समांगी उत्प्रेरण

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जब किसी रासायनिक अभिक्रिया की गति किसी पदार्थ की उपस्थिति से या तो बढ़ जाती है या कम हो जाती है तो इसे "उत्प्रेरण" कहते हैं। जिस पदार्थ की उपस्थिति से अभिक्रिया की गति बढ़ती है या कम होती है उसे उत्प्रेरक कहते हैं। उत्प्रेरक कभी अभिक्रिया में भाग नहीं लेता, केवल अभिक्रिया की गति को प्रभावित करता है। दूसरे शब्दों में वो रासायनिक पदार्थ जिसकी उपस्थिति के कारण रासायनिक अभिक्रिया की दर बढ़ जाती है या कम हो जाती है लेकिन वह स्वयं रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेता है उसे उत्प्रेरक कहते है और इस प्रक्रिया को उत्प्रेरण कहते है।

उत्प्रेरण के प्रकार

अवस्था के आधार पर उत्प्रेरक

अवस्था के आधार पर उत्प्रेरक दो प्रकार होते हैं:

  • समांगीय उत्प्रेरक
  • विषमांगी उत्प्रेरक

समांगीय उत्प्रेरक

समांगीय उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों एक ही भौतिक स्थिति में होती है। ये ठोस, द्रव और गैस तीनों हो सकती है।

उदाहरण

मिथाइल एसीटेट का हाइड्रोलिसिस हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से प्राप्त H+ आयनों द्वारा उत्प्रेरित होता है।

सुक्रोस का जल अपघटन सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा निर्मित H+ आयनों द्वारा उत्प्रेरित होता है।