बर्फ की संरचना
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बर्फ जल का ठोस रूप होता है। अतः ठोस अवस्था में बर्फ की एक निश्चित क्रिस्टलीय संरचना होती है। साधारण वायुमंडलीय दाब पर बर्फ त्रिविम हाइ़ड्रोजन आबंधिक बंध बनाता है। बर्फ में ऑक्सीजन (O) के परमाणु हाइ़ड्रोजन (H) के चार हाइड्रोजन परमाणु के साथ चतुष्फलकीय ज्यामितीय बंध बनाते हैं, जिनमें से ऑक्सीजन परमाणु दो हाइड्रोजन परमाणु के साथ सह संयोजी बंध और दो हाइड्रोजन परमाणु के साथ हाइड्रोजन आबंधिक बंध बनाता है।
इस तरह बर्फ की संरचना खुले रंध्रमय यानि पिंजरे के जैसी संरचना होती है। बर्फ की इसी संरचना के कारण बर्फ का आयतन जल के आयतन से ज्यादा हो जाता है और बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम हो जाता है। इस अवस्था में बर्फ जल पर तैर भी सकती है।
- बर्फ एक अव्यवस्थित त्रिविम हाइड्रोजन आबन्धित संरचना है।
- x किरणों द्वारा परीक्षण से पता चला है कि बर्फ क्रिस्टल में ऑक्सीजन परमाणु चार अन्य हाइड्रोजन परमाणुओं से 276 pm दूरी पर चतुष्फलकीय रूप से घिरा होता है।
- हाइड्रोजन आबंध बर्फ में बृहद क्षिद्रयुक्त एक प्रकार की खुली संरचना बनाते हैं।