अंतरिक्ष में एक बिन्दु के निर्देशांक

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अंतरिक्ष में किसी बिंदु के निर्देशांक, उसे ज्ञात करने में मदद करने वाला पता होता है।त्रि-आयामी() अंतरिक्ष या -अंतरिक्ष में किसी बिंदु के निर्देशांक को एक आदेशित त्रिक के रूप में दर्शाया जाता है। यहां, , , और संख्याएं, बिंदु के -, -, और -निर्देशांक को दर्शाती हैं।

त्रि-आयामी निर्देशांक प्रणाली

मान लीजिए कि अंतरिक्ष में एक बिंदु है जैसा कि नीचे दिए गए चित्र में दिखाया गया है। यदि हम तल पर एक लंबवत छोड़ते हैं और फिर बिंदु से, हम क्रमशः -अक्ष और -अक्ष पर लंबवत और छोड़ते हैं। लंबवत , और की लंबाई क्रमशः , और मानते हुए। इन लंबाइयों , और को त्रि-आयामी अंतरिक्ष में बिंदु के निर्देशांक के रूप में जाना जाता है। यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी बिंदु के निर्देशांक देते समय, हम उन्हें प्रायः क्रम में लिखते हैं ताकि -अक्ष का निर्देशांक पहले आए, उसके बाद -अक्ष और -अक्ष का निर्देशांक आए। इस प्रकार अंतरिक्ष में प्रत्येक बिंदु के लिए, इसके प्रतिनिधित्व के लिए वास्तविक संख्याओं का एक क्रमबद्ध -टपल उपस्थित होता है।

चित्र-1

अंतरिक्ष में एक बिंदु के निर्देशांक

अंतरिक्ष में निश्चित निर्देशांक्षों, निर्देशांक तलों और मूल बिंदु सहित निर्देशांक्ष निकाय के चयन के पश्चात् दिए बिंदु के तीन निर्देशांक को ज्ञात करने की विधि तथा विलोमतः तीन संख्याओं के त्रिदिक (ट्रिपलेट) दिए जाने पर अंतरिक्ष में संगत बिंदु के निर्धारण करने की विधि की अब हम विस्तार से व्याख्या करते हैं।

अंतरिक्ष में दिए गए बिंदु से - तल पर लंब खींचते हैं जिसका पाद है ( चित्र-1 ) । तब से - अक्ष पर लंब खींचिए, जो उससे पर मिलता है। मान लीजिए , और तब बिंदु के निर्देशांक कहलाते हैं। इसमें को क्रमश: बिंदु के - निर्देशांक, - निर्देशांक, तथा - निर्देशांक कहते हैं । चित्र-1 में हम देखते हैं कि बिंदु अष्टांश में स्थित है, अत: , , और सभी धनात्मक हैं।


यदि किसी अन्य अष्टांश में हो तो , , और के चिह्न तदनुसार परिवर्तित हो जाते हैं। इस प्रकार अंतरिक्ष में स्थित किसी बिंदु की संगतता वास्तविक संख्याओं के क्रमित त्रिदिक से किया जाता है।

चित्र -2

विलोमतः किसी त्रिदिक के दिए जाने पर हम के संगत - अक्ष पर बिंदु L निर्धारित करते हैं। पुन: XY - तल में बिंदु निर्धारित करते हैं, जहाँ इसके निर्देशांक हैं। ध्यान दीजिए कि या तो - अक्ष पर लंब है अथवा - अक्ष के समांतर है। बिंदु पर पहुँचने के पश्चात् हम - तल पर लंब खींचते हैं, इसपर बिंदु को के संगत निर्धारण करते हैं। इस प्रकार निर्धारित बिंदु के निर्देशांक हैं। अतः अंतरिक्ष में स्थित बिंदुओं की वास्तविक संख्याओं के क्रमित त्रिदिक से सदैव एकेक - संगतता रखते हैं।

विकल्पत:, अंतरिक्ष में स्थित बिंदु से हम निर्देशांक तलों के समांतर तीन तल खींचते हैं, जो - अक्ष, - अक्ष और - अक्ष को क्रमश: , तथा बिंदुओं पर प्रतिच्छेदित करते हैं (चित्र-2)। यदि , तथा