सभी द्रव्य चाहे तत्व, यौगिक या मिश्रण, ये सभी सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं। सभी द्रव्य परमाणुओं से बने होते हैं। परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं और न ही उनका विनाश होता है। ये अविभाज्य कण होते हैं।
परमाणु अविभाज्य कण
- ग्रीक दर्शनशास्त्री डिमॉक्रिट्स के समय परमाणुओं को छोटे अविभाज्य कण या एटोसोम अर्थात अविभाज्य कहा गया था। सन 1808 में डॉलटन ने रसायन शास्त्र की एक नई पद्धति प्रकाशित की, जिसमे इन्होने निम्नलिखित तथ्य प्रस्तुत किये -
- द्रव्य अविभाज्य परमाणुओं से मिलकर बना हुआ है।
- एक से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में संयोजन से यौगिकों का निर्माण होता है।
- रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणु पुनर्व्यवस्थित होते हैं इन्हे न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
- किसी तत्व के परमाणुओं के सभी गुणधर्म समान होते हैं।