कक्षकों की ऊर्जाएँ
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न्यूनतम ऊर्जा वाला उपकोश पहले भरा जाता है और जब यह इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम कोटा प्राप्त कर लेता है, तो उच्च ऊर्जा का अगला उपकोश भरना शुरू कर देता है।
विभिन्न उपकोशों को भरने का क्रम निम्नलिखित है;
1s, 2s, 2p, 3s, 3p, 4s, 3d, 4p, 5s, 4d, 5s, 4d, 5p, 6s, 4f, 5p, 6s, 4f, 5d, 6p, 7s, 5f, 6p, 7s, 5f, 6d, 7p
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रान की ऊर्जा केवल मुख्य क्वांटम संख्या द्वारा निर्धारित होती है। अतः हाइड्रोजन परमाणु में कक्षकों की बढ़ती हुई ऊर्जा का क्रम निम्न लिखित है:
1s < 2s=2p < 3s = 3p = 3d < 4s = 4p = 4d < 5s = 5p = 5d = 5f <.......
यद्यपि और कक्षकों की आकृतियां भिन्न भिन्न होती हैं फिर भी उनकी ऊर्जा बराबर है।
वे कक्षक जिनकी ऊर्जा समान होती है उन्हें समभ्रंश कहा जाता है। अतः 2s=2p आपस में समभ्रंश हैं ठीक इसी प्रकार 3s = 3p = 3d, 5s = 5p = 5d = 5f आपस में समभ्रंश हैं।