अल्फा पार्टिकल प्रकीर्णन

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अल्फ़ा कण प्रकीर्णन प्रयोग, परमाणु की संरचना के बारे में जानकारी देने वाला एक प्रयोग है। इस प्रयोग से पता चला कि परमाणु के केंद्र में एक छोटा, घना, धनात्मक  आवेशित नाभिक होता है।


इस प्रयोग में, अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड ने अल्फ़ा कणों की किरण को सोने की पतली शीट पर डाला था।


ज़्यादातर अल्फ़ा कण सीधे होकर गुज़र गए थे।


कुछ अल्फ़ा कण छोटे कोण से विक्षेपित हुए थे।


बहुत कम अल्फ़ा कण पन्नी से वापस उछले थे।


इस प्रयोग से पता चला कि परमाणु के अंदर बहुत जगह है।


परमाणु के धनात्मक आवेशित कणों का आयतन, परमाणु के कुल आयतन की तुलना में बहुत कम है।


इस प्रयोग से पता चला कि परमाणु के अंदर इलेक्ट्रॉन कक्षाओं में घूमते हैं।


इस प्रयोग के आधार पर, रदरफ़ोर्ड ने परमाणु का एक नया मॉडल प्रस्तावित किया।


अल्फ़ा कण प्रकीर्णन प्रयोग में स्वर्ण की पन्नी का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है। क्योंकि स्वर्ण का नाभिक भारी होता है. इससे अल्फ़ा कणों का विक्षेपण ज़्यादा होता है।