भूरी वलय परीक्षण

From Vidyalayawiki

Revision as of 10:53, 9 December 2023 by Pallavi (talk | contribs)

यह नाइट्रेटों समूह का परीक्षण है। इस परीक्षण में सामान्यतया नाइट्रेट आयन युक्त जलीय विलयन में तनु फेरस सल्फेट विलयन मिलाने के पश्चात् सावधानीपूर्वक परखनली की दीवार के सहारे सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल को मिलाया जाता है। विलयन तथा सल्फ्यूरिक अम्ल के अन्तरापृष्ठ पर एक भूरी वलय बनती है जो कि नाइट्रेट आयनों की उपस्थिति का संकेत देती है। परीक्षण के दौरान निम्न अभिक्रिया होती है:

सीरिक अमोनियम नाइट्रेट परीक्षण कार्बनिक यौगिक (= 0.2g) का उपयुक्त विलायक में बना 1 mL विलयन लेते हैं। सीरिक अमोनियम नाइट्रेट विलयन की कुछ बूँदें मिलाइ गई। इसमें लाल रंग प्राप्त होना ऐल्कोहॉली - OH समूह की उपस्थिति प्रदर्शित करता है । नोट - अभिक्रिया मिश्रण को कुछ समय रखने के बाद लाल रंग विलुप्त हो जाता है।