हैबर विधि

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इस विधि में शुद्ध नाइट्रोजन और हाइड्रोजन 1 : 3 के अनुपात में कम्प्रेसर द्वारा  मिश्रण को गर्म किया जाता है तो अमोनिया गैस प्राप्त होती है। यह एक ऊष्माक्षेपी उत्क्रमणीय अभिक्रिया है और इस अभिक्रिया के पश्चात् आयतन(Volume) में कमी होती है, इसलिए ला-शातेलिए के नियमानुसार कम ताप और अधिक दाब पर अमोनिया गैस प्राप्त होती है। कम ताप पर अभिक्रिया का वेग बढ़ाने के लिए एक उत्प्रेरक प्रयोग किया जाता है। इस अभिक्रिया का उत्प्रेरक की उपस्थिति में अनुकूलतम ताप 450°-500°C तथा उच्च दाब 200 वायुमण्डल है। इस अभिक्रिया में लोहे का बारीक चूर्ण उत्प्रेरक के रूप में प्रयोग किया जाता है तथा उत्प्रेरक वर्धक मॉलिब्डेनम की सूक्ष्म मात्रा प्रयुक्त होती है।